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भारत का विकास पर निबंध

Bharat ka Vikas Essay in Hindi: भारत का विकास अन्य देशों के मुकाबले थोड़ा धीमी गति से चल रहा है। लेकिन वर्तमान में विकास की दर में थोड़ी तेजी जरूर देखने को मिली है। आज का आर्टिकल जिसमें हम भारत का विकास पर निबंध के बारे में जानकारी आपके सामने पेश करने वाले हैं। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है। 

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भारत का विकास पर निबंध | Bharat ka Vikas Essay in Hindi

भारत का विकास पर निबंध (250 शब्द)

आजादी के पहले भारत के आर्थिक स्थिति बड़ी दयनीय थी। परंतु आजादी के बाद और संविधान लागू होने के बाद 1951 से भारत ने अपने आर्थिक सुधार में काफी वृद्धि की है। भारत ने अपने अलग-अलग राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों को विकसित करने के लिए कई प्रकार की योजनाओं का सहारा लिया है। पिछले 70 सालों में भारत में प्रत्येक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत ने अपने आप को आत्मनिर्भर भारत बनाने का पूरा प्रयत्न किया है।

भारत प्रत्येक क्षेत्र में जैसे- शिक्षा ,उद्योग , बिजनेस ,कृषि क्षेत्र, चिकित्स, सुरक्षा बल , तकनीकी ,आविष्कार, इत्यादि के क्षेत्र में निरंतर बढ़ोतरी की है। और भारत ने विज्ञान और तकनीकी के सदुपयोग से डिजिटल भारत जैसे अभियानों से प्रत्येक गांव एवं बस्ती के लोगों तक आधुनिक संचार की सुख सुविधाएं प्रदान की है। आज के समय में भारत ने लड़कों के साथ साथ लड़कियों को भी हर एक कार्य करने का समान अधिकार प्रदान किया है, जो कि भारत के प्रमुख विकास में से एक हैं।

स्वतंत्रता के बाद हमारा भारत देश पिछड़े देशों में गिना जाता था। परंतु धीरे-धीरे हमारे भारत देश ने विकास की सिड़ियों को चढ़ते हुए एक विकासशील राष्ट्र के रूप में अपना पहचान बनाया है । इसीलिए आज भारत विश्व की महाशक्ति के रूप में उभरते जा रहा है। भारत धीरे-धीरे विकास के मार्ग पर अग्रसर होकर अपने आपको बाकी देशों के मुकाबले काफी बेहतर बनाते जा रहा है। भारत ने स्वतंत्रता के पश्चात हर क्षेत्र में बहुत ज्यादा प्रगति की है, जिसके कारण आज के समय का भारत प्राचीन भारत से बहुत ही अलग है।

भारत का विकास पर निबंध (800 शब्द)

प्रस्तावना

आजादी से पूर्व भारत की स्थिति बहुत ही ज्यादा दयनीय थी जैसा कि हम सब जानते हैं भारत पर लंबे समय ब्रिटिश शासन रहा। जिसके अंतर्गत कुछ लोग सुखी जीवन जीते थे। आम जनता की दशा दयनीय थी। उस वक्त आम जनता को दो समय का भोजन भी प्राप्त नहीं होता था। लेकिन हमारे देश के लोगों ने अंग्रेजों के विरोध किया जिसके परिणाम स्वरूप अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा।

विकास की धारा 1951 से विधिवत विकास की योजना शुरू की गई। फाइव ईयर प्लान शुरू किया गया। हमने लगभग 7 दशाब्दी का अपना विकास पूरा किया। हमने सभी क्षेत्रों में काफी विकास किया हैं। 2021 का भारत 1950 के बारे में काफी अलग हैं।

वर्तमान में भारत का विकास

आज भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर हैं। इसके अंतर्गत आर्थिक विकास को लेकर तमाम प्रकार की योजनाएं बनाए जाने लगी और यह सत्य भी है कि 70 वर्ष में सभी क्षेत्रों में प्रगति की हैं।

विभिन्न क्षेत्रों में विकास

आजादी के बाद से भारत में अपने आप को सभी क्षेत्रों में खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सार्थक कदम उठाए हैं। आधुनिक तकनीक तथा अपने पास उपलब्ध संसाधनों के उचित प्रयोग करके नई संभावनाओं को भी तराशा हैं। साठ के दशक में शुरू हुई हरित क्रांति ने हमें खाद्यान्न के क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा आत्मनिर्भर बनाया हैं।

