पेरासिटामोल किस काम आती है?

Paracetamol Kis Kaam Aati Hai : कोरोना महामारी के दौरान वैक्सीन लेने के बाद इंजेक्शन के दर्द को कम करने के लिए हर एक लोगों को पेरासिटामोल सजेस्ट किया जा रहा था। इससे हर कोई पेरासिटामोल टेबलेट से परिचित हो चुका होगा। पेरासिटामोल टेबलेट बुखार या शरीर में दर्द जैसी समस्या होने पर डॉक्टर के द्वारा लेने की सलाह दी जाती है।

पेरासिटामोल टेबलेट, कैप्सूल, घुलनशील टैबलेट, ओरल लिक्विड, मौखिक तरल पाउच, सपोसिटरी और इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध है। यह दवा कई रिटेल आउटलेट और मेडिकल की दुकान में उपलब्ध है। पेरासिटामोल के मात्रा के अनुसार यह छोटे और व्यस्क दोनों ही लोगों के लिए प्रभावित है। पेरासिटामोल टेबलेट को निश्चित डोज के अनुसार लिया जाता है।

Paracetamol Kis Kaam Aati Hai
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डोज बढ़ने पर शरीर पर इसका बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है। पेरासिटामोल टेबलेट के बारे में सारी जानकारी दे सके इसलिए आज का यह लेख लेकर आए हैं। इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद आप जान पाएंगे कि पेरासिटामोल टैबलेट का उपयोग किन किन समस्याओं में किया जा सकता है। पेरासिटामोल टेबलेट का प्रयोग कौन कौन कर सकता है? और पेरासिटामोल टेबलेट का प्रयोग करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? तो चलिए लेख में आगे बढ़ते हैं।

पेरासिटामोल किस काम आती है? | Paracetamol Kis Kaam Aati Hai

पेरासिटामोल टेबलेट का प्रयोग

  • शरीर में बुखार होने पर पेरासिटामोल टेबलेट का प्रयोग किया जाता है।
  • सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द मासिक धर्म के समय कमर में एंठन या शरीर में दर्द होने पर दर्द से राहत पाने के लिए पेरासिटामोल प्रयोग होता है।

पेरासिटामोल टेबलेट का प्रयोग इन स्थितियों में ना करें

  • पेरासिटामोल टेबलेट का प्रयोग कभी भी अन्य दवा के साथ नहीं करना चाहिए। यदि आप अन्य किसी दवा का सेवन कर रहे हैं तो, उस समय आपको पेरासिटामोल लेना चाहिए कि नहीं इसके बारे में सबसे पहले पर डॉक्टर से परामर्श कर लेनी चाहिए।
  • यदि आप एक गर्भवती महिला है या बच्चे को स्तनपान करा रही है ऐसे में पेरासिटामोल टेबलेट को लेने से पहले डॉक्टर से जरूर परामर्श लिए बिना इन दवाओं का सेवन बिल्कुल भी ना करें। इससे आपकी यकृत में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • नियमित रूप से शराब पीने वाले व्यक्ति को भी पेरासिटामोल टेबलेट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए ताकि दवा से किसी भी प्रकार का एलर्जी उत्पन्न ना हो।
  • पेरासिटामोल टैबलेट किसी भी मरीज को उसकी आयु, लिंग और उसकी पिछले स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार ही दिया जाता है। ऐसे में यदि आप पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्त है तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें। ताकि डॉक्टर उस बीमारी और आपकी स्वास्थ्य के अनुसार तय कर सके कि आपको पेरासिटामोल टेबलेट लेना चाहिए कि नहीं।

पेरासिटामोल टेबलेट के साइड इफेक्ट

सामान्य स्थितियों में पेरासिटामोल टेबलेट का किसी भी प्रकार का गलत प्रभाव शरीर में देखने को नहीं मिलता है। यदि आप पेरासिटामोल टेबलेट को डॉक्टर के द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार खुराक लेंगे तो इसका साइड इफेक्ट आपको नहीं देखने को मिलेगा। लेकिन ओवरडोज के स्थिति में आपके शरीर पर इसका साइड इफेक्ट दिख सकता है।

इन स्थितियों में आपको उल्टी आ सकती है, थकान महसूस हो सकता है। एनीमिया की समस्या हो सकती है। एलर्जी स्किन रिएक्शन भी हो सकता है। गैस्ट्रिक / मुंह अल्सर या स्टेवेंस जॉनसन सिंड्रोम जेसीबी समस्या उत्पन्न हो सकती हैं।

पेरासिटामोल टेबलेट के ओवरडोज से डायरिया, ज्यादा पसीना, भूख की कमी, पेट में दर्द या सूजन जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। इसीलिए कभी भी पेरासिटामोल का ओवरडोज ना लें या फिर यदि आप को बुखार या सिर दर्द नहीं है तो ऐसी स्थिति में भी पेरासिटामोल टेबलेट को ना खाएं।

वैसे पेरासिटामोल टैबलेट से शरीर में दिखने वाली साइड इफेक्ट लंबे समय तक नहीं रहते हैं। एक बार इलाज होने के बाद यह ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि इसका दुष्प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और लंबे समय तक बना है तो फिर आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

पेरासिटामोल का खुराक कैसे लें?

