औपचारिक पत्र कैसे लिखें? (उदाहरण और प्रारूप)

औपचारिक पत्र लेखन हिंदी भाषा में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज हम यहाँ पर औपचारिक पत्र इन हिंदी के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे।

Aupcharik Patra

औपचारिक पत्र लेखन क्या है?

आज के समय में इंटरनेट की वजह से सोशल मीडिया में संचार और संवाद में चमत्कारिक रूप से बदलाव आया है। किंतु इन सबके होने के बावजूद औपचारिक पत्र का उपयोग हम सरकारी या प्राइवेट अधिकारियों या कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाने, शिकायत करने, प्रार्थना या आवेदन करने के लिए करते हैं। क्योंकि ई-मेल आदि की तुलना में औपचारिक पत्र का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है।

औपचारिक पत्र में मुख्य रूप से संदेश सूचना तथा तथ्यों को अधिक महत्व दिया जाता है। औपचारिक पत्रों में भाषा सहज और शिष्टता पूर्ण होती है। इस प्रकार के पत्रों में बहुत ही कम शब्दों में केवल काम या अपनी समस्याओं को सहज रूप से प्रभावशाली तरीके से लिखना आवश्यक होता है।

औपचारिक पत्र के प्रकार

औपचारिक पत्र को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित कर सकते हैं:

प्रार्थना पत्र – प्रार्थना पत्र निवेदन या प्रार्थना करने के लिए लिखा जाता है। इस प्रकार के पत्र में शिकायत, सुधार, आवेदन या अवकाश संबंधित उद्देश्य से लिखा जाता है। यह पत्र किसी भी सरकारी विभाग के अधिकारी से लेकर स्कूल के प्रधानाचार्य को लिखा जा सकता है।

कार्यालयी पत्र – कार्यालय पत्र किसी भी सरकारी अफसर या अधिकारी, स्कूल-कॉलेज के प्रधानाध्यापकों या प्रधानाचार्य को लिखा जाता है। कार्यालय पत्र में परिवहन विभाग, थाना प्रभारी, स्कूल प्रधानाचार्य, समाचार पत्र के संपादक, बिजली विभाग के अधिकारी, अध्यक्ष जैसे व्यक्ति को लिखा जाता है।

व्यवसायिक पत्र – व्यवसायिक पत्र का उद्देश्य पैसे संबंधित लेन-देन के मामले होते हैं। इसमें सामान को खरीदने, बेचने इत्यादि संबंधित जानकारियों के लिए पत्र लिखा जाता है। इन पत्र में दुकानदार, व्यापारी, कंपनी, प्रकाशक जैसे व्यवसायियों को लिखा जाता है।

औपचारिक पत्र लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • औपचारिक पत्र किसी भी अधिकारी या अफसर को लिखा जाता है। ऐसे में इन पत्रों को लिखते वक्त भाषा का प्रयोग बहुत ध्यान पूर्वक करना होता है, इसमें अनावश्यक बातों का उल्लेख नहीं करना होता है।
  • इस प्रकार के पत्र में निवेदन संबंधित उद्देश्य भी शामिल होते हैं। ऐसे में पत्र के आरंभ और अंत प्रभावशाली होने जरूरी है ताकि जिस काम को करवाने के उद्देश्य से पत्र लिखा गया है, उस पर वह अधिकारी या कर्मचारी जल्दी कार्यवाही कर सके।
  • पत्र की भाषा बहुत ही सरल होनी चाहिए और स्पष्ट व सुंदर होना चाहिए।
  • इसमें ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर बातों को लिखना नहीं चाहिए।
  • पत्र को हमेशा मार्जिन लाइन के साथ मिला कर लिखना चाहिए, इससे पत्र सुंदर और स्पष्ट दिखता है।

औपचारिक पत्र का अंग

औपचारिक पत्र में मुख्य रूप से 7 अंग होते हैं:

औपचारिक पत्र में पत्र लिखने की शुरुआत “सेवा में” लिखकर करना होता है। यह शब्द पत्र के सबसे ऊपर बाएं ओर किनारे में लिखना होता है। उसके बाद उसी के नीचे जिस व्यक्ति को पत्र लिखा जा रहा है या जिस विभाग के अधिकारी को लिखा जा रहा है, उसका नाम लिखना होता है।

उसके बाद विषय लिखना होता है। पत्र जिस उद्देश्य से लिखा जा रहा है, उसी उद्देश्य को एक लाइन में लिखना होता है।

