कमरुज्जमाँ और बदौरा की कहानी (अलिफ लैला की कहानी)

कमरुज्जमाँ और बदौरा की कहानी (अलिफ लैला की कहानी) | Kamarujjaman Aur Badaura Ki Kahani Alif Laila Ki Kahani

एक नगर में बहुत बड़ा राजा रहा करता था, जो बहुत ही बुद्धिमान और बलवान था। जो किसी से भी नहीं हारता था। चाहे जितना भी बड़ा दुश्मन क्यों ना हो? वह सब से जीत हासिल किया करता था। जिसके कारण उसने अपने नगर को बहुत अच्छे से विकसित कर रखा था।

उसके नगर में सभी लोग बहुत प्रेम से रहते थे। उस राजा का नाम शाहजमाँ था। उसने चार शादियां की थी और उसने अपने महल में कई सारी नौकरानी भी रखी थी। उसने अपने जीवन में सब कुछ हासिल कर रखा था। सिर्फ एक चीज को छोड़कर जो थी उसकी संतान। उस राजा की कोई भी संतान नहीं थी।

जिसके कारण वह बहुत दुखी रहा करता था और यही सोचता रहता था कि मेरे मरने के बाद मेरा राज्य कौन संभालेगा? जिसके कारण वह बहुत ही चिंता में रहा करता था। उस राजा के महल में एक पृथ्वीपाल नाम का मंत्री भी रहा करता था, जो राजा का बहुत ही खास आदमी था ।

राजा उससे अपने सारे सुख दुख बाटा करता था। एक दिन जब वह पृथ्वीपाल को संतान ना होने के विषय में बता रहा था तभी पृथ्वीपाल ने कहा की सरकार में आपको एक उपाय बता रहा हूं जिसको करने से शायद आपकी संतान हो जाए। जिसके बाद उसने राजा को बताया कि आप गरीबों में बहुत सारा धन बटवा दीजिए।

Kamarujjaman Aur Badaura Ki Kahani Alif Laila Ki Kahani
Image: Kamarujjaman Aur Badaura Ki Kahani Alif Laila Ki Kahani

और उनकी बहुत सेवा कीजिए तथा भगवान से यही कामना करिए कि जल्द से जल्द मुझे एक संतान की प्राप्ति हो जाए। जिसके बाद राजा ने अपने मंत्री की बात को मानते हुए वही किया। जैसा उस मंत्री ने राजा को करने के लिए कहा था। बहुत दिनों तक राजा ने गरीबों को बहुत सारा दान दिया।

और उनकी खूब सेवा करने लगा। जिसके कुछ दिनों बाद राजा की पत्नी को संतान का सुख प्राप्त हो गया और उसने लड़के को जन्म दिया। वह राजा बहुत खुश हो गया था और अपने लड़के से बहुत प्यार करता था। राजा ने अपने लड़के का नाम कमरुज्जमा रखा था।

जो दिखने में बहुत ही सुंदर था। राजा उसकी हर एक इच्छा को पूरा किया करता था। जैसे-जैसे राजा का लड़का बड़ा होता गया राजा ने अपने लड़के के लिए उसकी पढ़ाई के साथ-साथ उसने अपने लड़के को अस्त्र शस्त्र मैं बहुत अच्छे से निपुण कर दिया था।

लेकिन कमरुज्जमा एक चीज से बहुत नफरत थी वह थी स्त्रियां। स्त्रियों से कमरुज्जमा को बहुत ज्यादा नफरत थी। जब राजा का लड़का बड़ा हो गया तब राजा ने अपने लड़के से कहा कि तुम अब शादी कर लो।

सुबह होने के बाद जब कमरुज्जमाँ ने अपने बगल में उस सुंदर सी कन्या को लेटा नहीं देखा तो वह बहुत बेचैन होने लगा। उसने अपने नौकरों को बुलाया और कहने लगा कि मेरे बगल में जो लड़की लेटी थी वह कहां गई।

जिसके बाद नौकरों ने कमरुज्जमाँ से कहां की हम लोगों ने यहां कोई भी लड़की को नहीं देखा है। यह सुनकर कमरुज्जमाँ को बहुत गुस्सा आया। जिसके बाद उसने अपने नौकरों को मारना पीटना शुरू कर दिया। सभी नौकर अपनी जान बचाते हुए राजा के पास गए राजा के पास जाकर उन्होंने सारी बातें बताएं।

राजा ने अपने मंत्री को कमरुज्जमाँ के पास भेजा लेकिन कमरुज्जमाँ ने मंत्री को भी पकड़कर बहुत मारा। इसके बाद मंत्री भी अपनी जान बचाता हुआ भागता भागता राजा के पास गया और कहने लगा महाराज यह सारे नौकर सही बोल रहे हैं। यह सब सुनकर राजा बहुत अच्छे चकित हो गया।

उसने खुद ही अपने लड़के के पास जाने का फैसला लिया। राजा अपने लड़के ने कमरे में गया और कहने लगा कि यह सब क्या नाटक लगा रखा है तुमने? कमरुज्जमाँ ने अपने पिताजी को बताया की मैंने यहां पर सच में एक सुंदर सी स्त्री को रात में अपने बगल में सोता हुआ देखा है, जिसके साथ मेरा विवाह हुआ था।

अगर आपको यह यकीन नहीं हो रहा हो तो आप मेरी अंगूठी देख सकते हो। राजा अंगूठी देख कर हैरान हो गया और उसने अपने बेटे को कमरे से बाहर निकाल कर अपने महल में ले गया। उसने कहा कि बेटा तुम चिंता मत करो मैं तुम्हारे लिए उस सुंदर सी कन्या को ढूंढ कर जरूर लाऊंगा।

