राजीव गांधी का जीवन परिचय

राजीव गांधी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री थे, जो भारत के पहले सबसे कम आयु के प्रधानमंत्री बने थे। उनका नाम भारत के युवा प्रधानमंत्री की सूची में सबसे ऊपर है क्योंकि उन्होंने केवल 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री पद संभाल लिया था। भारत के विकास में योगदान देने की सूची में राजीव गांधी का नाम टेक्नोलॉजी की सूची में आता है।

कहा जाता है कि राजीव गांधी ने ही भारत में कंप्यूटर लाने की शुरुआत की थी, जिसकी बदौलत भारत में कार्य करने की प्रवृत्ति में बदलाव आ गया। राजीव गांधी को भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनाया गया, जिसके बाद वह भारी मतों से विजयी हुए।

राजीव गांधी भारत के 9वें प्रधानमंत्री बने थें। वह बहुत ही सरल स्वभाव के थे और उन्हें धैर्यवान व्यक्ति कहा जाता था क्योंकि वह सभी निर्णय कैबिनेट मंत्रालय और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विचार विमर्श करने के बाद ही लिया करते थें। उन्हें सहनशील और संवेदनशील नेता कहा जाता था।

Rajiv Gandhi biography in hindi

उन्होंने अपने शासनकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण कदम उठाए और भारतवर्ष के लिए बेहतरीन काम किया। राजीव गांधी भारत की पूर्व स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे थें। बता देंगे राजीव गांधी की मां और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उन्हीं के अंगरक्षको ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि राजीव गांधी पायलट थे लेकिन इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद उन्हें भारत का प्रधानमंत्री बनाया गया, जिसके बाद हुए चुनाव में देशवासियों ने उन्हें भारी बहुमत से विजई बनाया था। उन्होंने देश के युवाओं को मध्य नजर रखते हुए कई तरह के कार्य किए और कई प्रकार के फैसले लिए गए। राजीव गांधी को भी दक्षिण भारत में चुनाव प्रचार के दौरान आतंकवादियों ने मार दिया, जिसके बाद मरणोपरांत राजीव गांधी को “भारत रत्न” दिया गया।

राजीव गांधी का जीवन परिचय (जन्म, परिवार, शिक्षा, राजनितिक जीवन, मृत्यु)

राजीव गांधी की जीवनी एक नज़र में

नामराजीव गांधी
जन्म20 अगस्त 1944
जन्म स्थानबॉम्बे, महाराष्ट्र
माता का नामइंदिरा गांधी
पिता का नामफिरोज खान गांधी
भाई का नामसंजय गांधी
शिक्षाप्रशिक्षित पायलट
कार्यपायलट
पदभारत के पूर्व प्रधानमंत्री
पत्नीसोनिया गांधी
बच्चेप्रियंका गांधी, राहुल गांधी
मृत्यु21 मई, 1991
राजनीतिक पार्टीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
सम्मानभारत रत्न, इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार

राजीव गांधी का जीवन परिचय

राजीव गांधी का जन्म महाराष्ट्र के मुंबई में 20 अगस्त 1944 को हुआ था। राजीव गांधी के पिता का नाम फिरोज गांधी और माता का नाम इंदिरा गांधी था। दोनों के मध्य दूरी होने की वजह से इंदिरा गांधी अपने पिता भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के घर पर ही रहती थी। राजीव गांधी की माता इंदिरा गांधी भी भारत की पूर्व प्रधानमंत्री रह चुकी है।

प्रधानमंत्री रहते हुए उनके अंगरक्षक ने ही उन्हें गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया, जिसके बाद राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनाया गया। राजीव गांधी ने बचपन से ही राजनीति को करीब से देखा था क्योंकि उनकी माता और उनके नाना भी शुरुआत से राजनीति में ही थें।

राजीव गांधी थोड़े बड़े होने के बाद उन्हें देहरादून के विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा हेतु एडमिट करवाया गया। यहां पर उनकी मुलाकात बॉलीवुड के अभिनेता अमिताभ बच्चन से हुई। यह दोनों आगे चलकर अच्छे मित्र बन गए, उन्हीं की बदौलत अमिताभ बच्चन ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ा था।

यहां पर प्राथमिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद राजीव गांधी लंदन चले गए। जहां उन्होंने एंपीरियल कॉलेज से आगे की पढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग करने के लिए एडमिशन लिया, लेकिन इस बीच उनकी मां में प्रधानमंत्री बन गई थी।

कैंब्रिज कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़कर भारत आने के बाद राजीव गांधी इंडियन एयरलाइंस में पायलट के तौर पर काम करने लग गए। उसी दौरान उनके भाई संजय गांधी अपनी मां के साथ राजनीति में कदम रख चुके थे। लेकिन राजीव गांधी की राजनीति में कोई रुचि नहीं थी।

