अनुशासन पर भाषण

Speech on Discipline in Hindi: अनुशासन हमारे जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। अनुशासन के बिना हम कोई भी कार्य पूरा नहीं कर सकते हैं।अनुशासन हमें बचपन से ही सिखाया जाता है, पहले हमारे माता-पिता के द्वारा, इसके पश्चात स्कूल में अध्यापक के द्वारा।अनुशासन के बिना हम किसी भी काम में सफल नहीं हो सकते हैं। अनुशासन के जरिए ही हम सभी काम को समय पर पूरा कर सकते हैं। इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अनुशासन पर भाषण के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके लिए मददगार साबित हो सकता है।

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अनुशासन पर भाषण | Speech on Discipline in Hindi

अनुशासन पर भाषण (500 शब्द)

माननीय अतिथि गण, प्रधानाचार्य जी, अध्यापक गण और मेरे प्यारे मित्रों, आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। आज मैं आपके सामने अनुशासन पर भाषण प्रस्तुत करने जा रही हूं, आशा करती हूं आप सभी मेरा सहयोग करेंगे।

जैसा कि आप सभी जानते हैं अनुशासन हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और सभी के लिए अनुशासन बहुत ही जरूरी होता है। अनुशासन का मतलब होता है, नियम का पालन या अनुसरण करना। एक अनुशासन ही होता है, जो मनुष्य को पशुओं से अलग बनाता है। इसी के साथ अनुशासन की वजह से ही मनुष्य समाज में रह सकता है। कहते हैं ना सफलता की चाबी अनुशासन ही होती है। हमारी प्रकृति भी सभी कार्य अनुशासन के द्वारा ही करती है, जैसे सूरज का उदय होना और अस्त होना इसीलिए। हमें अपनी प्रकृति से प्रेरणा लेनी चाहिए। अनुशासन के लिए कि अनुशासन में कैसे रहा जाता है और यह कितना जरूरी है।

अनुशासन बच्चों को शुरू से ही सिखाया जाता है, पहले माता-पिता के द्वारा इसके पश्चात स्कूल में अध्यापक के द्वारा। कुछ बच्चों में अनुशासन जन्मजात ही पाया जाता है परंतु कुछ बच्चों पर अनुशासन को जबरदस्ती थोपना पड़ता है। अनुशासन में अच्छा व्यवहार करना, समय का पालन करना, सभी की बात मानना, सब का सम्मान करना इत्यादि बातों को सम्मिलित किया जाता है। जो व्यक्ति अनुशासन में रहता है वह आत्म विश्वासी और आत्म निर्भर होता है।

अनुशासन का सबसे अधिक महत्व विद्यार्थी के जीवन में होता है क्योंकि अनुशासन के जरिए ही विद्यार्थी का विकास होता है। जो विद्यार्थी अनुशासन को अपने जीवन में उतारता है उसी को समाज में सम्मान लिखता है।

आज के समय में हर व्यक्ति उसी को पसंद करता है, जो अपने जीवन में अनुशासन का महत्व देता है। जो अपने समय का पाबंद होता है, समय पर सभी काम करता है और सफलता भी उनके कदम चूमती है। जो लोग अनुशासन में रहते हैं सभी चीजों पर अनुशासन में व्यवस्थित करते हैं, अनुशासन में चीजें व्यवस्थित करने से सभी मुश्किलें हल हो जाती हैं। जो व्यक्ति अनुशासन हीन होता है उनका जीवन पशुओं के समान माना जाता है।

मैं आपको इस बात का आश्वासन देना चाहती हूं कि अगर आप रोज अनुशासन का अभ्यास करेंगे और अपने लक्ष्य को पाने के लिए अनुशासन को अपनाएंगे तो आप अवश्य ही अपना लक्ष्य पा सकेंगे। इसके जरिए आप योजनाबद्ध रहेंगे। इसी के साथ एक स्वस्थ, सुखी जीवन पा सकेंगे और दूसरों के लिए आदर्श जीवन प्रस्तुत कर पाएंगे। इसीलिए हम सब को अपने जीवन में अनुशासन को बनाए रखना होगा। अगर आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो अनुशासन को अपने जीवन में बनाए रखें, इसी के साथ में अपने भाषण की समाप्ति करती हूं।

धन्यवाद!

