स्वच्छ भारत अभियान पर कविता

Swachh Bharat Abhiyan Poem in Hindi: हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को गांधी जयंती के अवसर पर सम्पूर्ण देश को साफ़ और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की गई। इस स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और अपने आप पास की सफाई रखना है।

Swachh Bharat Abhiyan Poem in Hindi

यहां पर हम स्वच्छता अभियान कविताएं (Swachh Bharat Abhiyan Kavita) शेयर कर रहे हैं। आप इन कविताओं को अपने अनुसार उपयोग में ले सकते हैं।

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स्वच्छ भारत अभियान कविता – Swachh Bharat Abhiyan Poem in Hindi

स्वच्छता पर कविता

Poem on Swachh Bharat Abhiyan in Hindi

स्वच्छता को नहीं अपनाओगे
तो बीमारियां ही लाओगे
यह भारत घर तो अपना है
इसे स्वच्छ बनाने का हमारा सपना है
साफ़ सुथरा मेरा मन
देश मेरा सुंदर बने
स्वच्छता ही उन्नति का आधार है
यही जीवन का सार है
देश की धरोहर है सबका अधिकार
हमने सफाई अभियान को रखना है
हर दिन बरकरार
देश को मानकर घर है अपना
निर्मल स्वच्छ को बरकरार है रखना
यही है हमारे भारत का सपना
इस अभियान को बरकरार है रखना
देश में कूड़ा कर्कट का है अम्बार
हमें सब को मिलकर करना है
इसका सुधार हमें
सभी का ख्याल है रखना
यही मेरे भारत का है सपना
गंदगी को दूर भगाना है
भारत का मान बढ़ाना है
बापू गांधी जी के सपने
को पूरा कर दिखाना है
भारत स्वच्छ बनानां है।

Swachh Bharat Abhiyan Poem in Hindi

शहर-गली में चर्चा है,
स्वच्‍छ भारत अभियान की!
आओ बच्चों तुम्हें बताएं,
महत्ता कचरा दान की।
बिना प्रबंधन बीमारी,
फैले जो दुश्मन जान की।
उचित प्रबंधन खाद बनाता,
करता मदद किसान की।
शहर-गली में चर्चा है,
स्वच्‍छ भारत अभियान की!
कपड़े की झोली विकल्प है
पॉलीथिन की थैली की।
लहर चल रही सभी ओर अब,
मोदी के अभियान की!
शहर-गली में चर्चा है,
स्वच्‍छ भारत अभियान की!
शौचालय के लाभ समझना,
जरूरत हर इंसान की।
तुम्हारे कंधों पर निर्भर है,
सफलता इस अभियान की!
शहर-गली में चर्चा है,
स्वच्‍छ भारत अभियान की!
सफाई का जो रखें ध्यान
बिमारियों से बचती जान
ख्वाब से न कोई आगे बढ़ता
बस कर्मों से बनता महान,
इधर उधर न फैंक के कूड़ा
कूड़ेदान में हमें पहुँचाना है
भारत को स्वच्छ बनाना है
भारत को स्वच्छ बनाना है।
न फैंके नदियों में कूड़ा
न प्लास्टिक का उपयोग करें
कुदरत को नुक्सान न हो
ऐसी चीजों का उपभोग करें,
वातावरण को भी तो हमको
प्रदुषण मुक्त बनाना है
भारत को स्वच्छ बनाना है
भारत को स्वच्छ बनाना है।

स्वच्छ भारत का इरादा (स्वच्छ भारत अभियान गीत)

स्वच्छ भारत का इरादा,
इरादा कर लिया हमने देश से अपने ये वादा,
ये वादा कर लिया हमने।
स्वच्छ भारत का इरादा,
इरादा कर लिया हमने देश से अपने ये वादा,
ये वादा कर लिया हमने।
स्वच्छ भारत का इरादा कर लिया हमने,
देश से अपने ये वादा कर लिया हमने।
स्वच्छ भारत का इरादा,
इरादा कर लिया हमने देश से अपने ये वादा,
ये वादा कर लिया हमने।
हमसे निकलेगी स्वच्छता की एक नदी,
छल-छल-छल कल-कल-कल,
एक धुली सी जिंदगी।
स्वच्छता की ज्योत लेकर घर-घर जायेंगे,
साफ़ सुधरी रौशनी में सब नहायेंगे।
स्वच्छ भारत का इरादा,
इरादा कर लिया हमने देश से अपने ये वादा,
ये वादा कर लिया हमने।
हर गली अब उन्नति की राह जाएगी, (जाएगी..)
धूप आशा की आँगन-आँगन गायेंगी, (गायेंगी..)
स्वप्न गाँधी जी का अब साकार करना है,
स्वच्छता का देश में अब त्यौहार करना है।
खुद से ही करनी होगी शुरुआत,
बनाये स्वच्छ भारत साथ-साथ।
एक पवित्र से हवा बहेगी,
उज्ज्वल-उज्ज्वल हो भारत।
कोना-कोना निर्मल होगा,
विश्व कहेगा जय भारत।
जाग उठेंगे भाग्य हमारे,
स्वच्छ बनेगा ये भारत।
जाग उठेंगे भाग्य हमारे,
स्वच्छ बनेगा ये भारत।
स्वच्छ भारत का इरादा,
इरादा कर लिया हमने देश से अपने ये वादा,
ये वादा कर लिया हमने।
ये वादा कर लिया हमने।
ये वादा कर लिया हमने।

