मुकेश मिल्स का इतिहास और कहानी

मुकेश मिल्स का नाम मुंबई में काफी ज्यादा प्रचलित हैं, क्योंकि यह जगह भारत की डरावनी और रहस्यमई स्थानों में शामिल है। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि मुकेश मिल्स में भूतों का बसेरा है। रात के समय यहां भुत दिखाई देते हैं तथा अनेक तरह की आवाजें निकालते हैं, जिससे आसपास के लोगों में डर का माहौल है।

आपको बता दें कि मुंबई में स्थित मुकेश मिल्स तकरीबन 160 वर्ष पुरानी मिल्स है। लोगों का कहना है कि यहां पर अनेक सारी प्रेत-आत्माएं रहती हैं। वर्तमान समय में मुंबई में स्थित मुकेश मिल्स डरावनी तथा हांटेड फिल्मों के लिए जानी जाती हैं।‌

Mukesh Mills Mumbai Story in Hindi

यहां पर अनेक सारी बॉलीवुड की डरावनी और भूतिया फिल्में बन चुकी है। यहां पर लोग जाने से डरते हैं। बता दें कि इस जगह पर फिल्म की शूटिंग करने के लिए आने वाले कलाकार भी डरते हैं।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको मुंबई में स्थित मुकेश मिल्स के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से बताएंगे। इस कड़ी में हम इस मिल्स का इतिहास भी जानेंगे कि ऐसा यहां पर क्या हुआ था?, जिसके चलते आज मुकेश मिल्स नाम से ही लोग डरते हैं।

मुकेश मिल्स का इतिहास और कहानी

मुकेश मिल्स मुंबई

मुकेश मिल्स को लेकर लोगों का कहना है कि यहां पर अनेक सारी अजीबोगरीब घटनाएं घटती हैं, रात के समय भूत-प्रेत दिखाई देते हैं। लोग कहते हैं कि यहां पर अनेक सारे लोगों की मौत हो गई थी, जो भूत बनकर यहीं पर भटकते हैं।‌ उनकी आत्मा यहां पर भटकती हैं, रात के समय में अजीबोगरीब हरकतें करते हैं, उनके चिल्लाने की आवाज आती हैं। इससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।

मुकेश मिल्स में कपड़े बनाने का काम होता था, यह एक मुंबई की मशहूर मिल्स थी, जिसमें एक ऐसी घटना घटित हुई कि उसके बाद यह खंडहर में तब्दील हो गई। मुकेश मिल्स में अब तक अनेक सारी बॉलीवुड की फ़िल्में और टीवी सीरियल की शूटिंग हो चुकी है, फिर भी लोग यहां पर जाने से डरते हैं।

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि यहां पर शूटिंग के दौरान आने वाले कलाकार भी डरते हैं।‌ वह सब एक साथ रहते हैं और शूटिंग कंप्लीट होते ही फटाफट से निकल जाते हैं।

मुकेश मिल्स को फिल्मों और शूटिंग में इसीलिए चुना जाता है, क्योंकि अब यह खंडहर में तब्दील हो चुका है और एक वीरान सा स्थान है, जिसे देख कर ही डर लगता है। इसीलिए फिल्मों और टीवी सीरियल में भूतिया जगहों के तौर पर इसी जगह की शूटिंग की जाती है, जो एकदम वास्तविक दिखाई देता है।

हॉन्टेड पैलेस मुकेश मिल्स मुंबई

बता दें कि कुछ वर्षों पहले इस मिल्स को फिर से ठीक करने का काम शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद इस मिल्स में फिर से आग लग गई, जिससे यह मिल्स पूरी तरह से जलकर राख हो गई।‌ इस मिल्स का इतिहास आग से जुड़ा हुआ है। सबसे पहले इस मिल्स में आग ही लगी थी, जिसमें अनेक सारे मजदूरों की जलकर मौत हो गई थी।

