दुनिया में सबसे पहले कौन आया था?

यह सवाल सुनने में कितना छोटा लगता है कि दुनिया में सबसे पहले कौन आया था? मगर इसके बारे में अगर आप गौर से सोचेंगे तो परेशान होकर रह जाएंगे। कुछ धर्म आपको देवी देवताओं की बारे में बताएंगे, तो कोई विज्ञान की बात करेंगे, तो कोई अलग-अलग तरह के जीव जंतु और खगोल शास्त्र में खोकर रह जाएंगे।

धीरे-धीरे आपके मन में यह विचार आएगा की क्या इस सवाल का कोई अस्तित्व है भी या नहीं? तो हम आपको बता दें कि हां, आपका सवाल पूरी तरह से सही है। दुनिया में सबसे पहले कौन आया था? इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी आज के लेख में देने का प्रयास किया गया है।

Duniya mein sabse pahle kaun aaya tha

आपको इस सवाल का जवाब देने से पहले बता देना चाहते हैं कि दुनिया में सबसे पहले कौन आया था? इसे धर्म के हिसाब से और विज्ञान के हिसाब से अलग-अलग परिभाषित किया गया है। हम दोनों तरीकों से आप को समझाने का प्रयास करेंगे। अंत में इस सवाल का जवाब आप खुद समझ जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए हमारे लेख में बताई गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

दुनिया में सबसे पहले कौन आया था?

दुनिया में सबसे पहले कौन आया था?

दुनिया में सबसे पहले कौन आया था? यह एक जटिल सवाल है, जिसका जवाब आपको विज्ञान के विशेषज्ञ और धर्म के विशेषज्ञ अलग अलग तरीके से बताएंगे। धरती का निर्माण कैसे हुआ? और आखिर धरती पर जीव जंतुओं का आगमन कैसे हुआ?, हम सभी जीव में सबसे पहला जीव कौन था?, जो धरती पर आया। यह सब कुछ ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है और हम आपको सरल शब्दों में इसकी जानकारी देने का प्रयास कर रहे हैं।

जीव विज्ञान के अनुसार सबसे पहले एक कीटाणु धरती पर आया था, जिसने natural selection नाम के तरीके के जरिए अलग-अलग तरह के जीव को जन्म दिया। सबसे पहले जैसे जीव ने धरती पर कदम रखा, वह पानी के अंदर आया था। उसके बाद पानी के अंदर आबादी बढ़ने पर धीरे-धीरे पानी के बाहर आ गया और अलग-अलग तरह के जंतुओं की शुरुआत उससे हुई है। इस पर अभी भी बहुत सारे तर्क बाकी है जिस पर विज्ञान अपना रिसर्च कर रहा है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि धर्मों में भी ऐसी ही बात की गई है। उन्होंने भी इस तरह से ही जीवन के शुरुआत की बात अपने अलग-अलग तरह के ग्रंथों में कहा है, जिस वजह से कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि धरती पर सबसे पहले ऋषि-मुनियों का आगमन हुआ था, जिन्होंने ग्रंथ को लिखा और इंसानों को धरती पर जीने का सलीका सिखाया हालांकि इसमें बहुत सारे तर्क है जिसका कोई जवाब नहीं है जिस वजह से इसे सत्य नहीं माना जाता।

क्रिश्चियन धर्म के अनुसार धरती पर सबसे पहले कौन आया?

आज पूरी दुनिया में क्रिश्चियन के लोगों ने अपना बोलबाला और वर्चस्व कायम रखा है। इस वजह से एक बार को हमें क्रिश्चियन धर्म के अनुसार धरती और धरती पर आने वाले जीव जंतुओं के बारे में समझना चाहिए। अगर इस धर्म में लिखे गए ग्रंथ और अस्तित्व के अनुसार धरती पर आने वाले पहले इंसान की अगर बात की जाएं तो क्रिश्चियन धर्म में आदम और हव्वा को पहला कहा गया है, जो धरती पर जीवन की शुरुआत के रूप में आए थे।

अपने रोजमर्रा के बातचीत के दौरान आपने भी आदम और हव्वा के बारे में सुना होगा। उनके द्वारा घटित एक प्रचलित घटना जिसे बागे बहिष्ट की कहानी के नाम से सदियों से जाना जा रहा है। इस कहानी के अनुसार ईश्वर ने आदम और हव्वा को बनाया जिसके बाद हवा के कहने पर आजम ने बागे बहिष्ट के फल को तोड़ दिया। जिसे भगवान ने छूने से मना किया था। जिसके दंड स्वरूप उन्हें आजीवन धरती पर रहने की सजा सुनाई गई और उनके बच्चे के रूप में धरती पर जीवन की शुरुआत हुई। अंग्रेजी में आदम को एडम और हव्वा को इव के नाम से जाना जाता है।

हिंदू धर्म के अनुसार धरती पर सबसे पहले कौन आया?

