एर्तुग़रुल ग़ाज़ी का इतिहास और परिचय

Ertugrul Gazi History in Hindi: नमस्कार दोस्तों! आज हम आप सभी लोगों को अपने इस महत्वपूर्ण लेख के माध्यम से बताने वाले हैं, उस्मानिया सल्तनत के संस्थापक एर्तगुरुल गाज़ी के संपूर्ण जीवन परिचय के विषय में। एर्तगुरुल गाज़ी अपने समय का बहुत ही बड़ा संस्थापक एवं महान योद्धा था। इन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में अनेकों ऐसी लड़ाइयां लड़ी जिसमें से ज्यादातर लड़ाई में यह विजई रहे।

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आज आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण लेख के माध्यम से एर्तगुरुल गाज़ी के संपूर्ण जीवन परिचय (Ertugrul Gazi History in Hindi) के विषय में विस्तार पूर्वक से जानकारी जानने को मिलेगी। यह अपने समय का एक बुनियादी राजा माना जाता है और इन्होंने ही उस्मानिया सल्तनत की स्थापना की। उस्मानिया सल्तनत की स्थापना के बाद इनकी शादी सेलजुक संतत की शहजादी हलीमा सुल्तान से हुए, इन्होंने उस शहर पर भी अपना काफी अच्छा रौब जमा लिया था।

आज आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखी गई इस महत्वपूर्ण लेख में जानने को मिलेगा कि एर्तगुरुल गाज़ी कौन था, एर्तगुरुल गाज़ी का मकबरा कहां है, एर्तगुरुल गाज़ी के संघर्षों से रचा गया इतिहास, दिरिलिस एर्तगुरुल गाज़ी का इतिहास इत्यादि। यदि आप सभी लोग इसके विषय में संपूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक से प्राप्त करना चाहते हैं, तो कृपया आप हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

एर्तुग़रुल ग़ाज़ी का इतिहास और परिचय | Ertugrul Gazi History in Hindi

एर्तगुरुल गाज़ी कौन था?

एर्तगुरुल गाज़ी अपने समय का एक बुनियादी राजा माना जाता है और इन्होंने ही उस्मानिया सल्तनत की स्थापना की। उस्मानिया सल्तनत की स्थापना के बाद इनकी शादी सेलजुक संतत की शहजादी हलीमा सुल्तान से हुए, इन्होंने उस शहर पर भी अपना काफी अच्छा रौब जमा लिया था।

एर्तगुरुल गाज़ी ने इस्लाम के इतिहास में बहुत ही अच्छा मकान हासिल किया। इन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद अनाथ एलियास की सीमा में प्रवेश कर गए हैं। सीमा में प्रवेश करने के बाद इनका मुकाबला सल्तनत आफ रोम से हुई, इस मुकाबले में इन्होंने सल्तनत ऑफ रोम के शहर सोयत को जीत लिया। जिस समय इन्होंने सोयत सर पर अपना कब्जा किया था उस समय तुर्कों के जिहाद करने वाले रिवायत भी थी।

एर्तगुरुल गाज़ी का संपूर्ण जीवन बहुत ही संघर्षों से भरा हुआ था। इन्होंने अपनी मेहनत के कारण अपने छोटे बेटे उस्मान के द्वारा इनकी मृत्यु के बाद अपने पिता के कथन के अनुसार इसने पिता के सल्तनत का नाम सल्तनत ए उस्मानिया की बुनियाद रखा। यही सल्तनत आगे चलकर संपूर्ण दुनिया भर की सबसे मजबूत एवं बुनियादी सल्तनत में से एक चुनी गई।

वर्तमान समय में सल्तनत को विश्व का सबसे बड़ा सल्तनत भी कहा जाता है। इनको इनकी मृत्यु के बाद सोजत में ही दफन कर दिया गया। उनके दफन को लेकर कहा जाता है कि उसके बेटे उस्मान ने सोजत में उनके नाम पर एक मकबरा और मस्जिद का निर्माण करवाया परंतु अन्य को बार इस मस्जिद और मकबरे का पुनर्निर्माण हो चुका है, अतः यह बताना मुश्किल है कि इस मकबरे का निर्माण सबसे पहली बार कब किया गया था।