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अनुशासन पर भाषण (500 शब्द)

 प्रिय साथियों, नमस्कार आप सभी को सुप्रभात, जैसा कि आप सभी को हमारे अध्यापक के द्वारा पता चला है, कि आज मैं अनुशासन पर भाषण देने जा रहा हूं, आशा करता हूं आप सभी मेरा सहयोग करेंगे।

अनुशासन जो हमारे जीवन के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। इस का सामान्य अर्थ होता है, नियम का पालन करना। अनुशासन एक ऐसी वस्तु होती है जो हमें नियंत्रण रखती है। क्या आपको पता है अनुशासन दो प्रकार का होता है पहला अनुशासन होता है प्रेरित करना और दूसरा अनुशासन होता है आत्म अनुशासन। आइए मैं आपको दोनों के बारे में बताता हूं।

सबसे पहले हम बात करते हैं प्रेरित अनुशासन। वह अनुशासन होता है जो हमें किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा सिखाया जाता है या कहीं हमें बाहर से प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए जैसे कि हम स्कूल में कुछ नियमों का पालन करते हैं और अनुशासन बनाए रखते हैं। उसे ही हम प्रेरित अनुशासन कहते हैं जैसे कि असेंबली के दौरान बात नहीं करना, कक्षा में टीचर के प्रवेश करते ही चुप हो जाना और उनकी बात को ध्यान पूर्वक सुनना। जो बाते हमें अध्यापक के द्वारा सिखाई जाती हैं, वही हमें नियम का पालन करना सिखाती हैं।

अब हम बात करते हैं आत्म अनुशासन के बारे में। आत्म अनुशासन उसे कहते हैं जो हम खुद के द्वारा सीखते हैं और हम अपने मन के मुताबिक की उस काम को करते हैं।

हम अपने लिए खुद के नियम तैयार करते हैं, जो हमें लगता है कि हम यह सही कर रहे हैं या यह चीज हमारे लिए बिल्कुल सही है, उसे हम अपने नियम के अनुसार ढाल लेते हैं। जैसे कि सप्ताह के सभी दिनों में हमें जल्दी उठना है, उसके पश्चात अध्ययन करना है, भगवान की पूजा करनी है, यह सब हम अपनी मर्जी से करते हैं। ऐसे ही आत्मानुशासन कहा जाता है, क्योंकि हम किसी के दबाव में आकर नहीं कर रहे हैं बल्कि अपनी खुशी से ही कर रहे हैं।

देखा जाए तो प्रेरित अनुशासन एक समूह में पालन करना होता है। इसे बनाए रखने के लिए लोग दूसरे लोगों से तुलना करते हैं।परंतु जो आत्मानुशासन होता है उसे हम खुद के लिए बनाते हैं। इसमें हमें किसी भी प्रकार की प्रेरणा या समर्थन की जरूरत नहीं होती है क्योंकि इसमें हम किसी के दबाव में नहीं है बल्कि अपनी खुशी से ही सब काम करते हैं।

हमारे जीवन में दोनों ही प्रकार का अनुशासन बहुत ही जरूरी है क्योंकि अनुशासन सफलता की कुंजी होती है। अगर हम अनुशासन में बने रहेंगे तो अपनी सफलता अपने लक्ष्य को जरूर प्राप्त कर सकेंगे क्योंकि इसके जरिए हमारा ध्यान एकाग्र रहता है।

अनुशासन के जरिए हम अपने मन और शरीर दोनों को ही स्वस्थ रख सकते हैं।अनुशासन के जरिए हमारे विचार हमेशा सकारात्मक रहते हैं।अनुशासन हमारे पेशेवर जीवन में, पढ़ाई के जीवन में, रिश्तो के जीवन में बहुत ही जरूरी है, इसीलिए हमारा जीवन अनुशासन के बिना बिल्कुल ही अधूरा है।

अनुशासन हमारे जीवन के प्रमुख तत्वों में से एक है हालांकि अनुशासन लोगों को बहुत ही मुश्किल लगता है। परंतु अनुशासन के बहुत ही अधिक फायदे होते हैं जिसके जरिए के हमें केवल सफलता और लाभ ही मिलते हैं। अनुशासन के बिना मनुष्य और पशु में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रह जाता है, इसीलिए हमें अपने जीवन में अनुशासन को बनाए रखना चाहिए।

अब मै अपनी वाणी को विराम देता हूं और आशा करता हूं, आप सभी अपने जीवन में अनुशासन को बनाए रखेंगे और अपने लक्ष्य को जरूर प्राप्त करेंगे।

धन्यवाद!

निष्कर्ष

आशा करते हैं अनुशासन पर भाषण ( Speech on Discipline in Hindi) आपको पसंद आया होगा और आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। इसे आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और अपने सभी साथियों की मदद करें और अनुशासन का पालन करें।

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