शिक्षा का उद्देश्य पर निबंध

Shiksha ka Uddeshay Par Nibandh: देश में वर्तमान समय में शिक्षा काफी बढ़ रही है। हर कोई इन्सान शिक्षा के प्रति जागरूक हो गया है। देश में शिक्षा को बढाना भी जरुरी है। आज के आर्टिकल में हम Shiksha ka Uddeshay Par Nibandh के बारे में बात करने वाले है।

Shiksha ka Uddeshay Par Nibandh
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शिक्षा का उद्देश्य पर निबंध | Shiksha ka Uddeshay Par Nibandh

शिक्षा का उद्देश्य पर निबंध (250 शब्दों में)

शिक्षा संस्कृति ज्ञानवर्धन का साधन होता है। सांस्कृतिक जीवन का सबसे  अच्छा माध्यम  होता है और चरित्र की निर्माता भी होता है, क्योंकि जीवनोपार्जन का यह द्वार होता है, जो अपनी क्षमताओं का पूर्ण रूप से उपयोग करते हुए जीवन जीने के कला के साथ व्यक्तिगत जीवन जीने की प्रथा को भी प्रदर्शित करता है। हमारे जीवन में शिक्षा का बहुत अधिक महत्व होता है। जब से इस धरती मे मानव सभ्यता का विकास हुआ है तब से भारत मे शिक्षा को बहुत अधिक महत्वपूर्ण मना जाता है और शिक्षा के बिना सबका जीवन अधूरा सा मना जाता है।

शिक्षा हम सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत जरूरी होती है। मनुष्य जन्म से ही सुख और शांति पाने की कोशिश मे लगा रहता है, किसी भी व्यक्ति की उन्नति और विकास के लिए उस व्यक्ति का शिक्षित होना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि शिक्षा के बिना प्रगति करना हर व्यक्ति के लिये असंभव होता है। शिक्षा के बिना कोई भी व्यक्ति अपने जीवन मे आगे बढ़ने की सोच तक नहीं सकता है। अगर जीवन मे कुछ करना है तो सबसे पहले उस व्यक्ति को शिक्षित होना बहुत ही जरूरी है।

मनुष्य अपने जीवन की उन्नति के लिए संसार के शुरुआत से ही वह प्रयत्नशील कर रहा होता है कि उसे पूर्ण  रूप से मानसिक शांति शिक्षा के जरिये ही प्राप्त की जा सकती है। शिक्षा के प्रभाव के कारण से ही कुछ स्थानों मे सामाजिक और नैतिक कार्यों की उन्नति आगे बढ़ाने मे काफ़ी मदद मिलती है।

शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति कुछ करने के काबिल बन सकता है और वह शिक्षा पूर्ण करके अपने जीवन में कुछ अच्छा करने के लिये सोच सकते है। शिक्षित व्यक्ति ही बड़े-बड़े कार्यालयों मे मंत्री, कैबिनेट और राजमंत्री का पद प्राप्त कर सकता है, क्योंकि बिना शिक्षा के कोई भी पद मिलना काफ़ी मुश्किल होता है।

शिक्षा का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि शिक्षा हमें सत्य के मार्ग पर चलने की सीख देती है और अच्छे कार्यों को करने के लिये गाँधी जी की तरह सत्य का मार्ग अपना कर शिक्षा को काफ़ी महत्व को समझना चाहिए और गांधी जी ने अपने देश के उन्नति और विकास के लिये सत्य के मार्ग पर चलकर अपने देश के लिये लड़ाई लड़े। जो व्यक्ति पढ़े-लिखें नहीं है, उनको शिक्षा के महत्व की कोई समझ नहीं है, इसलिए उनके जीवन मे शिक्षा का कोई विशेष महत्व नहीं रहता है। जो व्यक्ति शिक्षित होते है उनके जीवन मे शिक्षा का बहुत अधिक महत्व होता है। वास्तव मे मनना पड़ेगा, इंसान के जीवन का सबसे बड़ा गुरु शिक्षा को मानते है क्योंकि शिक्षा से बड़ा गुरु कोई नहीं होता है।

शिक्षा का उद्देश्य पर निबंध (850 शब्दों में)

