महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का जीवन परिचय

Biography of Albert Einstein in Hindi: आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको भौतिक विज्ञान के श्रेष्ठ भौतिक शास्त्रीय अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में बताने जा रहे हैं। Albert Einstein विश्व में माने जाने वाले प्रसिद्ध भौतिकशास्त्र वैज्ञानिकों में से एक हैं। Albert Einstein ने साधारण संबंध का (simple relative theory) को विकसित किया।

आज के इस लेख के माध्यम से हम इन्हीं महान भौतिक शास्त्र के वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे। ऐसा कहा जाता है कि अल्बर्ट आइंस्टीन बचपन से ही बहुत शरारती और कुछ पागल टाइप के थे। उनके बचपन की तुलना हम महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन के साथ कर सकते हैं।

Biography of Albert Einstein in Hindi
Biography of Albert Einstein in Hindi

इस लेख के माध्यम से हम आपको अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में संपूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक देने जा रहे हैं। यदि आप अल्बर्ट आइंस्टीन के जीवन परिचय (Albert Einstein In Hindi) के बारे में जानने के लिए इच्छुक हैं तो इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

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अल्बर्ट आइंस्टीन का जीवन परिचय | Biography of Albert Einstein in Hindi

अल्बर्ट आइंस्टीन जीवनी एक नज़र में

नामअल्बर्ट आइंस्टीन
अन्य नामवैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन
पिता का नाम
माता का नाम
जन्म तारीखवर्ष 1819 में मार्च माह के 14 तारीख
जन्म स्थानजर्मनी देश के उल्म नामक शहर में
पत्नी का नाममिलेवा मैरिक
उम्र
पताम्युनिक शहर
स्कूलम्युनिक शहर
कॉलेजफेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
शिक्षाGraduation
मृत्यु
भाषाEnglish, Japanees
नागरिकताJapanees
धर्मJapanian
जातिआइंस्टीन
Biography of Albert Einstein in Hindi

अल्बर्ट आइंस्टीन कौन थे?

हम ऐसे लगभग सभी लोग महान भौतिकी शास्त्र के वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में अवश्य ही जानते होंगे। Albert Einstein संपूर्ण विश्व में माने जाने वाले प्रसिद्ध theoretical physical science के महान वैज्ञानिक है। इनका नाम विज्ञान के दर्शनशास्त्र को प्रभावित करने में भी सर्वोच्च माना जाता है अर्थात इन्होंने दर्शनशास्त्र को विकसित करने के लिए अपना विशेष योगदान दिया है। अल्बर्ट आइंस्टीन इतने महान वैज्ञानिक थे कि इनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है।

Albert Einstein अपने जीवन में महत्वपूर्ण आविष्कार किए हैं जिसके कारण संपूर्ण विश्व को लाभ की प्राप्ति हुई है। अल्बर्ट आइंस्टीन के लगातार किए जाने वाले आविष्कारों के लिए उन्हें एक बार नोबेल पुरस्कार भी मिला था। अल्बर्ट आइंस्टीन ने इस मुकाम को अपने कड़ी मेहनत के साथ हासिल किया था। अल्बर्ट आइंस्टीन को एक अन्य विषय गणित में भी खास रूचि थी। उन्होंने भौतिक विज्ञान को सरल एवं सुगमता पूर्वक समझने के लिए बहुत से आविष्कारों को किया जो कि अब के समय में बहुत ही प्रेरणादायक है।

अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म कब और कब हुआ?

क्या आप जानते हैं अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म कब हुआ था? यदि नहीं पता तो आपको बता दे कि अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म वर्ष 1819 में मार्च माह के 14 तारीख को हुआ था। अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म जर्मनी देश के उल्म नामक शहर में हुआ था। इनका जन्म अल्म शहर में हुआ था परंतु इनका पालन-पोषण म्युनिक शहर में हुआ था अर्थात यह न्यूनीक नामक शहर में बड़े हुए थे।

लोगों का ऐसा मानना था कि अल्बर्ट आइंस्टीन अन्य बच्चों की अपेक्षा मानसिक रूप से विकलांग थे। इनकी रूचि पढ़ाई लिखाई में कम लगती थी और वेदना को अनुभव करना, कपास की सुई की दिशा इत्यादि में इनका मन बहुत लगता था।

अल्बर्ट आइंस्टीन की शिक्षा (Albert Einstein Education)

अल्बर्ट आइंस्टीन की प्रारंभिक शिक्षा म्युनिक नामक शहर में ही हुई थी। उनके अध्यापकों का यह मानना था कि अल्बर्ट आइंस्टीन मानसिक रूप से ग्रसित है और यह बचपन में पढ़ाई लिखाई करने में बहुत ही कमजोर थे। अल्बर्ट आइंस्टीन 9 वर्ष की उम्र तक तो बोलना ही नहीं जानते थे अर्थात अल्बर्ट आइंस्टीन नव वर्ष की उम्र तक बोलने में असमर्थ थे।

