नारी का महत्व पर निबंध

Nari ka Mahatva in Hindi Essay: वर्तमान समय में महिलाओं के साथ कई प्रकार के जिन्होंने अपराध बढ़ रहे हैं। महिलाओं का सम्मान देश में बहुत ही कम जगह पर किया जा रहा है। नारी का महत्व लोगों को समझ में नहीं आ रहा है। आज के इस आर्टिकल में हम नारी का महत्व पर निबंध पर जानकारी आप तक पहुंचाने वाले हैं।

Nari ka Mahatva in Hindi Essay
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इस निबंध में नारी का महत्व के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

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नारी का महत्व पर निबंध | Nari ka Mahatva in Hindi Essay

नारी का महत्व पर निबंध (250 शब्द)

जगत को आगे बढ़ाने में नारी जाति की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है। नारी जाति के बारे में लोगों के मन में गलत सोच को बाहर निकालना बहुत ही जरूरी है और नारी जाति के प्रति सभी लोगों को उनके महत्व के बारे में पता होना जरूरी है। वर्तमान समय में नारियां कई प्रकार के घरेलू शोषण और अपराध से जूझ रही है। हालांकि देश में वर्तमान में नारी की महत्वता को लेकर जनता काफी उजागर हुई है।

आज के समय की बात करें, तो आज का माहौल जिसमें नारी के महत्व को लेकर काफी बदलाव देखने को मिला है। पुराने समय में महिलाओं के साथ पूरी तरह से भेदभाव किया जाता था। महिलाओं को आगे बढ़ने से हर समय रोका जाता था। लेकिन वर्तमान में यह बदलाव काफी देखने को मिला है। जहां पर पुरुषों और महिलाओं में कोई भी भेदभाव ना करके दोनों को एक समान अधिकार करवाए जा रहे हैं।

नारी का महत्व हर किसी इंसान को पता होना चाहिए और जिस व्यक्ति को नारी के महत्व के बारे में जानकारी नहीं है।  उस व्यक्ति को इसके बारे में जागरूक रहना जरूरी है। क्योंकि नारी समाज को आगे बढ़ाने और समाज में अपनी मुख्य भूमिका निभाती है। नारी के बिना समाज की उत्पत्ति होना भी असंभव है।

समाज चलाने में भी नारी की अहम भूमिका होती है। नारी एक ऐसा प्राणी है, जो घर को बनाती है। नारी के बिना घर बनना भी असंभव है। नारी घर को बनाने के साथ-साथ अपने घर को चलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

नारी का महत्व पर निबंध (800 शब्द)

परिचय

आदिकाल से भारत में नारी को विशेष स्थान दिया गया हैं। हिंदू धर्म के ग्रंथों में नारी को एवं देवी के रूप मानकर के पूजा जाता था। हमारे साहित्य में नारी का गुणगान किया गया हैं। माना जाता है, कि जहा नारी का आदर होता हैं वहां देवताओं का वास होता हैं।

इस तरह ऐसे में नारी का स्थान सम्माननीय तथा पूजनीय था। नारी के बिना नर का अस्तित्व संभव नहीं हैं। समाज विश्व के इस आधी आबादी को नजरअंदाज करके कोई भी समाज विश्व आगे नहीं बढ़ सकता। नारी के प्रति हिनता तथा उसके निरादर की भावना समाज को गर्त की ओर ले जा रही हैं। प्राचीन काल से ही भारतीय समाज में नारी को उचित स्थान प्राप्त था।

प्राचीन काल में नारियों का महत्व

विदुषी महिलाओं में सीता, अनसूया ,सावित्री,गायत्री आदि महिलाओं का नाम आज भी बहुत ही ज्यादा सम्मान के साथ लिया जाता हैं। उस समय मैं पूजा से लेकर प्रत्येक कार्य में नारी की उपस्थिति को आवश्यक माना जाता था।

भारत में विदेशी आक्रमणों के बाद नारियों का महत्व

इसके बाद से ही नारी की स्थिति में गिरावट आई। नारी की दशा का यह सबसे भयानक दौर था। देवी के रूप में पूज्य स्त्री को भूल कर उपभोग की वस्तु समझा जाने लगा। भारत में विदेशी आक्रमणों के कारणों ने कुरूतियों ने जन्म दिया हैं। इसका सबसे बुरा असर स्त्री पर हुआ।

