हिन्दी दिवस पर निबन्ध व भाषण

Hindi Diwas Speech in Hindi & Essay: नमस्कार दोस्तों, आज हम यहां पर हिन्दी भाषा का महत्व बताते हुए आपके लिए हिंदी दिवस पर निबंध, हिंदी दिवस पर वृत्तांत लेखन और Hindi Diwas Speech in Hindi प्रस्तुत कर रहे हैं। इन सब से आपको कई प्रकार के हिन्दी दिवस पर भाषण और हिन्दी दिवस पर लेख लिखने में मदद मिलेगी।

यहां पर हम आपको Hindi Divas के बारे सभी जानकारी शेयर करेंगे। जैसे Hindi Divas ka Mahatv, हिन्दी दिवस क्यों मनाया जाता है और हिन्दी दिवस का उद्देश्य क्या है? इसके लिए हम 2 Hindi Diwas Par Nibandh (300 Words और 600 Words) और 3 Hindi Diwas par Bhashan शेयर करने जा रहे हैं।

यह हिन्दी दिवस निबन्ध (Hindi Diwas Essay in Hindi) बहुत ही आसान शब्दों में लिखे गये हैं। यह कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और उच्च कक्षा के विद्यार्थियों के मददगार साबित होगा।

Hindi Diwas Speech
Hindi Diwas Speech in Hindi

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हिन्दी दिवस पर भाषण – Hindi Diwas Speech in Hindi

हिन्दी दिवस पर स्पीच – 1

मेरे आदरणीय शिक्षकगण, प्यारे सहपाठियों और पधारे बुद्धिजीवियों मेरा सभी को वन्दन!

आज के इस हिन्दी दिवस के समारोह में शामिल होने और अपना समय हमारे लिए निकालने के लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं हम सभी यहां पर Hindi Diwas का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। हिन्दी दिवस हर साल 14 सितम्बर को मनाया जाता है। इस दिन हमारी हिन्दी भाषा का हम दिल से प्रचार-प्रसार करते हैं।

हिन्दी भाषा हर भारतीय की मातृभाषा है। हिन्दी भाषा केवल भारत में ही नहीं बोली जाती, यह पूरे विश्व में कई जगह पर बोली जाती है। हमारे देश में इस भाषा का एक विशेष महत्व है। हमें इसका महत्व समझना चाहिए और इसका अधिक प्रयोग करना चाहिए। लेकिन आज की स्थिति देखी जाए तो जो लोग हिन्दी बोलते हैं। उनको पिछड़ा माना जाने लगा है। बल्कि वो हिन्दी बोलकर हिन्दी भाषा को और भी आगे ले जा रहा है।

आज का दिन यानि 14 सितम्बर हिन्दी भाषा को विशेष महत्व और सम्मान देने के लिए है। हमें इसके महत्व को समझ कर सभी को इसके महत्व के बारे में समझाना चाहिए। हम अपना भविष्य बनाने के लिए पैसे देकर अंग्रेजी, फ़्रांसीसी और स्पेनिश जैसी भाषाएं बोलना और लिखना सीखते हैं। लेकिन विदेशों में लोग हिन्दी सीखते हैं और इसका मतलब ये नहीं कि लोग अपने मतलब के लिए हिन्दी भाषा सिख रहे हैं। ये लोग हिन्दी भाषा इसलिए सीखते हैं क्योंकि इनको हिन्दी में रूचि है।

हमें हिन्दी भाषा को एक नये स्थान पर पहुंचाना है। इसके लिए हमें हिन्दी भाषा के महत्व को समझाना चाहिए और इसके प्रति सम्मान रखना चाहिए। हमारे लिए वो दिन गर्व का दिन था जब हिन्दी भाषा की लिपि देवनागरी लिपि को मान्यता मिली। हम हिन्दी का सम्मान करते हैं तो हम अप्रत्यक्ष रूप से अपने देश का सम्मान कर रहे हैं।

हमें साल में एक बार हिन्दी दिवस के लिए समय जरूर निकालना चाहिए और इसके महत्व को समझाना चाहिए ।

आज के इस कार्यक्रम में पधारने के लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं।

Hindi Diwas Speech in Hindi

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हिन्दी दिवस पर सरल भाषण – 2

यहां पर बैठे सभी अतिथिगण, मेरे शिक्षक और सहपाठियों को मेरा नमस्कार!

