शैख सादी के अनमोल विचार

Sheikh Saadi Quotes in Hindi

Sheikh Saadi Quotes in Hindi
Sheikh Saadi Quotes in Hindi

Sheikh Saadi Quotes in Hindi | शैख सादी के अनमोल विचार

इंसान मुस्तक़बिल को सोच के अपना हाल ज़ाया करता है,
फिर मुस्तक़बिल मैं अपना माज़ी याद कर के रोता है।
मुस्तकबिल = भविष्य, माज़ी = भूतकाल, हाल = वर्तमान

जो अधिक धनाडय हैं
वही अधिक मोहताज है।

अत्याचारी से बढ़कर अभागा दूसरा
व्यक्ति कोई नहीँ है
क्योकी विपत्ति के समय
उसका कोई भी मित्र नहीँ होता |

इंसान दौलत कमाने के लिए अपनी सेहत खो देता है
और फिर सेहत को वापिस पाने के लिए अपनी दौलत खो देता है।
जीता ऐसे है जैसे कभी मरना ही नहीं है,
और मर जाता ऐसे है जैसे कभी जिया ही नहीं।

यदि राजा किसी ऐब को भी पसंद
करे तो वह हुनर हो जाता है।

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जिसे होश है
वह कभी घमंड नहीँ करता |

ताज्जुब की बात है अल्लाह अपनी
इतनी सारी मख्लूक़ में से मुझे नहीं भूलता
और मेरा तो एक ही अल्लाह है में उसे भूल जाता हूँ।

सुंदरता बिना शृंगार ही
के मन को मोहती है।

मैँ ईश्वर से डरता हूँ ईश्वर के बाद मुख्य
उससे डरता हूँ जो ईश्वर से नहीँ डरता |

आसमान पर निगाह ज़रूर रखो मगर ये
मत भूलो के पैर ज़मीन पर ही रखें जातें हैं।

जिसकी अस्ल खराब है
उस पर सज्जनों के सत्संग
का कुछ असर नहीं होता।

मनुष्य को चाहिए कि यदि दीवार पर
भी उपदेश लिखा हुआ
मिले तो उसे ग्रहण कर ले |

अगर तुम अल्लाह की इबादत नहीं कर
सकते तो गुनाह करना भी छोड़ दो।

*****

शत्रु को कभी दुर्बल
न समझना चाहिये।

जो नसीहत नहीँ सुनता उसे
लानत- मला मत सुनने का शौक है |

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भेड़िये का बच्चा
भेड़िया ही होता है।

यदि चिड़िया एका कर लेँ तो
शेर की भी खाल खींच सकती है |

दिन की रौशनी में रिज़्क़ तलाश करो,
रात को उसे तलाश करो
जो तुम्हें रिज़्क़ देता है।

लाला फल बाग़ में उगता है,
ख़स ज़ो घास है, ऊसर में।

चतुराई दरबारियोँ के लिए गुड हैँ
साधुओं के लिए दोष |

Sheikh Saadi Quotes in Hindi

अपने अखलाक को फूल जैसा बना लो कुछ
नहीं तो पास बैठने वाला खुशबू तो हांसिल करे.

धनी होना धन पर नहीं वरन् हृदय पर निर्भर है,
बड़प्पन अवस्था पर नहीं वरन् बुध्दि पर निर्भर है।

अगर इंसान सुख दुख की चिंता से ऊपर उठ जाए
तो आसमान की ऊंचाई भी उसके पैरोँ तले आ जाए
सेवा से सौभाग्य प्राप्त होता है |

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अगर चिड़ियों में इत्तिहाद हो जाये तो
वो शेर की भी खाल उतार सकती हैं.

ईष्यालु मनुष्य स्वयं ही ईष्या-अग्नि में
जला करता है। उसे और सताना व्यर्थ है।

****

जो भाग्य मेँ है वह दानशीलता अपनाता है
और दानशीलता से
ही आदमी भाग्यवान बनता है |

Sheikh Saadi Quotes in Hindi

मेरे पास वक़्त नहीं है उन लोगो से नफरत
करने का जो मुझसे नफरत करते हैं
क्यों की में मसरूफ रहता हूँ
उन लोगों में जो मुझ से मोहब्बत करते हैं.