उसके बाद सबसे बाईं ओर संबोधन का प्रयोग किया जाता है, जिसमें महोदय या माननीय जैसे शिष्टाचारपूर्ण शब्द का प्रयोग करना होता है।

इसके बाद मुख्य भाग की बारी आती है। औपचारिक पत्र लिखते वक्त मुख्य भाग 2 अनुच्छेदों में लिखना होता है। पहले अनुच्छेद को “सविनय निवेदन यह है कि” वाक्य से आरंभ करना होता है। उसके बाद मुख्य समस्या का जिक्र करना होता है या जिस उद्देश्य से पत्र लिखा जा रहा है, उसके बारे में बताना होता है।

दूसरे अनुच्छेद में आपसे विनम्र निवेदन है कि लिखकर आप जिस चीज का निवेदन कर रहे हैं, उसके पूर्ण होने की अपेक्षा करते हैं।

उसके बाद पत्र में सबसे नीचे दाएं और लिखने वाले व्यक्ति का नाम और हस्ताक्षर लिखना होता है। नाम के स्थान पर भवदीय, प्रार्थी जैसे शब्दों का प्रयोग करना होता है।

उसके बाद सबसे अंत में प्रेषक का पता, उसके शहर या मोहल्ले का नाम और शहर के पिन कोड इत्यादि जानकारी को लिखकर अंत में दिनांक लिखना होता है।

औपचारिक पत्र लेखन के कुछ उदाहरण | औपचारिक पत्र फॉर्मेट | औपचारिक पत्र का प्रारूप

उदाहरण 1. स्वास्थ्य खराब होने के कारण 5 दिनों के अवकाश लेने के संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र लिखिए?

परीक्षा भवन,
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
केंद्र विद्यालय
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
दिनांक: 7/9/21

विषय: अवकाश प्राप्ति हेतु प्रार्थना पत्र।

श्रीमान,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा आठ का छात्र हूं। कल दिनांक 7/9/21 को विद्यालय से वापस आने के बाद मुझे तेज तीव्र ज्वर आ गया। डॉक्टर ने मुझे 5 दिन का विश्राम करने की सलाह दी है। मैं अगले 5 दिनों तक विद्यालय में अनुपस्थित रहूंगा।

अतः महोदय से निवेदन है कि आप मुझे दिनांक 7/9/21 से 11/9/21 तक अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।

धन्यवाद

आपका आज्ञाकारी शिष्य
मनोज तिवारी
कक्षा- 7
रोल नंबर-08
दिनांक -8/4/2022

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उदाहरण 2. छोटी बहन के विवाह हेतु 5 दिनों के अवकाश के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र लिखिए?

परीक्षा भवन
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
डीएवी स्कूल, देहरादून
दिनांक: 8/9/2021

विषय – बहन की शादी के लिए अवकाश प्रदान हेतु प्रार्थना पत्र।

श्रीमान,

सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय के कक्षा 12वीं का विद्यार्थी हूं। मेरे घर में मेरी छोटी बहन की शादी है, जिसकी शादी दिनांक 8/9/2022 और 9/9/2022 को निश्चित हुई है। मैं अपने घर में सबसे बड़ा लड़का हूं। अतः शादी में बहुत से ऐसे कार्य है, जिसमें मेरा होना बहुत आवश्यक है। इसी कारण मुझे 8/9/2022 और 9/9/2022 तक का अवकाश चाहिए।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि आप मुझे अवकाश प्रदान करने की कृपा करेंगे। इसलिए मैं आपका आभारी रहूंगा।

धन्यवाद

आपका आज्ञाकारी शिष्य
नाम-रवि दास
दिनांक: 8/9/2022
कक्षा -दसवीं
रोल नंबर-18

aupcharik patra

उदाहरण 3. आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को छात्रवृत्ति के लिए प्रार्थना पत्र लिखिए?

