ट्रेडिंग क्या होता है?

Trading Kya Hai : आज के समय में शेयर बाजार में पैसा लगाना काफी आम हो गया है लेकिन शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले लोगों में से अधिकतर लोग ट्रेडिंग के बारे में जानकारी नहीं रखते हैं। शेयर बाजार में कम समय के अंदर ज्यादा मुनाफा कमाने वाले लोग मुख्य तौर पर ट्रेडिंग करते हैं। ट्रेडिंग कई प्रकार की अलग-अलग चीजों पर किया जा सकता है।

Trading Kya Hai
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मुख्य रूप से शेयर पर ट्रेडिंग करना काफी लोकप्रिय हुआ है। हालांकि वर्तमान समय में स्टॉक पर भी ट्रेडिंग करके लोग रोजाना अच्छे पैसे भी कमा रहे हैं। ट्रेडिंग के मदद से आप कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

ट्रेडिंग ही एकमात्र ऐसा जरिया है, जो लोगों को ऑनलाइन बेहतरीन पैसे कमाने का और कम समय में अधिक पैसे कमाने का मौका देता है। आज के आर्टिकल में हम आपको ट्रेडिंग क्या होता है? ट्रेडिंग के कितने प्रकार हैं? इन सभी सवालों के जवाब देने का प्रयास करेंगे।

ट्रेडिंग क्या होता है?(Trading Kya Hai)

सामान्य तौर पर हम किसी भी बिजनेस को करते समय ट्रेडिंग शब्द का प्रयोग अक्षर करते हैं। ट्रेडिंग का मतलब यह होता है कि कम प्राइस में किसी भी वस्तु को खरीदकर उसे अधिक प्राइस में मुनाफे के साथ बेचना ट्रेडिंग कहलाता है।

शेयर बाजार में भी ट्रेडिंग के माध्यम से खरीदने व बेचने का काम होता है। जिसमें किसी भी स्टॉक को कम प्राइस में खरीद लिया जाता है और थोड़े समय बाद जब स्टॉक की कीमत में बढ़ोतरी होती है, तो उसे बेच दिया जाता है। इस प्रक्रिया को ट्रेडिंग का नाम दिया गया है।

ट्रेडिंग के माध्यम से किसी भी शहर को खरीदना और उसे कम समय में अधिक मुनाफे के साथ बेचना काफी आम हो गया है। लेकिन कई बार कम समय में लोगों को फायदा नहीं मिलता है। लाखों लोग रोजाना शेयर पर ट्रेडिंग करके ही अपना घर चलाते हैं और अच्छा पैसा भी कमा रहे हैं। शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले लोग आज विश्व के अरबपतियों की सूची में भी शामिल है।

ट्रेडिंग को दूसरी भाषा में समझा जाएं तो किसी भी वस्तु को खरीदने के बाद जब उस वस्तु के भाव बढ़ जाए तो उसे बेच देना ट्रेडिंग कहलाता है।

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग क्या होता है?

शेयर मार्केट के ट्रेडिंग की बात की जाएं तो शेयर मार्केट का ट्रेडिंग सुबह 9:15 पर शुरू होता है। कहने का मतलब यह है कि शेयर मार्केट 9:15 पर खुलता है। जो दोपहर 3:30 तक रहता है। 3:30 के बाद आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर सकते हैं क्योंकि शेयर मार्केट बंद हो जाता है।

इस बीच जितने भी शेयर को खरीदा और बेचा जाता है, उसके माध्यम से व्यक्ति अच्छा मुनाफा कमा सकता है। शेयर मार्केट के ट्रेडिंग में अलग-अलग प्रकार की तकनीक का प्रयोग करके लोग शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं।

क्योंकि यहां ट्रेडिंग के दौरान जोखिम बहुत अधिक होता है और इसी जोखिम से बचने के लिए सभी लोग अपने-अपने अलग-अलग फॉर्मूला का प्रयोग करते हुए शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं। फिर अपनी सुविधा और जोखिम के आधार पर ही ट्रेडिंग करते हैं क्योंकि यहां किस समय आपको नुकसान हो जाएगा इसका पहले से अंदाजा लगा पाना बहुत ही मुश्किल है।

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है?

