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ओणम पर निबंध

Essay on Onam in Hindi: हम यहां पर ओणम पर निबंध शेयर कर रहे है। इस निबंध में ओणम के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

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ओणम पर निबंध | Essay on Onam in Hindi

ओणम पर निबंध (250 शब्द)

यह केरल के सबसे प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है। लोग अपने धर्म, उम्र या समुदाय के बावजूद ओणम को बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाते हैं। इस रंग-बिरंगे त्योहार का जश्न काफी लंबे समय से चल रहा है, और यह इस आधुनिक युग में भी जारी है। ओणम शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द श्रवणम से हुई है।

यह शब्द सत्ताईस नक्षत्रों  में से एक का तात्पर्य है। इस त्योहार के लिए कुछ अन्य शब्द भी हैं जैसे थिरु-ओणम या थिरुवोनम। थिरु भगवान विष्णु से संबंधित कुछ को संदर्भित करता है, और थिरुवोनम भगवान विष्णु के नक्षत्र को संदर्भित करता है। ओणम आमतौर पर अगस्त के अंत और सितंबर की शुरुआत में मनाया जाता है। मलयालम कैलेंडर के अनुसार इस महीने को चिंगम के नाम से जाना जाता है। यह वार्षिक फसल उत्सव दस दिनों तक चलता है।

ओणम के दस दिन एक कार्निवल के समान होते हैं। इन उत्साही समारोहों को देखने के लिए पर्यटक केरल में आते हैं। समारोहों की कुछ बेहतरीन विशेषताओं का उल्लेख नीचे किया गया है।

इस त्यौहार की सभी प्रमुख विशेषताओं में से लोक नृत्य सबसे अलग है। महिलाओं द्वारा प्रस्तुत, ये नृत्य रूप निश्चित रूप से त्योहार का प्रमुख आकर्षण हैं। कुछ पारंपरिक नृत्यों में कथकली, पुलिकली, कैकोटी काली और थुंबी थुल्लल शामिल हैं। यह एक भव्य दावत है जो त्योहार के दसवें दिन तैयार की जाती है। इस भव्य भोजन में विभिन्न प्रकार के शाकाहारी व्यंजन शामिल हैं। इसे ज्यादातर केले के पत्ते पर परोसा जाता है। ओणम साध्य के लिए परिवार कम से कम नौ से ग्यारह व्यंजन तैयार करते हैं। मंदिरों और रेस्तरां में इसके लिए तीस से अधिक व्यंजन हो सकते हैं।

ओणम पर निबंध (800 शब्द)

प्रस्तावना

भारत अनेकता में एकता वाला देश हैं। भारत में कई प्रकार की जातियों के लोग रहते हैं। भारत देश में कई प्रकार के त्यौहार मनाया जाते हैं। इस देश की संस्कृति अपने आप में अलौकिक हैं। भारत एक ऐसा देश है जहां हर महीने और हर दिन कोई न कोई त्योहार मनाया जाता हैं। ओणम भी इन त्योहारों में से एक हैं और यह प्राचीन समय से मनाया जाता हैं। ओणम के साथ साथ चिंगम महीने में केरल में चावल की फसल का त्यौहार फूलों का त्यौहार भी मनाया जाता हैं। मलयाली तथा केरल के लोग और उनको बहुत ही ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं।

पुराणों में ओणम

ओणम का त्योहार राजा महाबली की याद तथा सम्मान में मनाया जाता हैं। लोगों का मानना है इस दिन भगवान विष्णु अपने पांचवें अवतार वामन के रूप में चिंगम मास के दिन धरती पर आकर राजा महाबली को पाताल भेजा था। ओणम सदियों से मनाया जा रहा है यह त्यौहार राजा महाबली की उदारता और समृद्धि की याद में मनाया जाता हैं।

इतिहास में ओणम

कुछ लोगों का माना है कि ओणम का प्रारंभ संगम काल में हुआ था और उनसे संबंधित उल्लेख कुलसेकरा पेरूमल में मिलता हैं। ओणम पूरे महीने चलता हैं। ओणम खासतौर पर केरल में मनाया जाता हैं। ओणम त्योहार फसलों की कटाई से संबंधित हैं परंतु यह शहरों में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं।

यह त्योहार को मलयालम कैलेंडर के पहले महीने चिंगम के शुरूआत में मनाया जाता हैं। ओणम चार से दस दिन तक चलता हैं।

ओणम का महत्व

ओणम फसल की कटाई के समय मनाया जाता हैं। ओणम आमतौर पर अगस्त या फिर सितंबर महीने में आता हैं। ओणम पर कई तरह के नृत्य किए जाते हैं। इस दिन केरल के लोक नृत्य कथकली का बहुत ही बड़े पैमाने पर आयोजन किया जाता हैं। इस दिन औरतें सफेद साड़ी पहनती हैं और बालों में फूलों की वेणिया लगाती हैं और नृत्य प्रस्तुत करती हैं। बहुत ही ज्यादा हैं अलग अलग तरीके के व्यंजन बनाए जाते हैं। इस त्यौहार को बहुत ही ज्यादा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं। ओणम अपने साथ सुख, समृद्धि, आपसी सौहार्द की भावना को लेकर आता हैं।

