भारत में आतंकवाद पर निबंध

Bharat Mein Aatankwad Par Nibandh: आतंकवाद जो कि अंतरराष्ट्रीय समस्या बन चुकी है। जिसका समाधान आज तक नहीं हो पाया है। आतंकवाद से निपटने के लिए कई रणनीति अपनाई गई, परंतु कोई भी कामयाब नहीं हो पाया है। हम यहां पर भारत में आतंकवाद पर निबंध शेयर कर रहे है। इस निबंध में भारत में आतंकवाद के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

Bharat-Mein-Aatankwad-Par-Nibandh

Read Also: हिंदी के महत्वपूर्ण निबंध

भारत में आतंकवाद पर निबंध | Bharat Mein Aatankwad Par Nibandh

भारत में आतंकवाद पर निबंध (250 शब्द)

आतंकवाद एक ऐसी समस्या है, जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुकी है। जिसके लिए मानव पूरे दिमाग के इस्तेमाल से आतंकवाद को फैला रहा है। लोगों को कमजोर बनाने के लिए और लोगों में डर बनाने के लिए जिससे वह राष्ट्रीय पर राज कर सकें, परंतु हमें यह समस्या को सुलझाने की बहुत अधिक जरूरत है।

आतंकवाद की समस्या इतनी बड़ी हो गई है कि इसे जड़ से खत्म करना ही सही रहेगा। लोगों के दिमाग पर आतंकवाद इतना हावी हो चुका है कि वह और कुछ सोचने समझने की स्थिति में नहीं रह गए हैं। आतंकवाद हमेशा अपने सकारात्मक परिणामों को पाने के लिए हिंसात्मक तरीके अपनाता रहता है, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी होती है।

आतंकवादी लोग  देखने में हमारी तरह ही साधारण लोग होते हैं इसीलिए हम अंदाजा नहीं लगा सकते हैं कि कौन आतंकवादी है। जिसके साथ कोई गलत घटना घटी हो और वह अपना नियंत्रण खो दें। जिसकी वजह से उसकी सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। इस तरह से वह बुरे प्रभाव में आकर लोगों को क्षति पहुंचाने का काम करते हैं। वह सब मिलकर एक आतंकवादी समूह बना लेते हैं, जो अपने ही राष्ट्रीय समाज और समुदाय से लड़ाई करते रहते हैं। इससे सभी युवाओं के विकास और वृद्धि में भी बहुत प्रभाव पड़ता है।

देखा जाए तो आतंकवाद किसी भी देश को विकसित होने नहीं देता है। वह हमें कई साल पीछे तक धकेल सकता है। आतंकवाद इस समय देश पर अंग्रेजों की तरह ही राज कर रहा है और हमें इससे आजादी पाने की अब बहुत अधिक आवश्यकता है। कई अमीर लोग अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए इन लोगों का समर्थन भी करते रहते हैं।

भारत में आतंकवाद पर निबंध (850 शब्द)

प्रस्तावना

आतंकवाद उच्च स्तर पर भारत में लगातार फैलती ही जा रही है, बल्कि भारत में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैलती जा रही है। लोगों की परेशानी का कारण बनती जा रही है। जिसकी वजह से लोगों में डर और दहशत चल रहा है। कुछ ऐसे समुदाय मिलकर जो कि कुछ मानव निर्मित घटनाओं को करते हैं, वह सब आतंक कहलाता है।

जिस तरह से भारत ढेर सारी चुनौतियों का सामना कर रहा है। जैसे गरीबी, जनसंख्या, वृद्धि, निरक्षरता और समानता इनके चलते सबसे बड़ी चुनौती है, आतंकवाद की। चाहे कोई देश बड़ा हो या छोटा हर देश में आतंकवादियों से लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

आतंकवाद क्या है?