परीक्षा भवन,
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
नवोदय विद्यालय
पटना, बिहार
दिनांक: 7/7/2022

विषय- छात्रवृत्ति हेतु प्रार्थना पत्र।

श्रीमान,

सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय का कक्षा दसवीं का छात्र हूं। मैं अपनी कक्षा में प्रतिवर्ष अच्छे अंको से उत्तीर्ण होता रहता हूं। मैं विद्यालय की क्रिकेट टीम का सदस्य भी हूं इसके अतिरिक्त मैं विद्यालय की प्रमुख गतिविधियों में हमेशा भाग लेता रहता हूं और विद्यालय का गौरव बढ़ाने का प्रयास भी करता रहता हूं। मैं अपनी कक्षा का मॉनिटर भी हूं। अपने इस व्यवहार के कारण में सभी अध्यापक अध्यापिका का प्रिय भी हूं।

मेरे पिताजी सरकारी दफ्तर में चपरासी थे, परंतु आप वे सेवानिवृत्त हो गए हैं। हम 10 भाई बहन है घर का खर्च बड़ी ही कठिनाई से चल पा रहा है। इन हालात में मेरा पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। अपनी पढ़ाई को ठीक ढंग से जारी रखने के लिए मुझे छात्रवृत्ति की बहुत ज्यादा जरूरत है अन्यथा पढ़ाई के बिना मेरा भविष्य अंधकार में हो जाएगा। काबिल बनना चाहता हूं और अपने मां का मां पिता का सहारा बनना चाहता हूं।

अतः आपसे अनुरोध है कि आप मुझे जल्द से जल्द छात्रवृत्ति प्रदान करने की कृपा कीजिए, ताकि मैं अपनी पढ़ाई सफलतापूर्वक कर सकें।

धन्यवाद

आपका आज्ञाकारी शिष्य
नाम – सुशील पासवान
कक्षा – दसवीं
दिनांक- 7/7/2022

उदाहरण 4. कोरोना से पीड़ित अवकाश के लिए अपने बॉस को प्रार्थना पत्र लिखिए?

श्रीमान,
एक्स प्रो डॉट कॉम,
B-53 पहली मंजिल,
मारथली, बेंगलुरु

विषय: अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन यह है कि मैं एक्स प्रो डॉट कॉम में आपकी टीम का सदस्य हूं। कल ऑफिस से लौटने के बाद से मुझे कुछ ज्वार और खांसी हो रखी है। आज सुबह जब मैं अस्पताल गया वहां मेरा कोरोना जांच हुआ। जांच करने पर यह पता चला कि मैं कोरोना पॉजिटिव हूं। डॉक्टर ने मुझे क्वॉरेंटाइन होने के लिए कहा है और लोगों के संपर्क से दूर रहने को कहा है। श्रीमान आपको पता है कि कोरोना कितनी खतरनाक बीमारी है।

अतः श्रीमान से निवेदन है कि मुझे 20 दिनों का अवकाश प्रदान करें।

धन्यवाद

आपका आज्ञाकारी
नाम सुरेश प्रसाद
कर्मचारी संख्या- जेएस 02 90258

उदाहरण 5. बचत खाता चालू करने हेतु बैंक मैनेजर को प्रार्थना पत्र लिखिए?

सेवा में,
श्रीमान शाखा प्रबंधक,
पंजाब नेशनल बैंक,
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

विषय:- बंद खाता चालू करवाने के लिए प्रार्थना पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन यह है कि मैं साहिल शर्मा आपके बैंक का खाता धारक हूं और मेरा बैंक अकाउंट नंबर 5462 1100 है और पिछले कुछ महीनों से किसी कारणवश बैंक में लेनदेन न होने की वजह से मेरा खाता बंद हो गया है। लेकिन अब मैं पुणे उसी बंद खाता को फिर से चालू करवाना चाहता हूं। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मेरे बंद हुए खाता को दोबारा चालू करने की कृपा करें। इसके लिए मैं सदा आपका आभारी रहूंगा।

धन्यवाद

आपका विश्वासी
नाम साहिल शर्मा
अकाउंट नंबर- 5462110
मोबाइल नंबर-967xxxxx

उदाहरण 6. विद्यालय में नए खेल सामग्री मंगवाने के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
केंद्र विद्यालय
जमालपुर, बिहार

विषय: खेल सामग्री मंगवाने के लिए।

श्रीमान,

सविनय निवेदन यह है कि मैं कुणाल कपूर आपके विद्यालय के कक्षा दसवीं का का छात्र हूं। हर साल की भांति इस साल भी हमारा विद्यालय क्रिकेट खेल के लिए स्टेट लेवल पर चयनित हुआ है। किंतु खेल कूद संबंधी सुविधाओं की कमी की वजह से छात्र के प्रति स्पर्धाओं में रुचि नहीं ले रहे हैं। खेलकूद के लिए हमारे विद्यालय में जो समाज उपलब्ध हैं, वह पुराने हो चुके हैं या टूट-फूट चुके हैं, जिनसे अभ्यास करना मुश्किल हो रहा है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि खेलकूद संबंधी नए सामान विद्यालय में उपलब्ध कराएं ताकि विद्यालय के सभी होनहार छात्र पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन करें। इसके लिए मैं आपका सदा आभारी रहूंगा।

