भारतीय वायु सेना दिवस पर निबंध

Essay on Indian Air Force day in Hindi: आज हम भारतीय वायु सेना दिवस पर निबंध लिखने जा रहे हैं। इस निबंध के माध्यम से हम आपको भारतीय वायु सेना का हमारे भारत में किस तरह का योगदान है, वायु सेना दिवस क्यों मनाया जाता है, कब मनाया जाता है, इस सेना को किस प्रकार से गठन किया गया, युद्ध में किस तरह से अपना प्रदर्शन दिखाती है, और भी अन्य जानकारियां भारतीय वायुसेना के बारे में इस निबंध के माध्यम से आपको देने जा रहे हैं।

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भारतीय वायु सेना दिवस पर निबंध | Essay on Indian Air Force day in Hindi

भारतीय वायुसेना दिवस पर निबंध ( 250 शब्द)

8 अक्टूबर सन 1932 में भारतीय वायु सेना की स्थापना की गई थी। इंडियन एयर फोर्स को ही भारतीय वायुसेना भी कहा जाता है। हमारे भारत की आजादी के बाद में भारतीय सेना का हमारी भारत की भूमि पर बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहे हैं। भारतीय वायुसेना समय-समय पर हर युद्ध के लिए तैयार रहती है जब भी हमारे देश की सीमा पर कोई गुस्ताखी करें तो उसके लिए वायु सेना उसका मुंहतोड़ जवाब दे देती है।

हमारे भारत के राष्ट्रपति कमांडर इन चीफ के रूप में भारतीय वायु सेना में अपनी भूमिका निभाते हैं। वायु सेना के अंदर बार-बार एक ही चीफ मार्शल नहीं होते हर बार बदलते हैं। कानपुर के हवाई अड्डे पर भारत सरकार ने भारतीय वायु सेना का निर्माण डिपो बनाया है। भारतीय वायु सेना की दूसरे देशों पर नजर बनाने के लिए तथा भारतीय सीमा में घुसपैठ में आतंकवादियों को भगाने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वह हमेशा उन देशों और आतंकवादियों की गतिविधियों पर हवाई माध्यम से नजर रखते हैं।

भारत में जब भी कोई प्राकृतिक आपदा बाढ़ सुनामी आती है। उन सभी मैं लोगों के बचाव के लिए हमेशा वायु सेना बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लोगों का रेस्क्यू कर उनको बचा कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का कार्य करती है तथा भोजन सामग्री बाढ़ में फंसे लोगों तक पहुंचाने का काम भी वायु सेना के द्वारा ही किया जाता है।

भारतीय वायु सेना पर निबंध (1200 शब्द )

प्रस्तावना

भारतीय वायु सेना हमारे भारत की सशस्त्र सेना का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है। वायु सेना हमेशा वायु युद्ध, वायु सुरक्षा, हवा के द्वारा चौकसी का बहुत महत्वपूर्ण काम करती है। हमारे देश की भलाई के लिए हर महत्वपूर्ण काम करती है। भारत की आजादी से पहले वायु सेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से जानते थे लेकिन आजादी के बाद इस रॉयल शब्द को हटा दिया गया और इंडियन एयर फोर्स का नाम रख दिया गया। भारतीय वायु सेना पूरी दुनिया की सबसे बड़ी चौथे नंबर की वायु सेना भारत की ही है।

वायु सेना दिवस कब मनाया जाता है

वायु सेना दिवस की स्थापना हमारे भारत के आजादी से पहले 8 अक्टूबर 1935 में की गई थी तभी से यह वायु सेना दिवस के रूप में मनाया जाने लग गया। इस दिन वायु सेना के सभी लोग अपने बयानों के द्वारा हवाई करतब करते हैं और जल, थल, वायु सेना के द्वारा बहुत बड़ा आयोजन होता है। सभी सेनाओं के प्रमुख वायु सेना दिवस को मनाने के लिए एक साथ आते हैं। वायु सेना के लोगों के द्वारा परेड का भी आयोजन किया जाता है।

लड़ाकू विमान और विमान के उपकरणों की प्रदर्शनी

वायु सेना के द्वारा जब वायु सेना दिवस मनाया जाता है तो उस दिन जो युद्धों में इस्तेमाल किए जाने वाले जो भी लड़ाकू विमान है और उस लड़ाई में इस्तेमाल किए जाने वाले जो भी उपकरण है उन सभी को लोगों को दिखाने के लिए प्रदर्शनी के रूप में रखते हैं ताकि सभी लोग उन पर नजर रखें और भविष्य में वायु सेना का हिस्सा बनने के बारे में भी सोचे इससे वायुसेना के लोगों की बहादुरी का परिचय देखने को मिलता है।

ऑपरेशन राहत और ऑपरेशन मेघदूत जैसे महत्वपूर्ण हवाई मिशन के तहत जो विमान और हेलीकॉप्टर काम में लिए गए थे। उनको भी प्रदर्शनी के लिए लोगों को देखने के लिए रखा गया। इसके अलावा नए एयरक्राफ्ट भी अपने प्रदर्शनी में लगाए जाते हैं। लोगों की सुविधा के लिए तथा अपने उद्देश्य को लोगों को बताने के लिए वायु सेना हवाई जहाजों के माध्यम से लड़ाकू विमानों के माध्यम से भी प्रदर्शन करके लोगों को दिखाते हैं।

