प्राप्तांक में कौन सा समास है?

प्राप्तांक शब्द में समास (Praaptaank Mein Kaun sa Samas Hai)

प्राप्तांक में प्रयुक्त समास का नाम क्या है?
प्राप्तांक में अव्ययीभाव समास है।

Praaptaank Mein Kaun sa Samas Hai ?
Praaptaank Shabd mein Avyayibhav Samas Hai.

प्राप्तांक का समास विग्रह क्या है?
प्राप्तांक का समास विग्रह प्रात किए आंक
 है।

Praaptaank Ka Samas Vigrah kya hai ?
Praat kiya Aank

प्रात किए आंक का समस्त पद है?
प्राप्तांक

अव्ययीभाव समास की परिभाषा

अव्ययीभाव समास  समास जिसको हिंदी व्याकरण का मुख्य भाग माना जाता है और विद्यार्थियों के लिए सबसे कठिन भाग भी यही होता है। समास के बारे में जानकारी लेना विद्यार्थियों के लिए काफी मुश्किल रहता है।‌ लेकिन यदि विद्यार्थी समास की जानकारी स्टेप बाय स्टेप ले तो उन्हें समझने में आसानी रहेगी।

आज हम यहां पर अव्ययीभाव समास के बारे में विस्तार से जानने वाले है यहां पर हम अव्ययीभाव समास की परिभाषा और अव्ययीभाव समास के उदाहरण आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करने वाले है।

समास के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करने के लिए यहां पर क्लिक करें समास (परिभाषा, भेद और उदाहरण)

अव्ययीभाव समास किसे कहते है?

अव्ययीभाव समास की परिभाषा: इस समास में पहला और पूर्व पद जो अवयव होता है और उसका अर्थ प्रधान रहता है। अभियोग के संयोग से समस्त पद भी अभियोग बन जाते हैं। इससे पूर्व पद पूरी तरह से प्रधान रहता है।

अव्यय किसे कहते है?

अव्यव उन शब्दों को कहा जाता है जिन शब्दों में लिंग, कारक और काल इन तीनों में से किसी का प्रभाव न पड़े। मतलब अपरिवर्तित रहे, वे शब्द अव्यय कहलाते हैं।

अव्ययीभाव समास जिसके पहले पद के रूप में अनु, आ, प्रति, यथा, भर, हर इत्यादि शब्द आते हैं।

अव्ययीभाव समास के उदाहरण

Avyayibhav Samas ke Udaharan

  • प्रतिदिन – दिन दिन
  • यथामती – मती के अनुसार
  • जन्म – जन्म से लेकर
  • यथाबल – बल के अनुसार
  • अनजाने – बिना जाने
  • प्रतिमाह – प्रत्येक महीना
  • प्रतिदिन – प्रत्येक दिन
  • यथारुचि – रूचि के अनुसार

ऊपर उदाहरण में आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि समाज के प्रथम पद यथा प्रति इत्यादि आ रहे हैं और यहां पर शब्दों का समास होने पर “से और के” इत्यादि चिन्हों का लोप हो रहा है।

  • बेखटके – बिना खटके
  • बेअटके – बिना अटके
  • प्रत्यक्ष – आंख के पीछे
  • निसंदेह – संदेश रहित

इन उदाहरणों में आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि समाज का प्रथम पद जिनमें नी, प्र और‌‌ बे का प्रयोग हो रहा है जो अवयव है और शब्द के साथ जुड़ने पर यह पूरा शब्द अवयव हो जाता है। इसलिए इन शब्दों को अव्ययीभाव समास के अंतर्गत रखा गया है।

  • यथाक्रम – क्रम के अनुसार
  • प्रतिपल – पल पल
  • प्रत्येक – हर एक
  • यथानाम – नाम के अनुसार
  • नीडर – बिना डर के

ऊपर उदाहरण में समस्त पूर्व पद प्रधान है और यहां पर, प्रति‌, यथा एवं नी प्रथम पद का प्रयोग हुआ है जो अवयव है और बाकी अन्य शब्दों के साथ मिलकर संपूर्ण अव्यय का निर्माण करते हैं। इसलिए इन उदाहरण को अव्ययीभाव समास के अंतर्गत रखा गया है।

हमने क्या सिखा?

हमने यहां पर अव्ययीभाव समास के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की है। अव्ययीभाव समास की परिभाषा और अव्ययीभाव समास के उदाहरण को बहुत ही गहराई से समझा है। यदि आपका कोई सवाल है तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

समास के अन्य भाग

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