गुड़हल का वैज्ञानिक नाम क्या है?

Gudhal ka Vaigyanik Naam: दोस्तों आज हम इस लेख के माध्यम से बात करने वाले हैं, एक ऐसे पौधे के बारे में जिसका उपयोग दवा इत्यादि और भारतीय मान्यताओं में पूजन करने के लिए भी किया जाता है। जी हां, आपने बिल्कुल सही समझा हम बात करने वाले हैं गुड़हल के पौधे की।

हिंदू मान्यताओं में गुड़हल का पौधा बहुत ही लाभदायक माना जाता है तो ऐसे में हमने सोचा कि आप लोगों को गुड़हल के पौधे के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी हो। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हमने अपने इस लेख में आपको बताने का प्रयत्न किया है कि गुड़हल का वैज्ञानिक नाम क्या है?, गुड़हल क्या होता है?, भारत में गुड़हल की कितनी प्रजातियां पाई जाती हैं? और गुड़हल के पौधे के क्या-क्या लाभ हैं?।

Gudhal ka Vaigyanik Naam
Image: Gudhal ka Vaigyanik Naam

यदि आप भी चाहते हैं कि आपको गुड़हल के पौधे से संबंधित ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त हो तो कृपया आप हमारे द्वारा हम लिखे गए महत्वपूर्ण लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें। ताकि आपको भी गुड़हल के पौधों से संबंधित अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हो सके।

गुड़हल क्या है?

गुड़हल एक प्रकार का फूल होता है जो कि साधारणतया तुरही के आकार के होते हैं। गुड़हल का पौधा झाड़ीदार और एक मध्यम आकार का पौधा होता है। गुड़हल का फूल अनेक रंगों में खिलते हैं और इनके रंग काफी आकर्षक होते हैं। गुड़हल का पौधा 15 फीट तक के ऊंचाई तक बढ़ता है और गुड़हल के पत्ते हरे रंग के सरल, अंडाकार एवं भालानुमा होते हैं।

गुड़हल के पौधे का वैज्ञानिक नाम क्या है?

गुड़हल के पौधे का हिंदू मान्यताओं के अनुसार पूजन में काफी अहम भूमिका है और इसके साथ-साथ गुड़हल के पौधे को दवा इत्यादि के रूप में भी प्रयोग में लाया जाता है। आइए जानते हैं गुड़हल के पौधे का वैज्ञानिक नाम।

हिंदी में गुड़हल का वैज्ञानिक नाम हिबिस्कस-रोसा-साइनेसीस है और अंग्रेजी में उसका वैज्ञानिक नाम hibiscus Rosa sinensis हैं। गुड़हल का पौधा मालवेसी कुल का पौधा है।

भारत में गुड़हल की कितनी प्रजातियां पाई जाती है?

भारत में गुड़हल के कुल 200 से 220 प्रजातियां मौजूद हैं। यह प्रजातियां अलग-अलग प्रकार की और अलग-अलग रंगों में पाई जाती है। इसके अतिरिक्त दो अन्य प्रजातियां भी मौजूद हैं, जो कि ठंडे इलाकों में पाई जाती हैं। भारत में पाए जाने वाले गुड़हल के पौधे की कुछ सबसे प्रमुख प्रजातियां नीचे निम्नलिखित रूप से बताए गए हैं:

  1. उष्णकटिबंधीय हिबिस्कस
  2. शेरोन का गुलाब
  3. हार्डी हिबिस्कस
  4. सफेद गुड़हल
  5. गुलाब का पौधा

गुड़हल के पौधे के लाभ

  • गुड़हल के फूल के पाउडर का उपयोग करके और गुड़हल की पत्तियों से बने चाय का सेवन करके हम किडनी स्टोन अर्थात पथरी से बचा जा सकता है।
  • गुड़हल के पौधे पर यह रिसर्च वर्ष 2012 में की गई थी और रिसर्च के मुताबिक यह बिना किसी साइड इफेक्ट के काम करता है।
  • गुड़हल का नियमित रूप से सेवन करके अल्जाइमर रोग से भी छुटकारा पा सकते हैं।
  • गुड़हल के पत्तो की चाय का सेवन करने से पाचन तंत्र को भी काफी हद तक सुधारा जा सकता है।
  • गुड़हल के पत्तों की चाय का सेवन करके हम डिप्रेशन को भी कर सकते हैं, गुड़हल के पत्ते चबाने से मुंह के छाले भी ठीक हो जाते हैं।

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है कि आपके लिए गुड़हल के विषय पर लिखा गया यह लेख काफी लाभदायक सिद्ध हुआ होगा। यदि आपके मन में इस लेख को लेकर किसी भी प्रकार का सवाल या फिर सुझाव है, तो अवश्य ही कमेंट बॉक्स में शेयर करें।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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