धन्यवाद

आपका विश्वासी छात्र
नाम- कुणाल कपूर
कक्षा- दसवीं
रोल नंबर-10

उदाहरण 7. पिकनिक पर जाने का आज्ञा मांगते हुए प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
डीएवी स्कूल,
पूरनपुर, नई दिल्ली

विषय: पिकनिक पर जाने के लिए आज्ञा हेतु।

श्रीमान,

सविनय निवेदन है कि मैं मोहन दास आपके विद्यालय में कक्षा दसवीं का छात्र हूं और मैं अपने क्लास का मॉनिटर हूं। मैं क्लास की तरफ से पिकनिक पर ताजमहल आगरा जाने की अनुमति प्रदान करने की कृपा चाहता हूं।

क्लास के सभी विद्यार्थी और पिकनिक पर जाने के लिए खाने की सामग्री भी कर लिए हैं। क्लास के सभी छात्र ताजमहल देखने के लिए काफी है, उसमें काफी जिज्ञासा है कि ताजमहल किसने बनवाया है। वहां जाकर वह नई-नई चीजें देखेंगे मुझे ऐसा लगता है कि यह पिकनिक हम सबके लिए बहुत उपयोगी होगा।

अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि आप हमें पिकनिक पर जाने की आज्ञा प्रदान करें। इसके लिए मैं आपका सदा आभारी रहूंगा।

धन्यवाद

आपका आज्ञाकारी शिष्य
नाम- मोहन दास
कक्षा- दसवीं

उदाहरण 8. मोहल्ले में गंदगी को साफ कराने हेतु स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखें।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी,
नगर निगम,
जमालपुर, बिहार

विषय: मोहल्ले में व्याप्त गंदगी को साफ कराने हेतु अधिकारी को प्रार्थना पत्र।

मान्यवर,

सविनय निवेदन यह है कि मैं गोपाल शर्मा नया रामनगर सेक्टर 2-बी जमालपुर का रहने वाला हूं। आपको बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि बीते कुछ दिनों से हमारे मोहल्ले में चारों तरफ मक्खी और मच्छरों का आतंक फैल गया है।

इसका प्रमुख कारण यह है कि हमारे मोहल्ले में चारों तरफ पूरा कूड़ा करकट और गंदगी फैल गया है, जिससे हमारे मोहल्ले वासियों का जीना दुर्लभ हो गया है। अगर समय रहते गंदगी को साफ ना किया गया तो कोई नहीं बीमारी जन्म ले लेगी।

अतः आपसे विनम्र निवेदन यह है कि जल्द से जल्द नया राम नगर सेक्टर बी की गंदगी को साफ किया जाए, जिससे मोहल्ले वासियों के सारे परिवारों का जीवन सुलभ हो सके और एक नई बीमारी होने से बच सकें।

धन्यवाद

आपका विश्वासी
नाम- गोपाल शर्मा
पता- नया रामनगर सेक्टर 2- बी
जमालपुर, बिहार

formal letter format

उदाहरण 9. छात्राओं के लिए विद्यालय में नए शौचालय की व्यवस्था हेतु प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
बैजनाथ राज्य की बालिका उच्च विद्यालय
मुंगेर, बिहार

विषय: छात्राओं के लिए नए शौचालय हेतु प्रार्थना पत्र।

श्रीमान,

सविनय निवेदन यह है कि मैं संगीता शर्मा आपके विद्यालय की कक्षा दसवीं की छात्रा हूं। मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि हमारे विद्यालय में शौचालय की हालत जर्जर होने की वजह से छात्राओं को बहुत दिक्कत हो रही है। शौचालय का टाइल्स टूटा हुआ है। शौचालय का छत भी टूटा हुआ है और वह कभी भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि जल्द से जल्द नए शौचालय का निर्माण कराएं ताकि छात्राओं को प्रतिदिन होने वाली परेशानियों से बच सके। इसके लिए मैं सदा आपकी आभारी रहूंगी।

धन्यवाद

आपकी विश्वासी छात्रा
नाम- संगीता शर्मा
कक्षा- दसवीं
रोल नंबर- 15

उदाहरण 10.जल्द से जल्द पुस्तक मंगवाने हेतु पुस्तक विक्रेता को पत्र लिखें।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
व्यवस्थापक महोदय,
सरस्वती बुक हाउस,
श्याम कुंज, कृष्णा वाटिका,
सूरत, गुजरात