ट्रेडिंग के प्रकार के बारे में बात की जाएं तो ट्रेडिंग करने के अलग अलग प्रकार होते हैं। जिसकी मदद से व्यक्ति शेयर बाजार में पैसा लगाता है और हर रोज पैसा कमाता है। ट्रेडिंग को मुख्य तौर पर चार भागों में विभाजित किया गया है। ट्रेडिंग के प्रकार नीचे दिए गए हैं:

  • Intraday Trading
  • Scalping Trading
  • Swing Trading
  • Positional Trading

Intraday Trading क्या है?

यह एक तौर से सामान्य ट्रेडिंग है, जो सुबह शेयर बाजार खुलने से लेकर बंद होने के बीच की जाती है। इस ट्रेडिंग का समय सुबह 9:15 से लेकर शाम 3:30 तक रहता है।

शेयर बाजार में इस समय अवधि के दौरान आप किसी भी स्टाफ को खरीद वह बेच सकते हैं। स्प्रेडिंग में आपको 1 दिन का समय मिलता है। यानी कि आपको 1 दिन में शेयर को खरीदकर उन्हें बेचना भी होता है।

Scalping Trading क्या है?

इस प्रकार की ट्रेडिंग के माध्यम से शेयर बाजार के खुलने से लेकर बंद होने तक पूरे दिन ट्रेडिंग करने की अनुमति नहीं दी गई है। यह ट्रेडिंग मात्र 50 मिनट के लिए खुलती है। सुबह 9:15 पर जब शेर बाजार खुलता है। तब से यह ट्रेडिंग शुरू होती है और सुबह में 10:05 पर यह ट्रेडिंग बंद हो जाती है।

इस बीच इस प्रकार की ट्रेडिंग के माध्यम से आप शेयर को खरीद सकते हैं और बेच सकते हैं और इस प्रकार की ट्रेडिंग के माध्यम से मात्र 50 मिनट में आप जो मुनाफा कमा सकते हैं, उतना कमा सकते हैं। इस ट्रेडिंग का टाइम मात्र 50 मिनट का होता है।

Swing Trading क्या है?

इस प्रकार की ट्रेडिंग अन्य दोनों ट्रेडिंग से पूरी तरह से अलग है। इस ट्रेडिंग के माध्यम से आप किसी एक दिन शेयर को खरीदकर उसे जब चाहे तब वापस बेच सकते हैं। यानी कि इसके लिए कोई निश्चित अवधि नहीं है। आपको इस प्रकार के ट्रेडिंग के माध्यम से शेयर को खरीदकर उसे होल्ड रखने का मौका मिलता है और जब उस शेयर या स्टॉक की कीमत में इजाफा होता है।

तब आप उस शेयर को बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। ज्यादातर लोग इसी बिल्डिंग का प्रयोग करके शेयर बाजार में पैसे लगाते हैं क्योंकि कम समय में नुकसान अधिक होने का चांस रहता है। ऐसे में होल्ड करके पैसे रखना उनके लिए काफी ज्यादा सेफ माना जाता है।

Positional Trading क्या है?

यह ट्रेडिंग सबसे लंबे अवधि के ट्रेडिंग मानी जाती है। इस बिल्डिंग के माध्यम से बहुत ही कम इन्वेस्टमेंट से अच्छा पैसा कमाया जा सकता है या ऐसे भी कह सकते हैं कि यह ट्रेडिंग बहुत ही कम रिस्की भी होती है क्योंकि लंबे समय तक आप उस स्टॉक की कीमत को अच्छे से एनालाइज कर सकते हैं।

जब स्टॉक की कीमत में इजाफा होता है तब उसे बेचकर पैसे कमाए जा सकते हैं। शेयर बाजार में रोजाना अप डाउन का असर होता रहता है। ऐसे में लंबे समय तक किसी भी शेयर को एनालाइज करने के बाद अच्छा प्रॉफिट देखते ही उसे आराम से बेचा जा सकता है।

Trading कैसे की जाती है?

