अजीत डोभाल का जीवन परिचय

Ajit Doval Biography in Hindi: आप देश के लिए मरते नहीं है, आप देश के लिए जीते है, आप देश के लिए देशद्रोहियों को मारते हैं। आपको कई नामों से पहचाना जाता है। जैसे इंडियन शेर, जेम्स बॉन्ड आपके नाम से पाकिस्तान थरथर कापता हैं। आपकी कूटनीति, राजनीति का लोहा पूरा संसार मानता है।

Ajit Doval Biography in Hindi
Image: Ajit Doval Biography in Hindi

आपके बारे में कहा जाता है आप जब मौन रहते हो, दुश्मन के सर से पसीना टपकने लगता है। जब आप बोलते हो,  आप के बयानों पर शोध होता है। सही मायने से आप सर्वोच्च राष्ट्रीय प्रहरी है।

अजीत डोभाल का जीवन परिचय | Ajit Doval Biography in Hindi

अजीत डोभाल परिचय बिंदु

पूरा नामअजीत डोभाल
प्रसिद्ध  नामअजीत डोभाल
जन्मतिथि20 जनवरी 1945
उम्र73 वर्ष (Till Feb 2019)
जन्मस्थानपौड़ी, गढ़वाल, उत्तराखंड 
धर्महिन्दू
जातिगढ़वाल, ब्राम्हण 
राशिकुंभ
रहवासीअजमेर, राजस्थान
कामसिविल सर्वेन्ट
राष्ट्रीयताभारतीय
वैवाहिक स्थितिविवाहित
शादी की तारीखNA
आयNA

पारिवारिक स्थिति

पिता का नाम गुणनाद डोभाल
माता का नामज्ञात नहीं
पत्नी का नामअनु डोभाल
बेटे का नामशौर्य डोभाल

इनके परिवार के बारे में कोई ज्यादा जानकारी किसी को भी नहीं है। प्राप्त जानकारी के आधार पर इनका जन्म 22 फरवरी 1945 को देवभूमि उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम गुणानाद डोभाल और पत्नी का नाम अनु डोभाल है। इनके दो बच्चे हैं, विवेक डोभाल शौर्य डोभाल। इनकी माता इनके भाई और उनकी बहनों की कोई जानकारी नहीं है।

शिक्षा

अजीत डोभाल की शुरुआती शिक्षा मिलिट्री स्कूल अजमेर में संपन्न हुई, इसके बाद आप आगरा चलें गए। आगरा विश्वविद्यालय से आपने अर्थशास्त्र से m.a. किया। कड़ी मेहनत के बल पर आप 1968 में केरल केडर से आईपीएस के लिए चुने गये।

केरियर

आप 1968 में बेस्ट केरल कैडर से आईपीएस के लिए चयनित हुए थे। 2005 मे इंटेलिजेंस ब्यूरो चीफ के पद से रिटायर हुए। वहां आप सक्रिय रूप से मिजोरम पंजाब और कश्मीर में उग्रवाद विरोधी अभियानों में सफल रहे और कामयाब रहे।

अजीत डोभाल की वर्तमान स्थिति

वर्तमान में आप 30 मई 2014 से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त हैं। आप प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार भी है। आपने इस पद पर रहते हुए भारत चीन विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा भी सुलझाया।

देश के लिए आपका योगदान

देश के लिए अपना योगदान देने में आप हमेशा अग्रणी रहते है। देश जब जब संकट में आता है तब तब आप संकट मोचन बंद कर देश को संकट से उभरते हैं। 1989 में चरमपंथीयो ने स्वर्ण मंदिर में घुसने की हिमायत की थी तब आपने ऑपरेशन Black Thunder का नेतृत्व किया। आप दुश्मनों के हितैषी बनकर अंदर दुश्मनों से जा मिले। वहां आपने नक्शे हथियार और आतंकवादियों की सारी जानकारी लेकर खुफिया विभाग को दे दी। इसके बाद ऑपरेशन ब्लैक थंडर को सफलतापूर्वक संपन्न किया।

1980 के दशक में डोभाल की वजह से ही भारतीय खुफिया एजेंसी ने प्रथकतावादियों के शीर्ष नेतृत्व को तबाह करने में सफल रहे। इसका परिणाम सामने आया चार बागी नेताओं ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के सामने हथियार और घुटने दोनों टेक दिए।

कंधार विमान अपहरण मामले में Masood अंसारी को छुड़वाने के साथ-साथ 36 आतंकवादी की रिहाई और 200 करोड़ की फिरौती की डिमांड रखी थी। तब अजीत डोभाल ने इसका जोरदार विरोध किया मात्र 36 के बदले 3 आतंकवादी रिहा किए गए। यह कारनामा मास्टरमाइंड सिर्फ अजीत डोभाल ही कर सकते थे।

4 जून 2015 को मणिपुर के चंदेल में घात लगाकर 18 भारतीय सैनिक को धोखे से मार दिया था। तब भारतीय सैनिकों की शहादत का बदला लेने के लिए मास्टर माइंड अजीत डोभाल ने बड़ा गेम खेला रणनीति के तहत 2015 में  70 भारतीय सैनिक कमांडो की टुकड़ी म्यांमार के जंगलों में पहुंची। यह विशेष ऑपरेशन लगातार 40 मिनट तक चला, जिसमें 38 आतंकवादी मारे गए, 7आतंकवादी घायल होकर जान बचाकर भाग गए।

18 सितंबर 2016 को जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर एक आतंकवादी हमला हुआ। उस समय भारतीय सैनिक गहरी नींद में सो रहे थे तभी पाकिस्तानी समर्थक आतंकवादियों ने हमला कर दिया। इस कायरता पूर्वक हमले में 16 भारतीय जवान शहीद हो गए। हालाकी इस संघर्ष में चार आतंकवादी भी मारे गए थे फिर भी बदला अधूरा था।

