लिटिल रेड राइडिंग हुड की कहानी

Little Red Riding Hood Story in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके सामने लिटिल रेड राइडिंग हुड की कहानी लेकर आ रहे हैं। इस कहानी को यूरोप के एक मैग्जीन से लिया गया है। इस कहानी में बताया गया है कि एक नन्हीं बच्ची जो अपने नानी के घर मिलने के लिए जाती है। उसे रास्ते में एक भेड़िया मिलता है और वह किस प्रकार भेड़िए से अपनी जान बचती है। इस कहानी को आज भी बच्चों द्वारा काफी पसंद किया जाता है।

Little Red Riding Hood Story in Hindi
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लिटिल रेड राइडिंग हुड की कहानी | Little Red Riding Hood Story in Hindi

बहुत समय पहले की बात है। एक नदी के किनारे एक छोटा सा गांव था। उस गांव में एक नन्ही बच्ची और उसकी मां रहती थी। उस नन्ही बच्ची को गाँव वाले लिटिल रेड राइडिंग हुड नाम से बुलाते थे।

नदी के उस पार घना जंगल था। उसके पीछे उसकी नानी रहती थी। उसकी नानी ने पिछले जन्मदिन पर उसे एक लाल रंग का कोट दिया था। वह इतनी खुश थी, उस कोट को पाकर कि वह जहाँ जाती थी तो वह उस कोट को पहन के जाती थी। इसलिए उसका नाम ‘लिटिल रेड राइडिंग हुड’ पड़ गया था।

एक दिन रेड राइडिंग हुड की मां को पता चला कि उसकी नानी की तबीयत अधिक खराब है। उसने उसकी नानी के लिए गरम सूप बनाया और ताजा-ताजा खाना बनाकर रेड राइडिंग हुड को उसकी नानी के यहाँ जाने के लिए कह दिया।

रेड राइडिंग हुड नानी के घर जाने की बात सुनकर अत्यंत खुश हुई और वह झटपट तैयार होने लगी। उसने नानी द्वारा उसके जन्मदिन पर दिए गया कोर्ट जो उसका मनपसंद कोर्ट था, उसने उसी लाल कोट को पहना और नानी के घर के लिए रवाना हुई।

नानी के घर जाने से पहले उसकी मां ने उसे कुछ बातें बताई कहा, “बेटी यदि तुम्हें कोई रास्ते में अनजान व्यक्ति मिले तो उसे बिल्कुल बात मत करना और उसकी और देखना भी मत। यहां से तुम सीधे नानी के घर जाओगी और वापस लौट कर सीधे अपने घर आओगी।

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लिटिल रेड राइडिंग हुड ने अपनी मां से कहा “हां मां मैं बिल्कुल आपकी बात को समझ गई।” उसने अपनी मां को विश्वास दिलाते हुए कहा “मैं सीधा वापस घर ही आऊंगी।”

एक हाथ में सूप और एक हाथ में खाने का टिफिन लेकर लिटिल रेड राइडिंग हुड नानी के घर को हंसते गाते नाचते कूदते जा रही थी। रास्ते में उसे एक घना जंगल मिला, उसी घने जंगल से नानी के घर का रास्ता था। वह घने जंगल के रास्ते से जा रही थी।

झाड़ियों के पीछे एक भेड़िया बैठा हुआ था। उसने रेड राइडिंग हुड को देखा और पीछे से कहा “कहां जा रही हो बेटी।” लिटिल रेड राइडिंग हुड पीछे मुड़कर देखती। वह भेड़ियों को देखकर डर जाती है।

भेड़िए ने कहा, “डरो मत मैं तुम्हारा कोई नुकसान नहीं करूंगा, तुम तो कितनी प्यारी हो, कितनी अच्छी हो, मुझे तुमसे बात करने का मन हुआ, इसलिए मैंने तुमसे पूछा तुम कहां जा रही हो।”

लिटिल रेड राइडिंग हुड ने जवाब दिया “मैं अपनी बीमार नानी को सूप और खाना देने जा रही हूं।”