भारत में सबसे ज्यादा आतंकवाद उच्च स्तर पर है, बल्कि अब भारत में ही नहीं बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या बन गई है। लोगों में डर दहशत लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आतंकवाद एक ऐसा समूह है, जो लोगों के द्वारा मिलकर बनाया जाता है, और हिंसा फैलाई जाती है। जैसे कि दंगे फसाद, चोरी, बलात्कार, अपहरण, लड़ाई, झगड़ा, बम ब्लास्ट यह सब दुर्घटनाएं करते हैं, यही सब आतंकवाद कहलाता है।

भारत में सबसे पहले आतंकवाद 1967 में देखा गया था। जब कुछ लोग हिंसक हो गए थे और अपनी बात मनवाने के लिए आतंकवादी बन कर उभरे थे।

आतंकवाद के मुख्य कारण

  • लगातार आबादी का तेजी से बढ़ना।
  • शिक्षा में कमी का होना।
  • किसी के बहकावे में आकर हिंसा फैलाना।
  • किसी की गलत संगति में रहना।
  • बंदूक मशीन गन तोपे एटम बम हाइड्रोजन बम परमाणु हथियार मिसाइल इन सभी का अधिक मात्रा में निर्माण होना।
  • सबसे बड़ा कारण राजनीतिक सामाजिक और अर्थव्यवस्था है।
  • देश की व्यवस्था के प्रति लोगों का असंतुष्ट होना।

इसके अलावा सबसे बड़ा मुख्य कारण है, जाति को लेकर लोग अपनी बात को मनवाने के लिए आए दिन आतंकवादियों का साथ देकर आतंकवादी हमले करवाते हैं। आतंकवाद की वजह से समाज देश के प्रति विद्रोह और संतोष होता रहता है। जिसमें भ्रष्टाचार जातिवाद आर्थिक विषमता भाषा का मतभेद यह सब भी आतंकवाद के मूल कारण बनते जा रहे हैं।

हिंदू मुसलमान जाति के बीच दंगे सबसे प्रसिद्ध माने जाते हैं। इनके बीच जाति को लेकर मतभेद चलता ही रहता है। कभी पैसों की मांग करना तो कभी कोई गलत काम करना कभी किसी देश पर हमला करवाना इत्यादि सभी यह काम होते ही रहते हैं, जिसकी वजह से आतंकवाद पनपता ही जा रहा है।

आतंकवाद की वजह से होने वाला असर और दुष्परिणाम

आतंकवाद का सबसे बड़ा उद्देश्य सामाजिक एवं राजनीतिक सिस्टम को खत्म करना होता है। सबसे ज्यादा असर इसका आम जनता पर ही पड़ता है। आतंकवादी तो यह सब देश की सरकार को बताने के लिए ही काम करते हैं, परंतु आम जनता पर जुल्म होता है। जिसकी वजह से किसी का भाई किसी की बहन किसी के माता किसी की पिता किसी को भी आघात पहुंच सकता है और इन सब से किसी का लेना देना भी नहीं होता है। इस कारण वह घर से निकलने में हिचकीचाता है उनमें डर फैल जाता है।

  • लोगों में डर बढ़ता ही जा रहा है, वह अपने राज्य देश में खुद को अब असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।
  • इसके सामने कई बार सरकार को भी कमजोर पाया गया है, इसकी वजह से आम जनता का सरकार पर से भरोसा उठता जा रहा है।
  • आतंकवाद को मुद्दा बनाकर किसी भी सरकार को दूसरे के खिलाफ भड़काया जाता है, और उस सरकार को गिरा दिया जाता है।
  • आतंकवाद के चलते लोगों की लाखों की संपत्ति नष्ट हो जाती है, और इसमें करोड़ों मासूमों की जान तक चली जाती है।
  • कई बेकसूर जीव जंतु भी मारे जाते हैं।
  • मानव जाति का एक दूसरे के ऊपर से भरोसा उठ जाता है।
  • एक आतंकवादी गतिविधि देखने के बाद दूसरा आतंकवादी खुद पर खुद पैदा होने लगता है, जिसकी वजह से आतंकवादियों की संख्या बढ़ती जा रही है।

