अध्यापक पर भाषण

Speech on Teacher in Hindi: शिक्षक मतलब अध्यापक, जिनका हमारे जीवन में एक विशेष महत्व होता है। यह हमें आदर्श नागरिक बनने की सीख देते हैं। इसी के साथ किताबी ज्ञान ही देते हैं। अध्यापक के जरिए हम बेहतर से बेहतर भविष्य बना सकते हैं और जिंदगी में ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं।

अगर अध्यापक ही नहीं हो तो हमें शिक्षा कहां से प्राप्त होगी, यह संभव ही नहीं है। अध्यापक के बिना आपको किसी भी प्रकार की शिक्षा नहीं मिल सकती है। आज इस शिक्षक दिवस के उपलक्ष में हम आपके सामने भाषण प्रस्तुत करने जा रहे हैं, जो आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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अध्यापक पर भाषण | Speech on Teacher in Hindi

अध्यापक पर भाषण (500 शब्द)

माननीय अतिथि गण, प्रधानाध्यापक जी, शिक्षक गण एवं मेरे प्यारे मित्रों। आप सभी को मेरा शुभ प्रभात। आज शिक्षक दिवस के उपलक्ष में मैं आपके सामने शिक्षक के बारे में भाषण प्रस्तुत करने जा रहा हूं। आशा करता हूं आप सभी ध्यान पूर्वक सुनेंगे और मेरा सहयोग करेंगे।

हमारे समाज का आधार शिक्षक होता है क्योंकि वह हमें हर प्रकार की शिक्षा देते हैं। राष्ट्रीय का भविष्य अगर बना है तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षक का होता है, क्योंकि छात्र छात्राओं को आदर्श नागरिक बनने के लिए शिक्षक ही प्रेरित करते हैं और उनका मार्गदर्शन भी करते हैं। शिक्षक की नौकरी एक ऐसी नौकरी होती है, जो जिम्मेदारी और चुनौतियों से भरी हुई होती है, क्योंकि हर एक छात्र समान नहीं होते हैं। उन्हें अलग-अलग छात्रों को अलग-अलग तरीके से पढ़ाना पड़ता है, इसके लिए वह कड़ी मेहनत करते हैं।

एक अच्छा शिक्षक वही होता है, जो अपनी नौकरी की जिम्मेदारी को अच्छी तरह से निभाता है। शिक्षक को हमेशा संवेदनशीलता से सिखाना होता है क्योंकि एक ही कक्षा में बहुत सारे छात्र छात्राएं होती हैं, जिन्हें एक ही शिक्षक संभालता है, और केवल वही शिक्षक संभाल सकता है जो सर्वश्रेष्ठ कौशल और ज्ञान से भरपूर होता है और वह इन्हीं का इस्तेमाल करके छात्र छात्राओं को संभालते हैं।

हर शिक्षक के पास बहुत सारे गुण होते हैं परंतु कुछ मुख्य गुण ऐसे होते हैं, जो उनमें होने ही चाहिए, जैसे कि उत्साह उत्साह और शिक्षक के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसके जरिए छात्रों को सीखने ज्ञान प्राप्त करने का एक मजेदार और सकारात्मक माहौल दे सकते हैं। जिसकी वजह से नई शिक्षण विधियों का जन्म होता है और बच्चों को पढ़ाई में रुचि आने लगती है। इसके पश्चात विद्यार्थियों के साथ बातचीत यह बहुत ही महत्वपूर्ण तथ्य है, हर शिक्षक को चाहिए कि वह अपनी छात्र-छात्राओं को अच्छी तरह से समझे और समझने के लिए रहे उनके साथ बातचीत करते रहे। एक सच्चा शिक्षक वही होता है जो छात्र और छात्रों को शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूप से अच्छी तरह से समझ सके।

शिक्षा के लिए विश्वास जो सबसे महत्वपूर्ण होता है। आज भी कई माता-पिता ऐसे होते हैं, जो पूर्ण रूप से शिक्षक पर विश्वास नहीं कर पाते हैं। जिसकी वजह से वह अपनी बेटियों को स्कूल पढ़ने नहीं भेजते हैं। ऐसे में उनके सामने एक ऐसे शिक्षक को पेश करना चाहिए, जिसकी वजह से वह अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए भेजें क्योंकि शिक्षण का पेशा एक ऐसा पेशा होता है, जिसमें बहुत ही सारी चुनौतियां होती हैं और उनका सामना शिक्षकों करना होता है।

अंत में में केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि शिक्षक हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। परंतु शिक्षक वही अच्छे होते हैं जो हर प्रकार से योग्य हो, इसी के साथ वह संवेदनशील भी हो और बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करने वाले हो बच्चों को अच्छी तरह से समझने वाले हो ऐसे शिक्षक ही हमेशा सफलता प्राप्त करते हैं।

धन्यवाद!

