टेलीविजन का आविष्कार किसने और कब किया था?

आज लोगों के घर में एक से एक तरह के टेलीविजन आपने देखे होंगे। अच्छा टेलीविजन एक स्टैंडर्ड की निशानी बन चुकी है। मगर आज से कई साल पहले लोगों के पास इस तरह का कोई यंत्र नहीं था। उसमें क्या यह सवाल आपके मन में आता है कि टेलीविजन का आविष्कार किसने और कब किया था?

कब यह टेलीविजन लोगों के घर घर पहुंचने लगा। पहले टेलीविजन कैसा था? अगर आप इस तरह के कुछ रोचक सवाल का उत्तर सरल शब्दों में चाहते हैं, तो हमारे लेख के साथ अंत तक बने रहे।

television ka avishkar kisne kiya

टेलीविजन सबसे पहले J.L Baird नाम के एक व्यक्ति के दिमाग में बना था। उन्होंने अपने ख्वाब के अनुसार एक ऐसा यंत्र बनाने का प्रयास किया, जो दुनिया में हो रही किसी भी घटना को घर पर दिखा सके। उनके इस क्रांतिकारी सोचने दुनिया का अस्तित्व बदल कर रख दिया।

आज आधुनिकता की दौड़ में हम बहुत आगे निकल चुके हैं मगर जॉन लॉगी बेयर्ड का नाम नहीं भूल सकते क्योंकि उन्होंने इस आधुनिकता की दौड़ की शुरुआत अपने आविष्कार टेलीविजन से की थी। टेलीविजन का आविष्कार किसने किया और कैसे किया? यह जानना हर किसी के लिए काफी हैरत होगा, जिसे सरल शब्दों में आपके समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

टेलीविजन का आविष्कार किसने और कब किया था?

टेलीविजन क्या है?

अगर टेलीविजन की परिभाषा की बात करें तो इसे हिंदी में दूरदर्शन कहा जाता है अर्थात दूर घटित हो रही किसी भी घटना का दर्शन करवाने वाले यंत्र को टेलीविजन कहा जाता है। आज से कुछ साल पहले टेलीविजन जटिल तरीके से कार्य करता था मगर धीरे-धीरे आधुनिकता के दौर में इस यंत्र को पहले से ज्यादा बेहतर बनाया गया।

आज टेलीविजन को हम एक पतले से यंत्र के रूप में जानते है, जिसे दीवाल पर कहीं भी टांग दिया जा सकता है और इंटरनेट के सहारे किसी भी तरह के मनोरंजन का लुफ्त उठाया जा सकता है।

आज से सालों पहले मनोरंजन के लिए खेलकूद, कुश्ती, तमाशा, पशु पक्षी की लड़ाई जैसे कुछ साधन थे। मगर उसके बाद गूल्येलमो मार्कोनी ने रेडियो का आविष्कार किया, जिसने दूर बैठे किसी भी व्यक्ति की आवाज को सुनने में मदद किया और इस आविष्कार ने मनोरंजन को काफी आसान बना दिया। मगर लोगों को यह तरीका ज्यादा आसान नहीं लगा क्योंकि वहां बैठे लोगों का चित्र देखने का मन हुआ और इसी जिज्ञासा ने लोगों को टेलीविजन बनाने के लिए मजबूर किया।

टेलीविजन का आविष्कार किसने किया था?

आज के समय में टेलीविजन और मोबाइल दो ऐसे साधारण यंत्र है, जो आपको हर किसी के घर में मिल जाएंगे और इंसान के लिए यह सबसे आवश्यक यंत्र बन चुका है। आपको यह पता है कि टेलीविजन पहले से ज्यादा बेहतर बन चुका है और आने वाले समय में और ज्यादा बेहतर बन जाएगा।

इसलिए हम यह कह सकते हैं कि टेलीविजन का आविष्कार रोजाना हो रहा है। मतलब अभी भी बहुत सारे वैज्ञानिक टेलीविजन को और ज्यादा बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अगर हम सबसे पहला टेलीविजन का मॉडल की बात करें कि आखिर सबसे पहले टेलीविजन का मॉडल किसने दिया था।

हम आपको बता देना चाहते हैं कि टेलीविजन का आविष्कार जॉन लोगी बेयर्ड 1925 में सबसे पहले किया था, जिसमें उन्होंने लंदन में दूर प्रकाशित हो रही किसी घटना का टीवी पर सीधा लाइव शो दिखाया था। सबसे पहले टेलीविजन एक ब्लैक एंड वाइट मैकेनिकल मॉडल था, जिसके बाद इसमें बहुत सारे परिवर्तन किए गए।

1925 में बनाए गए इस मैकेनिकल टेलीविजन को जॉन के सहयोग से 1927 में इलेक्ट्रॉनिक टेलीविजन में बदल दिया गया, जो बिजली से कार्य करता था। इलेक्ट्रॉनिक टेलीविजन बनाने में सबसे बड़ा योगदान फिलो फार्न्सवर्थ का रहा। टेलीविजन का इस्तेमाल 3 सितंबर 1928 में सबसे पहली बार किया गया, जहां बिजली के माध्यम से दूर हो रही किसी घटना को टीवी के माध्यम से लोगों को दिखाया गया है। जिसने हर किसी को चौंका कर रख दिया।

