कांता प्रसाद का जीवन परिचय

Kanta Prasad Biography in Hindi: बाबा का ढाबा इस शब्द को पहले कोई नहीं जनता था, लेकिन इस लोकडाउन ने बाबा का ढाबा को चार चाँद लगा दिये और बाबा का ढाबा दिल्ली में ही नहीं बल्कि इस ढाबे को अब पूरी दुनिया में जानते है।

Kanta Prasad Biography in Hindi
Image: Kanta Prasad Biography in Hindi

बाबा का ढाबा नाम से मशहूर हुए कांता प्रसाद आज उनके ढाबे के नाम से जाने जाते है। दिल्ली में है बाबा का ढाबा। एक बुजुर्ग पुरुष और महिला के द्वारा चलाया जाता है। जो सोशल मीडिया द्वारा वाइरल हुए एक वीडियो से पहचान में आये।

कांता प्रसाद का जीवन परिचय | Kanta Prasad Biography in Hindi

कांता प्रसाद कौन है?

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद से कांता प्रसाद (Kanta Prasad) फेमस हुए है। कांता प्रसाद दिल्ली के रहने वाले है, जिनका एक बाबा का ढाबा (Baba ka Dhaba) नाम से एक छोटा ढाबा चलाते है। कांता प्रसाद उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले है, इनकी शादी बहुत ही कम उम्र में हो गयी थी। 5 साल की उम्र में ही इनकी शादी कर दी गयी थी और उस समय इनकी पत्नी की उम्र मात्र 3 साल थी।

इनकी पत्नी का नाम बादामी देवी है और इनके दो बेटे और एक बेटी है, जो इनसे अलग रहते है। इनका ढाबा दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित है, जो हनुमान मंदिर के पास में है। बाबा का ढाबा लोगों की नजर में तब आया जब कोरोना चल रहा था, पिछले वर्ष इनका एक वीडियो वाइरल हुआ था, जिसके बाद इन्हे सभी लोग जानने लगे थे।

बाबा का ढाबा के पीछे की कहानी

बाबा का ढाबा लोकडाउन में चर्चा में आया, इसे सोशल मिडिया पर बहुत देखा गया। इसके पीछे गौरव नाम के एक यू-ट्यूबर का हाथ था। उन्होंने इनके ढाबे का एक वीडियो अपने चैनल के माध्यम से अपलोड किया था, जिसके बाद इनका यह वीडियो काफी वाइरल हुआ।

गौरव एक यू-ट्यूबर है जो कि यूट्यूब पर अपनी वीडियो बनाते है। इस यू-ट्यूबर ने बाबा का वीडियो भी बनाया और उसे अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो डाल दिया। इनका मकसद बाबा का ढाबा को लोगों की नजरों में लाना था। लोकडाउन की वजह से इनका ढाबा ठीक से चल नहीं पा रहा था, जिसके लिए उन्होंने इनका वीडियो बनाया था।

उसके बाद से इनका ढाबा अच्छी तरह से चलने लगा और यह पुरे इंडिया में फेमस हो गया। इनके वीडियो को बॉलीवुड सेलेब्रेटी, क्रिकेटर, नेता, यूटूबर्स और आम लोग ‘बाबा का ढाबा’ की मदद करने के लिए आगे आने लगे।

बाबा का ढाबा की शुरुआत

कांता प्रसाद ने इस ढाबे की शुरुरात 1988 से की गयी थी, यह ढाबा कांता प्रसाद और उनकी पत्नी चलाती है। उन्होंने इंटरव्यू में बताया था कि इसे काफी समय से हम दोनों चला रहे है और आज मेरी उम्र 80 वर्ष हो गयी है। यह ढाबा सुबह 6 बजे खोलते है और यहां पर आपको सब्जी और रोटी मिलती है।

इनका प्राइस भी मार्किट से काफी कम है। लेकिन उसके बाद भी यह ढाबा घाटे में चल रहा था और उनकी कमाई नहीं हो रही थी। जितना भी रोज खाना बनाते थे, वह बच जाया करता था। उनके घर की स्थति काफी खराब हो गयी थी, उनके के यहां खाने की भी समस्या आने लगी थी।

बच्चों द्वारा किसी तरह की मदद नहीं की जाती

कांता प्रसाद अकेले नहीं है, उनके दो बेटे और एक बेटी है। लेकिन वह अब उनके साथ नहीं रहते है और ना ही किसी तरह की मदद करते है। बेटी की शादी हो गई है लेकिन वह कांता प्रसाद के साथ ही रहती है। उनके पास उनकी 12 साल की नातिन भी रहती है, वह उसकी भी देखभाल करते है और उसे पढ़ाते है। वीडियो वाइरल होने के बाद से इनका ढाबा चलने लग गया है और अब उनकी कमाई भी पहले से बेहतर होती है।

बाबा का दूसरा ढाबा

जब इनका वीडियो वाइरल हुआ और उन्हें उनके ढाबे से अच्छा पैसा आने लगा, तब उन्होंने मालवीय नगर में ही एक नया रेस्टोरेंट खोल लिया था। रेस्टोरेंट काफी अच्छा था, जिसमें उन्होंने काम करने के लिए अन्य लोगों को भी रखा था। लेकिन इस ढाबे में इनकम कम होती थी और उसका खर्चा ज्यादा आ रहा था, जिसके कारण यह ढाबा अब बंद हो चूका है।

बाबा को सहायता के रूप में 40 लाख से ज्यादा रुपये मिले थे, लेकिन इस नए रेस्टोरेंट का खर्चा 1 लाख रुपये तक आ रहा था। जिसके कारण उन्हें इस ढाबे को बंद कर पुराने ढाबे पर जाना पड़ा था।

कांता प्रसाद ने आत्महत्या करने की कोशिश की

बाबा का ढाबा लोगों की नजर में तब आया जब कोरोना चल रहा था। लेकिन अब यह खबर आ रही है कि कांता प्रसाद ने आत्महत्या करने की कोशिश की। वे अभी दिल्ली में ही रह रहे थे। बताया जा रहा है कि बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद में अपने घर में करीब रात 10 बजे आत्महत्या करने की कोशिश की।

उन्होंने अधिक मात्रा में नींद की गोली खा ली, जिससे कारण उनकी तबियत ख़राब हो गयी और उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया था।

डॉक्टरों के मुताबिक बताया गया है कि अब कांता जी की हालत ठीक है, उनको अधिक नींद की गोली लेने से उनकी तबियत बिगड़ गयी थी। उनको अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने पुलिस को बुलाया और पुलिस केस बनाया। उसके बाद में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया और अब वह ठीक है और उनके घर भेज दिया गया है।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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