मध्य काल में नारियों का महत्व

एक स्वतंत्र पक्षी के पर काटने पर वह आश्रित जीवन जीने पर मजबूर हो जाता हैं। उसी प्रकार मध्य काल में नारी को पुरुष पर पूर्णतया आश्रित बना दिया। उसका जीवन पूर्णता  चारदीवारी में ही बंद कर दिया। पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता ने नारी को पुरुष के अनुचर रुप मे स्वीकार करने के लिए बाधित कर दिया। रानी लक्ष्मीबाई ,चांदबीबी  ऐसे नाम हैं जिन्होंने इस अधीनता को स्वीकार करने से मना किया तथा इसका विरोध किया।

21वीं सदी में नारी महत्व के बारे में

यह युग स्त्री की प्रगति और सम्मान व अधिकारो की प्राप्ति का युग हैं। आज की स्त्री ने संपूर्ण क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराया हैं। नारी  के अधिकार उसके द्वारा बराबरी के लिए लड़ी गई लड़ाई तथा संघर्ष का परिणाम हैं।इसके परिणामस्वरुप ही स्त्री पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र मे कार्य कर रही हैं। उसने अपने कौशल से यह साबित कर दिया कि वह पुरुष से कम नहीं हैं। वह अबला नहीं सबला हैं।

नारियों की वर्तमान स्थिति

वर्तमान में नारी की स्थिति में अभूतपूर्व बदलाव आया हैं। यह देश के सामाजिक विकास का परिचायक हैं। यदि इसी तरह से स्त्री पुरूष मिलकर लोगों के उत्थान के लिए कार्य करते रहें। तो इसमें कोई शक नहीं है, कि विश्व विकास के क्षेत्र में शिखर की ऊंचाई पर पहुंच जाएगा। वर्तमान में गांव मे महिलाओं की स्थिति-गावों मैं आज भी नारी शिक्षा का अभाव हैं। पुरूष प्रधान समाज मे आज भी उसे बांध रखा हैं।

महिलाओं के प्रति बढते अपराध

वर्तमान मे शहरों और गाँवो दोनों जगह स्त्रियों के साथ अपराध बढे हैं। बलात्कार,शोषण, मारपीट, घरेलू हिंसा आदि। इसकी रोकथाम हेतु भी बहुत सारे कठोर कानून भी बनाए गए हैं। बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी कुरितियां लम्बे समय से चली आ रही हैं। जिनके निवारण के लिए बहुत सारे कानून बनाकर प्रयास किए जा रहे हैं।

महिलाओं को शिक्षित करना

महिला का शिक्षित होना बहुत ही जरूरी है। देश के विकास को बढ़ाने के लिए महिलाओं को शिक्षित करना अनिवार्य है। हालांकि वर्तमान समय में देश भर में लड़कियों को शिक्षित करने से लेकर काफी जागरुकता फैली है। लेकिन पुराने समय में सिर्फ लड़कों को ही पढ़ाया जाता था। लड़कियों को पढ़ने की अनुमति नहीं मिलती थी। सरकार द्वारा कई प्रकार से महिला शिक्षा अभियान चलाया गया। जिसके पश्चात देश की जनता में थोड़ी बहुत ज्यादा रुकता अवश्य देखने को मिली है।

नारियों का सम्मान करना चाहिए

आप भी अक्सर देखा हुआ, कि महिलाओं के साथ कई प्रकार के घरेलू शोषण और अपराध दिन प्रतिदिन हो रहे हैं। महिलाओं के साथ हो रहे हैं। इन अपराध को देश में कम करना बहुत ही जरूरी है। एक कहावत मैं भी लिखा हुआ है, कि जहां पर नारियों की पूजा होती है। भगवान वहीं पर निवास करते हैं।

निष्कर्ष

वर्तमान मे स्री घर के कामों और अपने परिवार को संभालने के साथ-साथ बाहर भी काम कर रही हैं। पुरूष के साथ हर क्षेत्र मे कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र के विकास में अपना सहयोग दे रही हैं। स्त्री अपनी बुद्धि और कौशल से हर क्षेत्र मे प्रगति कर रही हैं और नई बुलंदियो को छू रही हैं।

अंतिम शब्द

आज का आर्टिकल जिसमें हमने नारी का महत्व पर निबंध ( Nari ka Mahatva in Hindi Essay) आपके सामने पेश किया है। हमें उम्मीद है, कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी। यदि किसी व्यक्ति को इस आर्टिकल से जुड़ा कोई भी सवाल या सुझाव है। तो वह हमें कमेंट के माध्यम से बता सकता है। हम आपके कमेंट का जवाब देने का जल्द से जल्द प्रयास करेंगे।

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