चाँद धरती से कितना दूर है?

आजकल अलग-अलग तरह के सामान्य ज्ञान के सवाल विभिन्न परीक्षा में पूछे जाते हैं। जिस वजह से आपको कुछ सामान्य ज्ञान के बारे में जानकारी होनी चाहिए। हम जिस ग्रह में रहते हैं और इस ग्रह के आसपास की चीजों से जुड़े सामान्य ज्ञान की बात करें, तो सबसे साधारण सवाल में से एक चांद धरती से कितना दूर है?

अक्सर लोग इसके बारे में पूछते हैं। अगर आप गूगल पर इस बारे में जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो हमारे द्वारा लिखे गए इस लेख में आपको इसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएगी। 

Chand Dharti se Kitna dur hai

अक्सर आसमान में चांद को देखकर हमारे मन में अलग-अलग तरह के सवाल उठते है, जिसके बारे में लोग जानना चाहते है की चांद धरती से कितना दूर है?, चांद पर किस तरह के दाग है?, चांद पर क्या है?, जैसे कुछ साधारण सवाल है, जो अक्सर लोगों के मन में उठते हैं और उसके बारे में वह जानने का प्रयास करते हैं। अगर आप भी इस तरह के सवाल की जानकारी चाहते हैं तो हमारे लेख के साथ अंत तक बने रहे।

चाँद धरती से कितना दूर है?

चाँद धरती से कितना दूर है?

चांद धरती का उपग्रह है, जो धरती की परिक्रमा करता है। चांद का अस्तित्व धरती से बना हुआ है। चांद की वजह से धरती के महासागरों में लहर है। धरती का जीवन चांद की रोशनी की वजह से संतुलित है। इस वजह से इस सवाल गौर फरमाना आवश्यक हो जाता है की चांद हमसे कितना दूर है। 

अगर हम सटीक शब्दों में इसके बारे में बात करें तो, पाएंगे कि चांद धरती से 3,84,403 किलोमीटर दूर है। यह दूरी बहुत ज्यादा होती है। मगर अलग-अलग तरह के रॉकेट के द्वारा इंसान चांद पर जा चुका है। अगर हम इस दूरी को मील में बदलने की बात करें तो चांद धरती से 238,857 मिल दूर है। 

चांद पर क्या है?

धरती का एक उपग्रह चांद है और धरती के बाहर पाएं जाने वाले अलग-अलग तरह के तारे और ग्रह में सबसे समीप है। चांद की सतह बहुत खुरदरी और सख्त है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे है। 

चांद का वायुमंडल बहुत हल्का है, जिस वजह से धरती के मुकाबले वहां पर 6 गुना कम गुरुत्वाकर्षण बल है हालांकि वहां के वातावरण पर रिसर्च करने के बाद साइंटिस्ट का मानना है कि चांद पर ठोस और रूप में पानी हो सकता है।

भारत वह पहला देश था, जिसने चांद पर रिसर्च करके पता लगाया कि चांद पर पानी का ठोस रूप मौजूद है। हालांकि यह बहुत बड़ी मात्रा में मौजूद नहीं है, जिस वजह से इस पर अधिक अध्ययन नहीं किया जा रहा।  मगर अलग-अलग तरह के साइंटिस्ट अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि चांद पर मौजूद और भी अलग-अलग तरह के रहस्यों से पर्दा उठाया जा सके।

चंद्रमा पर अलग-अलग टैटू का रहस्य

चांद पर आपको अलग अलग तरह का पैटर्न देखने को मिलेगा। जब आप रात में चांद को ध्यान से देखेंगे तो कभी आपको वहां खरगोश का चेहरा दिखाई देगा, तो कभी किसी अलग तरह का पैटर्न दिखाई देगा। 

इसके पीछे क्या रहस्य है? यह जानने के लिए नासा और अलग-अलग संस्था के खगोल वैज्ञानिकों ने गहन अध्ययन किया और पाया कि चांद पर बहुत बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिनमें रोशनी सही तरीके से नहीं पहुंच पाती। जिस वजह से वह एक पैटर्न का निर्माण करते हैं।

नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक इस पैटर्न को लूनर स्वर्ल्स कहा जाता है।  कई बार यह समूह में पैटर्न में दिखाई देते हैं, तो कई बार अलग-अलग दिखाई देते है। ऐसा इस वजह से होता है क्योंकि चांद धरती की परिक्रमा करने के साथ-साथ स्वयं भी एक स्थान पर परिक्रमा करता है। 

जब एक रात हम किसी पैटर्न को देखते हैं तो ,चांद के परिक्रमा की वजह से वह स्थान बदल जाता है और हमें दूसरा पैटर्न नजर आता है।

चांद पर बहुत बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जो बहुत सारे एस्ट्रॉयड और कॉमेंट्स के टकराने से बने हैं। आज से कई साल पहले चंद्रमा पर बहुत सारे कॉमेंट्स गिरे थे, जिस वजह से वहां पर इतने सारे गड्ढे हुए हैं।

अंदाजा लगाया जाता है कि उन कॉमेंट्स में मौजूद पानी की मात्रा चंद्रमा पर आज भी मौजूद होगी जिसके बारे में साइंटिस्ट अभी अध्ययन कर रहे हैं। चांद पर मौजूद गड्ढों के अंदर रोशनी सही तरीके से नहीं पहुंच पाती।  मगर ऊपरी सतह पर रोशनी जाती है, जिस वजह से एक पैटर्न का निर्माण होता है।

रात में सबसे तेज क्या चमकता है?

सूर्य की रोशनी की झलक चांद पर पड़ती है, जिस वजह से चांद बहुत चमकता है और चांद के चमक की वजह से उसे रात में सबसे ज्यादा चमकीला वस्तु माना जा सकता है। मगर चांद एक उपग्रह है इसके अलावा अगर हम किसी अन्य ग्रह या तारे से चमक को कंपेयर करें तो पाएंगे कि रात में चंद्रमा के बाद शुक्र ग्रह सबसे ज्यादा चमकता है।

हालांकि आप रात में शुक्र ग्रह को नहीं देख पाएंगे, उसे भोर का तारा कहा जाता है। भोर में सूर्य उगने से कुछ वक्त पहले आसमान में चमकता हुआ एक सितारा दिखाई देता है। असल में वह कोई सितारा नहीं होता वह एक ग्रह होता है। यह सबसे तेज चमकने वाला ग्रह शुक्र है। चंद्रमा के बाद अगर कोई चीज सबसे ज्यादा रात के आसमान में चमकती है तो वह शुक्र है।

हालांकि सबसे तेज चमकने वाले तारे की अगर बात करें तो वह ध्रुव तारा होता है, जो उत्तर दिशा की तरफ निकलता है और आसमान में मौजूद सभी सितारों से सबसे ज्यादा चमकता है। रात में चलने वाले मुसाफिर पहले ध्रुव तारा को देख कर ही अपना रास्ता तय कर पाते थे।

चांद धरती से कितना दूर है?, चांद पर क्या मौजूद है?, इन सब के बारे में जानकारी अभी बहुत ही सीमित है। वैज्ञानिक इस पर अपनी अध्ययन जारी रखे हैं। आने वाले समय में चांद से जुड़े अन्य रहस्यों से पर्दाउठेगा तो, जिसके बारे में आपको इस वेबसाइट पर बताया जाएगा।

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस लेख में आप सभी लोगों को चांद धरती से कितना दूर है? के बारे में जानकारी प्रदान की हुई है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आप लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हुई होगी और आपके लिए सहायक भी साबित हुई होगी।

अगर आपको चांद से संबंधित हमारा यह लेख पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ और अपने सभी सोशल मीडिया चैनल पर शेयर करना ना भूलें ताकि आप जैसे ही अन्य लोगों को भी इस महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में आप के जरिए पता चल सके एवं उन्हें ऐसे ही महत्वपूर्ण लेख को पढ़ने के लिए कहीं और बार-बार भटकने की बिल्कुल भी आवश्यकता ना हो।

अगर आपके मन में हमारे आज के इस लेख से संबंधित कोई भी सवाल या फिर कोई भी सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। हम आपके द्वारा दिए गए प्रतिक्रिया का जवाब शीघ्र से शीघ्र देने का पूरा प्रयास करेंगे और हमारे इस लेख को शुरू से अंतिम तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आपका कीमती समय शुभ हो।

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