पेरासिटामोल का खुराक लेने से पहले आप पेक के भीतर निर्माता द्वारा प्रिंटेड सूचना पत्र को जरुर पढ़े जिसमें आपको पेरासिटामोल टेबलेट खाने के बाद आपके शरीर में होने वाले प्रभाव और दुष्प्रभाव के बारे में पूरी जानकारी दी गई होती है। इसे पढ़ने के बाद आप सुनिश्चित हो पाएंगे की यह दवा आपके शरीर में असर कर रही है या नहीं और कहीं इसका गलत प्रभाव तो नहीं पड़ रहा।

  • ध्यान रहे डॉक्टर के द्वारा बताए गए डोज के अनुसार ही पेरासिटामोल का सेवन करें। इसीलिए बिना डॉक्टर के सलाह के इस दवा को ना लें।
  • पेरासिटामोल टेबलेट की खुराक के बीच कम से कम 4 घंटे का अंतराल होना चाहिए और 24 घंटे की अवधि में 4 से अधिक खुराक नहीं देना चाहिए।
  • पेरासिटामोल टेबलेट को भोजन करने से पहले या बाद में भी ले सकते हैं।
  • बच्चे को पेरासिटामोल का डोज देने से पहले सुनिश्चित कर लें और लेबल की जांच कर ले कि बच्चे को उचित मात्रा में खुराक दे रहे हैं कि नहीं।
  • कई बार होता है कि हम खुराक लेना भूल जाते हैं ऐसे में आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। जब आपको याद आता है तब आप खुराक ले सकते हैं। भूल जाने के कारण क्षतिपूर्ति करने के लिए दो खुराक एक साथ ना ले।

अलग-अलग उम्र के व्यक्ति के लिए पेरासिटामोल टेबलेट का खुराक भी अलग-अलग

  • लगभग 3 से 5 महीने के जो छोटे बच्चे होते हैं उन्हें पेरासिटामोल टेबलेट का 60 मिलीग्राम की अधिकतम 4 खुराक प्रतिदिन 4 से 6 घंटे पर दे सकते हैं।
  • 6 महीने से 1 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए प्रतिदिन 4 से 6 घंटे के अंतराल पर 120 मिलीग्राम की अधिकतम चार खुराक लेने की सलाह दी जाती है।
  • अभी बच्चा 2 से 3 वर्ष की आयु का है तो उसे 4 से 6 घंटे के अंतराल पर प्रतिदिन 180 मिलीग्राम की अधिकतम 4 खराब दे सकते हैं।
  • 4 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए इसी समय अंतराल पर प्रतिदिन 240 मिलीग्राम के अधिकतम 4 खुराक दे सकते हैं। वहीं 6 से 7 वर्ष की आयु के बच्चे को प्रतिदिन 4 से 6 घंटे के अंतराल पर 240 से 250 मिलीग्राम के अधिकतम 4 खुराक दे सकते हैं।
  • 8 से 9 वर्ष के बच्चों के लिए 360 से 375 मिलीग्राम की अधिकतम चार खुराक की अनुशंसा दी जाती है।
  • 10 से 11 वर्ष के बच्चे को 480 से 500 मिलीग्राम के अधिकतम 4 खुराक दे सकते हैं। वही 12 से 15 वर्ष के बच्चे को प्रतिदिन 4 से 6 घंटे के अंतराल पर 480 से 750 मिलीग्राम के अधिकतम 4 खुराक दे सकते हैं।
  • 16 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति प्रतिदिन 4 से 6 घंटे के अंतराल में 500 मिलीग्राम का अधिकतम 4 खुराक प्रतिदिन ले सकता है।

इन परिस्थितियों में पेरासिटामोल का खुराक लेना बंद कर सकते हैं

यदि आप को बुखार है और आप पेरासिटामोल का सेवन कर रहे हैं लेकिन पेरासिटामोल की सही मात्रा में खुराक लेने के 3 दिन बाद भी आपका बुखार कम नहीं हो रहा है तो ऐसी स्थिति में आप पेरासिटामोल का खुराक लेना बंद कर सकते हैं और डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं।

यदि शरीर में दर्द है और पेरासिटामोल टेबलेट खाने के बावजूद 10 दिन के अंदर भी आपको‌ दर्द से राहत नहीं मिल रहा तो ऐसी स्थिति में आप डॉक्टर से परामर्श करें। अपने दर्द को कम करने के लिए कभी भी एक साथ एक से अधिक पेरासिटामोल टेबलेट का सेवन ना करें।

ध्यान दें: यह जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए बताई गई है। इसमें बताई गई किसी भी सलाह को अपनाने या फिर उस पर अमल करने का निर्णय स्वयं का व्यक्तिगत निर्णय होगा। इसके निष्कर्ष तक पहुँचने से पहले एक बार विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

FAQ

क्या पेरासिटामोल दवा का साइड इफेक्ट होता है?