उनकी रुचि अंतरिक्ष में उड़ने की थी। इसलिए उन्होंने इंडियन एयरलाइंस वाइन की और नियमित रूप से वे एयरलाइंस चलाया करते थे। बतौर पायलट का काम किया करते थे। शादी की उम्र होने के समय उन्होंने अपने प्रेमिका से शादी करने का फैसला लिया।

बता दें कि लंदन में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात एंटोनिया मैनओ से हुई। उस समय राजीव गांधी एंटोनिया मैनो को अपना दिल दे दिया। दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगें। लेकिन वर्ष 1969 तक शादी की उम्र हो जाने से इसी वर्ष दोनों ने विवाह कर लिया। विवाह करने के बाद पत्नी को राजनीति में उतारने के लिए एंटोनिया मैनओ का नाम बदलकर सोनिया गांधी कर लिया।

सोनिया गांधी राजनीति में रुचि दिखाने लगे और उनके दो संताने हुए। पहली लड़की प्रियंका गांधी और दूसरा लड़का राहुल गांधी। वर्तमान समय में सोनिया गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष है और उनके दोनों संताने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की राजनीति में प्रमुख चेहरे हैं।

राजीव गाँधी का राजनैतिक जीवन

शुरुआती समय से ही राजीव गांधी को राजनीति से बिल्कुल भी लगाव नहीं था। इसलिए वे बतौर पायलट के इंडियन एयरलाइंस में काम किया करते थें। लेकिन उन्हें पारिवारिक दबाव के कारण राजनीति में आना पड़ा, क्योंकि 23 जून 1980 में राजीव गांधी के भाई संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत हो गई।

इसीलिए उन्होंने वर्ष 1981 में अपनी मां इंदिरा गांधी के साथ राजनीति में कदम रखा। सबसे पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव जीता और संसद में अपना स्थान बनाया। राजीव गांधी भारत के सबसे युवा कांग्रेस नेता और कांग्रेस अध्यक्ष बन गए थें।

राजीव गांधी की राजनीति में आने के मात्र 3 वर्ष बाद ही उनकी माता इंदिरा गांधी को 31 अक्टूबर 1984 के दिन उनके ही सिख बॉडीगार्ड ने गोलियों से भून कर मार दिया, जिससे उनकी उसी समय मौत हो गई। पूरे समय प्रधानमंत्री पद से लेकर संपूर्ण कांग्रेस पार्टी की जिम्मेदारी राजीव गांधी के कंधों पर आ गई।

लेकिन वर्ष 1981 में हुए आम चुनाव में राजीव गांधी को पूर्ण बहुमत मिला, जिससे राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के युवा प्रधानमंत्री बन गए। राजीव गांधी प्रधानमंत्री के तौर पर भारत देश के लिए कई सारे ऐसे काम किए, जिनके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है।

भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने शासनकाल के दौरान भारत की उन्नति और विकास के लिए भारत में कंप्यूटर विज्ञान तथा संचार से संबंधित संसाधनों की उपलब्धता कराई और इससे संबंधित कार्य भी शुरू करवाई थी, जिससे भारत में संचार क्रांति शुरू हुई और देखते ही देखते कंप्यूटर भारत के कोने कोने में दिखाई देने लगे।

बता दें कि सबसे पहले राजीव गांधी ने ही भारत में 18 वर्ष के युवाओं को वोट देने का अधिकार दिया था, जिसमें पंचायती राज भी शामिल है। राजीव गांधी ने अपने शासनकाल में पंजाब, असम, मिजोरम और श्रीलंका में शांति स्थापना में पूरा योगदान दिया था।

राजीव गांधी के राजनीतिक कैरियर के दौरान उनके ऊपर भ्रष्टाचारी का भी आरोप लगा। बता देंगे भारत की इतिहास में प्रसिद्ध बोफोर्स घोटाला राजीव गांधी सरकार के समय हुआ था। जिसमें राजीव गांधी के ऊपर मुख्य तौर पर आरोप लगाया गया था कि यह भ्रष्टाचारी है, जिन्होंने घूसखोरी से देश को लूटा है। यह आरोप राजीव गांधी के ऊपर सन 1985 के दौरान लगा था। जिसके बाद इसका आगामी चुनाव पर भी असर दिखाई दिया।

वर्ष 1990 में हुए आम चुनाव में राजीव गांधी को हार का सामना करना पड़ा और लगभग 2 वर्षों तक राष्ट्रपति विपक्ष में बैठे रहें। यह एक बहुत बड़ा आरोप था, जिसकी वजह से राजीव गांधी सहित संपूर्ण कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।

राजीव गाँधी मृत्यु 

राजीव गांधी ने श्रीलंका में अंतर की मसलों पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। दक्षिण भारत पर भी उनका असर पड़ा क्योंकि दक्षिण भारत के तमिलनाडु में भी श्रीलंका के तमिल आतंकवादियों का बसेरा था। राजीव गांधी आगामी चुनाव प्रचार के दौरान सन 1991 में दक्षिण भारत में चुनाव प्रचार के लिए गए थे।