जैसा कि हमने बताया अल्बर्ट आइंस्टीन बचपन में खेलकूद इत्यादि में अधिक रूचि रखते थे तो ऐसे में इन्होंने 6 वर्ष की उम्र में सारंगी बजाना शुरू कर दिया और इन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में सदैव इसका उपयोग किया। इतना ही नहीं उन्होंने लगभग 12 वर्ष की उम्र में ज्यामिति की खोज की और उसका सजग प्रमाण भी निकाला। इन सभी खोजों के बाद जब वह मात्र 16 वर्ष के थे तब से ही उन्होंने गणित विषय के कठिन से कठिन प्रश्नों को भी हल किया, इन प्रश्नों को तो वे बहुत ही आसानी से हल कर लेते हैं।

Albert Einstein का मन पढ़ाई लिखाई में कम लगता था, उन्होंने अपनी द्वितीयक शिक्षा 16 वर्ष की उम्र में ही समाप्त कर दी। क्योंकि इनकी वजह से अन्य विद्यार्थी प्रभावित होते थे, इसी कारण इनके विद्यालय के अध्यापक ने इन्हें स्कूल से निकाल दिया। विद्यालय से स्थगित किए जाने के बाद किसी को बिना बताए उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय में एडमिशन करवाने के लिए योजना बनाने लगे।

कुछ समय बाद अल्बर्ट आइंस्टीन को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिक नामक शहर में फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी नामक विद्यालय में दाखिला लेने का अवसर प्राप्त हुआ, परंतु वे इस विद्यालय में दाखिल नहीं हो पाए। इस परीक्षा में निरस्त होने के बाद उनके अध्यापक द्वारा उन्हें सलाह दी गई कि उन्हें स्विट्जरलैंड के किसी अन्य विद्यालय से डिप्लोमा की डिग्री प्राप्त करनी होगी। तत्पश्चात उनका फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विद्यालय में दाखिला सन 1896 में स्वयं ही हो जाएगा।

स्विट्जरलैंड के औरों में स्थित एक विद्यालय कैंटोनल स्कूल से उन्होंने डिप्लोमा की डिग्री प्राप्त की और उनका एडमिशन फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विद्यालय में हो गया। अपने एडमिशन के बाद वह बहुत ही खुश हुए और उन्होंने सन उन्नीस सौ में फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अपने ग्रेजुएशन की परीक्षा को पास कर लिया, इसके बाद भी उनके अध्यापक उनके खिलाफ थे। उनके अध्यापकों का यह कहना था कि Albert Einstein यूजुअल यूनिवर्सिटी असिस्टेंटशिप के लिए योग्य नहीं है।

अल्बर्ट आइंस्टीन का विवाह

Albert Einstein ने फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन परीक्षा प्राप्त करने के लगभग 6 महीने बाद मिलेवा मैरिक नामक लड़की से विवाह कर लिया। उनकी पत्नी मिलेवा मैरिक उनकी ज्यूरिक विद्यालय में सहपाठी थी। मिलेवा मैरिक और अल्बर्ट आइंस्टीन के दो बेटे हुए, जब उनको पुत्र हुआ तब वह बर्न में ही थी। जिस समय उनकी उम्र 26 वर्ष की थी, उसी समय उन्होंने डॉक्टर की उपाधि प्राप्त कर ली और उन्होंने एक क्रांतिकारी विज्ञान संबंधी दस्तावेज लिखा जो कि पहला क्रांतिकारी विज्ञान संबंधी दस्तावेज था।

अल्बर्ट आइंस्टीन के आविष्कार (Albert Einstein Inventions in Hindi)

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अल्बर्ट आइंस्टीन ने बहुत से अविष्कार किए हैं, जिनमें से उनके कुछ आविष्कार नीचे निम्नलिखित रुप से दर्शाए गए हैं।

E = MC square: आइंस्टीन ने द्रव्यमान और ऊर्जा के संबंध में एक समीकरण दिया जो कि उनका सबसे महत्वपूर्ण अविष्कार माना जाता है। उनके इस आविष्कार को द्रव्यमान ऊर्जा समीकरण या न्यूक्लियर एनर्जी कहते हैं।

आइंस्टीन का रेफ्रिजरेटर सिद्धांत: Albert Einstein ने रेफ्रिजरेटर सिद्धांत का आविष्कार किया, इस सिद्धांत के लिए उन्हें बहुत ही ख्याति प्राप्त हुई। आइंस्टीन ने एक रेफ्रिजरेटर का आविष्कार किया जिसमें अधिकतम जल अमोनिया ब्यूटेन और ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा का उपयोग हो सके। उन्होंने अनेकों प्रकार की गतिविधियों का ध्यान में रखते हुए इस रेफ्रिजरेटर का आविष्कार किया था।