एर्तगुरुल गाज़ी के पिता एक बंजारे की तरह है और इसके पिता उस बंजारे का मुखिया भी थे। इसके पिता बंजारों की तरह इधर-उधर भटकने वाले कबीले के मुखिया थे। आप यह समझ सकते हैं कि किसी भी बंजारों की तरह इधर-उधर भटकने वाले लोगों के लिए एक विशाल साम्राज्य खड़ा करना कितना संघर्ष मय रहा होगा।

11वीं शताब्दी से लेकर तेरहवीं शताब्दी तक के समय में इसका जीवन बहुत ही संघर्ष में रहा और इसने अनेकों प्रकार के ऐसे भयानक युद्ध में भाग लिया, जिसमें इन्हें काफी क्षति पहुंची, परंतु इन्होंने उस दौरान लड़े गए सभी युद्धों में विजय हासिल की और अपने नाम का डंका संपूर्ण विश्व भर में पीट दिया। एर्तगुरुल गाज़ी ने ईसाई यरुशलम शहर पर अपना कब्जा जमाने के लिए आक्रमण करता है, यह शहर उस समय मुसलमानों के कब्जे में था।

यरुशलम वास्तव में विशेष तीन कारणों के लिए बहुत ही पवित्र माना जाता है। वर्तमान समय में भी इसी शहर को लेकर अनेकों प्रकार के लड़ाइयां जारी हैं। प्राचीन समय से ही मुसलमान इस्तांबुल को अपनी सल्तनत में मिलाना चाहते हैं। इस्तांबुल साम्राज्य पर सल्तनत आफ रोम का पूर्ण रूप से शासन है।

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एर्तगुरुल गाज़ी का इतिहास एवं संघर्ष?

एर्तगुरुल गाज़ी के पिता एक बंजारे की तरह है और इसके पिता उस बंजारे का मुखिया भी थे। इसके पिता बंजारों की तरह इधर-उधर भटकने वाले कबीले के मुखिया थे। आप यह समझ सकते हैं कि किसी भी बंजारों की तरह इधर-उधर भटकने वाले लोगों के लिए एक विशाल साम्राज्य खड़ा करना कितना संघर्ष मय रहा होगा।

11वीं शताब्दी से लेकर तेरहवीं शताब्दी तक के समय में इसका जीवन बहुत ही संघर्ष में रहा। जिसमें इन्हें काफी क्षति पहुंची, परंतु इन्होंने उस दौरान लड़े गए सभी युद्धों में विजय हासिल की और अपने नाम का डंका संपूर्ण विश्व भर में पीट दिया। एर्तगुरुल गाज़ी ने ईसाई यरुशलम शहर पर अपना कब्जा जमाने के लिए आक्रमण करता है, यह शहर उस समय मुसलमानों के कब्जे में था।

यरुशलम वास्तव में विशेष तीन कारणों के लिए बहुत ही पवित्र माना जाता है। वर्तमान समय में भी इसी शहर को लेकर अनेकों प्रकार के लड़ाइयां जारी हैं। प्राचीन समय से ही मुसलमान इस्तांबुल को अपनी सल्तनत में मिलाना चाहते हैं। इस्तांबुल साम्राज्य पर सल्तनत आफ रोम का पूर्ण रूप से शासन है।

इन्होंने कई ऐसे कबीलों को एक ऐसी जमीन प्रदान करना चाहते थे, जहां पर उनकी सारी की सारी जनता आजादी से अपना जीवन यापन कर सकें और किसी के भी गुलामी से दूर रहे। इसी को लेकर एर्तगुरुल गाज़ी ने अपने जीवन में ऐसी ही जमीन को तलाश करने के लिए अनेकों कुर्बानियां भी दी है। इन्होंने अपने ऐसे संघर्षों से भरे जीवन में इनके कुछ खास रिश्तेदारों एवं मित्रों ने इनका साथ छोड़ दिया और चले गए।