कैसे मनाया जाता हैं ओणम

ओणम को राजा महाबली की याद मे मनाया जाता हैं। केरल पर राज करने वाले राजा महाबली बहुत ही उदार थे। राजा महाबली उदार ,धर्म परायण, सत्यवादी थे। उनके राज्य मैं धन और समृद्धि अपार मात्रा मे थी। उनकी लोकप्रियता बहुत बढ़ती जा रही थी। क्योंकि वह प्रजा के लिए राजा नहीं बल्कि भगवान बन चुके थे। लोग उन्हें भगवान की तरह पुजते थे। देवताओ से यह बात सही नहीं गई। इंद्र ने षड्यंत्र बनाकर विष्णु जी से सहायता मांगी। विष्णु जी ने वामन का रूप धारण करके महाबली से वचन लिया और उनको तीन पग जमीन देने के लिए कहा। महाबली की याद में ओणम मनाया जाता हैं।

उन क्षेत्रों का मालिक होना चाहता था। महाबली उनकी इच्छा मान गए। अचानक वामन विशाल हो गया। केवल दो कदमों के साथ, उसने पृथ्वी और स्वर्ग दोनों का दावा किया। उसके लिए और कोई जमीन नहीं बची थी, महाबली ने अपने वादे की रक्षा के लिए कुछ बलिदान किया। महान राजा ने भूमि के टुकड़े के लिए अपना सिर अर्पित कर दिया। हालांकि उनकी एक शर्त थी। वह अपने घर लौटने की कामना करता था और हर साल एक बार अपने लोगों द्वारा उसका स्वागत किया जाता था।

ऐसा माना जाता है कि महाबली अंडरवर्ल्ड (पाताल) पर राज करते हैं। हर साल, वह अपनी प्रजा के पास जाते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं। दस दिनों के उत्सव का अर्थ है कि दोनों लोकों के बीच आगे-पीछे यात्रा करने में लगने वाला समय। इसलिए, बहुत सम्मानित राजा का स्वागत करने के लिए ओणम को बहुत सारे उत्सवों के साथ मनाया जाता है।

ओणम का त्योहार मनाने का तरीका

सभी लोग अपने घर को दुल्हन की तरह से सजाते हैं और अपने राजा का इंतजार करते हैं और चारों तरफ दीप जलाए जाते हैं। ओणम का त्योहार 10 दिन तक मनाया जाता हैं।

  • 1.पहले दिन महाबली की पाताल से केरल आने की तैयारी की जाती हैं घरो को बहुत ज्यादा सुंदर तरीके से सजाया जाता हैं।
  • 2.दूसरे दिन चिथिरा होता है इसी फूलों का कालीन जिसे पुकलम कहते हैं इससे ओणम से पहले बनाने की तैयारी शुरू कर दी जाती है। ओणम के दिन इसे बनाने की प्रतियोगिता होती हैं।
  • 3.तीसरा दिन चोधी होता हैं। इस दिन 4-5 तरह के फुलो से पुकलम की अगली परत बनाई जाती हैं।
  • 4.चौथा दिन विशाकम होता है दिन कई प्रकार के प्रतियोगिता होने चालू हो जाती हैं।
  • 5.पांचवा दिन अनिजहम होता हैं इस दिन नौका दौड कराई जाती हैं।
  • 6.छठा दिन थिकेत होता हैं इस दिन से छुट्टी प्रारंभ हो जाती हैं।
  • 7.सातवाँ दिन मूलम होता इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा होती हैं।
  • 8.आठवां दिन पूरादम होता है इस दिन महाबली और वामन की मूर्ति घर में स्थापित की जाती हैं।
  • 9.नौवां दिन उठोदम होता हैं इस दिन महाबली केरल के प्रवेश करते हैं।
  • 10.दसवां दिन थिरूवोनम होता हैं इस दिन ओणम मनाया जाता हैं।

निष्कर्ष

ओणम के दिन पुरे केरल तथा वहा के सभी घरो को दुलहन की तरह सजाया जाता हैं। हर घर के सामने रंगोली बनाई जाती हैं। ओणम पर केरल की समृद्धि को व्यापक रूप में देखा जा सकता हैं। ओणम त्योहार के दिन लोक नृत्य ,दौड़, खेल -कूद होती हैं और स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं। राजा महाबली बहुत ही ज्यादा दानी व्यक्ति थे। वह लोगों के आदर्श थे। ओणम के दिन अमीर लोग गरीब लोगों को दिल से दान करते हैं। ओणम का त्योहार केरल में बहुत ही ज्यादा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं।

अंतिम शब्द

दोस्तों आज हमने इसलिए अपने आप को ओणम पर निबंध( Essay on Onam in Hindi) के बारे में बताया है। आशा करते हैं, आपको यह लेख पसंद आया होगा। अगर आपको इससे संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

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