प्रस्तावना

शिक्षा का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि अपने माता-पिता और बड़ों का आदर, सम्मान करना चाहिए। आज के समय में जो लोग शिक्षित है, वो लोग अपने जीवन मे सारी सुविधाये पाने के लिए सिर्फ शिक्षा का उपयोग करके जॉब करके पैसा कमानें की सोचते है। जबकि शिक्षा का मतलब सिर्फ पैसा कमाना नहीं होता है, बल्कि हमें शिक्षा के महत्व को समझाना और इंसान को इंसान की तरह समझना और एक-दूसरे के साथ आदर सम्मान के साथ उठना-बैठना, बातचीत करना चाहिए ताकि लोग देखे तो बोले कि वह पढ़ा-लिखा है, उसके पास बात करने की तमीज है।

शिक्षा का महत्व सभी के जीवन मे होता है, क्योंकि शिक्षा के बिना सभी का जीवन अधूरा है। आज के समय मे ज्यादातर पढ़े-लिखें नौजवान पढ़ाई-लिखाई तो पूरी कर लेते है, लेकिन उनको शिक्षा का कोई विशेष महत्व नहीं होता है। क्योंकि आज के ज़माने मे जो नौजवान पढ़े-लिखें रहते है, वह सिर्फ अंग्रेजी मे बोलना तो जानते है, लेकिन बोलना कहा है कैसे किसके सामने क्या बोलना उनको इस बात का जरा-सा भी अंदाजा नहीं होता है। इससे यह साबित होता है कि उनके पढ़ाई-लिखाई का कोई विशेष महत्व नहीं है।

शिक्षा क्या है?

शिक्षा प्राप्त करने के लिये हमें जरूरी नहीं है कि हम स्कूल, कॉलेज जाकर ही शिक्षा प्राप्त करे। क्योंकि हमारे प्रथम गुरु या शिक्षक हमारे खुद के माता-पिताजी होते है, क्योंकि बचपन मे बोलना, चलना सब कुछ हमारी माता सिखाती है। हर बच्चे के मुँह से पहला शब्द माँ ही बोलता है, माँ-बाप से बड़ा  शिक्षक कोई नहीं होता है।

विधार्थी जीवन मे शिक्षा का उद्देश्य

आज की प्रतिस्पर्धी के अनुसार दुनियाभर में शिक्षा का बहुत महत्व होता है, आज के समय में शिक्षा अच्छी जॉब पाने और सरकारी नौकरी के पद को हासिल करने का सबसे अच्छा माध्यम मना जाता। लेकिन शिक्षा का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि व्यक्ति को जीवन मे आगे बढ़ने का सही मार्ग होता है।

ऐसा बिल्कुल नही होता है कि डॉक्टर या इंजिनियर या अध्यापक बनने वाले ही विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। बल्कि अन्य क्षेत्र जैसे-खेल, संगीत, फिल्म किसी भी तरह के क्षेत्र में जाने वाले विद्यार्थी लगातार शिक्षा ग्रहण कर सकते है। इसमें जरूरी नहीं होता की केवल पढ़ने वाले विद्यार्थी ही शिक्षा ग्रहण कर सकते है। बल्कि इसमें खेल, कूद करने वाले विद्यार्थी भी पूरी तरह से शिक्षा ग्रहण करके शिक्षा को महत्वपूर्ण बनाते है।

यही शिक्षा उन्हें आगे चलकर अपने प्रोफेशन को बेहतर बनाने के लिये उनके अंदर आत्मविश्वास बढाती है। सभी देशों के सभी राज्यों के अपने-अपने शिक्षा के बोर्ड होते है, जो विशेष लक्ष्य की प्राप्ति के लिये अपने-अपने राज्य के साथ सभी विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करवाया जाता है और अंत में इतना ही कह सकते है कि अपने जीवन मे सब पढ़े और सब आगे बढे।

माता-पिता और बड़ो का आदर सम्मान करना

शिक्षा का मुख्य उद्देश्य  यह होता है कि हम अपने माता पिता और बड़ों का आदर सम्मान करना चाहिए। क्योंकि हम शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाते हैं, तो हमारी पढ़ाई में जो भी खर्च आता है। उसका खर्चा हमारे माता-पिता देते हैं और हमसे बहुत सारी उम्मीदे हमारे माता-पिता की जुड़ी हुई होती है। लेकिन पढ़ने वाले लोग शिक्षा के महत्व को नहीं समझते है क्योंकि उन्हीं लोगों को शिक्षित मना जायेगा।

