विधायक किसे कहते हैं?

Vidhayak Kise Kahate Hain: आपने अक्सर बहुत सारे वीडियो या मूवी में सुना होगा, डायलॉग्स आते हैं कि हम यहां के विधायक है, तो हम वहां के विधायक है। या हम विधायक के बेटे हैं। मेरा इतना पावर है।

Vidhayak Kise Kahate Hain
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इस आर्टिकल में हम चलिए जानते है विधायक किसे कहते हैं? और उनको कौन-कौन सी शक्तियां प्राप्त होती है? जिसके कारण वह हमेशा अपना पावर दिखाते हैं।

विधायक किसे कहते हैं? | Vidhayak Kise Kahate Hain

विधायक किसे कहते हैं?

विधायक किसी एक क्षेत्र की जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि होता है, जो कि उस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। विधायक विधान सभा विधान मंडल का सदस्य होता है। विधायक का मुख्य कार्य होता है कि जिस भी क्षेत्र से उसे चुना गया है उस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना जिसमें उस क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा अथवा विधानमंडल में पेश करना।

विधायक को एमएलए या एमएलबी कहते हैं क्योंकि एम.एल.ए. का फुल फॉर्म है मेंबर ऑफ लेजिसलेटिव असेंबली और विधानसभा का सदस्य और एम.एल. का मतलब है मेंबर ऑफ लेजिसलेटिव मतलब विधानमंडल का सदस्य।

एक विधायक के क्षेत्र से जब चुना जाता है तो उसका कार्यकाल सिर्फ 5 वर्षों तक का होता है। 5 वर्षों के बाद फिर से चुनाव किया जाता है, जिसमें जनता चाहे तो उसी विधायक को फिर से चुने अथवा नए विधायक का भी चयन कर सकती है। इसके अलावा यदि राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री को अनुरोध किया जाए, तो 5 वर्षों का कार्यकाल से पहले भी उस विधायक को उसके पद से हटाया जा सकता है। यह आवश्यक है कि राज्यपाल द्वारा अनुमति प्राप्त हो सभी विधायकों कार्यकाल से पहले हटाया जा सकता है।

यदि किसी क्षेत्र में कोई विशेष आपातकालीन स्थिति पैदा होती है तो उस क्षेत्र में चुनाव कराना संभव नहीं होता है, तो यदि विधायक का कार्यकाल 5 वर्ष हो भी चुका है, तो उस आपातकालीन की समय में महज 6 महीना और विधायक का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है जिसके बाद ही फिर से नए चुनाव का प्रक्रिया आरंभ हो सकती है।

एक विधायक पद के लिए उम्मीदवारों की संख्या निश्चित नहीं होती है। उस क्षेत्र से कोई भी पॉलीटिकल पार्टी अपना उम्मीदवार को चुनाव के लिए दे सकती है। इसके अलावा यदि कोई निर्दलीय यानी कि कोई आम आदमी भी विधायक पद के लिए चुनाव लड़ना चाहता हो, तो इस चुनाव में भाग ले सकता है। लेकिन वह व्यक्ति विधायक पद के चुनाव के लिए यदि किसी भी पार्टी से संबंधित नहीं है तो वह निर्दलीय रूप में विधायक पद के लिए चुनाव लड़ता है। निर्दलीय शब्द से ही यह पता चलता है कि जो किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ ना हो।

विधायक किस क्षेत्र से चुनाव लड़ सकता है?

विधायक किस क्षेत्र से चुनाव लड़ सकता है? यह उस क्षेत्र की जनसंख्या के आकार पर निर्भर करता है क्योंकि एक विधायक एक सीमित क्षेत्र तक के लिए ही विधायक पद का प्रयोग कर सकता है। इसीलिए उस क्षेत्र की जनसंख्या के आधार पर ही उस विधायक को चुना जाएगा।

विधायकों की संख्या

इसके अलावा किसी राज्य की विधानसभा में विधायकों की संख्या 500 से अधिक नहीं होनी चाहिए और 60 से कम भी नहीं होनी चाहिए। जैसे कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा की सदस्यों की संख्या 404 के करीब है जोकि 60 से ज्यादा तो है लेकिन 500 के अंदर ही है।

इसीलिए वहां पर विधायक 404 विधायकों की मूल संख्या है। इसके अलावा यदि हम की बात करें, तो वहां पर कम आबादी निवास करती है। इसीलिए उस राज्य के लिए कम सदस्य हो सकते हैं क्योंकि उस क्षेत्र में कम जनसंख्या है। इसीलिए वहां मात्र 32 विधानसभा के सदस्य अथवा विधायक मौजूद हैं।

सभी देशों में विधायक के नाम

आपको तो यह पता ही होगा कि विधायक सिर्फ भारत के अंदर ही नहीं होते। यह अन्य देशों में भी इसी तरह कार्य करती है। यानी कि भारत की ही तरह ऑस्ट्रेलिया विधायक पद को अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। जैसे कि अमेरिका में विधायक पद को ले जिस नेचर शब्द से जाना जाता है। इसके अलावा अमेरिका बहुत बड़ा देश है। इसीलिए वहां पर एक ही देश में विधायक पद यानी कि लेजिस्लेटर को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से भी जाना जाएगा।

इसके अलावा यदि हम हांगकांग की बात करें तो वहां पर विधायकों को लैग्लो काउंसिल और ब्राजील की बात करें तो वहां पर विधायकों को भी होता, तो उस एस्तादो आई और कनाडा की बात करें तो वहां पर एम.पी.पी., M.M.H. इत्यादि। ऑस्ट्रेलिया की बात करें, तो वहां पर विधायक को एम.एल.ए., के नाम से जाना जाता है, इसके साथ ही यदि अन्य देशों में विधायक को अलग-अलग नामों से जाना जाता है लेकिन उनका कार्य एक ही होता है।

विधायक की शक्तियां

एक विधायक को विधानसभा का सदस्य बनने के साथ-साथ बहुत सारी ऐसी शक्तियां प्राप्त हो जाती है, जिससे कि वह कानून में बदलाव या नया कानून बनाने की क्षमता रखती है। विधायक का सबसे मुख्य कार्य होता है, विवाह और तलाक वन और जंगली जानवरों और पक्षियों और शिक्षा से संबंधित कार्य का संरक्षण करना।

इसके अलावा कानून व्यवस्था का भी बदलाव और नया कानून बनाना। विधायक विधान परिषद से प्राप्त हुआ कानून को 14 दिन के अंदर पारित करने का क्षमता रखता है। यदि विधायक की मर्जी हुई तो विधायक उस विधान परिषद से प्राप्त कानून में भी परिवर्तन करने का शक्ति रखता है और फिर परिवर्तन करने के बाद विधानसभा में दोबारा पेश किया जाता है। फिर विधानसभा की सभी सदस्यों द्वारा इसे स्वीकार आ जाएगा या नहीं यह अधिकार सिर्फ विधानसभा का होता है।

निष्कर्ष

तो दोस्तों आपने इस लेख में विधायक किसे कहते हैं? ( Vidhayak Kise Kahate Hain) और विधायक के कार्य के बारे में और विधानसभा के कार्यकाल कितने दिन की होती है इन सभी बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की।

उम्मीद है आप लोगों की मेरे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी। आप अपना सुझाव नीचे कमेंट में दे सकते हैं। साथ ही आप अपने दोस्तों और साथी के साथ मेरे इस लेख को शेयर करें ताकि उन्हें भी विधायक के शक्तियों के बारे में जानकारी मिल सके धन्यवाद।

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