विषय: पुस्तक मंगवाने हेतु प्रार्थना पत्र।

मान्यवर,

सविनय निवेदन यह है कि मैं संगीता केंद्र विद्यालय गोरखपुर उत्तर प्रदेश में कक्षा दसवीं की छात्रा हूं और मुझे एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित कुछ पुस्तकों के नवीनतम संस्करण की जल्द से जल्द आवश्यकता है।

पुस्तकें अच्छी दशा में होनी चाहिए, पुरानी या पुराने नवीनतम संस्करण नहीं होने चाहिए और कटी फटी नहीं होनी चाहिए। इस पुस्तकों की धनराशि में मनीआर्डर द्वारा भेज रही हूं।

पुस्तकों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. एनसीईआरटी कक्षा 10 अंग्रेजी
  2. एनसीईआरटी कक्षा 10 गणित
  3. एनसीईआरटी कक्षा 10 हिंदी
  4. एनसीईआरटी कक्षा 10 भारत और समकालीन विश्व भाग- 2
  5. एनसीईआरटी कक्षा 10 विज्ञान
  6. एनसीईआरटी कक्षा 10 समकालीन भारत
  7. एनसीईआरटी कक्षा 10 लोकतांत्रिक राजनीति

अतः आपसे अनुरोध है कि निम्नलिखित पुस्तकों को नीचे लिखे पते पर जल्द से जल्द भेजने का कष्ट करें।

धन्यवाद

भवदीय
नाम- संगीता शर्मा
कक्षा- दसवीं
स्कूल- केंद्रीय विद्यालय
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
दिनांक-7/7/2022

उदाहरण 11. जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश लेने हेतु प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
जवाहर नवोदय विद्यालय,
जाफर पुर कल्याण,
डिस्ट्रिक्ट साउथ वेस्ट,
नई दिल्ली-11 0073

महोदय,

सविनय निवेदन यह है कि मैं श्याम शर्मा हूं। इससे पहले मैं जवाहर नवोदय विद्यालय जंगल अगही पीपीगंज गोरखपुर में पढ़ रहा था। मेरे पिताजी भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं, उनका स्थानांतरण नई दिल्ली में हो गया है। अब मेरा पूरा परिवार दिल्ली में पलायन कर चुके हैं और यही दिल्ली में रहेंगे और मेरी पूरी पढ़ाई अब दिल्ली से ही होगी।

अतः आपसे विनम्र निवेदन यह है कि आप अपने प्रतिष्ठित विद्यालय के कक्षा छठवीं में प्रवेश हेतु अनुमति प्रदान करने की कृपा करें। इसके लिए मैं सदा आपका आभारी रहूंगा।

धन्यवाद

आपका आज्ञाकारी शिष्य
नाम- श्याम शर्मा

उदाहरण 12. बिजली का अधिक बिल आने के कारण बिजली विभाग को आवेदन पत्र।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
मुख्य अभियंता,
मध्यांचल विद्युत विभाग,
कानपुर, लखनऊ

विषय: बिजली बिल अधिक आने की शिकायत के लिए आवेदन।

श्रीमान,

सविनय निवेदन यह है कि मैं सुशील पांडे स्वरूप नगर कानपुर उत्तर प्रदेश का निवासी हूं। मैं आपका ध्यान मेरे घर में अचानक बढ़ रहे दिल की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं। मेरा बिजली मीटर नंबर 4217 7984 है जो कि घर के कार्यों के लिए बिजली विभाग से दिया गया मीटर है। प्रत्येक महीना 30 तारीख को विद्युत विभाग द्वारा हमारे मीटर की रीडिंग की जाती है। हर महीने करीब 2000 के लगभग दिलाता है।

गर्मियों के दिनों में बिजली बिल 3000 तक हो जाता है किंतु अभी ठंड का मौसम चल रहा है और बिजली बिल 8000 आया है। सर्दी के मौसम में बिजली बिल में लगभग आधे की कटौती हो जाती है। क्योंकि सर्दी के मौसम में पंखा और एसी भी बंद रहती है। किंतु इस बार मेरे बिजली बिल में कहीं ज्यादा आया है।

मुझे ऐसा लग रहा है कि शायद रीडिंग या बिलिंग विभाग की मैं कुछ गड़बड़ी हो गई है, जिससे यह ₹8000 का बिल आया है 8000 बिजली भुगतान करना मेरे लिए बहुत मुश्किल हो गया है। क्योंकि मैं निम्न मध्यवर्गीय परिवार से हूं।