क्योंकि हमारे अंदर पढ़ाई करने से बहुत सारे बदलाव देखने को मिलते है, जैसे – कुछ पढ़े लिखें लोग अपने माता-पिता की कोई बात नहीं मानते उनको कचरा समझते है। अगर बेटे की अच्छी नौकरी लग गई और उसकी शादी हो गई तो वह अपने पैसे के घमंड मे अपने पिताजी को जरूर भूल जायेगा। कभी ये नहीं सोचते की मेरी शिक्षा पूरी करवाने मे सारा खर्चा माता-पिताजी ने दिया, तब जा कर इतनी बड़ी नौकरी मिलती है। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमारे लिये शिक्षा से ले कर हमारी हर जरूरत की चीजो को पूरा करने मे हमेशा तैयार रहते है।

शिक्षा का महत्व

शिक्षा का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि हमें अपने माता-पिता के प्रति पूरी ईमानदारी के साथ व्यवहार करना चाहिये। और अपने परिवार के बड़ो बुजुर्गो के जो भी दिए हुये कामों को पूरी ईमानदारी के साथ करना चाहिये और शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना चाहिये। अपने देश के प्रति जो लोग शिक्षा का उल्लाघन करते है और बेईमानी के साथ रिश्वत लेते है। उनके प्रति हमें सख्त कार्यवाही करनी चाहिये तभी हम अपने देश को विकसित करवाने मे पूर्ण रूप से सफल होंगे।

पहले के समय मे लोग शिक्षा प्रणाली बहुत ही महंगी होती थी गरीब लोग 12वीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनके पास आगे पढ़ाई करने के लिये पैसे नहीं होते थे। इसी कारण से समाज के लोग गरीब और अमीर व्यक्तियों के बीच बहुत फर्क करते थे। क्योंकि जो अमीर होते थे और उच्च जाति के लोग होते थे वह अच्छे से शिक्षा प्राप्त करते थे, और जो गरीब और निम्न जाति के लोगों होते थे, वह बिना शिक्षा प्राप्त किये ही अपना जीवन व्यतीत करते थे। इसी कारण से जो लोग शिक्षित नहीं होते थे, वो लोग आज भी बेरोजगार बैठे हुये है, उनको ना नौकरी मिलती और ना ही शिक्षा के विषय मे कोई ज्ञान होता है।

उनको स्कूल या कालेज में शिक्षा ग्रहण करने की  कोई अनुमति नहीं थी। लेकिन आज के समय शिक्षा के क्षेत्र और विषय में काफ़ी हद तक बदलाव आया है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा काफ़ी नियम बनाये गये ताकि लोगों को पढ़ाई करने मे काफ़ी मदद मिलने लगी है। जैसे कि आज के समय मे स्कूल, कॉलेजो मे स्कालरशिप के माध्यम से पढ़ाई करने मे काफ़ी हद तक मदद मिलती है। यह भी सरकार द्वारा शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा होती है।

अपने जीवन मे सफलता पाने के लिये सभी को शिक्षा प्राप्त करना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण साधन शिक्षा ही होता है। शिक्षा हमारे अंदर के आत्म विश्वास को विकसित करने के साथ ही हमारे व्यक्तित्व पर सभी निर्णय लेने मे काफ़ी मदद मिलती है। स्कूली शिक्षा सभी के जीवन में बहुत अधिक महत्वपूर्ण होती है। पूरी शिक्षा तंत्र को प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च माध्यमिक शिक्षा आदि को तीन भागों में विभाजित किया जाता है।

निष्कर्ष

जीवन मे कुछ अच्छा करने के लिये हमें शिक्षित होना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि शिक्षा के बिना जीवन मे कुछ करने की सोच तक नही सकते है। सभी के जीवन मे शिक्षा का बहुत महत्वपूर्ण होता है।

विद्या एक ऐसा धन होता जिसे कोई चुरा नहीं सकता है और ना ही हमसे कोई छीन सकता है। शिक्षा एक ऐसा धन होता है, जिसको हम किसी को बाँट नहीं सकते है, इसका सिर्फ अपने जीवन मे उपयोग कर सकते है। क्योंकि शिक्षा हमें जीवन मे कुछ अच्छे मार्ग मे जाने की सलाह देता है और  समाज मे जो लोग शिक्षित होते है। उनको एक अलग ही तरीके से आदर सम्मान दिया जाता है। क्योंकि आज के समय मे शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है।

अंतिम शब्द

आज के आर्टिकल में हमने शिक्षा का उद्देश्य पर निबंध (Shiksha ka Uddeshay Par Nibandh) के बारे में बात की हैं। हमें उम्मीद है कि आप लोगों को हमारा आर्टिकल पसंद आया होगा। यदि किसी को हमारे आर्टिकल से जुड़ा कोई सवाल मन में है तो वह हमें कमेंट मे पूछ सकते है।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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