भारत में हुए आतंकवाद हादसे

  • 2001 में देश के सबसे सुरक्षित इमारत संसद भवन में दिन के समय में आतंकवादी घुस गए थे और वहां पर पुलिस एवं सुरक्षा कर्मी के साथ मुठभेड़ हो गई थी। जिसमें कई आतंकवादियों को मार गिराया उस समय पूरी संसद में दहशत का माहौल बन गया था।
  • 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेन को निशाना बनाया गया था 11 मिनट में 7 बम ब्लास्ट किए गए थे। जिसमें बहुत सारे बच्चे बूढ़े महिलाएं नौजवान इन सभी की जान गई थी।
  • 2008 में मुंबई की होटल ताज और होटल ओबेरॉय में आतंकवादी घुस गए थे, और कई दिनों तक वहां पर कई लोगों को बंदी बनाकर रखा था।
  • 14 फरवरी को 2019 में पुलवामा आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले में लगभग 36 जवान शहीद हो गए थे और कई जवान घायल भी हुए थे।
  • 13 मई 2008 को जयपुर के सिलसिलेवार मैं बम विस्फोट हुआ जिसकी वजह से कई लोगों की जान गई थी।
  • 2007 में अजमेर के शरीफ दरगाह में विस्फोट हुआ था जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई थी।

भारत में आतंकवाद अटैक की बहुत ही लंबी लिस्ट है। इसमें कई छोटे से बच्चों को ही गलत शिक्षा दी जाती है और उन्हें बड़े होकर आतंकवादी बनाया जाता है। इसमें लोगों को पैसे दिए जाते हैं और आतंकवादी काम करवाए जाते हैं बम विस्फोट करवाया जाता है आतंकवाद के चलते ही इंदिरा गांधी एवं राजीव गांधी की हत्या की गई थी।

आतंकवाद को दूर करने के उपाय

  • धर्म को सही ढंग से हमें समझना होगा जिसके चलते मानव जाति धर्म जातिवाद के नंबर में इस कदर उलझे हुए हैं, कि धर्म के ऊपर इंसानियत के बारे में कोई सोचता ही नहीं है। धर्म हमारे लिए केवल एक सुविधा ही नहीं है। धर्म अच्छी शिक्षा भी हैं ज्ञान की बातें ही इंसानियत सिखाती है हमें जाति से ऊपर इंसानियत को रखना चाहिए।
  • आतंकवाद को खत्म करने के लिए सबसे अच्छा उपाय यह है, कि सबको अच्छी से अच्छी शिक्षा दी जाए जब सब को अच्छी शिक्षा मिलेगी तो उनकी सोच बदलेगी सोचने समझने की शक्ति में बदलाव आएगा और वह सही राह पर चल सकेंगे क्योंकि शिक्षित व्यक्ति कभी भी अपना बुरा नहीं करता है और ना ही दूसरों के बुरे के बारे में सोचता है।
  • आतंकवाद से निपटने के लिए सभी देशों को एकजुट होकर रहना होगा और उन्हें साथ मिलकर काम करना होगा भारत में 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता है, क्योंकि अकेला इंसान इस समस्या से नहीं लड़ सकता है जब सब एक साथ मिलकर लड़ेंगे तभी इस समस्या से निजात पा सकेंगे।

निष्कर्ष

आतंकवाद की समस्या को खत्म करने के लिए देश हमेशा काफी पैसा को खर्च करता है, परंतु इसका कोई समाधान नहीं निकल पाया है। महामारी बीमारी की तरह पनपता ही जा रहा है। अगर हमें सच में आतंकवाद को रोकना है, तो हमें पूरी तरह से जिम्मेदार होना चाहिए, और यह तभी रुक पाएगा जब कुछ बुरी और परेशान लोगों की लालच भरी बातों में कभी कोई नहीं आएगा और अपनी सोच समझ के साथ सभी कार्य करेगा।

अंतिम शब्द

आज हमने अपने इस लेख में आपको भारत में आतंकवाद पर निबंध ( Bharat Mein Aatankwad Par Nibandh) आतंकवाद की समस्या के बारे में बताया है। हमें भी प्राप्त करना चाहिए कि जल्द से जल्द हमारे देश से आतंकवाद खत्म हो आशा करते हैं। आपको यह लेख पसंद आया होगा अगर आपको ऐसे संबंधित कोई जानकारी चाहिए तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

Read Also:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here