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अध्यापक पर भाषण (500 शब्द)

आदरणीय प्रधानाचार्य, महोदय अध्यापक, एवं अध्यापिकाएं और मेरे प्यारे मित्रों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। आज मैं आप सभी के समक्ष शिक्षक के बारे में विचार प्रस्तुत करने जा रहा हूं और आशा करता हूं आप सभी को मेरे विचार पसंद आएंगे।

मित्रों हम सभी विद्यार्थी हैं। हमसे बेहतर शिक्षक को कौन समझ पाएगा, उनके महत्व को कौन समझ पाएगा, शिक्षा का बहुत ही अधिक महत्व होता है। शिक्षक एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो अपने ज्ञान की ज्योति से सभी लोगों को प्रकाशित करता है, अपने ज्ञान के जरिए लोगों के मन के अहंकार को खत्म करता है।

शिक्षा हमारे जीवन की एक महत्वपूर्ण कड़ी होती है, जिसके जरिये हम असल मायने में जीवन के बारे में समझ सकते हैं। जैसा कि आप जानते हैं 5 सितंबर को डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे। और वह बहुत ही अच्छे शिक्षक भी थे, इसीलिए उन्होंने अपने जन्मदिन पर शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा जाहिर की थी और इसी के जरिए भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

जिस समय हम इस दुनिया में जन्म लेते हैं, उस समय हमें कुछ भी पता नहीं होता है। इसके बाद सबसे पहली शिक्षिका मारी मां होती है क्योंकि हमारे माता-पिता ही हमारे सबसे पहले शिक्षा कहलाते हैं, जो हमें हमारे जीवन से परिचित कराती हैं। हमारे सभी कार्य बताती हैं। दैनिक कार्यों को करने के लिए हम माता-पिता के जरिए ही सामर्थ्य हो पाते हैं।

माता पिता के जरिए ही हम बोलना, चलना सभी प्रकार के कामों को सीखते हैं, इसीलिए हमारी प्रथम गुरु हमारी माता ही होती हैं। इसके पश्चात बच्चा घर से निकलता है और उनका परिचय वहां पर शिक्षक से होता है, जिसके जरिए उन्हें आगे की शिक्षा मिलती है।

शिक्षक के पढ़ाने में एक ऐसी कला और एक ऐसी शैली होती है, जिसके जरिए वह हर विषय को बहुत ही रोचक बना देती है। जब बच्चे छोटे होते हैं, तो वह शुरू शुरू में स्कूल जाना नहीं पसंद करते हैं। परंतु उन्हें वहां पर अगर शिक्षक का प्यार मिलता है, तो उन्हें स्कूल से प्यार होने लगता है और वह रोज स्कूल जाने लगते हैं। स्कूल को वह अपना दूसरा घर मानने लगते हैं।

शिक्षा के द्वारा ही हम जीवन के असल मायने सीख पाते हैं और एक शिक्षक ही होते हैं, जो हमारा परिचय ईश्वर से भी कराते हैं। हिंदू धर्म एक ऐसा धर्म है, जिसमें गुरु को ईश्वर से ऊपर माना गया है। इसीलिए गुरु ही होता है, जो हमारा परिचय ईश्वर से करवाता है और गुरु की जरूरत हर किसी को जरूर होती है क्योंकि वह हमारा समय-समय पर मार्गदर्शन भी करते हैं।

हमारा जीवन का ज्यादातर समय स्कूल में ही निकल जाता है इसीलिए जब हम स्कूल छोड़ते हैं, तो सबसे ज्यादा शिक्षकों को याद करते हैं क्योंकि उनके द्वारा हमने बहुत ही कुछ सीखा हुआ होता है। जो हमें आगे भविष्य में बढ़ने के लिए प्रेरित भी करता है और प्रोत्साहित भी करता है।

अंत में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि हमें ऐसे शिक्षक को नमन करना चाहिए, जो हमारे लिए हमारे जीवन के लिए इतना सब कुछ करते हैं। हमारा भला सोचते हैं, हमारा भविष्य सवारते हैं और शिक्षक के बिना हम कुछ भी नहीं होते हैं। इसी के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं।

धन्यवाद!

निष्कर्ष

इस आर्टिकल के जरिए हमने आपको अध्यापक पर भाषण (Speech on Teacher in Hindi) दिया है। अगर आप किसी स्कूल या कॉलेज की छात्रा है और आपके स्कूल में शिक्षक दिवस पर कोई भी कार्यक्रम है, तो आप इस भाषण का इस्तेमाल कर सकते हैं यह आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

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