वायु सेना में महिलाओं का योगदान

भारत सरकार के द्वारा अब वायुसेना में भी महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है। भारतीय वायु सेना की बहुत ही ऐसी शाखाएं हैं, जिनको महिला अधिकारी अपनी नीतियों के साथ चला रही हैं। भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन देने की नीति के बारे में सरकार के द्वारा अंतिम रुप दिया जा चुका है। आज हमारी भारतीय वायुसेना में पहले से अधिक महिला पायलट हैं, जो विशेष बलों के लिए नियुक्त की गई। लेकिन कुछ ऐसे पद हैं जो महिलाओं के लिए बहुत घातक सिद्ध हो सकते हैं। उनमें घातक,गरुड़,मार्कोस,पैरा कमांडो आदि में लड़ाकों के रूप में उनको नियुक्ति की आज्ञा नही दी गयी है।

हमारे पूर्व गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 2017 में ही घोषणा कर दी गई थी कि सशस्त्र पुलिस बल,केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल,सशस्त्र सीमा बल, और भारत तिब्बत की सीमा पुलिस इन सभी में कॉन्स्टेबल रैंक के पदों पर महिलाओं की भर्ती को नियुक्त किया जाएगा।

क्या है भारतीय वायु सेना का महत्व

भारतीय वायुसेना का हमारे भारत की प्रमुख सेनाओं के रूप में मानी जाती है, और इसका हम सभी भारतीय की रक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहता है-

  • भारतीय वायु सेना अपने हवाई जहाज की सहायता से भारत की सीमा सुरक्षा की पहरेदारी और हवाई सुरक्षा से आतंकी गतिविधियों को भी देखने की निगरानी करती है।
  • सन 1990 में भारत की महिलाओं ने वायु सेना में शामिल होने के लिए योजना बनाई और उन्होंने भारतीय वायु सेना में भर्ती होकर बहुत महत्वपूर्ण काम किए।
  • भारतीय वायु सेना में जो सैनिक होते हैं वह बहुत ही ईमानदार और अपने देश के लिए हमेशा मर मिटने के लिए तैयार रहने वाले तथा हवाई जहाज के माध्यम से पूरे देश की निगरानी रखने वाले होते हैं।
  • भारत की आजादी के पहले वायुसेना को रॉयल एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था लेकिन जब हमारा देश आजाद हो गया तो इसको या शब्द को हटाकर इंडियन एयरफोर्स बना दिया गया।
  • वायु सेना 24000 किलोमीटर तक की निगरानी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की बहुत अच्छे से रख सकती है।
  • भारत की सीमाओं पर किसी भी प्रकार का संकट आया है या कोई आतंकवादी गतिविधि हुई है उस समय भारतीय सेना ने एक दैवीय शक्ति के रूप में अपना परिचय दिया है।

भारतीय वायुसेना के क्या उद्देश्य हैं

भारतीय वायु सेना को सभी खतरों से जो भी हमारी भारतीय सीमा पर होते हैं या अंतरराष्ट्रीय सीमा पर होते हैं। उन सभी की हवाई क्षेत्र से रक्षा करता है। भारतीय वायुसेना मिशन सशस्त्र बल अधिनियम सन 1947 में भारत के संविधान और सेना अधिनियम 1950 में हवाई युद्ध क्षेत्र के द्वारा वायुसेना को परिभाषित किया गया।

जब भी हमारे देश में कोई भी प्राकृतिक आपदा आती है, तो उसमें बचाव कार्य का काम वायुसेना के द्वारा ही किया जाता है। वायु सेना मुख्य रूप से उसमें बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने का, राहत सामग्री पहुंचाने का,उन को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदि सभी कार्य हवाई सेना के द्वारा किए जाते है।

वायु सेना का क्या है आदर्श वाक्य

हमारी भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य हमारे पवित्र धार्मिक ग्रंथ भगवत गीता के 11 अध्याय से लिया गया है। उसमें भगवान श्री कृष्ण ने जब अर्जुन को अपना विराट रूप दिखाया था। युद्ध भूमि में जो उपदेश अर्जुन को दिया, उसी का यह वाक्य एक हिस्सा है वह वाक्य है नभः स्पर्शनं दीप्तम इसका मतलब यह है कि हमें गर्व के साथ आकाश को छूना चाहिए। यह वाक्य पूरी तरह हमारी वायु सेना के ऊपर ही है, इसीलिए वायुसेना ने इस को अपना आदर्श वाक्य बना लिया।

निष्कर्ष

भारतीय वायुसेना को सशस्त्र सेना भी कहा गया है क्योंकि जो है भारतीय सशस्त्र बलों की सेना है। वायु सेना जल सेना और थल सेना इन तीनों ही सेनाओं का हमारे भारत में बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। हमारी भारत की वायु सेना में सबसे अच्छी तरह से वायु कर्मियों और लड़ाकू विमान में निपुण होने का दावा किया है, इसीलिए दुनिया भर की वायु सेना में हमारे भारत की वायुसेना चौथे नंबर पर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की सीमा को हवाई क्षेत्र से गश्त करना और किसी भी असंवैधानिक गतिविधि को रोकने के लिए हवाई युद्ध करना।

अंतिम शब्द

आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख भारतीय वायु सेना दिवस पर निबंध (Essay on Indian Air Force day in Hindi) बहुत पसंद आया होगा अगर आपको यह पसंद आया है तो आप उसको लाइक कर सकते हैं तथा इससे जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आप कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट भी कर सकते हैं

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