पुस्तक कौन सी संज्ञा है?

पुस्तक कौन सी संज्ञा है (Pustak Kaun si Sangya Hai)

पुस्तक कौन सी संज्ञा है?

पुस्तक जातिववाचक संज्ञा है।

Pustak Kaun si Sangya Hai?

Pustak Jativachak Sangya Hai.

“वह शब्द जो किसी जाति का बोध करवाता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते है।”

पुस्तक एक जातिवाचक संज्ञा है, क्योंकि यह एक विशेष जाति को प्रदर्शित कर रही है।

जातिवाचक संज्ञा के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

जातिवाचक संज्ञा के कुछ अन्य उदाहरण

लड़का पुस्तक पढ़ रहा है।

उपर्युक्त वाक्यों में लड़का और पुस्तक दोनों ही जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण है किंतु यह स्पष्ट नहीं कि वह लड़का कौन है या वह कौन सी पुस्तक पढ़ रहा है।

लड़का और पुस्तक दोनों ही लड़का और पुस्तक की सभी जातियों का बोध कराते हैं। अतः यह स्पष्ट है कि पुस्तक जातिवाचक संज्ञा है।

उसी प्रकार एक और उदाहरण को देखते है:

मेरे मित्र को पुस्तक पढ़ना पसंद है।

यह ना तो यह स्पष्ट है कि मेरा कौन सा मित्र है और उसे कौन सी पुस्तक पढ़ना पसंद है। अतः मित्र शब्द और पुस्तक शब्द मित्र और पुस्तक की सभी जाति का बोध करा रहे हैं। अतः ये जातिवाचक संज्ञा होंगे।

संज्ञा की परिभाषा, भेद और उदाहरण के लिए यहां क्लिक करें।

परीक्षा में यह भी पूछे जा सकते हैं

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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