आसमान का नीला होना: आसमान नीला क्यों होता है यह आइंस्टीन के द्वारा ही बताया गया था यह अल्बर्ट आइंस्टीन का एक सामान्य सा प्रमाण था कि आसमान का रंग नीला क्यों होता है? परंतु अल्बर्ट आइंस्टीन में इसके संबंध में अनेकों प्रकार की सिद्धांत प्रस्तुत किए हैं।

Theory of relativity: जैसा कि आपको बताया अल्बर्ट आइंस्टीन ने रिलेटिविटी थ्योरी को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया यह वही है जिसके अंतर्गत समय और गति के संबंध को दर्शाया गया है। अल्बर्ट आइंस्टीन ने ब्रह्मांड में प्रकाश की गति और प्रकृति के नियम के अनुसार को बताया।

महत्तम प्रोजेक्ट का सिद्धांत: Albert Einstein ने महत्तम प्रोजेक्ट थ्योरी को बताया। यह एक ऐसा अनुसंधान था, जो कि यूनाइटेड स्टेट आप अमेरिका का समर्थन करता था। Albert Einstein ने सन 1945 में परमाणु बम को प्रस्तावित किया। उसके बाद उन्होंने विश्व युद्ध के दौरान जापान में ही रहकर थे परमाणु बम को विनाश करना भी सीखा।

इन सभी खोजों के अलावा भी अल्बर्ट आइंस्टीन ने अनेकों प्रकार की खोज किए हैं। उनके उन खोजो मे से कुछ प्रसिद्ध खोज ऊपर दर्शाए गए हैं।

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अल्बर्ट आइंस्टीन को पुरस्कार (Albert Einstein Awards)

  • वर्ष 1921 में मत्तयूक्की मैडल
  • वर्ष 1921 में नॉबल पुरस्कार (भौतिकी)
  • वर्ष 1925 में कोपले मैडल
  • वर्ष 1929 में मैक्स प्लांक मैडल
  • वर्ष 1999 में शताब्दी टाइम पर्सन पुरस्कार

अल्बर्ट आइंस्टीन की मृत्यु (Albert Einstein Death)

जब हिटलर का जर्मनी में शासन आया तो यहूदी होने के कारण उन्हें जर्मनी को छोड़ना पड़ा। इसके बाद अल्बर्ट आइंस्टीन न्यजर्सी (अमेरिका) में रहने के लिए आ गये। न्यजर्सी में प्रिस्टन कॉलेज में काम करते हुए 18 अप्रैल 1955 को इनकी मृत्यु हो गई।

इन्होंने अपनी खोजो के द्वारा बेहद मुश्किल चीजों को बहुत आसान बना दिया और विज्ञान के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी क्रांति पैदा कर दी। उन्हें कई बार हार का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार को न अपनाकर इसका सामना किया और अपनी मेहनत को पूरी दुनिया के सामने ला दिया।

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अल्बर्ट आइंस्टीन का विचार (Albert Einstein Quotes in Hindi)

अल्बर्ट आइंस्टीन का यह मानना था कि किसी व्यक्ति को एक सफल व्यक्त बनने का प्रयास नहीं करना चाहिए बल्कि उसे मूल्यों पर चलने वाले इंसान के रूप में बनना चाहिए।

किसी भी इंसान को अपने जीवन में यह देखना चाहिए कि क्या है और क्या नहीं हमें उसे सुधारने के लिए क्या करना चाहिए।

अल्बर्ट आइंस्टीन का मानना था कि किसी भी प्रकार की समस्या को वहीं पर हल नहीं किया जा सकता जहां से वह समस्या उत्पन्न हुई है।

यदि हमें मानव जीवन को सुरक्षित रखना है तो सदैव नई चीजों के बारे में सोचना चाहिए।

Albert Einstein का यह भी मानना था कि किसी भी व्यक्ति से बिना सवाल जवाब किए, उसे सम्मान प्रदान करना यह सत्य के खिलाफ है।

उनका कहना था कि समुद्री जहाज किनारों पर ज्यादा सुरक्षित होती है, परंतु उनका आविष्कार किनारों पर खड़े रहने के लिए नहीं किया गया है।

अल्बर्ट आइंस्टीन के द्वारा यह भी कहा गया था कि दो चीजें अनंत होती हैं पहला ब्रह्मांड और दूसरा मनुष्य की मूर्खता।

यदि हम किसी भी कार्य प्रणाली को करने के सभी नियम जानते हैं तो वह कार्य हमसे बेहतर और कोई नहीं कर सकता।

निष्कर्ष

आज के इस लेख “महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टीन की जीवनी (Albert Einstein Biography In Hindi)” के माध्यम से हमने बताया कि अल्बर्ट आइंस्टीन कौन थे?, उनका जन्म कब हुआ था?, उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कहां से प्राप्त की और उनके विचार क्या थे? हम उम्मीद करते हैं आपको यह पसंद आया होगा इसे आगे अवश्य शेयर करें।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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