ट्रेडिंग करना बहुत ही आसान है। हर प्रकार के बिजनेस में ट्रेडिंग की प्रक्रिया ही अपनाई जाती है। किसी भी वस्तु को कम प्राइस में खरीदकर उसे मुनाफे के साथ अधिक प्राइस में बेचना ट्रेडिंग होता है। उदाहरण के तौर पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग की बात की जाएं तो सुबह 9:15 पर किसी भी एक शेर को ₹90 में खरीदकर उसे 1:00 बजे तक या फिर 3:30 से पहले ₹100 में बेचना ट्रेडिंग होता है।

जिसमें व्यक्ति ₹90 में खरीदकर उसे ₹100 में बेचता है यानी कि प्रति शेयर उसे ₹10 का ट्रेडिंग के माध्यम से मुनाफा होता है। यह पूरी प्रक्रिया करके लोग प्रतिदिन शेयर में ट्रेडिंग करते हैं और अच्छा मुनाफा कमाते हैं।

Trading करने के लिए जरूरी चीजें

शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने के लिए व्यक्ति के पास एक डीमेट अकाउंट होना अनिवार्य है। डीमेट अकाउंट बनाने के लिए आपको कहीं पर जाने की जरूरत नहीं है। आप ऑनलाइन ही अपना डीमेट अकाउंट बना सकते हैं। इसके लिए आप के आधार कार्ड में आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। उसके जरिए ही आप डीमेट अकाउंट ओपन कर पाएंगे।

आज के समय में डीमेट अकाउंट ओपन करने के लिए बहुत सारे प्लेटफॉर्म है। उदाहरण के तौर पर Up stock व Grow जैसे एप्लीकेशन मौजूद है। जिनके माध्यम से आप अपना डीमेट अकाउंट ओपन कर सकते हैं और उसके बाद शेयर बाजार में ट्रेडिंग कर सकते हैं।

FAQ

Trading का क्या मतलब होता है?

ट्रेडिंग को हिंदी में व्यापार कहा जाता है। जिसका मतलब यह है कि किसी भी वस्तु को कम कीमत में खरीदकर उसे अधिक कीमत में यानी कि मुनाफे के साथ बेचना ट्रेडिंग कहलाता है।

शेयर बाजार की ट्रेडिंग के प्रकार कितने हैं?

शेयर बाजार के ट्रेडिंग की बात की जाएं तो शेयर बाजार में 4 तरीके से ट्रेडिंग की जाती है।

शेयर बाजार का क्या टाइम होता है?

शेयर बाजार का टाइम सुबह 9:15 से लेकर दोपहर 3:30 तक होता है।

क्या शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना सुरक्षित है?

शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना कितना सुरक्षित है? इसके बारे में पहले अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। लेकिन आप उचित स्टॉक और शेयर को खरीदकर अच्छे पैसे कमा सकते हैं और यहां आपको नुकसान भी हो सकता है।

निष्कर्ष

वर्तमान समय में शेयर बाजार में पैसे लगाना काफी आम बात हो गया है। शेयर बाजार में पैसे लगाकर लोग अच्छे पैसे कमा रहे हैं। बाजार में किसी भी शेयर या स्टॉक को खरीदना बेचना ट्रेडिंग होता है और उस ट्रेडिंग के माध्यम से ही हर व्यक्ति को मुनाफा होता है। शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना जितना फायदेमंद माना जाता है, उतना ही रिस्की भी होता है क्योंकि यह नुकसान होने के चांस भी काफी अधिक है।

आज के आर्टिकल में हमने आपको ट्रेडिंग क्या होता है? (Trading Kya Hai)और ट्रेडिंग कितने प्रकार का होता है। इसके बारे में डिटेल में जानकारी दी है। हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी।

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