कबड्डी पर निबंध

Kabaddi Essay in Hindi: कबड्डी भारत का काफी लोकप्रिय खेल है। कबड्डी का भारत में काफी अधिक महत्व है क्योंकि भारत के कुछ सबसे पुराने खेलों में इस खेल को गिना जाता है। साथ ही इसे ज्यादातर गांवों और छोटे शहरों में खेला जाता है।भारत में कई वर्षों से कबड्डी खेला जा रहा है।

आज कबड्डी एशिया के कुछ प्रसिद्ध खेलों में से एक माना जाता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस खेल को खेला जा रहा है।अगर आपको कबड्डी के ऊपर निबंध लिखना है तो आज के लेख में उसके बारे में हमने विस्तारपूर्वक जानकारी देने का प्रयास किया है। 

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कबड्डी पर निबंध | Kabaddi Essay in Hindi

कबड्डी पर निबंध (250 शब्द)

कबड्डी भारत के कुछ महत्वपूर्ण खेलों में एक माना जाता है। यह भारत के पुरानी परंपरा से संबंध रखता है। इस खेल का वर्णन हिंदू धर्म के पवित्र किताब महाभारत में भी किया गया है। भारत में यह खेल कितने भी लोगों के बीच खेला जा सकता है। बस सभी लोगों को दो बराबर टीम में बांट दें और एक खुले मैदान के टुकड़े को दो हिस्सों में बांट दें और इस खेल को शुरू किया जा सकता है। 

यह एक पुराना और सस्ता खेल है, जिसे खेलने के लिए किसी खास खेल उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती। इस खेल में दोनों प्रतिबंध ही एक दूसरे से अधिक अंक बनाने का प्रयास करते है और 40 मिनट के अंतराल में जिस टीम में सबसे अधिक अंक बनाए होते है वह जीत जाता है। इस खेल को न केवल भारत बल्कि एशिया के विभिन्न देशों में भी खेला जाता है। हर देश में इस खेल में कुछ छोटे-मोटे बदलाव किए गए है मगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल के नियम हर किसी के लिए एक समान रखे गए हैं। 

यह खेला हमें सिखाता है कि जीवन में न केवल शारीरिक बल बल्कि सही सूझबूझ का भी काफी अहम योगदान होता है। हम इस खेल को केवल शारीरिक बल के आधार पर नहीं जीत सकते ना ही केवल सूज–भुज के आधार पर जीता जा सकता है। इस खेल में आपको धैर्य और सही समय पर सही चल के साथ अपने सहयोगीयों का सही तरीके से साथ और आपका शारीरिक बल आपको विजेता बनाता है।

इस खेल का भारत में काफी अहम योगदान रहा है। भारत ने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चार स्वर्ण पदक जीते है जो बाकी किसी और देश के मुकाबले सबसे अधिक है।

कबड्डी पर निबंध (850 शब्द)

प्रस्तावना

कबड्डी विश्व के कुछ सबसे पुराने खेलों में से एक माना जाता है। इस खेल का जिक्र हिंदू सभ्यता के कुछ ग्रंथों में भी पाया गया है जिस बात से खोज कर्ताओं का अंदाजा है कि इस खेल को भारत में लगभग 4000 वर्ष पूर्व से खेला जा रहा है। अगर आप इस खेल की परिभाषा और खेल प्रणाली को अच्छे से समझेंगे तो आप इस बात का अंदाजा लगा सकते है कि आखिर हमारे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कितना महत्वपूर्ण है और कितनी सूज भुज से इस खेल को सभी के लिए तैयार किया गया है। 

भारत ने इस खेल के महत्व को पूरे विश्व के सामने ला कर रखा है और आज कबड्डी एक अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में जाना जा रहा है। ऐसा नहीं है कि कबड्डी केवल भारत में खेला जाता है बहुत सारी एशियाई देशों में यह खेल विभिन्न नाम से प्रचलित है। 

कबड्डी का खेल कैसे खेला जाता है?

अगर हम भारत में कबड्डी के खेल की बात करें तो यहां किसी मैदान के टुकड़े का जो हिस्सा कर दिया जाता है और दो-टीम बनाई जाती है जिसमें बराबर लोग होते है। पहले टीम का एक सदस्य दूसरे टीम के इलाके में जाता है और बिना अपनी सांस कड़े प्रतिबंध ही टीम के किसी भी व्यक्ति को छूकर वापस आने का कार्यभार संभालता है।

वही दूसरी ओर प्रतिबंधित टीम का यह कार्य होता है कि वह आए हुए व्यक्ति को बिना सांस छोड़ें जाने ना दें अगर टीम के लोग मिलकर उस व्यक्ति को दुबारा सांस लेने पर मजबूर कर देते है तो वह व्यक्ति आउट हो जाता है और सामने वाली टीम को अंक मिलते हैं।

