कछुआ क्या खाता है?, पूरी जानकारी

कछुआ एक ऐसा जलीय जीव है जो बड़े-बड़े महासागर, समुद्र, पानी एवं लोगों के घरों में निवास करता है। कछुए को घर में रखना धर्म शास्त्रों के अनुसार अत्यंत शुभ माना जाता है इसलिए लोग कछुए को घर में रखते हैं। लेकिन कछुए को घर में रखने वाले लोगों को इस बात की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए कि कछुआ क्या खाता है?

Kachua Kya Khata Hai

कछुए को स्वास्थ्य के लिए क्या-क्या खिलाना चाहिए? एवं कौन-कौन सा आहार कछुए को नहीं खिलाना चाहिए? इस बारे में पूरी जानकारी आज के इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताएंगे, तो चलिए शुरू करते हैं।

कछुआ क्या खाता है?, पूरी जानकारी

कछुआ एक अत्यंत प्राचीन जलीय जीव है। कछुआ लंबे समय तक जीवित रहने के लिए जाना जाता है। धर्म शास्त्रों में कछुए को अत्यंत शुभ माना जाता है इसलिए लोग कछुए को अपने घर में रखते हैं एवं कछुए का पालन करते हैं। इससे घर में सुख समृद्धि बनी रहती है और धन की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि लोग कछुए की आकृति वाली अंगूठियां अपने हाथ की अंगुलियों में पहनते हैं।

बचपन से ही हम कछुए से संबंधित कहानियां पढ़ते आए हैं। कछुए की अनेक सारी कहानियां, कविताएं और किस्से पढ़ने और सुनने को मिलते हैं। वर्तमान समय में धर्म को मानने वाले लोग घर में कछुए का पालन करते हैं। तो उन्हें कछुए के आहार के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। ताकि कछुआ स्वस्थ रहें और लंबे समय तक जीवित रहें।

कछुए के बारे में

धर्म शास्त्र और इतिहास के अनुसार कछुआ एक अत्यंत प्राचीन जलीय जीव है। कछुए का इतिहास लगभग 15 करोड से भी अधिक वर्षों का है। प्राचीन से प्राचीन धर्म ग्रंथ भी कछुए के होने का प्रमाण बताते हैं। कछुआ शांति से जीवन व्यतीत करता है। कछुए का जीवन अत्यधिक लंबा होता है।

आमतौर पर एक कछुआ 300 वर्ष की आयु प्राप्त करता है। कछुए छोटी आकृति के मध्यम और बड़ी आकृति का अलग-अलग होता हैं। दुनिया भर में कछुए की अनेक सारी प्रजातियां हैं, जिनमें से कुछ प्रजातियां लुप्त हो चुकी है।

इतिहासकारों में भी कछुए का इतिहास सदियों से बताया है। इतिहासकार कहते हैं कि कछुआ दुनिया का सबसे प्राचीन स्तनधारी जीव हैं, जो वर्तमान समय में भी दुनिया के प्रत्येक कोने में अलग-अलग प्रजातियों के साथ मौजूद है। हमारे सनातन धर्म के अनुसार कछुआ अत्यंत शुभ जलीय जीव है।

कछुए को देखना, कछुए को स्पर्श करना, कछुए को घर में रखना, कछुए का पालन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।‌ धर्म शास्त्र के अनुसार कछुए को घर में रखना सुख समृद्धि का संकेत होता है। जिनके घरों में कछुआ रहता है उनके घरों में धन की कभी भी कमी नहीं आती है।‌

कछुए को शांति का प्रतीक माना जाता है। कछुआ अपनी शांति से रहता है। किसी भी तरह का हल्ला या शोर-शराबा नहीं करता है। कछुए के शरीर के ऊपर कवच अत्यधिक कठोर होता है, जिसे बड़ा से बड़ा जानवर नहीं खा सकता। इसीलिए खतरे को देखते हुए कछुआ अपनी गर्दन और पैर को कवच के अंदर खींच लेता है, जिसके बाद कोई भी जानवरों से आसानी से हानि नहीं पहुंचा सकता।

कछुआ को दुनिया का सबसे प्राचीन स्तनधारी जीव माना गया है। कछुए का शरीर डिब्बे की तरह ढका हुआ होता है। कछुए के शरीर के ऊपर अत्यधिक कठोर कवच बना होता है, जो इसकी सदैव रक्षा करता है। कछुए के मुंह में दांत नहीं होते हैं। कछुआ रात के अंधेरे में भी आसानी से देख सकता है। आमतौर पर एक कछुआ 2 से 3 महीने तक बिना कुछ खाए रह सकता है।

कछुए के प्रकार

आमतौर पर कछुआ दो प्रकार का होता है। वैसे तो कछुए जल के अंदर ही रहते हैं, लेकिन एक तरह के कछुए गहरे समुद्र और बड़े-बड़े महासागरों में रहते हैं जबकि दूसरे को छुए छोटी आकृति के छोटे-छोटे समुद्र और जलाशयों में रहते हैं।

कछुआ को दो प्रकार से देखा जाता है। पहला- जलचर और दूसरा- नभचर। दोनों ही प्रकार के कछुए अलग अलग तरह का भोजन करते हैं। कछुआ को शाकाहारी और सर्वाहारी या फिर मांसाहारी भी कहते हैं क्योंकि समुद्र और कम पानी में रहने वाले कछुए सब तरह का खाना खाते हैं। जबकि कुछ कछुए शाकाहारी होते हैं।