भेड़िए ने कहा तुम उनके लिए फूल क्यों नहीं लेकर जा रही हो। उन्हें फूल देखकर अत्यंत खुशी मिलेगी। यह सुनकर रेड राइडिंग हुड ने उनके लिए फूल लेने के लिये चली गयी।

इधर भेड़िए ने सोचा क्यों न इसकी नानी को पहले खाया जाए और वह उसकी नानी के घर पहुंच कर उसकी नानी को जिंदा निकल गया और नानी के जैसे कपड़े पहन कर वह उनके बिस्तर पर कंबल ओढ़ कर लेट गया।

रेड राइडिंग हुड जब नानी के घर पहुंचती है और नानी को आवाज देती है तब उसे जवाब नहीं मिलता। जब वह नानी के कमरे में जाती है तो नानी बिस्तर पर लेटी हुई होती हैं।

परंतु रेड राइडिंग हुड को क्या पता कि वह नानी नहीं एक भेड़िया है। उसने नानी से कहा, “मैं आपके लिए सूप और खाना लेकर आई हूं।”

नानी के बिस्तर पर लेटा भेड़िए ने जवाब दिया मेज पर रख दो। रेड राइडिंग हुड नानी की आवाज सुनकर काफी आश्चर्यचकित हुई। उन्होंने नानी से पूछा नानी आपकी आवाज को क्या हुआ?

नानी ने जवाब दिया, “तबीयत की वजह से गला बैठ गया।”

रेड राइडिंग हुड जैसे ही मेज के पास खाना रखने के लिए जाती है, उसने देखा नानी का चेहरा कितना बड़ा है, उसने पूछा नानी आपका चेहरा इतना बड़ा क्यों?

भेड़िए ने अपने ऊपर से कंबल हटाते हुए कहा “तुम्हें खाने के लिए।”

रेड राइडिंग हुड डर जाती है और जोर से चिल्लाती है। लेकिन भेड़िया उसे निगल जाता है और उसका पेट भर जाने के कारण उसे काफी सुस्ती महसूस होती है और वह वही बिस्तर पर लेट जाता है। उसे कुछ ही देर में नींद आ जाती है और वह गहरी नींद में सो जाता है।

पास के जंगल में एक लकड़हारा लकड़ियां काट रहा था, उसने रेड राइडिंग हुड की चिल्लाने की आवाज सुन ली थी। उसने सोचा चल कर देखा जाए और जब वह रेड राइडिंग हुड के नानी के घर आकर देखता है तो भेड़िए का पेट देखकर वह सब समझ जाता है, उसके पास एक कुल्हाड़ी थी। उसने धीरे से भेड़िए के पेट को कटा।

भेड़िया इतनी गहरी नींद में होता है, उसे पता ही नहीं चलता और उसके पेट से रेड राइडिंग हुड और उसकी नानी को वह लकड़हारा निकाल लेता है। उसकी नानी उसके पेट में कुछ पत्थर भर के सिल देती हैं, वे दोनों छिप जाती हैं। जब भेड़िया नींद से उठता है तब उसे बहुत प्यास लगती है। उसे दर्द भी होता है लेकिन उसने सोचा शायद मैंने ज्यादा खा लिया है, इसलिए मुझे दर्द महसूस हो रहा है।

वह नदी की ओर पानी पीने के लिए जाता है और वह नदी में पानी पीते पीते गिर जाता है। नदी गहरी होने की वजह से वह नदी से निकल नहीं पाता है। डूब कर मर जाता है।

लकड़हारा यह सब देख रहा था, उसने रेड राइडिंग हुड और उसकी नानी को भेड़िए की मरने की खबर सुनाई। रेड राइडिंग हुड और उसकी नानी अत्यंत खुश हुई।

इस प्रकार रेड राइडिंग हुड और उसकी नानी की जान बच पाई। रेड राइडिंग हुड ने निर्णय किया आज के बाद मैं हमेशा बड़ों की बात मानूंगी और उसका पालन भी करूंगी।

शिक्षा: इस बात से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा बड़ों की बात सुनना ही नहीं उसका पालन भी करना चाहिए।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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