अतः श्रीमान से प्रार्थना है कि मेरे बिजली मीटर बिल में जो बढ़ोतरी हुई है उसकी उसकी जांच हो और वास्तविक बिल पारित हो तथा जो गड़बड़ी में मेरे मीटर के साथ हुई है, वह अन्य किसी उपभोक्ता के साथ ना हो।

धन्यवाद

भवदीय
नाम- सुशील पांडे
पता-स्वरूप नगर, कानपुर,
उत्तर प्रदेश

उदाहरण 13. बिजली संकट से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का वर्णन करने हेतु बिजली अभियंता को पत्र लिखें।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
बिजली अभियंता,
बिजली विभाग,
पूर्वी सिंहभूम, बागबेरा
जमशेदपुर, झारखंड

विषय: मोहल्ले में बिजली संकट से उत्पन्न समस्याओं का निवारण हेतु पत्र

श्रीमान,

मैं बिजली से होने वाली समस्याओं के बारे में आपको अवगत कराना चाहता हूं, जिसके लिए आप के कार्यालय में मैंने 19 जनवरी 2021 को आवेदन किया था। फिर भी पिछले एक सप्ताह से मोहल्ले में बिजली की समस्या बढ़ती ही जा रही है। दिन में कुछ घंटे ही बिजली रहती है और कभी-कभी तो पूरी रात बिजली नहीं रहती है।

विद्यार्थियों की परीक्षा भी नजदीक आ रही है। अगले माह विद्यार्थियों का दसवीं का परीक्षा है रोशनी नहीं होने की वजह से विद्यार्थी पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। बिजली नहीं होने की वजह से पानी की समस्याएं भी हो जाती है। मोहल्ले में सारे लोगों का दिनचर्या अव्यवस्थित हो गया है।

अतः श्रीमान से नर्म निवेदन है कि जल्द से जल्द हमारे मोहल्ले की बिजली की समस्याओं का निवारण करें। इसके लिए मैं आपका सदा आभारी रहूंगा।

धन्यवाद

आपका भवदीय
अंकुर पांडे
पूर्वी सिंहभूम बागबेड़ा,
जमशेदपुर झारखंड

उदाहरण 14. दैनिक जागरण पत्रिका में अपनी रचना छपवाने के लिए दैनिक जागरण संपादक को पत्र लिखें।

परीक्षा भवन,
सेवा में
संपादक,
दैनिक जागरण, बिहार,

विषय: दैनिक जागरण पत्रिका में अपनी रचना छपवाने के लिए हेतु।

मान्यवर,

सविनय निवेदन यह है कि मेरा नाम मुकुंद कुमार है। मैं केंद्र विद्यालय के कक्षा दसवीं का छात्र हूं। मुझे आप के लोकप्रिय समाचार पत्र में अपनी रचना जिसका शीर्षक है। स्वच्छ भारत मिशन प्रकाशित करने के लिए विनम्र आग्रह करना चाहता हूं। मुझे मोटिवेशनल कविता और कहानी लिखने का बहुत शौक है। मैं समाज में लोगों को अपनी कहानी और कविता के माध्यम से जागरूक कराना चाहता हूं।

अतः मान्यवर से आग्रह करता हूं कि मेरी रचना को अपने समाचार पत्र में प्रकाशित करने की कृपा करें। मैं अपने द्वारा लिखी हुई कुछ मोटिवेशनल रचना भेज रहा हूं। इसके लिए मैं सदा आपका आभारी रहूंगा।

धन्यवाद

भवदीय
मुकुंद कुमार
बिहार

उदाहरण 15. कोरोना काल में सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन पर जरूरतमंदों की सहायता करने की अनुमति हेतु मुख्यमंत्री को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
मुख्यमंत्री,
नई दिल्ली

विषय: जरूरतमंद की सहायता हेतु।

मान्यवर,

सविनय निवेदन यह है कि मैं सुनीता चौधरी एक पहल जन सहयोग विकास संस्था में काम करती हूं। कोरोना काल में सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन में राज्य में कई ऐसे लोग हैं, जिनके पास दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं है। जिसकी वजह से उन्हें भूखे पेट अपना और अपने परिवार को रखना पड़ रहा है।