कहा जाता है कि वही मजदूर आज यहां पर भटकते हैं, उनकी आत्मा यहां पर भटकती हैं और चीखने चिल्लाने की आवाजें आती हैं। बता दें कि जब दूसरी बार इस मिल्स में आग लगी तो यह मिल्स पूरी तरह से जलकर राख हो गई, इसमें कोई सी भी जगह सुरक्षित नहीं बची, इसलिए लोगों में पहले से ज्यादा डर का माहौल पैदा हो चुका है। अब यहां के स्थानीय लोग मुकेश मेल्स नाम सुनते ही डरते हैं।

मुकेश मिल्स मुंबई के दक्षिणी क्षेत्र में सावंत मार्ग पर स्थित है, इस मिल्स के आसपास का माहौल एकदम से विरान पड़ा है, क्योंकि कोई भी लोग इस मिल्स के आसपास से गुजरना पसंद नहीं करते है। लोगों को इस मिल्स के नाम से ही डर लगता है। इसलिए इसके आसपास के सभी क्षेत्र खाली पड़े है। कोई भी निवास स्थल नहीं है।

बता दें कि हांटेड फिल्म और रहस्यमई जगह की शूटिंग के लिए वर्ष 1984 से इस जगह को किराए पर दिया जा रहा है। उसके बाद से ही लगभग सभी डरावनी व रहस्यमई फिल्मों की शूटिंग का सीन यहां पर ही पूरा किया जाता है। इस दौरान यहां पर उपस्थित कलाकारों को भी डरते हुए देखा गया है।

मुकेश मिल्स का इतिहास

मुंबई के दक्षिण क्षेत्र कोलाबा में स्थित मुकेश मिल्स की स्थापना भारत की आजादी से पहले सन 1852 ईस्वी में करवाई गई थी। इस मिल्स का नाम “मुकेश टैक्सटाइल मिल्स प्राइवेट लिमिटेड” था।‌ यह मिल्स लगभग 10 एकड़ की जमीन पर फैली हुई एक विशाल मिल्स हैं, जिसका मालिक मूलजीभाई माधवानी थे।

जहां पर बड़ी मात्रा में कपड़े बनाने का काम किया जाता था, यह मुंबई ही नहीं भारत की सबसे बड़ी कपड़ा मिल की सूची में शामिल थी। यहां पर सूती के कपड़े बनाए जाने का काम चलता था, लेकिन वर्ष 1970 में एक रात को अचानक से आग लग गई, जिसमें झुलस कर सारे मजदूरों की मौत हो गई।

लोगों का कहना है कि लाइट के शार्ट सर्किट से इस मिल्स में आग लगी थी। इसमें अनेक सारे रोजी रोटी कमाने वाले मजदूर जलकर मर गए थे। कहा जाता है कि इन्हीं मजदूरों की आत्माएं आज इस मिल्स में भटक रही हैं और उनके चीखने चिल्लाने की आवाज आ रही है।

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मुकेश मिल्स कैसे बनी भूतिया जगह

दक्षिण मुंबई में स्थित कपड़ा बनाने की एक बहुत बड़ी मिल मुकेश मिल्स थी, इस मिल्स में अनेक सारे मजदूर काम करते थे। यहां पर सूती कपड़ा बनाने का काम होता था, लेकिन वर्ष 1970 में एक रात को लाइट के शार्ट सर्किट होने की वजह से मुकेश मिल्स में भयंकर आग लग गई, जिस पर कबूल नहीं पाया गया। परिणामस्वरूप मिल्स में काम करने वाले अनेक सारे गरीब मजदूर बिना मौत जलकर राख हो गए।

उस समय मुकेश मिल्स में आग लगने से मिल्स के अंदर काम करने वाले सभी मजदूर जलकर राख हो गए थे। यह काफी डरावनी और मन को विचलित कर देने वाली घटना घटी थी, जिसके बाद कई वर्षों से यह मिल्स ऐसे ही विरान और खंडहर में तब्दील हुई पड़ी थी।

परंतु कुछ चार-पांच वर्ष पहले ही इस मिल्स को फिर से बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही समय में फिर से इस मिल्स में आग लग गई और यह मिल्स पूरी तरह से जलकर खाक हो गई।

दोबारा आग लगने के बाद इसमें एक भी स्थान ऐसा नहीं बचा, जो आग की चपेट में ना आया हो। लोगों का कहना है कि जो मजदूर आग में जलकर मर गए थे, उन्होंने ही दुबारा इस मिल्स में आग लगाई थी।‌

