पुस्तक पर निबंध

Essay on Book in Hindi : पुस्तक वो चीज हैं जिससे हमे ज्ञान मिलता हैं। पुस्तक हमारे जीवन का आधार हैं। जीवन में सीख हमे पुस्तकों से ही मिलती हैं। पुस्तक वो चीज़ हैं जो हम पहले स्कूल में पढ़ते है, फिर कॉलेज में पढ़ते हैं उसके बाद कुछ नया सीखने के लिए पढ़ते हैं।

हम यहां पर अलग-अलग शब्द सीमा में पुस्तक पर निबंध (Essay on book in Hindi) शेयर कर रहे हैं। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होंगे।

पुस्तक पर निबंध | Essay on book in Hindi

पुस्तक पर निबंध ( 250 शब्द ) 

पुस्तक एक ऐसी वस्तु जिसमे ज्ञान का काफी मात्रा में बोद्ध होता हैं। जीवन में ज्ञान की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पुस्तकों का होना जरुरी हैं। ज्ञान की भूख को शांत करने के लिए पुस्तकों का काफी अहम रोल होता हैं। पुस्तकों के भंडार में हमे कई ऐसे स्त्रोत मिल जाते हैं जिनके जरिये हम  अपने ज्ञान को बाधा सकते हैं। पुस्तक को पुस्तक की संज्ञा भी दी जाती हैं। 

पुस्तकों का इतिहास आज से नही बल्कि काफी प्राचीन समय से हैं। पुस्तकों को प्राचीन काल से हमारे महापुरुष लिखते आ रहे हैं। पुस्तकों से हमे काफी कुछ सीखने को मिलता हैं। कई ऐसी पुस्तके हैं जो हमे भविष्य को मजबूत बनाने के लिए ज्ञान देती हैं। हमारे देश के कई महापुरुष ऐसे भी हुए हैं जिन्होंने पुस्तके लिखी हैं और उन पुस्तकों के ज्ञान अपने जीवन में उतारते हैं। 

हमारे जीवन में पुस्तकों का काफी महत्त्व हैं। प्राचीन पुस्तकों को हाथ से लिखा जाता हैं हालाँकि आज इन पुस्तकों के मुद्रण के लिए काफी प्रिंटिंग प्रेस बाज़ार में उपलब्ध हैं। पुस्तकों की छपाई में आज की तारीख में काफी वृदि हुई हैं। पुस्तकों में काफी ज्ञान उपलब्ध होता हैं ओर उस ज्ञान को आप अपने जीवन में उतार सकते हैं। पुस्तकों में वो ताक़त होती हैं जो हमारे अंधकाररुपी जीवन में उजाला भर सकती हैं। पुस्तकों से हमे काफी कुछ सीखने को मिलता हैं। पुस्तकों का जीवन में होना अपने आप में एक अच्छी बात होती हैं।

पुस्तक पर निबंध ( 800 शब्द ) 

प्रस्तावना

जीवन में पुस्तकों का होना काफी आवश्यक होता हैं। अगर आपके पास एक अच्छी पुस्तक हैं तो आप उसके ज्ञान से दुनिया की कोई भी जंग जीत सकते हैं। पुस्तक को पढने हमे काफी अच्छा लगता हैं। पुस्तके भी कई प्रकार की होती हैं जिसमे कई अलग – अलग भाग होते हैं। पुस्तकों में इतिहास की पुस्तक, ज्ञानवर्धक पुस्तक और रोज़ की खबरों के बारे में बताने वाली पुस्तक को भी इस अव्वल दर्जे की श्रेणी में रखा जाता हैं। 

पुस्तक का महत्त्व

पुस्तकों को हम सबसे पहले स्कूल में पढ़ते हैं जहा हमे पुस्तकों के बारे में पहली बार बताया जाता हैं। पुस्तके भी कई अलग – अलग प्रकार की होती हैं। पुस्तक हमारे साथ एक सच्चे दोस्त की तरह रहती हैं। पुस्तकों में ज्ञान भा भंडार होता हैं जिन्हें हम देख सकते हैं और उनको अधिग्रहण कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के ज्ञान या किसी भी चीज़ के बारे में सीखने के लिए हमे सबसे पहले पुस्तकों की ही आवश्यकता होती हैं। पुस्तके हर आयु के लडको के लिए उपयोगी होती हैं फिर चाहे वो छोटे हो या बड़े या बुजुर्ग, हर आयु के व्यक्तियों के लिए पुस्तक काफी महत्वपूर्ण होती हैं। 