जैसा कि विदित है हम यहां पर हिन्दी दिवस मनाने आये हैं। आज के समय में हिन्दी को लेकर यह चिंताजनक बात हैं कि लोग इसके महत्व को भूल रहे हैं और इसके महत्व को जानते हुए भी इसे अनदेखा कर रहे हैं। लोगों को हिन्दी का महत्व समझना चाहिए। यह हमारे देश की अधिकारिक भाषा है। इस भाषा से ही हमारे देश का गौरव, संस्कृति और सम्मान है। इसके पीछे हमें एक अलग पहचान मिली हुई है, जो हमें और हमारे देश भारत को दुनिया में सबसे अलग बनाती है।

हमारे देश के संविधान सभा ने यह 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस के रूप में अपनाया है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए। आज के समय में हिन्दी भाषा को इतनी प्राथमिकता नहीं मिल पाती जितनी हिन्दी को मिलनी चाहिए। आज के समय में हिन्दी का प्रयोग बहुत कम होता जा रहा है। इसके पीछे कारण दूसरी भाषाओं का भारत देश में हावी होना। इन भाषाओं ने देश में इतना वर्चस्व कायम कर लिया है कि लोग हिन्दी को भूलते जा रहे हैं।

विश्व में ऐसे कई देश है, जहां पर हिन्दी को विशेष स्थान दिया जाता है और इसको वो सम्मान दिया जाता है जो हिन्दी को मिलना चाहिए। हिन्दी विश्व की चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। फिर भी लोग इसके महत्व पर इतना ध्यान नहीं दे रहे हैं।

आज के समय में सभी लोग अंग्रेजी की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। बहुत से जगह ऐसे हैं जहां पर अंग्रेजी को महत्वपूर्ण कर दिया गया है। फिर भी हिन्दी भारत में व्यापक बनी हुई है। भारत के कई राज्यों में इसे अधिकारिक रूप में अपनाया गया हैं। भारत का बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने सबसे पहले हिन्दी को अपनी अधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया था।

2001 में जनसंख्या का आयोजन हुआ था। तब 422 लाख लोगों इसे अपनी मातृभाषा के रूप में उल्लेख किया था। भारत के उतर भाग में हिन्दी का सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है।

अंत में मैं यही कहना चाहता हूं कि आज के समय में हिन्दी के महत्व को समझना चाहिए और सभी लोगों को इसके प्रति जगरूक करना चाहिए। हमें इसका सम्मान करना चाहिए और इस भाषा को एक नये स्तर तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर करना चाहिए।

धन्यवाद!

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हिन्दी भाषा पर भाषण (Hindi Diwas Par Bhashan) – 3

आज के इस हिन्दी दिवस समारोह में पधारे हुए सभी अतिथियों और लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं।

जैसा कि हम सभी जानते है कि हम यहां पर हिन्दी दिवस मनाने के लिए आये हैं। हिन्दी भाषा का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व है। हम प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन हमारे लिए और देश के लिए गर्व का दिन है। क्योंकि इस दिन ही हमारे देश की सविंधान सभा ने हिन्दी को अधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था।

14 सितम्बर हिन्दी भाषा के महत्व को समझने वाला दिन हैं। क्योंकि आज जो भी हिन्दी भाषा का प्रयोग करता है उसे कम समझदार समझा जाता है। जबकि जो लोग अंग्रेजी का प्रयोग करते हैं उनको मान सम्मान दिया जाता है। आज के समय में यदि हम कहीं नौकरी के लिए साक्षात्कार देने जाते हैं तो वहां पर हिन्दी के मुकाबले अंग्रेजी को ज्यादा महत्व दिया जाता है। इस प्रकार के दृष्टिकोण को दूर करने के लिए हमें हिन्दी का महत्व समझना चाहिए और उसको भी उतना ही सम्मान देना चाहिए जितना कि हम अंग्रेजी को देने लग गये हैं।

हिन्दी भाषा से ही हमारे देश की संस्कृति है। हमें सभी को समझाना हैं कि अपने बच्चों को अंग्रेजी जरूर सिखाएं वो भी जरूरी है। लेकिन इसके साथ ही हिन्दी भी उतनी ही जरूरी हैं जितनी अंग्रेजी आज सभी लोगों की यह मानसिकता बन गई है कि आज जो भी है सबकुछ अंग्रेजी ही है। हमें लोगों की इस मानसिकता को बदलना होगा और हिन्दी के प्रति जागरूक करना होगा।