इंडियन शेर कहां चैन से बैठने वाला था। हमले के महज 10 दिन बाद ही भारतीय सेना ने मास्टरमाइंड अजीत डोभाल के नेतृत्व में 28- 29 सितंबर की आधी रात को पाकिस्तान के अंदर घुस कर आतंकवादियों और आतंकवादियों के ठिकानों को तहस-नहस कर डाला।

14 फरवरी 2019 को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षाकर्मियों को ले जाने वाले एक वाहन पर पाकिस्तान समर्थक आतंकवादियों ने आत्मघाती हमला कर दिया था, जिसमें 46, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे। इस आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी समूहों के जैश ए-मोहम्मद ने ली थी तब अजीत डोभाल ने एक बार फिर से आतंकवादियों को तबाह करने का प्लान बनाया।

26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने 12 मिराज 2000 जेट्स ने नियंत्रण रेखा की पार की और बालाकोट में जैश ए-मोहम्मद द्वारा संचालित आतंकवादी शिविर पर हमला किया। भारतीय मीडिया के आंकड़ों के अनुसार इस आतंकवादी कार्यवाही में 200 से 300 आतंकवादी मारे गए थे।

अजीत डोभाल के बारे में रोचक तथ्य

  • अजीत डोभाल खुलेआम पाकिस्तान को धमकी देते हैं।
  • अजीत डोभाल खतरनाक कारनामों को अंजाम देने के लिए प्रसिद्ध है। जो देश का दुश्मन है, वह उनका व्यक्तिगत दुश्मन भी है। शत्रुओं को सीधा और साफ संदेश देते हैं। 1 के बदले 10, दुश्मन उनके शब्दों समझ जाता है।
  • जासूस बनना उनकी पहली पसंद थी, इस काम के लिए उन्हें एक अलग ही आनंद मिलता था।
  • घर परिवार सब कुछ छोड़ कर अजीत डोभाल 7 साल तक पाकिस्तान में रहे। भारतीय सेना को पाकिस्तान सेना की कई खुफिया जानकारियां उपलब्ध कराई।
  • वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर नियुक्त होने के बाद बड़े से बड़े मंत्री भी उनके सामने बोलने की हिमाकत नहीं करते।
  • धारा 370 वाले मुद्दे को सफलतापूर्वक अंजाम देने में अजीत डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

किस्मत कनेक्शन

कहते हैं जो निस्वार्थ सेवा देश की करते हैं, ईश्वर उनके साथ हमेशा रहते हैं। ऐसा ही एक किस्सा अजीत डोभाल की आत्मकथा पढ़ने पर पता चलता है। जब वो जासूस बनकर पाकिस्तान में रहा करते थे, इन 7 सालों ने उन्हें किसी ने नहीं पहचाना। वह एक बार एक मजार के पास से गुजरे। एक फकीर ने उन्हें आवाज लगाई।

डोभाल जब फकीर के पास गए, फकीर उन्हें एक कमरे में ले गया और कहा आप हिंदू हो। उस समय अजीत डोभाल बहुत बड़ी समस्या में फंस चुके थे। अजीत डोभाल ने कहा “हां मैं हिंदू हूं। आप बताइए आपने मुझे किस तरह पहचाना।” फकीर ने कहा आपके कान छीदे हुए है। मुसलमान कान नहीं छीदवाते हैं। फकीर ने बाद में उन्हें यह कहकर छोड़ दिया कि मेरी तीसरी पीढ़ी भी कभी हिंदू हुआ करती थी। इसे कहते हैं किस्मत कनेक्शन नसीब का साथ देना।

अजीत डोभाल का सम्मान

1968 बैच के आईपीएस अधिकारी अजीत डोभाल आईबी अधिकारी के रूप में कई साहसिक कारनामों को अंजाम दे चुके थे, जिन्हें सेना में दिए जाने वाले सबसे बड़े वा दूसरे सम्मान कीर्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। ये सम्मान पाने वाले वे पहले पुलिस अधिकारी रहे।

अजीत डोभाल के बारे में विशेष बातें

  • वे देश के पांचवे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किऐ गए।
  • वरिष्ठ पत्रकार लेखक मनजीत नेगी ने उनके जीवन पर एक पुस्तक भी लिखी है। “hil Warriors” जिसमें उनका संपूर्ण जीवन चरित्र और उनके रोमांचक किस्से हैं।

अजीत डोभाल के जीवन पर फिल्में

हिंदुस्तान में जितनी भी जासूस पर आधारित फिल्में बनी है, उन सभी के रियल हीरो अजीत डोभाल ही रहे है। अनिल शर्मा द्वारा निर्देशित रियल हीरो लव स्टोरी उन्हीं के जीवन पर आधारित है। अक्षय कुमार अभिनय द्वारा निर्मित बेबी फिल्म अभी अजीत डोभाल पर आधारित है, जिसमें उनका चरित्र अक्षय कुमार ने निभाया है।

निष्कर्ष

अजीत डोभाल के बारें में जितना लिखे उतना कम है, उन्होंने देश के लिए जितना किया है ऐसा करने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए होती है।

आपको हमारी यह जानकारी “अजीत डोभाल बायोग्राफी (Ajit Doval Biography in Hindi)” कैसी लगी, हमें कमेंट करके जरुर बताएं। क्या आपने कभी अजीत डोभाल का शौर्य से भरा कोई इंटरव्यू कभी सुना है एंव आपको उनके अंदर कौनसी बात सबसे ज्यादा अच्छी लगती है, कमेंट में जरुर बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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