दुख भोगने से सुख के
मूल्य का ज्ञान होता है।

जो व्यक्ति धनवान है
वही अधिक बहुत अधिक मोहताज है |

अगर तवक्कुल सीखना है तो परिंदों से सीखो
की जब वो शाम को अपने घरों में जाते हैं
तो उनकी चोंच में एक दाना भी नहीं हौता.

जब शरीर के किसी अंग में पीड़ा होती है
तो सारा शरीर व्याकुल हो जाता है।

यदि मनुष्य परोपकारी नहीँ है
तो उसमेँ और दीवार पर
खींचे चित्र मेँ क्या फर्क है |

किसी को अच्छे अमल से दिली ख़ुशी
देना हज़ार सजदे करने से बेहतर है.

जिसका लेखा साफ है
उसे हिसाब समझाने
वाले का क्या डर?

सब्र रखो, हर काम आसान
होने से पहले मुश्किल हौता है.

मित्र वही है
जो विपत्ति में काम आवे।

जो दूसरों के ग़म से ला-ताल्लुक है
इन्सान कहलाने का मुसतहिक़ नहीं.

तू बुराइयों से दूर रहे तो तेरा कोई कुछ
नहीं बिगाड़ सकता। धोबी केवल
मैले कपड़े को पत्थर पर पटकता है।

दुश्मन से हमेशा बचो और दोस्त से
उस वक़्त जब वो तुम्हारी तारीफ करने लगे.

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किसी जाति के एक आदमी से बुराई हो
जाती है तो सारी की सारी जाति बदनाम हो
जाती है। न छोटे की इज्जत रहती है न बड़े की।

अगर तुम चाहते हो की तुम्हारा नाम
बाकी रहे तो अपने बच्चों
को अखलाक सिखाओ.

मित्रों के साथ बन्दीगृह भी स्वर्ग है
पर दूसरों के साथ उपवन नरक समान है।

जाहिलों का तरीका यह है की जब उनकी
दलील मुकाबिल के आगे नहीं
चलती तो वो लड़ना शुरू कर देते हैं.

सन्मार्ग पर चलते हुए अगर लोग बुरा कहें तो
यह उससे अच्छा है कि कुमार्ग पर
चलते हुए लोग तुम्हारी प्रशंसा करें।

इससे तो खामोशी बेहतर है
की किसी को दिल की बात बताकर
फिर कहा जाये की “किसी से ना कहना”.

विपक्षी की बात
मिथ्या समझी जाती है।

*****

जो दुःख दे उसे छोड़ दो मगर
जिसे छोड़ दो उसे दुःख ना दो.

अगरचे इंसान को मुकद्दर से ज्यादा रिज्क
नहीं मिलता मगर रिज्क की
तलाश में सुस्ती नहीं करनी चाहिए

तेरा साथी जल्दी करता है
तो वह तेरा साथी नहीं है।

नादान इन्सान ढोल के मानिंद होता है
बुलंद आवाज़ हौता है
मगर अन्दर से खाली हौता है.

Sheikh Saadi Quotes in Hindi

पड़ोसी की सिफारिश से स्वर्ग
में जाना नरक में जाने के तुल्य है।

अपने हिस्से का काम किये बगैर दुआ पर
भरोसा करना हिमाकत है और अपनी
मेहनत पर भरोसा करके दुआ
से गुरेज़ करना तकब्बुर है.

यद्यपि भूखों कोई नहीं मरता,
ईश्‍वर सबकी सुधि लेता है, तथापि
बुध्दिमान आदमी का धर्म है
कि उसके लिए प्रयत्न करे।

आदमी के झूठा होने के लिए इतना ही काफी है
की वह हर सुनी सुनाई बात पर यकीन कर ले.