उसी दौरान 21 मई 1991 को राजीव गांधी को मानव बम द्वारा मार दिया गया।‌ बता दें कि तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान श्रीलंका के तमिल नाडु का आतंकवादियों ने दक्षिण भारत के तमिलनाडु के तमिल अलगाववादी संगठनों के साथ मिलकर राजीव गांधी के चुनाव प्रचार के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया। उस धमाके में राजीव गांधी की मौत हो गई।

राजीव गांधी हत्याकांड का मास्टरमाइंड केवल 19 वर्ष का एक लड़का था, जो तमिलनाडु के एक छोटे से कस्बे का रहने वाला था। उसने तत्कालीन भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर चुनाव प्रचार के दौरान हमला करने के लिए मानव बम बनाया था। उसे बचपन से ही इलेक्ट्रॉनिक्स माध्यम में काफी रूचि थी।

इसलिए उसने अपनी गिरफ्तारी के बाद भी जेल में इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन की पढ़ाई को जारी रखा, जिसकी बदौलत उसे गोल्ड मेडल दिया गया। बता दें कि वर्तमान समय में राजीव गांधी हत्याकांड का मास्टरमाइंड उम्र कैद की सजा काट रहा था लेकिन उसे सर्वोच्च अदालत ने रिहा कर दिया है। इस घटनाक्रम के दौरान कुल 7 लोगों को दोषी करार दिया गया था, जिसमें पेरारिवलन को मौत की सजा सुनाई गई थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तमिलनाडु में आगामी चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी गए थे। वहां पर चुनाव प्रचार के दौरान एक बुजुर्ग महिला राजीव गांधी के पास आई, जिसने राजीव गांधी को माला पहनाई और नीचे झुकी तब राजीव गांधी को लगा कि पैर छू रही है।

लेकिन उसने नीचे जुककर अपने कमर से बंधे हुए मानव बम का बटन दबा दिया। इससे उस धमाके में उस महिला समेत भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कुछ लोगों की मौत हो गई थी। यह धमाका 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान हुआ था।

भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को मारने की साजिश शिवरासन ने रची थी। यह दक्षिण भारत के तमिलनाडु के जंगलों में रहने वाले तमिल आतंकवादी थें, जो श्रीलंका के तमिल आतंकवादियों से मिले हुए थे। श्रीलंका के तमिल आतंकवादियों ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री राजीव गांधी को मारने की इच्छा जाहिर की, क्योंकि राजीव गांधी श्रीलंका में आतंकवादी गतिविधियों में वहां पर शांति स्थापित करना चाहते थें।

इसीलिए श्रीलंका के आतंकवादियों के सहयोग से तमिलनाडु के शिवरासन ने एजी पेरारिवलन को इलेक्ट्रॉनिक बम की जिम्मेदारी दी, जिसने बैटरी के माध्यम से एक बुजुर्ग महिला के कमर पर मानव बम बांधकर राजीव गांधी को मरवा दिया।

FAQ

राजीव गांधी राजनीति से पहले क्या करते थे?

राजनीति में आने से पहले राजीव गांधी इंडियन एयरलाइंस में पायलट का काम करते थें।

राजीव गांधी की हत्या किसने की थी?

तमिल आतंकवादी संगठनों ने राजीव गांधी की हत्या की थी।

राजीव गांधी भारत के प्रधानमंत्री कब बने?

राजीव गांधी 1984 में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनें।

बिना इच्छा के राजीव गांधी को भारत का प्रधानमंत्री क्यों बनाया गया?

राजीव गांधी की मां और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षक सिख बॉडीगार्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके बाद राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनाया और कांग्रेस की जिम्मेदारी दी गई।

निष्कर्ष

राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने मात्र 40 वर्ष की आयु में भारत के प्रधानमंत्री पद संभाला था। लेकिन दक्षिण भारत के तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान आतंकवादी संगठनों ने मानव बम के जरिए धमाका करके राजीव गांधी की हत्या कर दी।

राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए भारत के लिए आधुनिक क्षेत्र में कई विशेष कार्य किए हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी विज्ञान तथा कंप्यूटर विशेष रूप से संचालित किए गए थे। राजीव गांधी बचपन से ही परिवार में पले बढ़े, फिर भी उनकी रुचि राजनीति में नहीं थी। यही कारण है कि उन्होंने राजनीति के बजाय पायलट बनना चुना था।

एक विमान हादसे में राजीव गांधी के भाई की मौत हो गई, जिसके बाद राजीव गांधी को अपनी मां के साथ राजनीति में कदम रखना पड़ा। पहली बार उन्होंने उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और देश की संसद पहुंच गए। जिसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या करने के बाद राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको राजीव गांधी का पूरा जीवन परिचय विस्तार से बता चुके हैं। हमें उम्मीद है यह जानकारी आपको जरूर पसंद आई होगी। अगर आपका इस आर्टिकल से संबंधित कोई भी प्रश्न है, तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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