यदि आप पेरासिटामोल दवा को ओवरडोज या फिर बिना किसी समस्या के खाते हैं, तो ऐसी स्थिति में साइड इफेक्ट देख सकता है। बाकी यदि आप डॉक्टर के अनुशंसा के अनुसार खाते हैं तो फिर आपको इसका गलत प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। फिर भी यदि आपके शरीर में कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं जो आपको लगता है कि इस दवा के खाने के कारण हो रहा है तो आप डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं।

पैरासिटामोल को कहा रखना चाहिए?

चाहे पेरासिटामोल हो या अन्य दवा, हमेशा दवा को बच्चों की पहुंच और नजर से दूर रखना चाहिए। इसके साथ ही दबाव को सूखे ठंडे और प्रत्यक्ष करने वाले स्थान पर रखना चाहिए जहां पर सिने प्रकाश ना पहुंचे।

पेरासिटामोल लेना कब बंद कर देना चाहिए?

पेरासिटामोल टेबलेट का प्रयोग बुखार या दर्द की समस्या से निजात पाने के लिए किया जाता है। यदि इस टेबलेट को खाने के 3 दिनों के बाद भी आपके शरीर में बुखार और दर्द की समस्या है तो फिर आपको इस टैबलेट को खाना बंद कर देना चाहिए और डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

क्या पेरासिटामोल को कुचल सकते हैं?

बहुत से लोग टेबलेट खाते वक्त उसे चबाकर खाते हैं। लेकिन इससे साइड इफेक्ट का खतरा बढ़ सकता है। इसीलिए टेबलेट को एक बार में हीं निगल कर खाना चाहिए। जब तक डॉक्टर आपको टेबलेट को विभाजित करके या आधा डोज लेने के लिए ना कहे तब तक इसे ना तोड़ें।

क्रोसिन और पेरासिटामोल में क्या अंतर है?

क्रॉसिंग पेरासिटामोल से एडवांस है। इसका प्रयोग दर्द निवारक, बुखार एवं जुखाम का इलाज करने के लिए होता है जो शरीर में बहुत जल्दी सोख जाता है। यह सामान्य पेरासिटामोल से 25 फीसदी से ज्यादा फायदेमंद होता है। जिस कारण क्रोसिन एडवांस 500 एमजी खाने के 5 मिनट के अंदर ही असर दिखना शुरू हो जाता है।

पेरासिटामोल कितने प्रकार के होते हैं?

पेरासिटामोल सामान्यतया एक गोली,सपोसिट्री अन्तर शीरीय,कैप्स्यूल, तरल निलंबन, और अन्तर पेशीय रूप में उपलब्ध है।

पेरासिटामोल 500 mg किस लिए प्रयोग होता है?

पेरासिटामोल 500 एमजी टेबलेट शरीर में दर्द और बुखार की समस्या होने पर डॉक्टर द्वारा दर्द और बुखार से राहत दिलाने के लिए पृस्क्राइब कराया जाता है। यह टेबलेट केमिकल मैसेंजर को निकलने से रोक देता है जिससे शरीर में दर्द की समस्या रहती है।

बिना बुखार के पेरासिटामोल खाने से क्या होगा?

पेरासिटामोल दवा आमतौर पर बुखार के समय डॉक्टर के द्वारा प्रिसक्राइब की जाती है। यदि आपको बुखार नहीं है और बिना डॉक्टर से पूछे या प्रिसक्रिप्शन के आप पेरासिटामोल दवा खा लेते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको एसिडिटी और पेट में अल्सर जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। स्थिति गंभीर होने पर खून की उल्टी भी हो सकती है। यही स्थिति पेरासिटामोल को ओवरडोज लेने पर भी होता है।

निष्कर्ष

आज के लेख में हमने आपको पेरासिटामोल दवाई के बारे में बताया, जो काफी मात्रा में शरीर में बुखार यार दर्द के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। इस लेख में आपने पेरासिटामोल किस काम आती है? ( Paracetamol Kis Kaam Aati Hai), पेरासिटामोल टेबलेट के खुराक लेने के सही तरीके और इसके साइड इफेक्ट के बारे में जाना।

ध्यान रहे जब भी आप किसी भी प्रकार का दवाई लेते हैं तो डॉक्टर के द्वारा पृस्क्राइब करने के बाद ही लें। वरना कई बार आपकी समस्या कुछ और होती है और आप कुछ और दवा ले लेते हैं जिससे आपके शरीर में साइड इफेक्ट हो जाता है। इसीलिए डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही दवा का सेवन करें।

हमें उम्मीद है कि आज का यह लेख आपके लिए जानकारी पूर्ण रहा होगा। यदि यह लेख आपको पसंद आया हो तो इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अन्य लोगों के साथ जरुर शेयर करें। लेख से संबंधित कोई भी प्रश्न या सुझाव हो तो आप नीचे कमेंट में लिखकर हमें बता सकते हैं।

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