जो व्यक्ति सामने वाले टीम के पाले में जाता है उसे रीडर कहते है और सामने वाली टीम के वह सदस्य जो इसे पकड़ने का प्रयास करते है उसे स्टंपर कहते है। रेडर को सामने वाली टीम के पाले में जाकर किसी व्यक्ति को छूकर वापस आने के लिए 1 मिनट का समय दिया जाता है अगर इस 1 मिनट में उसने सामने वाली टीम के किसी भी व्यक्ति को छूकर अपने घेरे में वापस आ जाता है।

उसने जिस व्यक्ति को छुआ होगा वह कुछ देर के लिए खेल से बाहर हो जाता है और रेडर के टीम को अंक मिलते है अगर प्रतिबंधी टीम के लोगों ने उस वक्ति को 1 मिनट तक अपने घेरे में पकड़ कर रख लिया तो वह व्यक्ति कुछ देर के लिए खेल से बाहर हो जाता है और उस टीम को अंक मिलता है। 

कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम

यह खेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरा अलग तरीके से खेला जाता है। जैसा कि हमने आपको बताया यह खेल विभिन्न देशों में विभिन्न नाम से प्रचलित है इस वजह से हर देश में कुछ छोटे-मोटे नियम में बदलाव किए गए है इस वजह से अंतरराष्ट्रीय खेल है ऐसा बनाया गया है कि सभी लोगों को यह खेल समझ में आए और सही से फैसला किया जा सके। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी का मैदान 13 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा होता है। इस मैदान के बिल्कुल बीचोबीच एक सीधी रेखा खींच कर मैदान को दो बराबर हिस्से में विभाजित किया जाता है और दोनों और 7-7 लोगों की टीम खड़ी कर दी जाती है। मैच के शुरुआत में टॉस किया जाता है टॉस जीतने वाली टीम कि किसी एक सदस्य को सामने वाले टीम के घेरे में जाने का मौका मिलता है। 

पुरुषों के लिए कबड्डी का खेल 40 मिनट का होता है जिसमें 20–20 मिनट के दो भाग होते है। प्रत्येक 20 मिनट के बाद 5 मिनट का ब्रेक मिलता है उस वक्त दोनों टीम के पालो को बदला जाता है। यह खेल बिना किसी खास खेल उपकरण के एक खुले मैदान में खेला जा सकता है और इसे खेलने में काफी आनंद आता है। 

कबड्डी के खेल का महत्व

अपने ऊपर यह समझा होगा कि कबड्डी का खेल किस तरह खेला जाता है आपको यह भी समझना चाहिए कि इस खेल को कई वर्षों पहले भारत में बनाया गया था। और इस खेल का महत्व इतना है कि रोजाना इस खेल को खेलने से ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होता है। 

इस खेल को जीतने के लिए सही समय में सही चाल, व्यक्ति की धैर्यता, शारीरिक बल और सही सूज बूज के साथ सभी टीम के साथ मिल कर काम करने के लिए आपने किस तरह का प्लान बनाया है यह सब एक साथ लगाना पड़ता है। याद रखें कबड्डी के खेल को ना केवल शारीरिक बल से जीता जा सकता है और ना ही केवल सूझबूझ से आपको अपने दिमाग और शरीर का सही तालमेल बैठाना होगा। 

यह खेल हमें सिखाता है कि जब हमें किसी से लड़ना होता है तो हमें अकेले जाना पड़ता है और जब मुसीबत हमारे पास आती है तो सब लोगों को मिलकर काम करना चाहिए। 

कबड्डी में भारत का योगदान

जैसा कि हमने आपको बताया भारत में कबड्डी का खेल कई वर्षों से खेला जा रहा है हिंदू धर्म के कई ग्रंथों में इस खेल का वर्णन भी किया गया है कुछ अध्ययन में यह पाया गया है कि कबड्डी भारत में तकरीबन 4000 सालों से खेला जा रहा है। भारत का इस खेल के प्रति एक अनोखा रिश्ता है आज भी कबड्डी को भारत के विभिन्न छोटे गांव, कस्बों के अलावा छोटे शहरों में भी बड़े मजे से खेला जाता है। 

भारत ने इस खेल के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हुए इस खेल को एशियाई खेलों में जगह दिलाई है। आज एशियाई खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल को खेला जाता है जिसमें विश्व के विभिन्न देश भाग लेते है भारत ने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चार स्वर्ण पदक जीतकर अपना नाम इस खेल में उच्च स्थान पर रखा है। 

निष्कर्ष

कबड्डी के खेल का अपना अलग ही मजा है। इस खेल को खेलने के साथ साथ देखने का आनंद कुछ और ही है। हमें इस प्राचीन खेल को विकसित करने की जरूर है, ताकि हम उसे क्रिकेट की तरह पॉपुलर बना सके।

अंतिम शब्द

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को कबड्डी पर निबंध (Kabaddi Essay in Hindi) पर जानकारी प्रदान की हुई है। अगर आपको कबड्डी पर प्रस्तुत किया गया यह निबंध अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें एवं अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर भी शेयर करना ना भूले।

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