Hindi Poem on Swachh Bharat Abhiyan

उठा लो झाड़ू, उठा लो पोंचा
पहुँचो जहाँ कोई भी न पहुंचा
कोई जगह न रहने पाए
हर जगह को हम चमकाएं,
सपना यही है बस अपना
स्वच्छता को अपनाना है
भारत को स्वच्छ बनाना है
भारत को स्वच्छ बनाना है।
उठा लो झाड़ू, उठा लो पोंचा
पहुँचो जहाँ कोई भी न पहुंचा
कोई जगह न रहने पाए
हर जगह को हम चमकाएं,
सपना यही है बस अपना
स्वच्छता को अपनाना है
भारत को स्वच्छ बनाना है
भारत को स्वच्छ बनाना है।

Poem on Cleanliness in Hindi

स्वच्छ होगा भारत सारा
स्वस्थ होगा देश हमारा
मिल जुल कर हम काम करेंगे
देश का ऊंचा नाम करेंगे
घर घर ख़ुशहाली होगी
रात नहीं कोई काली होगी
बेटा बेटी एक समान
फिर चमकेगा हिंदुस्तान
आयो मिलकर करें विचार
साफ़ सुथरा हो हमारा घर द्वार
शहर-गली में चर्चा है,
स्वच्‍छ भारत अभियान की!
आओ बच्चों तुम्हें बताएं,
महत्ता कचरा दान की।
बिना प्रबंधन बीमारी,
फैले जो दुश्मन जान की।
उचित प्रबंधन खाद बनाता,
करता मदद किसान की।
शहर-गली में चर्चा है,
स्वच्‍छ भारत अभियान की!
कपड़े की झोली विकल्प है
पॉलीथिन की थैली की।
लहर चल रही सभी ओर अब,
मोदी के अभियान की!
शहर-गली में चर्चा है,
स्वच्‍छ भारत अभियान की!
शौचालय के लाभ समझना,
जरूरत हर इंसान की।
तुम्हारे कंधों पर निर्भर है,
सफलता इस अभियान की!
शहर-गली में चर्चा है,
स्वच्‍छ भारत अभियान की!

गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल

स्वच्छ भारत अभियान गीत

देख देख देख तू यहाँ-वहाँ ना फेक
देख देख देख तू यहाँ-वहाँ ना फेक
देख फैलेगी बिमारी होगा सबका बुरा हाल
तो क्या करें भैया।

गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल
गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल

देख देख देख तू यहाँ-वहाँ ना फेक
देख फैलेगी बिमारी होगा सबका बुरा हाल
अरे तो क्या करें भैया।

गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल
गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल

सुन भैया, सुन बहना
मेरा है यह कहना
सब्जी के छिलके में
कतरन जो फल के में
घर मे पड़ी धूल डस्ट
हमको देता भारी कष्ट
पूजन के बाद बची, राख फूल-पाती में
कुछ चीज़ें सड़ी-गली बीमारी लाती है।

देख देख देख कचड़ा यूँ ना कहीं फेक
देख देख देख कचड़ा यूँ ना कहीं फेक
देख मान भी जा बात मेरी देख यूँ ना टाल
अरे तो का करे भईया।

गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल
गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल।

कागज के टुकड़े में, ये अपने दुखड़े में
प्लास्टिक बेकार पड़ी, यूँ ना पॉलिथीन रखो
घर मे डस्टबिन रखो, एक दो तीन रखो
कुछ सूखे, कुछ गीले अलग-अलग कचड़े रखो
टूटे कांच कील टीन अपने घर ना खतरे रखो।

देख देख देख कचड़ा यूँ ना कहीं फेक
देख देख देख कचड़ा यूँ ना कहीं फेक
देख खुद के तन की करना है
खुद को ही देखभाल
तो का करे भईया।

गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल
गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल

नाली में फेकोगे कचड़ा तो देखोगे
नाली हो गयी है जाम, बंद हुआ सारा काम
फैली है दुर्गंध, बदबू से नाक बंद
मच्छर भी पनपेंगे, फिर हमको काटेंगे
और फिर मलेरिया घर-घर मे बांटेगे।

देख देख देख कचरा यूँ ना कहीं फेक
देख देख देख कचरा यूँ ना कहीं फेक
देख आँचल फैलाया हूँ मैं कचड़ा लाके डाल
तो कहा फेके कचरा यार।

गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल
गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल

देख देख देख तू यहाँ-वहाँ ना फेक
देख देख देख तू यहाँ-वहाँ ना फेक
देख फैलेगी बिमारी होगा सबका बुरा हाल।

गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल
गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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