समबाहु त्रिभुज (फार्मूला, परिभाषा और गुण)

Sambahu Tribhuj: जैसा कि हम जानते हैं गणित में विभिन्न प्रकार की आकृति होती है, उनमें से एक महत्वपूर्ण आकृति त्रिभुज की भी होती है। त्रिभुज से जुड़े विभिन्न प्रकार के प्रश्नों में रोजमर्रा के जीवन में मिलते है।

आपको बता दें कि त्रिभुज को भी अलग-अलग तरह के प्रकार में विभाजित किया गया है। एक महत्वपूर्ण त्रिभुज का प्रकार है, जिसे हम समबाहु त्रिभुज कहते हैं, उस से जुड़े सभी प्रकार की जानकारियां जैसे समबाहु त्रिभुज का फार्मूला, परिभाषा और गुण के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देने का आज के लेख में प्रयास किया गया है।

Sambahu Tribhuj
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गणित में जुड़े विभिन्न प्रकार के आकृतियों को समझने के लिए हमें उन आकृतियों के सूत्र परिभाषा और गुण की समझ होना आवश्यक है। इस तरह की जानकारी ना केवल आपको गणित के सवाल हल करने में बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हिसाब किताब करने की ताकत प्रदान करती है।

समबाहु त्रिभुज का फार्मूला, परिभाषा और गुण अच्छे से समझने पर आप अपने पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन दिखा सकते हैं। साथ ही अलग-अलग किस्म के परीक्षाओं में अच्छा अंक लाकर अपने भविष्य के उन्नत दरवाजे खोल सकते हैं।

समबाहु त्रिभुज (फार्मूला, परिभाषा और गुण) | Sambahu Tribhuj

समबाहु त्रिभुज की परिभाषा

जैसा कि इस आकृति के नाम से ही आप यह समझ सकते हैं कि समबाहु त्रिभुज त्रिभुज का एक प्रकार है और इसमें तीन भुजाएं होती है। जब तीन एक समान आकार की भुजा है एक बंद आकृति बनाती है तो हम इसे समबाहु त्रिभुज कहते है। त्रिभुज एक ऐसी आकृति होती है, जिसमें तीन रेखाएं एक दूसरे से मिलकर एक बंद आकृति बनाती है और उस बंद आकृति में दो रेखाओं के मिलने से एंगल बनता है।

अलग-अलग तरह के त्रिभुज में अलग-अलग तरह का एंगल बनता है। जैसा कि हम जानते हैं समबाहु त्रिभुज एक ऐसी आकृति होती है, जिसमें तीनों रेखाओं की लंबाई एक समान होती है और जब दो रेखाओं की लंबाई एक समान हो जाए तो आधार की रेखा से मिलकर बनने वाले दोनों एंगल एक समान होते हैं।

इस आधार पर हम यह समझ सकते हैं कि एक समबाहु त्रिभुज में मौजूद तीनों एंगल है। इस तरह के अलग-अलग गुण धर्म होते है जिनके बारे में विस्तारपूर्वक नीचे बताया गया है।

यह भी पढ़े: त्रिभुज किसे कहते हैं?, प्रकार, क्षेत्रफल एवं सूत्र

समबाहु त्रिभुज के गुणधर्म

समबाहु त्रिभुज का गुणधर्म पता होना आवश्यक है। ताकि आप इस तरह के त्रिभुज से जुड़ी सभी प्रकार के सवालों का जवाब दे सके।

  • समबाहु त्रिभुज की तीन भुजाएं होती है और इन तीनो भुजाओं की लंबाई एक समान होती है।
  • समबाहु त्रिभुज में तीनों भुजाएं एक समान होते हैं, इस वजह से तीनों कोण भी बराबर होते हैं।
  • हमें पता है कि एक त्रिभुज के तीनों एंगल को जोड़ने से 180 डिग्री बनता है, इस हिसाब को अगर हम अपनाएं तो यह पाएंगे कि समबाहु त्रिभुज का सभी एंगल 60 डिग्री का होता है।
  • इस त्रिभुज के किसी भुजा से और लंबवत अगर हम खींचते हैं तो वह कौन को दो बराबर हिस्सों में विभाजित करेगा।
  • समबाहु त्रिभुज में केंद्र, केंद्रअंक, लंब केंद्र और परी केंद्र एक ही बिंदु पर आधारित होते हैं।

समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल (sambahu tribhuj ka kshetrafal)

समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल का अर्थ होता है कि अगर एक समबाहु त्रिभुज किसी समतल पृष्ठ पर रखी गई है तो वह कितना जगह छेक रही है। एक समबाहु त्रिभुज आपके समतल पृष्ठ में किस प्रकार जगह ले रही है, इस बात को अच्छे से समझने और इससे जुड़े विभिन्न प्रकार के गणितीय प्रश्नों को हल करने के लिए आपको समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल पता होना चाहिए।

