कल्पना चावला का जीवन परिचय

Kalpana Chawla Biography In Hindi: आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं भारत की ऐसी महिला के बारे में जिन्होंने अमेरिका से पढ़ाई की थी, परंतु उन्होंने भारत के नाम एक बहुत महान प्रसिद्धि को प्राप्त किया था। आज के इस लेख के माध्यम से हम बात करने वाले हैं पहली भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला जी के बारे में।

Kalpana Chawla Biography In Hindi
Kalpana Chawla Biography In Hindi

कल्पना चावला जी के बारे में हम अगर एक शब्द बताएं तो कल्पना चावला जी प्रथम ऐसी महिला थी जो कि अंतरिक्ष में गई थी। यदि आप कल्पना चावला जी के बारे में संपूर्ण जानकारी (Kalpana Chawla in Hindi) प्राप्त करना चाहते हैं तो यह यह लेख आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। क्योंकि इस लेख के माध्यम से हमने कल्पना चावला जी के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कराई है। आप कल्पना चावला जी के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लेख को अन्य तक जरूर पढ़ें।

कल्पना चावला जी का जीवन परिचय – Kalpana Chawla Biography In Hindi

कल्पना चावला की जीवनी एक नज़र में

नामकल्पना चावला
जन्म और स्थान1 जुलाई 1980, करनाल (हरियाणा)
पिता का नामबनारसी लाल चावला
माता का नामसंज्योती
पति का नामजीन पियरे हैरिसन (1983 में शादी)
शैक्षिक योग्यताएयरोनॉटिक इंजीनियर
मृत्यु1 फरवरी 2003
Biography of Kalpana Chawla In Hindi

कल्पना चावला जी कौन थी?

जैसा कि भारतवर्ष के सभी नागरिक यह अवश्य ही जानते है कि भारत की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला जी थी। कल्पना चावला जी को न केवल भारतवर्ष के नागरिक अपितु संपूर्ण विश्व के नागरिक जानते हैं। कल्पना चावला जी एक ऐसी महिला थी जिन्होंने भारतीय महिला होने के बावजूद भी अमेरिका के साथ मिलकर के अंतरिक्ष पर गई थी। यदि कहां जाए तो कल्पना चावला अंतरिक्ष शटल मिशन की विशेषज्ञ महिला थी।

कल्पना चावला संपूर्ण विश्व की वित्तीय अंतरिक्ष यात्री महिला थी और संपूर्ण भारत की पहली अंतरिक्ष यात्री महिला थी। कल्पना चावला जी कोलंबिया के अंतरिक्ष यान आपदा में मारे गए सात अंतरिक्ष यात्री के दल में से एक थीं। कल्पना चावला जी के प्रथम अंतरिक्ष उड़ान लाइव 19 नवंबर 1997 से 5 दिसंबर 1997 के मध्य एसटीएस 87 कोलंबिया शटल मिशन के दौरान संचालित किया गया था। हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कल्पना चावला वर्ष 2003 में 16 जनवरी को दूसरी उड़ान भरी थी। यह उड़ान भी कल्पना चावला ने स्पेस शटल कोलंबिया से शुरू की थी।

कल्पना चावला जी का जन्म

अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का जन्म 1 जुलाई 1980 को हरियाणा राज्य में स्थित एक छोटे से शहर करनाल में हुआ था। कल्पना चावला जी के पिता का नाम बनारसी लाल चावला और उनकी माता का नाम संज्योती था। कल्पना चावला जी के माता-पिता के एक बेटा और दो अन्य बेटियां थी। इनकी दोनों बेटियों के नाम सुनीता चावला और दीपा चावला था जबकि इनके भाई का नाम संजय चावला था।

आपको बता दे कि कल्पना चावला अपने सभी भाई बहनों में छोटी थी। इसी कारण कल्पना चावला को अपने माता पिता से काफी लाड प्यार मिलता था। कल्पना चावला बचपन से ही बहुत ही चंचल स्वभाव की थी, वह अपने चंचल स्वभाव के कारण किसी का भी मन मोह लेती थी। इसी कारण कल्पना चावला सबकी लाडली हुआ करती थीं।