हम सब जानते हैं कि कोरोना एक महामारी बीमारी है। किंतु भूखे रहने से भी लोगों की जान जा सकती है। अपनी संस्था के तरफ से उन जरूरतमंदों को भोजन वस्त्र और अन्य समाधि उपलब्ध कराना चाहती हूं। लेकिन लॉकडाउन के वजह से कहीं भी आवागमन नहीं हो पा रहा है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि आप हमें उन जरूरतमंदों को भोजन वस्त्र और अन्य सामग्री उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान करें। मुझे पूर्ण आशा है कि आप मेरी निवेदन को जरूर स्वीकार करेंगे। इसके लिए मैं आपकी सदा आभारी रहूंगी।

धन्यवाद

आपकी भवदीय
सुनीता चौधरी
पहल जन सहयोग
विकास संस्था

उदाहरण 16. अस्पताल में फैली अव्यवस्था पर स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखें।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी
जामनगर, गुजरात

विषय: अस्पताल में फैली अव्यवस्था को सुधारने हेतु।

महोदय,

सविनय निवेदन यह है कि मैं जामनगर, गुजरात का स्थाई निवासी हूं। मैं आपको जामनगर गुजरात के एक सदर अस्पताल के बारे में बताना चाहता हूं। इस अस्पताल में पिछले 10 दिनों से से मेरे दोस्त का इलाज चल रहा है। मैं उससे मिलने हमेशा आता रहता हूं। यहां आने पर मुझे पता चला कि अस्पताल में कर्मचारी और नर्स अपना काम ठीक ढंग से नहीं करते हैं, वह मरीजों और उनके रिश्तेदारों से भी दुर्व्यवहार करते हैं।

यहां पर मरीजों का ठीक से ख्याल भी नहीं रखा जाता है और अस्पताल में उपकरण सही ढंग से काम भी नहीं कर रहे हैं। यहां सफाई का भी खास ख्याल नहीं रखा जाता है। हर जगह गंदगी दिखाई देती है। जबकि अस्पताल में सफाई की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

अतः महोदय से निवेदन है कि वह अस्पताल की हो रहे अव्यवस्था के कारण मरीजों को जो दिक्कतें हो रही है, उनका समाधान करें। इसके लिए मैं सदा आपका आभारी रहूंगा।

धन्यवाद

आपका भवदीय
सुरेश

उदाहरण 17. विद्यालय में लगे रक्तदान शिविर में रक्तदान करने के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
प्रधानाचार्य,
जेनिथ पब्लिक स्कूल,
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

विषय: रक्तदान करने हेतु।

श्रीमान,

सविनय निवेदन यह है कि मैं कुशल कुमार आपके विद्यालय के कक्षा आठवीं का छात्र हूं। हमारे विद्यालय में लगे रक्तदान शिविर में मैं रक्तदान करने का अनुमति चाहता हूं। किंतु विद्यालय के प्रशासन ने मुझे बताया गया है कि रक्तदान केवल दसवीं के छात्र ही कर सकते हैं।

रक्तदान एक पुण्य का काम है मेरी इच्छा है कि मैं रक्तदान करके उन जरूरतमंदों की सहायता कर सकें, जिनको रक्त की अति आवश्यकता है। किंतु कक्षा आठ के विद्यार्थियों का रक्त लेने से विद्यालय के प्रशासन मना कर रहे हैं।

अतः श्रीमान से नर्म निवेदन है कि वह मुझे रक्तदान करने का अनुमति प्रदान करें, इससे मुझे बहुत खुशी मिलेगी। मुझे आशा है कि आप मेरे प्रार्थना को स्वीकार करेंगे।

धन्यवाद

आपका विश्वासी छात्र
नाम कुशल कुमार
कक्षा आठवीं

उदाहरण 18. बस चालकों द्वारा हो रही लापरवाही से यातायात में हो रही दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए परिवहन निगम को पत्र लिखें।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
परिवहन निगम, नई दिल्ली

विषय: बस चालकों की लापरवाही से यातायात में हो रही दुर्घटनाओं पर ध्यान आकर्षित करने हेतु।

मान्यवर,

सविनय निवेदन यह है कि मैं शहर में हो रही बस चालकों द्वारा लापरवाही से हो रही दुर्घटना के बारे में आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूं। श्रीमान पिछले सप्ताह में दिल्ली से हरिद्वार गया था। यातायात के दौरान ही मुझे पता चला कि बस चालकों की लापरवाही से शहर में लगातार दुर्घटना बढ़ती ही जा रही है।