पुस्तकों से मिलता ज्ञान

पुस्तकों के कई और भी अलग अलग प्रकार होते हैं। इन प्रकार की पुस्तकों में से आप किस प्रकार की पुस्तक पढना पसंद करते हैं यह इस बात पर निर्भर करता हैं की आप को कौनसी पुस्तक पसंद हैं। पुस्तकों में व्यवसाय इ जुडी पुस्तके या हास्य और मनोरंजन से जुडी पुस्तके भी शामिल हैं। अगर आपको हास्य और कविताओ से जुडी पुस्तके पसंद हैं तो इसका सीधा मतलब यह हैं की आप काफी शांत किस्म वाले व्यक्तित्व के धनि हैं। 

अगर आप हॉरर और डरावनी कहानियो की पुस्तके पढना पसंद करते हैं तो आपको इस बात से सीधा आशय यह हैं की आप हमेशा कुछ नया जानने को उत्सुक रहते हैं। अगर हम किसी प्रतियोगी परीक्षा की तेयारी करते हैं तो भी हमे कई अलग – अलग प्रकार  की पुस्तके पढने को मिलती हैं जैसे भूगोल की किताब, इतिहास की किताब और राजनीती की किताब इतियादी। इन सभी किताबो को पहने से भी की काफी ज्ञान की प्राप्ति होती हैं।

पुस्तकों का इतिहास

पुस्तको के इतिहास की बात करे तो पुस्तकों का इतिहास काफी पुराना हैं। पुस्तकों की कहानी पन्नो की छपाई के साथ शुरू हुई थी और यह आज वर्तमान में पुस्तकों के भंडार के साथ चल रही है। किसी भी पुस्तक को पढने और उसे समझने से पहले उसके इतिहास को  समझना जरुरी होता हैं। पुस्तको की पहली बार छपाई 1440 में फ़्रांस की प्रिंटिंग प्रेस से शुरू हुई थी। उसके बाद पुस्तकों का प्रचार – प्रसार पुरे विश्व में फ़ैल गया। पुस्तकों का इतिहास मध्यकाल से जुड़ा हैं। पुस्तकों को पहली बार फ़्रांस में पढ़ा और लिखा गया था और उसके बाद यह धरती के हर कौने में पहुच गई। इसके 15 साल बाद पहली बार 1455 में पहली बार बाईबिल की छपाई की गई। 

पुस्तकों के प्रकार 

पुस्तकों के कई प्रकार हैं जिनके बारे में आप शयद ही जानते होंगे। हमारे स्कूल और कॉलेज तक हम कई पुस्तके पढ़ते हैं। इन सब के अलावा भी हम और भी कई पुस्तके पढ़ते हैं। किताबो के कई प्रकार हैं जिनके बारे में हमे जानना और समझना चाहिए – 

  • ज्ञानवर्धक पुस्तके – ज्ञानवर्धक किताबो की श्रेणी में वे पुस्तके शामिल हैं जिनसे हमे हमारे जीवन से जुडी ज्ञान की बाते जानने और सीखने को मिलती हैं। ज्ञानवर्धक किताबो की सूची में कई पुस्तके आती हैं जो किसी महान पुरुष दुवारा लिखी गई हो। ज्ञानवर्धक किताबो से ज्यादा हमे ज्ञान की आवश्यकता होती हैं। 
  • मनोरंजन से जुडी पुस्तके – ज्ञानवर्धक किताबो के अलावा मनोरंजन से जुडी पुस्तके भी अगर हम पढ़ते हैं तो वो भी हमारे लिए काफी अच्छी रहती है। जीवन में खुश और हँसी हर किसी को नसीब नही होती हैं। इसके लिए आप अपने आप को सरल बनाये और सोभर बनाये, उसके लिए मनोरंजन से जुडी पुस्तके पढ़े। 
  • तकनीकी पुस्तके – तकनीक किताबे पढना भी आज के समय में काफी अच्छा रहता हैं। तकनीक आज से समय की मांग हैं उसके लिए हमे तकनिकी किताबो का पढना भी जरुरी होता हैं। 

निष्कर्ष

किताबो का महत्त्व वो ही जानता हैं जिसने किताबो के लिए संघर्ष किया हो। आज किताबो के बिना पढाई करना काफी मुश्किल होता हैं। जीवन में अच्छे ज्ञान की प्राप्ति के लिए भी हमे अच्छे पुस्तकों को पढना जरुरी होता हैं। 

अंतिम शब्द 

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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