कल्पना चावला जी की शिक्षा (Kalpana Chawla Education)

कल्पना चावला जी की प्रारंभिक शिक्षा करनाल के टैगोर पब्लिक स्कूल में हुई थी। कल्पना चावला जी ने अपने लक्ष्य का निर्धारण अपने बचपन के समय में ही कर लिया था। वह अपने प्रारंभिक समय से Aeronautic Engineer बनना चाहते थे। कल्पना चावला एयरोनॉटिक इंजीनियर बनने के साथ-साथ उन्होंने यह भी निर्धारित कर लिया था कि वह अंतरिक्ष यात्री भी बनेंगी और अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे।

कल्पना चावला ने अपने अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना संजोए रखा था। परंतु उसी के विपरीत कल्पना चावला जी के पिता का यह मानना था कि कल्पना चावला जी एक अध्यापक बने। देखे गए सपने को सच करने के लिए कल्पना चावला जी ने चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिक इंजीनियर की पढ़ाई को पूरा करने के लिए एडमिशन ले लिया। कल्पना चावला जी ने वर्ष 1982 में एयरोनॉटिक इंजीनियर की डिग्री को प्राप्त कर लिया।

एयरोनॉटिक इंजीनियर की डिग्री प्राप्त करने के बाद उसी वर्ष कल्पना चावला जी अमेरिका चली गई, उन्होंने अमेरिका में 1982 में आर्लिंगटन के टेक्सास विश्वविद्यालय में एयरोस्पेस इंजीनियर में मास्टर्स करने के लिए एडमिशन ले लिया। कल्पना चावला ने वर्ष 1984 में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के मास्टर की यह परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली।

कल्पना चावला ने अपने पढ़ाई के मध्य में ही वर्ष 1983 में जीन पियरे हैरिसन से विवाह भी कर लिया। जीन पियरे हैरिसनएक प्रसिद्ध उड़ान प्रशिक्षक और विमानन लेखक थे। कल्पना चावला ने वर्ष 1986 में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में दूसरा मास्टर भी पूरा कर लिया। कल्पना चावला जी ने इसके बाद कोल्लाइडों यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के विषय में PHD कर ली।

कल्पना चावला का करियर (Kalpana Chawla Career)

कल्पना चावला का कैरियर वर्ष 1988 ईस्वी में नासा के अमेश रिसर्च सेंटर से शुरू हुआ था। कल्पना चावला ने नासा के अमेश रिसर्च सेंटर से ओवरसेड्स मेथड्स इंक में उपाध्यक्ष के कार्य करना प्रारंभ कर दिया था। कल्पना चावला ने वहां वी/एसटीओल सीएफडी पर अनुसंधान किया था। कल्पना चावला जी ने हवाई जहाज के लाइसेंसों के लिए प्रमाणित उड़ान प्रशिक्षक का पद भी हासिल कर लिया था।

वर्ष 1911 में कल्पना चावला जी ने अमेरिका का मूल निवासी होने की नागरिकता को प्राप्त कर लिया था। इसके बाद कल्पना चावला ने मार्च 1995 में नासा एस्ट्रोनॉट कोर्स ज्वाइन कर लिया और उन्होंने सन 1996 में अपनी पहली उड़ान को अंजाम दिया। कल्पना चावला जी ने अपनी पहली अंतरिक्ष की उड़ान कोलंबिया में 19 नवंबर 1997 मे किया था।

इस अंतरिक्ष उड़ान के बाद कल्पना चावला साथ में अंतरिक्ष यात्रा करने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं और दूसरी भारतीय बनी। भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा थे, जिन्होंने सन् 1984 में अंतरिक्ष यात्रा की थी। ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि कल्पना चावला ने अपनी पहली अंतरिक्ष उड़ान में लगभग 10000000 मील की यात्रा की जो कि लगभग पृथ्वी के 252 चक्कर के बराबर होता है।