भारत में टेलीविजन का सबसे पहली बार इस्तेमाल 15 सितंबर 1959 को किया गया। उस समय के राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने टेलीविजन का पहला चित्रण दिल्ली के आकाशवाणी भवन में किया। यह वह दौर था जब पहली बार भारत में टीवी आया वहां से धीरे-धीरे बढ़ते हुए आज टीवी लोगों के लगभग हर घर तक पहुंच चुका है।

भारत में टेलीविजन का सफर

आज भारत के हर घर में आपको एक टेलीविजन देखने को मिल जाएगा, जिसे दिन रात सुबह शाम लोग देखते रहते हैं। टेलीविजन मनोरंजन का सबसे बेहतरीन पात्र है। मगर भारत में इसे सबसे पहले 1959 में लाया गया था। मद्रास में एक प्रदर्शनी के दौरान टेलीविजन रखा था और दूर-दूर से लोग इसे देखने के लिए आते थे।

अगर हम भारत में सबसे पहले टीवी के निजी उपयोग के बारे में बात करें तो कोलकाता के एक परिवार के द्वारा सबसे पहले टेलीविजन का इस्तेमाल किया गया था।

1959 में टेलीविजन को भारत में इस्तेमाल करना शुरू किया गया। दिल्ली में इसका एक ऑफिस बनाया गया और टेलीविजन को उस दौर में हफ्ते में 2 दिन एक 1 घंटे के लिए प्रसारित किया जाता था। सबसे पहले टेलीविजन को रेडियो से जोड़कर चलाया जाता था। उस वक्त टेलीविजन पर हफ्ते में 2 दिन 1 घंटे का शो आता था, जिसमें पहले दिन कृषि के संबंधित जानकारी दी जाती थी और दूसरे दिन स्कूल के बच्चों के लिए शिक्षण का कार्य होता था।

1976 वह पहला समय था जब ऑल इंडिया रेडियो से दूरदर्शन को अलग किया गया और उसे एक टीवी चैनल के रूप में टेलीविजन पर दिखाना करना शुरू किया गया। उस समय भी दूरदर्शन पर कृषि, पढ़ाई, लिखाई और रेडियो पर चलने वाले न्यूज़ को ही दिखाया जाता था हालांकि भारत में इसके ऊपर गहन अध्ययन चल रहा था।

आखिरकार 1982 को समय आया, जब भारत ने अपना एक इनसेट 1A सैटेलाइट लॉन्च किया गया। इसका प्रारंभ एशियाई खेलों के साथ हुआ, जिसमें दूरदर्शन पर सबसे पहली बार न्यूज़ और कृषि जैसी पुरानी चीजों के अलावा अगर कुछ दिखाया गया तो वह अंतरराष्ट्रीय एशियाई खेलों का लाइव प्रसारण था।

लोगों ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे खेल को अपने घर में बैठकर देखा और अलग-अलग तरह के व्यापारी टेलीविजन बेचने और उसका ट्रांसमीटर लगाने के लिए सामने आए। बस यही वह दौर था, जिस समय भारत भर में टेलीविजन ने अपना जाल बुन दिया।

80 के दशक में शुरू हुआ रामायण, महाभारत, हमलोग और बुनियाद जैसे धारावाहिक भारत पर गहरा असर डाला मनोरंजन का नजरिया ही हर किसी के लिए बदल गया।

1997 में प्रसार भारती की स्थापना हुई, जिसमें दूरदर्शन अपने 30 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चैनल के साथ अलग-अलग भाषा में न्यूज़ दिखाने का कार्य शुरू किया। यह वही दौर था जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारत ने यह ऐलान किया कि जिस वायु तरंगों के आधार पर टीवी पर अलग-अलग तरह की चीजों को दिखाया जाता है।

उस पर किसी एक का अधिकार नहीं होगा और उस समय चैनल बनाने की होड़ शुरू हुई। टीवी पर अपना चैनल लाने के लिए सबसे पहले स्टार नेटवर्क या सेटेलाइट टेलीविजन एशिया रीजन आगे गया। उसके बाद जी नेटवर्क की शुरुआत हुई स्टार नेटवर्क और जी नेटवर्क ने आपस में गठबंधन किया।

फिर तो जैसे टीवी पर चैनलों की बाढ़ आ गई। आज टीवी पर हजार से ज्यादा सरकारी, निजी, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चैनल मौजूद है जिस पर अपनी मनचाही चीजें देख सकते है।

निष्कर्ष

आज के लेख में हमने आपको यह बताने का प्रयास किया कि टेलीविजन का आविष्कार किसने किया ?और कैसे टेलीविजन भारत में आया और किस तरह टेलीविजन ने धीरे-धीरे हर किसी को अपना दीवाना बना दिया।

आज जिस टेलीविजन पर हम अपना दिन का अधिकतर समय बिताते हैं उसका आविष्कार भारत में कैसे हुआ? इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी सरल शब्दों में इस लेख के माध्यम से देने का प्रयास किया गया है।

अगर इस लेख को पढ़ने के बाद आप यह समझ पाएं हैं कि टेलीविजन का आविष्कार किसने किया और टेलीविजन कैसे हर किसी के घर तक पहुंच पाया है, तो इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें साथ ही अपने सुझावों विचार या किसी भी प्रकार के प्रश्नों को कमेंट में पूछना ना भूलें।

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