बड़े-बड़े महासागर और समुद्रों में पाए जाने वाले कछुए का वजन 30 टन होता है। बड़े-बड़े समुद्र में रहने वाले कछुए की लंबाई 8 फुट से लेकर 10 फुट तक होती है, जबकि आमतौर पर छोटे समुद्र और जलाशयों में रहने वाले कछुए एक से 2 फीट के होते हैं और इनका वजन 2 किलो से लेकर 5 किलो और 10 किलो तक ही होता है।

अलग-अलग प्रजातियों के कछुए का अलग-अलग कलर होता है। आमतौर पर कछुआ 1 किलोमीटर की दूरी आधे घंटे में चलकर पार कर लेता है। संपूर्ण दुनिया में कछुए की 327 प्रजातियां मौजूद है।

कछुआ क्या खाता है?

कछुआ फल-सब्जियां एवं कीड़े-मकोड़े खाता है। शाकाहारी कछुआ केवल फल-सब्जियां एवं पानी वाली घास खाता है। जब भी मांसाहारी या सर्वाहारी कछुआ छोटे-छोटे जीव, कीड़े-मकोड़े, पतंगे, कीटनाशक एवं जलीय जीव खाता है। कछुए को कौन-कौनसा खाना खिलाना चाहिए, जिससे कछुआ स्वस्थ रहता है। तो आइए कछुए के आहार के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से प्राप्त करते हैं।

कछुआ किन सब्जियों को खाता है?

  • कलमी के पत्ते
  • गाजर
  • पालक के पत्ते
  • मटर के दाने
  • बटभरी के दाने
  • गाजर के पत्ते
  • मकई के दाने
  • मुली
  • चुकंदर
  • सलाद के पत्ते

कछुआ कौन-कौन से फूल खाता है?

  • पेटूनिया
  • गोरिया
  • लिली का फूल
  • सिंहपरनी का फूल

कछुआ कौन कौनसा फल खाता है?

  • केला
  • तरबूज
  • अंगूर
  • टमाटर
  • आम
  • स्टोबेरी
  • खरबूजा
  • खीरा
  • सेब

मांसाहारी कछुआ क्या खाता है?

  • अंडे
  • मकोड़े
  • झींगुर
  • घोंघा
  • पतिंग
  • तितल
  • केंचुआ
  • कॉकरो
  • कीड़ा

कछुए को खाने के लिए हरी सब्जियां, फलदार सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, फूलदार सब्जियां, फ्रूट एवं हरी घास खिला सकते हैं। इसके अलावा कीड़े-मकोड़े एवं जलिय छोटे-छोटे जिव भी कछुए को खाने के लिए दे सकते हैं। लेकिन कच्चा मांस एवं अनाज से बने हुए आहार कछुआ नहीं खाता है। इसलिए कछुए को वही खाना खिलाएं, जिसमें अत्यधिक प्रोटीन होता है एवं कछुए के खाने का आहार होता है।

कछुए के स्वास्थ्य के लिए उसके आहार पर ध्यान देना अत्यंत जरूरी है। यदि आपके कछुए ने कुछ दिनों से खाना नहीं खाया है, तो इस पर आपको चिंता नहीं करनी चाहिए। बल्कि कछुआ जिस तरह का खाना खाता है उसे कछुए के आगे रखना चाहिए। बता दें कि कछुआ 2 से 3 महीने तक बिना खाना खाए भी रह सकता है। इसीलिए कछुए को हर रोज खाना खिलाने की जरूरत नहीं है। कछुआ अपनी इच्छा के अनुसार भोजन करता है।

FAQ

कछुआ क्या खाता है?

कछुआ फल-सब्जियों के अलावा किडे-मकोड़े एवं छोटे-छोटे जलीय जीव खाता है।

कछुए की आयु कितनी होती है?

कछुआ 300 वर्षों तक जीवित रह सकता है, लेकिन कम से कम 100 वर्ष कछुए की न्यूनतम आयु होती है।

विश्व कछुआ दिवस कब मनाया जाता है?

पूरी दुनिया में 23 मई को कछुआ दिवस मनाया जाता है।

कछुए का इतिहास क्या है?

धर्म शास्त्र और वैज्ञानिकों के अनुसार कछुआ दुनिया का सबसे प्राचीन जलीय जीव हैं, इसे दुनिया का सबसे प्राचीन स्तनधारी जीव भी कहा गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार कछुए की उत्पत्ति मनुष्य से पूर्व हुई थी।

कछुआ क्या नहीं खाता है?

कछुआ कच्चा मांस और अनाज से बने पदार्थ नहीं खाता है।

निष्कर्ष

कछुआ क्या खाता है और क्या नहीं खाता है? इस विषय में पूरी जानकारी आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बता दी हैं। क्योंकि धर्म शास्त्रों के अनुसार कछुए को घर में रखना शुभ होता है। इसीलिए लोग कछुए को घर में रखते हैं। कछुआ का पालन करते हैं, लेकिन उन्हें कछुए के बारे में यह नहीं पता कि कछुआ क्या खाता है।

हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हुई होगी। यदि आपका इस आर्टिकल से संबंधित कोई भी प्रश्न है? तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं। हम पूरी कोशिश करेंगे कि जल्द से जल्द आपके द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे सकें।

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