कल्पना चावला जी ने अपने जीवन का लगभग 272 घंटा अंतरिक्ष में ही बिताया था। कल्पना चावला जी को इस यात्रा में उन्हें स्पार्टन उपग्रह को स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, इस पर उपग्रह को कल्पना चावला ने ठीक तरीके से स्थापित तो कर दिया परंतु इस उपग्रह ने अपना कार्य स्वतंत्रता पूर्वक और ठीक तरीके से नहीं कर सका। इस खराबी का कारण कल्पना चावला को माना जा रहा था।

नासा द्वारा इस खराबी की जांच करने के लिए लगभग 5 महीने तक का समय लगा, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकला कि जहां गड़बड़ी हो रही है वह कल्पना चावला के द्वारा नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर इंटरफेस के द्वारा हुई थी। इसके बाद कल्पना चावला को अपने अंतरिक्ष यात्रा की गतिविधियों को पूरा करने के लिए बाद में एस्ट्रोनॉट कार्यालय के स्पेस स्टेशन पर कार्य करने की तकनीक की जिम्मेदारी सौंपी गई।

वर्ष 2002 में कल्पना चावला को उनके दूसरे अंतरिक्ष उड़ान के लिए चुना गया। इस बार भी कल्पना चावला ने कोलंबिया के ही अंतरिक्ष यान के द्वारा उड़ान भरा था, परंतु इस बार उनका अंतरिक्ष यान sts-107 था। अनेकों प्रकार की तकनीकी कारणों के कारण यह अभियान लगातार पीछे ही खिसकता आ रहा था और अंततः 16 जनवरी 2003 को कल्पना चावला ने कोलंबिया से अपने दूसरी उड़ान यात्रा की।

Kalpana Chawla Information in Hindi

कल्पना चावला जी को प्राप्त पुरस्कार

कल्पना चावला जी को उनकी प्राप्ति ख्याति के अनुसार उन्हें तीन प्रकार के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था जो कि यहां लिखित रूप से दर्शाए गए हैं।

  • कल्पना चावला जी को कांग्रेसनल अंतरिक्ष पादक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • कल्पना चावला जी नासा अंतरिक्ष उड़ान पादक के द्वारा भी सम्मानित की गई है।
  • कल्पना चावला जी को नासा विशिष्ट सेवा पदक का भी पुरस्कार प्राप्त है।

कल्पना चावला की मृत्यु (Kalpana Chawla Death)

भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला ने अपनी दूसरी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे दी। कल्पना चावला की दूसरी यात्रा उनकी अंतिम यात्रा साबित हो गई। कल्पना चावला अपने अनुसंधान को पूरा करके पृथ्वी की ओर वापस लौट रहे थे परंतु अंतरिक्ष यान में पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने से पहले ही उनका वायुयान टूट गया।

उनके वायुयान के टूट जाने के बाद देखते ही देखते उसी अंतरिक्ष यान में कल्पना चावला जी के साथ सवार सात अंतरिक्ष यात्री की मृत्यु हो गई। यह घटना न केवल कोलंबिया के लिए अपितु संपूर्ण विश्व के लिए बहुत ही दर्दनाक थी। यह घटना अंतरिक्ष से लगभग 16 दिनों की यात्रा करने के पश्चात लौटने के दौरान हुआ था। यह घटना पृथ्वी से लगभग 63 किलोमीटर की ऊंचाई पर हुआ था। अतः कल्पना चावला जी की मृत्यु 1 फरवरी वर्ष 2003 को हुई थी।

निष्कर्ष

आज के इस लेख “कल्पना चावला जी का जीवन परिचय (Kalpana Chawla Biography In Hindi)” के माध्यम से आपको कल्पना चावला के बारे में संपूर्ण जानकारी (Kalpana Chawla Information in Hindi) प्राप्त कराई है, साथ ही इस लेख के माध्यम से हमने आपको कल्पना चावला को प्राप्त पुरस्कार और सम्मान की तैयारी के बारे में भी संपूर्ण जानकारी दी है। उम्मीद करते हैं यह लेख आपको काफी पसंद आया होगा, इसे शेयर करें।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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