क्रोध पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित
Krodh Par Sanskrt Shlok क्रोध पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित | Krodh Par Sanskrt Shlok क्रोध – वाच्यावाच्यं प्रकुपितो न विजानाति कर्हिचित्।नाकार्यमस्ति क्रुद्धस्य नवाच्यं विद्यते क्वचित्।।भावार्थ:क्रोध की स्थिति में व्यक्ति के पास ऐसी बातें कहने या कहने का विवेक