नवाचार प्रशिक्षण तकनीक तथा आधुनिक शिक्षण संस्थानों की स्थापना के द्वारा हमने शिक्षा के क्षेत्र में भी ऊंचाइयों प्राप्त की हैं। विज्ञान के क्षेत्र में भी काफी विकास किया हैं। कई प्रकार के सरकारी तथा निजी अस्पतालों का निर्माण हुआ हैं। डिस्पेंसरी का निर्माण हुआ हैं।निम्न तथा पिछड़े वर्गों के लिए मुफ्त चिकित्सा की सुविधाएं की गई जिससे कि कोई भी कोई भी इन सुविधाओं से वंचित ना रहे।

विभिन्न प्रकार की प्रयोगशाला बनाई गई हैं और कई प्रकार के अनुसंधान भी किए गए। भारत में औद्योगीकरण तेजी से बढ़ रहा हैं और भारत हर क्षेत्र में निरंतर विकास कर रहा हैं।तकनीकी का सदुपयोग करके गांव के प्रत्येक व्यक्ति को संचार सुविधाओं से जोड़ा हैं।

आज हमारे देश में चिकित्सा से संबंधित होम्योपैथिक आयुर्वेदिक सभी प्रकार की चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध हैं। आजादी के बाद से ही भारत के विकास की धारा गाँव से प्रारम्भ हुई।

भारत के गांवों में विकास

वर्तमान में यदि विकास की बात करें, तो भारत के सभी गांवों में विकास की लहर देखने को मिल रही है। गांव में भी विकास का कार्य किया जा रहा है। देश को विकसित करने के लिए कई प्रकार के अलग-अलग अभियान चलाए जा रहे हैं। शिक्षा अभियान चलाए जा रहे हैं। गरीबी को दूर करने के अभियान चलाए जा रहे हैं। पक्के मकान बनाने के अभियान चलाए जा रहे हैं और की सड़कों के निर्माण के कार्य चल रहे हैं। देश में जहां पर भी देखें, हर जगह सरकारी कार्य निरंतर प्रगति पर है।

विकास की आवश्यकता

स्वतंत्रता के बाद हमारा देश पिछड़े देशों में गिना जाता था। धीरे-धीरे भारत ने विकास की सीढ़ियां चढ़ते हुए विकासशील देशों के रूप में अपनी जगह बनाई। वर्तमान में भारत विश्व की महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर हैं।अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जो विकास से वंचित हैं।

आज भी हमारे संसाधन मुट्ठी भर लोगों के हाथ में भारत में हैं। कम से कम 80% संसाधन यहां के 10% अमीर लोगों के हाथ में हैं बाकी 20% देश की 90% गरीब जनता के पास हैं। बहुसंख्यक आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही हैं। अभी भी देश के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं।

भारत पूरी तरह विकसित तभी बन पाएगा जबकि सभी वर्ग समान रूप से सुख संपन्न होंगे। भारत में विकास की बहुत सख्त जरूरत है। वर्तमान में भी भारत एक विकासशील देश है। अन्य देशों जापान और अमेरिका की तरह विदेश नहीं हो पाया है। क्योंकि अभी तक भारत में विकास की रफ्तार चल रहे हैं। विकास भारत में स्वतंत्रता के पश्चात कई सालों तक बहुत धीरे हुआ था। हालांकि वर्तमान में विकास की रफ्तार काफी तेज हुई है।

निष्कर्ष

भारत के संपूर्ण विकास के लिए अभी भी बहुत सारे कार्य किए जाने से बाकी हैं। भारत के बहुत से ऐस क्षेत्र हैं जो विकास से वंचित हैं। पिछडे तथा मैले कूचले वर्ग को भी विकास की मुख्यधारा में लाना बाकी हैं। भारत के अधिकांश संसाधनों पर अमीर लोगों का अधिकार हैं और गरीब इन सब से वंचित हैं। जिसके कारण संपूर्ण वर्गों का विकास संभव नहीं हो पा रहा हैं। संपूर्ण विकास के लिए संसाधनों का विकेंद्रीकरण किया जाना आवश्यक हैं।

अंतिम शब्द

वर्तमान में भारत में भी विकास की दर तेजी से बढ़ रही है और विकास भारत में जगह जगह पर देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में भारत में विकास की दर और अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है। आज का हमारा आर्टिकल जिसमें हमने भारत का विकास पर निबंध (Bharat ka Vikas Essay in Hindi) के बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाई है। हमें उम्मीद है, कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी। यदि किसी व्यक्ति को इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सवाल है। तो वह हमें कमेंट में बताएं।

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Ripal
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