कहा जाता है, ना मुश्किल में सभी रिश्तेदार भाग जाते हैं और वही रिश्तेदार खुशी हो तो सदैव आते हैं ठीक ऐसा ही हुआ था, एर्तगुरुल गाज़ी के साथ। जिस समय इनके करीबी लोग इन्हें छोड़ कर जा रहे थे, उसी समय बहुत से गैर लोगों ने इनका साथ दिया और इस युद्ध में विजय पाने के लिए अनेकों प्रकार से अपना अपना योगदान दिया। इन्हीं लोगों के विशेष योगदान की वजह से उस्मानिया सल्तनत विश्व की सबसे मजबूत एवं बुनियादी सल्तनत के रूप में कायम हुई है।

एर्तगुरुल गाज़ी का साथ देने वाले लोगों में से विशेष रुप से इस्लामिक स्कॉलर और सूफी के साथ-साथ सेख इब्ने अरबी का मुख्य रूप से नाम आता है। इब्ने अरबी को एर्तगुरुल गाज़ी का विशेष रूहानी मददगार के नाम से संपूर्ण विश्व भर में जाना जाता है। इब्ने अरबी ने इनके हर एक मुश्किल समय में अपना विशेष रूप से मदद किया और इन्हें युद्ध को जीतने के लिए अनेकों सलाह भी दी हैं।

इब्ने अरबी ने एक बहुत ही प्राचीन एवं अमानती संदूक को भेंट स्वरूप एर्तगुरुल गाज़ी के हवाले कर दिया। इस संदूक के विषय में कहा जाता है कि हजरत शिखर की कमीज को इसी संदूक में रखा गया था। इसे संदूक में रखे गए कमीज को लेकर ऐसा कहा जाता है कि जो कोई भी व्यक्ति इन कमिजो को युद्ध के दौरान मैदान में पहन कर जाता है, तो वह अवश्य ही जीत हासिल करता है।

इन सभी के बाद वर्ष 1299 ईस्वी में सल्तनत ए उस्मानिया की स्थापना की गई इस सल्तनत की स्थापना के बाद यह सल्तनत संपूर्ण विश्व भर का सबसे शक्तिशाली सल्तनत बन गया और नामी सल्तनत की लिस्ट में शामिल हो गया। उस्मान सल्तनत ने तुर्की और अपने आसपास के यूरोपीय क्षेत्रों में लगभग 600 से भी अधिक वर्षों तक शासन किया।

इन सभी के बाद 1922 ईस्वी में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस सल्तनत से भी विशेष युद्ध हुआ और प्रथम विश्व युद्ध के समाप्त के दौरान सल्तनत उस्मानिया का पूर्ण रूप से अंत हो गया। इन सभी के बाद सेल्यूलर देश तुर्की की स्थापना की गई। बीते 600 वर्षों में यह विश्व के इतिहास में सबसे मजबूत और विस्तार वादी सल्तनत में से एक के रूप में देखा जाने लगा। उस्मानिया सल्तनत के समय में इसके अलावा संपूर्ण विश्व भर में दूसरी इतनी बड़ी कोई भी सल्तनत नहीं थी यही कारण है कि उस्मानिया सल्तनत को उस समय का सुपर पावर सल्तनत कहा जाता था।

एर्तगुरुल गाज़ी का मकबरा

एर्तगुरुल गाज़ी का संपूर्ण जीवन बहुत ही संघर्षों से भरा हुआ था। इन्होंने अपनी मेहनत के कारण अपने छोटे बेटे उस्मान के द्वारा इनकी मृत्यु के बाद अपने पिता के कथन के अनुसार इसने पिता के सल्तनत का नाम सल्तनत ए उस्मानिया की बुनियाद रखा। यही सल्तनत आगे चलकर संपूर्ण दुनिया भर की सबसे मजबूत एवं बुनियादी सल्तनत में से एक चुनी गई।

इन सभी के बाद एर्तगुरुल गाज़ी ने लोगों के हित में लड़े गए एक युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे दी। एर्तगुरुल गाज़ी को इनकी मृत्यु के बाद सोजत में ही दफन कर दिया गया। उनके दफन को लेकर कहा जाता है, कि उसके बेटे उस्मान ने सोजत में उनके नाम पर एक मकबरा और मस्जिद का निर्माण करवाया परंतु अन्य को बार इस मस्जिद और मकबरे का पुनर्निर्माण हो चुका है, अतः यह बताना मुश्किल है, कि इस मकबरे का निर्माण सबसे पहली बार कब किया गया था।

दिरिलिस एर्तगुरुल गाज़ी क्या है?