आज हमारे देश की स्थिति कुछ ऐसी हो गयी है कि लोग शर्माने लग गये हैं। अपने बच्चों का दाखिला हिन्दी विद्यालयों में कराने के लिए सभी लोग यही सोचने लग गये हैं कि उनके बच्चे सबसे पहले अंग्रेजी सीखे। वो अंग्रेजी में बोलना और लिखना जाने। लोगों की इस मानसिकता को बदलने की ज्यादा जरूरत हो गई है। लोग हिन्दी के महत्व को भूलते जा रहे हैं।

मैं अपने भाषण के अंत में सभी को ये ही कहना चाहता हूं कि हमें हिन्दी को भूलकर अंग्रेजी को इतना भी महत्व नहीं देना चाहिए कि हम अपनी संस्कृति और विचारों को भी भूल जाएं।

इतना कहते हुए मैं अपने भाषण को विराम देता हूं।

धन्यवाद!

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हिंदी दिवस पर निबंध – Essay on Hindi Diwas in Hindi

विश्व हिंदी दिवस पर निबंध 300 शब्दों में

Essay on Hindi Language in Hindi: भारत देश एक संस्कृति वाला देश है। यहां पर हर धर्म के लोग रहते हैं और यहां पर अलग-अलग लोग अलग-अलग भाषाओं का प्रयोग करते हैं। यहां पर अधिकतर हिन्दी भाषा का प्रयोग होता है। लेकिन आज के समय में हिन्दी का महत्व कुछ कम लोगों तक ही सिमित हो गया है और लोग इसका प्रयोग करना कम कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण दूसरी भाषाओं का भारत में अधिक प्रयोग होना।

हिन्दी विश्व भर में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा है। इसका प्रयोग भारत में ही नहीं और भी कई देशों में होता है। हम 14 सितम्बर हिन्दी दिवस के रूप में मनाते है। इसी प्रकार International Hindi Day भी 10 जनवरी को मनाया जाता है।

Hindi Diwas Speech
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हिन्दी दिवस के दिन भारत सरकार द्वारा उन लोगों को सम्मान किया जाता है। जिन्होंने हिन्दी को नई पहचान दी है। हमें भी हिन्दी का विशेष सम्मान देना चाहिए और इसको और भी ऊंचे स्तर तक पहुंचकर हिन्दी को और भी प्रभावशाली बनाने में सरकार की मदद करनी चाहिए।

25 मार्च 2015 को ग्रहमंत्रालय ने हिन्दी दिवस के दिन दिए जाने वाले दो पुरस्कारों के नाम में परिवर्तन किया है। 1886 से दिया जाने वाला पुरस्कार ‘इन्दिरा गान्धी राजभाषा पुरस्कार’ का नाम बदल कर ‘Rajbhasha Kirti Puraskar’ और ‘राजीव गान्धी राष्ट्रिय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार का नाम ‘Rajbhasha Gaurav Award’ कर दिया गया है।

हमें हिन्दी भाषा के महत्व को समझकर लोगों को इसके बारे में बताना चाहिए। अंग्रेजी का भी हमारे जीवन में बहुत महत्व है। लेकिन इसके लिए हमें अपनी मातृभाषा हिन्दी को भूलकर इसका अपमान नहीं करना चाहिए। हमें अपने जीवन में जितना महत्व अंग्रेजी को देते हैं। उतना ही महत्व हिन्दी को भी देना चाहिए।

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हिन्दी दिवस पर निबंध 600 शब्दों में

Hindi Diwas Par Nibandh, Short Essay on Hindi Diwas in Hindi Language

प्रस्तवना

हिन्दी भाषा शुद्ध और सरल भाषा है विश्व में कई प्रकार की भाषाएं बोली जाती हैं। उनमें प्रमुख भाषाओं में से हिन्दी को विशेष स्थान प्राप्त है। विश्व की प्राचीन भाषाओं में से हिन्दी एक है। हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी ही है। हिन्दी भाषा भारत को विश्व में एक अलग पहचान देती है और इस पर हर भारतीय को गर्व है।

हिन्दी दिवस की शुरूआत कब और कैसे हुई?