इन दुर्घटनाओं में कितने परिवार खत्म हो चुके हैं कितने लोग घायल हो चुके हैं। किंतु इन सब से बस चालकों को कोई भी फर्क नहीं पड़ता। बस चालक यातायात के नियमों का पालन नहीं करते हैं, जिसकी वजह से दुर्घटना बढ़ती ही जा रही है। बस चालक कभी कभी शराब का सेवन करके तेज बस चलाते हैं और दूसरे गाड़ी को ओवरटेक भी करते हैं। वह लोग पैसेंजर से भी ऊंची आवाज में बात करते है। एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए हम बस पर ही निर्भर हैं।

अतः श्रीमान से विनम्र निवेदन है कि वह बस चालकों द्वारा हो रहे लापरवाही पर विशेष ध्यान देंगे और ऐसे ही बस चालकों को करी दंड भी देता कि यातायात में हो रहे दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

धन्यवाद

आपका भवदीय
अमित पाठक
नई दिल्ली

उदाहरण 19. शहर में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को रोकने के लिए जनपद में महिला थाना स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र।

परीक्षा भवन,
सेवा में,
मुख्यमंत्री महोदय,
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

विषय: महिलाओं के प्रति अपराध को रोकने के लिए जनपद में महिला थाना स्थापित करने हेतु।

महोदय,

सविनय निवेदन यह है कि सुनीता कुशवाहा महिला आयोग की तरफ से आपका ध्यान केंद्र हमारे शहर गोरखपुर उत्तर प्रदेश में लगातार महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार और अपराध की ओर आकर्षित करना चाहती हूं। आजकल कुछ गुंडे खुलेआम महिलाओं के साथ छेड़खानी और अभद्र भाषा का उपयोग कर रहे हैं और उन्हें प्रशासन का भी डर नहीं है। जिससे महिलाएं घर से निकलने से भी डरती है और उनका मनोबल भी टूट रहा है। महिलाएं पुरुष पुलिस प्रशासन के पास कुछ कहने में असहज महसूस करती है।

अतः श्रीमान मैं आपसे आग्रह करना चाहती हूं कि आप जनपद में महिला थाना जल्द से जल्द स्थापित करें, जिससे महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध रोका जा सके और महिलाओं के लिए समाज की सोच भी बदलें। क्योंकि महिलाओं का सम्मान करना हर इंसान को सीखना चाहिए।

धन्यवाद

आपकी भवदीय
सुनीता कुशवाहा
महिला आयोग

FAQ

औपचारिक पत्र में कौन कौन से पत्र आते हैं?

औपचारिक पत्र में आवेदन पत्र, प्रार्थना पत्र, सरकारी विभागों को लिखे गए पत्र, संपादक के नाम पत्र आते हैं। इस तरह औपचारिक पत्र निजी संबंध का ना होकर केवल किसी काम संबंधित बातों के उद्देश्य से लिखा जाता है।

औपचारिक पत्र में पत्र लिखने वाले का पता कहाँ लिखा जाता है?

औपचारिक पत्र लिखते वक्त पत्र लिखने वाले का पता पत्र में सबसे ऊपर दाहिनी ओर लिखा जाता है। वहीँ जिस व्यक्ति को पत्र भेजा जा रहा है, उसका पता पत्र के सबसे नीचे लिखा जाता है।

औपचारिक पत्र किसे कहते हैं यह कितने प्रकार के होते हैं?

औपचारिक पत्र कार्यालय की शिकायत, किसी आवेदन, किसी सरकारी अधिकारी को, किसी विभाग को, किसी प्रकाशक को, व्यापारी या किसी कंपनी को लिखा गया पत्र होता है।

औपचारिक पत्र में दिनांक कहाँ लिखी जाती है?

औपचारिक पत्र में दिनांक पत्र लिखने के बाद सबसे अंत में दाहिने तरफ धन्यवाद लिखने के बाद उसी के नीचे लिखा जाता है।

अवकाश हेतु प्रधानाचार्य को लिखा गया पत्र पत्र के कौन से प्रकार में आता है?

प्रधानाचार्य को अवकाश हेतु या किसी भी उद्देश्य से लिखा गया पत्र औपचारिक पत्र के अंतर्गत आता है।

पत्र में ‘प्रेषिती’ कौन होता है?

पत्र जिस व्यक्ति को लिखा जा रहा है, उसे ‘प्रेषिती’कहते हैं और पत्र में उनके संबंध के अनुसार समुचित अभिवादन या संबोधन का प्रयोग किया जाता है।

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