13वीं शताब्दी के अनुसार एर्तगुरुल गाज़ी के जीवन परिचय पर आधारित अनेकों प्रकार की टीवी शोस चलाए जाते थे जिसमें से बहुत ही प्रसिद्ध टीवी शो के रूप में ड्रिलिश एर्तगुरुल गाज़ी प्रमुख था। तेरहवीं शताब्दी पर आधारित टीवी शो है, जिसमें उस्मानिया सल्तनत के पहले की कहानी और एर्तगुरुल गाज़ी के जीवन के संघर्षों को विस्तार पूर्वक से दिखाया गया है।

इस धारावाहिक का को तुर्की का गेम आफ थ्रोंस भी कहा जाता है। इस धारावाहिक को तुर्की के राष्ट्रपति ने उस्मानिया सल्तनत को संपूर्ण विश्व भर में चर्चित करने के मकसद से बनाया था। इस धारावाहिक में उन सभी चीजों का विस्तार पूर्वक से चित्रण किया गया था जो कि एक अच्छे खासे वेब सीरीज में की जाती है।

जैसे-जैसे इस धारावाहिक में बड़े-बड़े आलीशान महल, बेहतरीन शाही कपड़े, तलवारों की खनखन आहट, रोमांच, बेहतरीन वादियां, मोहब्बत भरी प्यारी सी स्टोरी और इन सभी के अलावा इस शो के म्यूजिक इतने ज्यादा जोशीले थे, कि वे लोगों के दिलों में जोश एवं उत्साह भर देते थे। यह धारावाहिक अपने समय का सबसे चर्चित धारावाहिक कहा जाता था।

इस धारावाहिक को विश्व भर के सभी लोगों के द्वारा बहुत ही पसंद किया जाता था, इसकी खास बात यह थी, कि इस धारावाहिक को अनेकों भाषाओं में रिलीज किया गया था। यही कारण है, कि विश्व का सबसे माना जाता था। धीरे धीरे यशो तुर्की और मध्य पूर्व एशिया में सबसे प्रसिद्ध धारावाहिक बन गया और उसने बड़े-बड़े रिकॉर्ड को भी तोड़ डालें। इस धारावाहिक के अंदर एक ऐसी कहानी थी, जो कि लोगों के अंदर उमंग एवं उत्साह की भावना को जागृत कर देती थी।

या धारावाहिक मूल रूप से 5 सीजन के तहत वर्ष 2014 में प्रसारित किया जाता था परंतु वर्ष 2019 में नेटफ्लिक्स और वर्ष 2020 में यूट्यूब पर भी आने लगा और धीरे-धीरे देखते ही देखते इसकी लोकप्रियता में बहुत ही ज्यादा इजाफा होने लगा। इतना ही नहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के द्वारा उर्दू भाषा में इस फिल्म की डबिंग कराने के बाद इसे पीटीवी नामक चैनल पर रमजान के पहले दिन ही रिलीज कर दिया गया।

इतना ही नहीं पाकिस्तान के साथ-साथ भारत और एशिया के अन्य देशों में सभी लोगों का सबसे चहेता धारावाहिक बन चुका है और वर्ष 2020 में मार्च से अप्रैल के मध्य में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने बहुत से भाषणों में बार-बार इस धारावाहिक का उल्लेख करते हैं और इसे प्रशंसनीय भी बताते हैं। ऐसा करके उन्होंने लोगों को जो धारावाहिक देखने के लिए प्रेरित किया।

निष्कर्ष

हम आप सभी लोगों से उम्मीद करते हैं कि आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण लेख “एर्तुग़रुल ग़ाज़ी का इतिहास और परिचय (Ertugrul Gazi History in Hindi)” अवश्य ही पसंद आया होगा, यदि आप सभी लोगों को यह लेख पसंद आया हो, तो कृपया इसे शेयर करें। यदि आपके मन में इस लेख को लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल है, तो कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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