अब यह जगह रहस्यमई और भूतिया जगहों में शामिल हो चुकी है तथा बॉलीवुड की फिल्में और धारावाहिक के लिए भूतिया जगहों पर आती है। यहां पर अनेक सारी बॉलीवुड फिल्में शूट की गई है।

मुकेश मिल्स में फिल्मों की शूटिंग

आग लगने के बाद खंडहर में तब्दील हो चुकी मुकेश मिल्स रहस्यमई और भूतिया जगह में शामिल हो गई, क्योंकि यहां के स्थानीय लोगों ने भूत-प्रेत-आत्माओं की बातें प्रचलित कर दी, जिसके बाद यहां पर कोई भी नहीं आता। इस मिल्स के आसपास भी कोई भी नहीं रहता है।

खंडहर में तब्दील हो चुकी तथा वीरान पड़ी इस मिल्स पर फिल्म निर्माताओं की नजर पड़ी और उन्होंने पहली बार 1982 में भूतिया और रहस्यमई जगह के तौर पर फिल्म की शूटिंग शुरू की थी।

बॉलीवुड द्वारा इस मिल्स पर फिल्मों की शूटिंग शुरू करने के बाद इस जगह को फिल्मों की शूटिंग हेतु किराए पर देना शुरू कर दिया, आज के समय में लगभग प्रत्येक भूतिया फिल्म तथा टीवी धारावाहिक यहां पर ही शूट किया जाता है। आग लगने के बाद विरान और खंडहर में तब्दील हुई, यह जगह वास्तव में भूतिया और डरावनी लगती हैं।

आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन की फिल्म का मशहूर गाना “चुम्मा चुम्मा” भी इसी जगह पर वर्ष 1990 में फिल्माया गया था, वर्ष 2009 में आई सलमान खान की फिल्म वांटेड का फाइट सीन भी यहां पर ही फिल्माया गया।

वरुण धवन और यामी गौतम की फिल्म बदलापुर की शूटिंग भी यहीं पर की गई। इमरान हाशमी की भी फिल्में यहां पर सूट हो चुकी है। इसके अलावा और भी अनेक सारी फ़िल्में और टीवी सीरियल के सिंध यहां पर फिल्माए गए थे।

मुकेश मिल्स को लेकर बॉलीवुड में डर

सर्वप्रथम मुकेश मिल्स में आग लगने के बाद यह मिल्स खंडहर में तब्दील हो गई, उसके बाद फिल्म निर्माताओं ने यहां पर भूतिया और रहस्यमई फिल्मों की शूटिंग शुरू कर दी, जिसके बाद यहां पर फिल्मों की शूटिंग करने का ट्रेंड शुरू हो गया। हर तरह की अनेक सारी रहस्यमई फिल्मों की शूटिंग यहा पर शुरू हुई।

वर्ष 2015 में रिलीज हुई वरुण धवन और यामी गौतम की फिल्म बदलापुर की शूटिंग भी इसी मुकेश मिल्स में की गई। इस दौरान वरुण धवन और यामी गौतम ने भी यहां पर डर महसूस किया था। वह हमेशा शूटिंग के दौरान एवं बाद में भी साथ में ही रहते थे, क्योंकि उनके मन में यह डर था कि कहीं उन्हें भूत ना दिख जाए, उन्हें कहीं नुकसान ना पहुंचा दें। उन्हें हर समय शूटिंग के दौरान अपने आसपास कोई अदृश्य और नकारात्मक शक्ति का आभास होता था।

इस तरह की घटना बॉलीवुड के अनेक सारे अभिनेताओं के साथ भी हो चुकी हैं। लेकिन किसी ने खुलकर इस विषय में बात नहीं की। एक इंटरव्यू के दौरान इमरान हाशमी और बिपाशा बसु ने भी इस बात का जिक्र किया है कि वहां पर शूटिंग के दौरान उन्होंने कुछ अजीब सा महसूस किया, उन्हें कुछ अदृश्य शक्ति होने का आभास हुआ।

फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ लोगों ने यहां पर भूत होने का दावा किया है, तो कुछ लोगों ने इस बात का खंडन भी किया है। लेकिन फिल्म की शूटिंग के समय यहां पर उपस्थित एक लड़की कुछ अजीब सी हरकतें करने लगी और अस्पताल में भर्ती करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।

यह घटना घटित होने के बाद बॉलीवुड में भी इस मुकेश मिल्स को लेकर खौफ का माहौल पैदा हो चुका है। अब मुकेश मिल्स पूरी तरह से खंडर और वीरान जगह पड़ी है।‌ अब यहां पर कोई भी शूटिंग नहीं होती है और ना ही कोई आता जाता है। मुकेश मिल्स के आसपास भी कोई भी निवास नहीं करता है।

लगभग 10 एकड़ की जमीन पर मुकेश मिल्स खंडहर में तब्दील पड़ी है। यह जगह एकदम वीरान है तथा इसके आसपास के क्षेत्र में भी कोई भी निवास स्थल नहीं है।

यहां पर कोई निवास स्थल बनाने की भी नहीं सोचता, क्योंकि यहां के स्थानीय लोगों में मुकेश मिल्स को लेकर काफी ज्यादा भय पैदा है। रात होने के बाद स्थानीय लोग इस मुकेश मिल्स‌ के सामने तक नहीं देखते।

FAQ

मुकेश मिल्स का निर्माण कब किया गया था?

मुंबई में स्थित मुकेश मिल्स का निर्माण भारत की आजादी से पहले 1852 में करवाया गया था, यह एक कपड़े की मिल थी, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है।

मुकेश मिल्स का मालिक कौन है?

मुकेश मिल्स के मालिक मूलजीभाई वाधवानी है, उन्होंने ही इस मिल की स्थापना भारत की आजादी से पूर्व की थी।

मुकेश मिल्स में क्या हुआ था?

मुकेश मिल्स एक कपड़े की मिल थी, जिसमें बिजली के शार्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। आग लगने से इसमें काम करने वाले सभी मजदूर जलकर मर गए। यह बहुत बड़ी और विचलित करने वाली घटना सन 1970 को घटित हुई थी। उसके बाद फिर से इसका निर्माण करवाया गया, लेकिन फिर से इसमें आग लग गई।

मुकेश मिल्स विरान और खंडहर क्यों पड़ा है?

क्योंकि मुकेश मिल्स को भूतिया जगह के तौर पर देखा गया है। आग लगने से इसमें काम करने वाले मजदूर जिंदा जल कर मर गए थे। लोगों में डर के कारण मुकेश मिल्स खंडहर में तकलीफ हो चुकी है।

मुकेश मिल्स कार नाम क्यों प्रचलित हैं?

मुकेश मिल्स का नाम भूतिया और रहस्यमई जगहों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के स्थानीय लोगों द्वारा इस मिल्स में भूत-प्रेत होने की बातें कही जा रही है।

मुकेश मिल्स में कौन-कौन सी फिल्में शूट की गई है?

मुकेश मिल्स में सलमान खान की पॉपुलर फिल्म “वांटेड”, वरुण धवन और यामी गौतम की फिल्म “बदलापुर” इसके अलावा अमिताभ बच्चन का मशहूर गाना “चुम्मा चुम्मा” और इमरान हाशमी की फिल्में भी यहां पर सूट हो चुकी है। इसके अलावा टेलीविजन धारावाहिक भी शूट किए गए हैं।

निष्कर्ष

मुकेश मिल्स भारत की डरावनी और रहस्यमई जगहों में शामिल है। यह एक वीरान और खंडहर में तब्दील हो चुकी मिल्स है। यहां पर भूत-प्रेत तथा आत्माओं का बसेरा है, ऐसी बातें स्थानीय लोगों द्वारा कही जाती है।‌ यहां पर लोग आने से भी घबराते हैं।

हमने आज के इस आर्टिकल में आपको मुकेश मिल्स के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से बताई हैं।‌ हम उम्मीद करते हैं कि यह जानकारी आपको काफी ज्यादा पसंद आई होगी। इसे आगे शेयर जरूर करें।

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