राजा ने अपने बेटे का ध्यान रखना शुरु कर दिया। अपने बेटे का ध्यान रखने के चक्कर में वह अपने राज्य में समय नहीं दे पा रहा था। उसके मंत्री ने राजा से कहा कि आप कमरुज्जमाँ को किले में भेज दीजिए। उसका मन वहां पर बहल जाएगा और यह सब कुछ भूल कर भी वापस आ जाएगा।

राजा ने मंत्री की बात मानकर अपने लड़के को किले में भेज दिया। लेकिन उधर जब बदौरा की आंख खुली तब उसने कमरुज्जमाँ अपने पास सोता हुआ नहीं देखा जिसके बाद वह बहुत क्रोधित हो गई और उसने अपनी सभी असुर नौकरानीयो को बुलाया कहने लगी कि वह सुंदर सा लड़का कहां गया जो मेरे मेरे साथ रात में सो रहा था।

असुर नौकरानी ने कहा कि यहां कोई युवक नहीं आया था। यह सुनकर बदौरा बहुत गुस्सा हो गई और उसने नौकरानी यों को पकड़ पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद नौकरानी ने अपनी जान बचाते हुए राजा के पास पहुंची और उनको सारी बातें बताएं जिसको सुनकर राजा हैरान हुए।

अपनी बेटी के पास गए बेटी ने उनको सारी बात बताई। राजा ने अपनी लड़की को एक कमरे में बंद कर दिया और कहने लगे कि उसके पास कोई नहीं आएगा और वहां से चले गए। कुछ दिन बाद जब बदौरा का दोस्त वापस मर्जबान वापस आया, तब उसने अपनी बचपन की दोस्त से मिलने की इच्छा थी।

इसके बाद उसको उसके माता-पिता ने बदौरा की हालत के बारे में बताया और कहने लगे तुम्हारा उससे मिलना मुश्किल है। मर्जबान ने छुपते छुपाते अपनी सहेली से मिलने के लिए उसके पास पहुंच गया। बदौरा अपने बचपन के मित्र को देखकर बहुत खुश हो गई और उसने अपने साथ हुई सारी घटना को अपने दोस्त को बता दिया। वह बदौरा की बात मानते हुए उस युवक को ढूंढने के लिए निकल गया।

कुछ दिन इधर उधर भटकने के बाद मर्जबान एक ऐसे नगर के पास पहुंच गया, जहां पर उसको पता चला की एक राजकुमार जो एक बहुत बड़ी बीमारी से ग्रसित है। वह समुद्र के उस पार रहता है। जब मर्जबान ने उसकी हालत के बारे में पूछा तो लोगों ने उसको बताया कि वह राजकुमार हमेशा यही कहता रहता हैकि वह एक स्त्री के साथ सोया है जिसका उससे विवाह भी हुआ है।

लेकिन वहां के लोगों का कहना है कि राजकुमार बहुत ज्यादा पहरे से गिरे हुए थे, जिसके बाद वहां स्त्री तो क्या पंछी भी नहीं आ सकता था। मर्जबान तुरंत समझ गया कि यह लोग किसकी बात कर रहे हैं? जिसके बाद वह तुरंत समुद्र के रास्ते से कमरुज्जमाँ के पास जाने के लिए निकल गया।

रास्ते में एक भयंकर तूफान आने के बाद उसकी नाव पानी में डूब गई। वह तैरते हुए उस किनारे तक पहुंच गया, जहां पर राजकुमार रहता था और वहां वहां पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसको बादशाह के पास ले गए। बादशाह ने अपने बेटे की हालत के बारे में बताया तब मर्जबान ने कमरुज्जमाँ से अकेले में मिलने की इच्छा व्यक्त की।

राजा ने उसे अपने बेटे के पास जाने के लिए कहा। जैसे ही मर्जबान कमरुज्जमाँ के पास पहुंचा तब कमरुज्जमाँ ने कहा कि तुम कौन हो? और तो यहां क्या कर रहे हो? मर्जबान ने कहा कि मैं चीन से आया हूं और तुम जिस लड़की की बात कर रहे हो वह मेरी दोस्त बदौरा है। मर्जबान की बात सुनकर कमरुज्जमाँ एकदम से उठ गया।

और कहने लगा कि तुम मुझे उसके पास ले चलो। मर्जबान कमरुज्जमाँ को अपने साथ चीन ले गया और वहां पर जाकर उसने चीन के महाराजा के पास ले जाकर खड़ा कर दिया और कहने लगा कि यह वह हकीम है ,जो आपकी बेटी को पूरी तरीके से ठीक कर देगा।

राजा ने उसे अपनी बेटी बदौरा के पास जाने के लिए कहा। जैसे ही कमरुज्जमाँ बदौरा के पास पहुंचा तब उसे देख कर बदौरा बहुत खुश हो गई और उसने तुरंत कमरुज्जमाँ को अपने गले से लगा लिया।

कमरुज्जमाँ को देखते ही बदौरा ठीक हो गई जिसके बाद कमरुज्जमाँ ने राजा को बताया कि मैं फारस देश के एक बहुत बड़े राजा का लड़का हूं। मैं यहां पर आपकी बेटी खोज में आया हूं। जिसके बाद कमरुज्जमाँ ने अपने और बदौरा की सारी कहानी राजा को बता दी। राजा ने उन दोनों का विवाह कर दिया और वह लोग खुशी से रहने लगे।

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