जैसा कि हमने आपको बताया ग्रंथ में भी विज्ञान जैसी ही बातें की गई है। इसका अस्तित्व हमें हिंदू धर्म के ग्रंथों में मिलता है। जिस ग्रंथ में भगवान विष्णु के 10 अवतार के बारे में बताया गया है। जैसा कि विज्ञान हमें बताता है जीवन की शुरुआत पानी से हुई थी। हिंदू धर्म के ग्रंथ में भी ऋषि-मुनियों ने लिखा है कि भगवान विष्णु का प्रथम अवतार मत्स्य अवतार था, जिस वजह से हम कह सकते हैं कि धरती पर सबसे पहले आने वाले जीव के रूप में एक मछली थी, जिसे भगवान का मत्स्य अवतार कहा गया है।

उसके बाद भगवान के अलग-अलग 10 अवतार हुए जिसके अनुसार जीवन में इवोल्यूशन को समझाया गया। हिंदू ग्रंथों के अनुसार सबसे पहले मत्स्य अवतार जो पानी में रहता था। उसके बाद कुरमा अवतार जो पानी और जमीन दोनों पर रहता था। उसके बाद वराह अवतार, जो कीचड़ जैसे इलाके में रहता था और उसके बाद इंसान के छोटे-छोटे अवतार हुए, जिसमें वामन अवतार हुआ। उसके बाद एक आदिमानव का अवतार हुआ, जिसे अपने भावनाओं पर काबू नहीं था और उसे भगवान परशुराम का नाम दिया गया, जिसके बाद एक संपूर्ण इंसान का जन्म हुआ जिसे लोगों ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का नाम दिया।

धरती कैसे बनी?

विज्ञान के अनुसार धरती सूर्य का अंश है, जो सूर्य और एक एस्ट्रॉयड के टकराने से जन्मा। अच्छे सालों पहले बिग बेन नाम का एक बड़ा धमाका हुआ, जिसमें बहुत सारे सितारे और गैस निकले। उसमें हमारा सूर्य भी था। उस सूर्य के साथ एस्ट्रॉयड टकरा गया, जो उस बिगबेन के धमाके से बना था। इस भीषण टकराव के बाद सूर्य के बहुत सारे टुकड़े हुए और सूर्य अपने गुरुत्वाकर्षण बल से जितने टुकड़ों को समेट कर रख पाया। उससे एक स्वरमंडल की संरचना हुई, जिस स्वरमंडल के तीसरे ग्रह के रूप में हम पृथ्वी को जानते हैं।

सूर्य के सभी टुकड़ों में पृथ्वी इकलौती ऐसी जगह पर स्थित है, जहां सूर्य का ना ज्यादा गर्मी होता है और ना सूर्य हमसे ज्यादा दूर है, जिस वजह से यहां पर पानी तीनों रूप में मौजूद है और पानी के तीनों रूप में मौजूद होने की वजह से जीवन की शुरुआत पृथ्वी में हुई।

इस तरह का सहयोग पूरे ब्रह्मांड में न जाने कितने जगह पर बना होगा जिसके आधार पर वैज्ञानिक यह खोजने की कोशिश कर रहे हैं कि पृथ्वी जैसा ग्रह कहां मौजूद है और वहां का वातावरण कैसा है? एलियन और दूसरे ग्रह के लोगों के किस्से कहानियां हमारे बीच बहुत अधिक प्रचलित है।

निष्कर्ष

इस लेख में हमने आपको यह बताने का प्रयास किया कि दुनिया में सबसे पहले कौन आया था? इस सवाल को अलग-अलग धर्म और वैज्ञानिक विशेषज्ञों द्वारा किस तरह संबोधित किया जाता है और इसका सटीक उत्तर क्या हो सकता है? इसके सभी पहलुओं को आपके समक्ष सरल शब्दों में रखने का प्रयास किया गया।

अगर इस लेख में बताई गई जानकारियों को पढ़ने के बाद आप धरती पर आने वाले पहले जीव के बारे में समझ पाए हैं और उससे जुड़ी अन्य प्रकार की जानकारियों को भी हासिल कर पाए हैं, तो इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें अपने सुझाव और विचार कमेंट में बताना ना भूलें।

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