जैसा कि हम जानते हैं किसी भी प्रकार के त्रिभुज का क्षेत्रफल ½ को उसके ऊंचाई और आधार की लंबाई को गुणा करने से पता चल जाता है। जैसा कि हमने आपको पहले बताया अगर हम किसी भी भुजा पर एक ऐसा लंबवत खींचते हैं, जो किसी कोण से होकर आता है तो समबाहु त्रिभुज में वह कोण दो बराबर हिस्सों में विभाजित हो जाता है।

अगर कोई रेखा किसी कोण को दो बराबर हिस्से में विभाजित करती है तो वह 90 डिग्री का कोण बनाएगी और अगर ऐसा होता है तो हम पाइथागोरस के नियम का इस्तेमाल करके समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल पता कर सकते है।

  • समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ * आधार * ऊंचाई (जहां ऊंचाई आधार से मिलने पर 90 डिग्री का कोण बनाएगी)
  • समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = √3 a2 /4

समबाहु त्रिभुज का परिमाप (sambahu tribhuj ka parimap)

किसी भी आकृति के परिमाप का अर्थ होता है, उस आकृति के सभी बॉर्डर को जोड़ने पर कितना फल मिल रहा है। अगर हम समबाहु त्रिभुज के सभी भुजाओं का योग करें तो हम इसे उसका परिमाप कह सकते हैं। क्योंकि इससे हमें पता चलेगा कि एक समबाहु त्रिभुज का बॉर्डर कितना होता है।

  • समबाहु त्रिभुज का परिमाप = 3 X समबाहु त्रिभुज की एक भुजा का मान।

समबाहु त्रिभुज की ऊंचाई का मान

समबाहु त्रिभुज की ऊंचाई पता करना आवश्यक है, उसकी ऊंचाई आधार पर लंबवत होती है। साथ ही जिस एंगल से रेखा आकर आधार से मिलती है। समबाहु त्रिभुज में उस एंगल को दो बराबर हिस्सों में विभाजित किया जाता है।

समबाहु त्रिभुज की ऊंचाई का मान = √3 a /2

हमने ऊपर जितनी भी जानकारी बताई है, वह सब समबाहु त्रिभुज से जुड़े सभी प्रकार के गणितीय प्रश्नों का हल ढूंढने में आपकी मदद करेंगे।

FAQ

समबाहु त्रिभुज क्या होता है?

तीन भुजाओं वाली एक ऐसी आकृति जिसके मिलने पर तीनो भुजाओं की लंबाई एक समान हो साथी त्रिभुज में बने तीनों एंगल एक समान हो तो ऐसे त्रिभुज को हम समबाहु त्रिभुज कहेंगे।

समबाहु त्रिभुज की ऊंचाई क्या होती है?

समबाहु त्रिभुज की ऊंचाई आधार पर लंबवत होती है, इस वजह से समबाहु त्रिभुज के किसी एंगल से लंबवत रेखा आकर समबाहु त्रिभुज के किसी भुजा को छूती है तो वह उस एंगल को दो बराबर हिस्सों में विभाजित करती है। इसी के साथ हमें समबाहु त्रिभुज की ऊंचाई का मान = √3 a /2 मिलता है।

समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल क्या होता है?

समबाहु त्रिभुज के क्षेत्रफल का अर्थ होता है कि बराबर भुजाओं वाले त्रिभुज को अगर हम किसी समतल पृष्ठ पर रख है तो वह कितनी जगह छेक रहा है और हम यह जानते है कि समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = √3 a2 /4

त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालने ऐसा सूत्र जोहर त्रिभुज पर लागू होता हो?

किसी भी त्रिभुज का क्षेत्रफल आप उसके आधार और ऊंचाई को आधा से गुणा करके निकाल सकते हैं। किसी भी त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ X आधार X ऊंचाई।

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण देश में आप सभी लोगों को समबाहु त्रिभुज का फॉर्मूला क्या होता है? के बारे में पूरी विस्तार पूर्वक पर और साधारण शब्दों में जानकारी प्रस्तुत की है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा प्रस्तुत किया गया आज का यह महत्वपूर्ण लेख आपको आसानी से समझ में आया होगा और आपके लिए काफी काम का भी सिद्ध होगा।

अगर आपको समबाहु त्रिभुज से संबंधित प्रस्तुत किया गया यह लेख पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ और अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करना ना भूले ताकि आप जैसे ही अन्य लोगों को भी इस महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में आप के जरिए पता चल सके एवं उन्हें ऐसे ही महत्वपूर्ण लेख को पढ़ने के लिए कई और भटकने की बिल्कुल भी आवश्यकता ना हो।

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