भारत देश में कई प्रकार की भाषाएं बोली जाती हैं। इसमें से हिन्दी एक है हिन्दी भाषा हमारी मातृभाषा होने के साथ राष्ट्रभाषा भी है। हिन्दी भारत को विश्व में सबसे अलग बनाती है। इसका इतिहास बहुत ही पुराना है। हिन्दी दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। 14 सितम्बर को भारत के सविंधान ने हिन्दी को अधिकारिक भाषा के रूप में ले लिया था। 14 सितम्बर हिन्दी दिवस और राष्ट्रिय एकता दिवस मनाया जाता है।

हिन्दी भाषा को भारत की आजादी के बाद मातृभाषा का गौरव प्राप्त हुआ और भारत की संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिन्दी भाषा भारत की राजभाषा होगी। हिन्दी भाषा को हर क्षेत्र में आगे लाने और इसको महत्व देने के लिए 1953 में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाने लगा।

भारत में हिन्दी दिवस 14 सितम्बर को मनाया जाता है। सबसे पहले International Hindi Day नागपुर में 10 जनवरी 1975 मनाया गया था। इसके बाद 10 जनवरी 2006 को हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने का ऐलान किया गया।

हिन्दी दिवस का महत्व – Importance of Hindi

आज के आधुनिक समय में लोगों की पसंद हिन्दी नहीं होकर अंग्रेजी बनती जा रही है। क्योंकि जो अंग्रेजी जानते हैं उनको अधिक समझदार समझा जाता है। अंग्रेजी भाषा भी भारत की एक अधिकारिक भाषा है। हिन्दी दिवस का महत्व ये है कि ये हमें देश की भाषा के प्रति प्रेम को प्रदर्शित करता है। हिन्दी दिवस भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

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हिन्दी दिवस सभी लोगों को एक होने का सन्देश देता है और ये भी याद दिलाता है कि हिन्दी से हम विश्व में एक अलग पहचान बनाये हुए है। हिन्दी दिवस एक देश प्रेम है जो यह दर्शाता है कि लोग देश की भाषा को कितना महत्व देते हैं।

भारत में हिन्दी भाषा में ऐसी कई रचनाएं लिखी गई। जिससे पढ़कर आप अपार सफ़लता हासिल कर सकते हैं। इन रचनाओं को समझने और अच्छी तरह से पढने के लिए हिन्दी का ज्ञान होना बहुत जरूर है। हिन्दी भाषा से ही हमारी संस्कृति बची हुई है जो कि हमारे देश का महत्वपूर्ण अंग है।

हिन्दी दिवस मनाने का कारण

आज हम ऐसे समय में जीवन बिता रहे हैं जहां हिन्दी से ज्यादा अंग्रेजी को महत्व अधिक दिया जाने लगा है। हमें यह भी पता होना चाहिए कि हमारे विकास के लिए जितनी जरूरी अंग्रेजी है उतनी ही जरूरी हिन्दी भी है।

आज हर कोई अपने बच्चों को अंग्रेजी में आगे बढ़ाना चाहता है। क्योंकि जो अंग्रेजी जानता है उसे ज्यादा पढ़ालिखा समझा जाता है। इस कारण सभी अपने बच्चों हिन्दी सिखाने के बजाय अंग्रेजी की ओर बढ़ा रहे हैं। हिन्दी से हमारी संस्कृति जुडी हुई है और संस्कृति से भारत।

हिन्दी दिवस उस दिन को याद दिलाने के लिए मनाया जाता है जिस दिन हिन्दी को भारत की अधिकारिक भाषा के रूप में चुना गया था। जो लोग अंग्रेजी से ज्यादा प्रभावित होकर हिन्दी के महत्व को भूल गये हैं, उनको ये दिन हिन्दी के महत्व को याद दिलाने का एक अच्छा तरीका है।

उपसंहार

हम सभी एक भारतीय है और हमें अपने देश के मान-सम्मान पर गर्व है और हम इसका सम्मान करते हैं अंग्रेजी विश्व भर बोली जाती है। इसका भी बहुत महत्व है। लेकिन इसके महत्व से हिन्दी भाषा के महत्व को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है। हम इसका सम्मान करते हैं और हमें इसके महत्व को समझकर इसे आगे बढ़ाना चाहिए।

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मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह Hindi Diwas Speech in Hindi And Essay पसंद आये होंगे। Essay on Hindi Diwas in Hindi आगे शेयर जरूर करें और इसमें कोई बदलाव की आवश्यकता हो या फिर कोई सुझाव हो तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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