तृष्णा चतुर को भी
अंधा बना देती है।

बुरी सोहबत के दोस्तों से कांटे अच्छे हैं
जो सिर्फ एक बार ज़ख्म देते हैं।

निस्पृह मनुष्य का सिर
सदा ऊंचा रहता है।

जो दुख दे उसे छोड़ दो,
मगर जिसे छोड़ दो उसे दुःख ना दो।

दुर्जनों के साथ भलाई करना सज्जनों
के साथ बुराई करने के समान है।

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गांठ से धन
जाय लोग हंसें।

जब मुझे पता चला की मखमल के बिस्तर और
ज़मीन पर सोने वालों के ख्वाब एक जैसे
और क़बर भी एक जैसी होती है
तो मुझे अल्लाह के इंसाफ पर यकीन आ गया।

बड़ों का दोष
दिखाना दोष है।

खाक से बने इंसान में अगर खाक्सारी (विनम्रता)
ना हो तो उसका होना, ना होना बराबर है।

कौआ कभी हंस
नहीं हो सकता।

मौत और मोहब्बत दोनों ही बिन बुलाये मेहमान होते हैं,
फ़र्क़ सिर्फ इतना होता है की,
मोहब्बत दिल ले जाती है और मौत धड़कन।

गुरु की ताड़ना पिता
के प्यार से अच्छी है।

****

निराशावाद से कभी
युद्ध नहीं जीता जाता ।

दानियों के पास धन नहीं होता
और धनी दानी नहीं होते।

सब कुछ लुट जाने के बाद
भी भविष्य बाकी रहता है।

वृत्तिहीन मनुष्य का
चित्‍त स्थिर नहीं रहता।

अच्छी आदतों की मालिक नेक और पाकदामन
औरत किसी फ़क़ीर के घर में भी
हो तो उसे बादशाह बना देती है।

दीवार के भी कान होते हैं,
इसका ध्‍यान रख।

ख़ुदा एक दरवाजा बंद करने से पहले
दूसरा खोल देता है ,उसे आजमा कर देखो

स्वभाव की नीचता बरसों
में भी नहीं मालूम होती।

Sheikh Saadi Quotes in Hindi

अल्पाहार करने वाला आसानी से तकलीफों को
सहन कर लेता है। पर जिसने सिवाय शरीर पालने
के और कुछ किया ही नहीं, उस पर सख्ती
की जाती है तो वह मर जाता है।”

कस्तूरी की पहचान उसकी सुगन्धि
से होती है गान्धी के कहने से नहीं।

चरित्र-हीन मूर्ख-चरित्र-हीन विद्वान् से अच्छा है,
क्योंकि मूर्ख तो अन्धा होने के कारण पथभ्रष्ट हुआ,
पर विद्वान् दो आँखें रखते हुए भी कुएं में गिरा।

बहुत खानेवाले आदमी का
कभी आदर नहीं होता।

अपने पड़ौसी भिक्षुक से आग मत माँग,
उसकी चिमनी से जो धुँआ तू निकलता देखता है,
वह लौकिक आग का नहीं बल्कि उसके
हृदय में सुलगी हुई दुख की आग का है।

अपने पुराने कपड़े मंगनी
के कपड़ों से अच्छे हैं।

यदि तेरा मृत्यु-समय उपस्थित नहीं हुआ है
तो शेर या चीते के मुँह में पहुँच
कर भी तू जिन्दा रह सकता है।

दोनों को दे,
वर्ना छीनकर ले लेंगे।

जो दूसरे को देखकर जलता है,
उस पर जलने की जरूरत नहीं,
क्योंकि दाह-रूपी शत्रु उसके पीछे लग रहा है।
उससे शत्रुता करने की हमें फिर क्या जरूरत है।

अगर किसी की कड़वी बात नहीं
सुनना चाहे तो उसका मुंह मीठा कर।

कठोर और मूर्ख मधुमक्खी से कह दो
कि जो तू शहद नहीं देती तो डंक भी मत मार।

अगर चिउटियॉं एका कर लें,
तो शेर की खाल खींच सकती हैं।

जिसने लोगों को धोखा देने के लिए सफेद कपड़े पहिने हैं,
उसने अपना भाग्य काला किया है।
साँसारिक विषयों से हाथ को रोकना चाहिये।
आस्तीन छोटी हो या बड़ी एक ही बात है।

भाग्यहीन मनुष्य के गुण
भी काम नहीं आते।

अपने परिश्रम से जुटाया हुआ अन्न सिर का
और साग-रोटी से अच्छा है
जो गाँव के सरदार ने दी है।

जो आदमी तौलकर बात नहीं करता
उसे कठोर बातें सुननी पड़ती हैं।

विद्वान् की मूर्खों में वही दशा होती है
जो किसी सुन्दरी की अन्धों में और
धर्म-पुस्तक की नास्तिकों में।

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