बेहतरीन हास्य कविता

Famous Hasya Kavita in Hindi: नमस्कार दोस्तों, यहां पर हमने हिंदी हास्य कविता संग्रह शेयर की है। यह हिंदी हास्य कविता (Hindi Hasya Kavita) बहुत ही प्रसिद्ध कवियों द्वारा रचित है। उम्मीद करते हैं आपको यह हास्य कविता पसंद आयेगी। इन्हें आगे शेयर जरूर करें।

Famous Hasya Kavita in Hindi

बेहतरीन हास्य कविता – Famous Hasya Kavita in Hindi

वेटिंग रूम में फँसे (Award Winning Hindi Hasya Kavita)

‘काका’ वेटिंग रूम में फँसे देहरादून।
नींद न आई रात भर, मच्छर चूसें खून।।
मच्छर चूसें खून, देह घायल कर डाली।
हमें उड़ा ले ज़ाने की योजना बना ली।।
किंतु बच गए कैसे, यह बतलाएँ तुमको।
नीचे खटमल जी ने पकड़ रखा था हमको।।

हुई विकट रस्साकशी, थके नहीं रणधीर।
ऊपर मच्छर खींचते नीचे खटमल वीर।।
नीचे खटमल वीर, जान संकट में आई।
घिघियाए हम- “जै जै जै हनुमान गुसाईं।।
पंजाबी सरदार एक बोला चिल्लाके।
त्व्हाणूँ पजन करना होवे तो करो बाहर जाके।।

Hindi Hasya Kavita for Students

गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे
जो अच्छा है जो बुरा है
उसकी हम पहचान करे
मार्ग मिले चाहे जैसा भी
उसका हम सम्मान करे
दीप जले या अँगारे हो
पाठ तुम्हारा याद रहे
अच्छाई और बुराई का
जब भी हम चुनाव करे
गुरु आपकी ये अमृत वाणी
हमेशा मुझको याद रहे।

Funny Kavita in Hindi

नदी में डूबते आदमी ने
पुल पर चलते आदमी को
आवाज लगाई- ‘बचाओ!’
पुल पर चलते आदमी ने
रस्सी नीचे गिराई
और कहा- ‘आओ!’
नीचे वाला आदमी
रस्सी पकड़ नहीं पा रहा था
और रह-रह कर चिल्ला रहा था-
‘मैं मरना नहीं चाहता
बड़ी महंगी ये जिंदगी है
कल ही तो एबीसी कंपनी में
मेरी नौकरी लगी है।’
इतना सुनते ही
पुल वाले आदमी ने
रस्सी ऊपर खींच ली
और उसे मरता देख
अपनी आंखें मींच ली
दौड़ता-दौड़ता
एबीसी कंपनी पहुंचा
और हांफते-हांफते बोला-
‘अभी-अभी आपका एक आदमी
डूब के मर गया है
इस तरह वो
आपकी कंपनी में
एक जगह खाली कर गया है
ये मेरी डिग्रियां संभालें
बेरोजगार हूं
उसकी जगह मुझे लगा लें।’
ऑफिसर ने हंसते हुए कहा-
‘भाई, तुमने आने में
तनिक देर कर दी
ये जगह तो हमने
अभी दस मिनिट पहले ही
भर दी
और इस जगह पर हमने
उस आदमी को लगाया है
जो उसे धक्का देकर
तुमसे दस मिनिट पहले
यहां आया है।

कैसे ट्रेन चलती है? (Hindi Hasya Kavita for Students)

हम दौड़ें तो गिर-गिर जाएँ
दौड़े ट्रेन न गिरती है।
पतली-पतली पटरी पे
छुक-छुक करके चलती है।।

सनसन चाल निराली इसकी
हवा से बातें करती है।
दिन हो या सावन की रात
ये तो चलती रहती है।।

सर्दी, गर्मी, वर्षा, आंधी
हम सबके हित सहती है।
पापा को घर से ले जाये
वापस भी ले आती है।।

सैर कराए हमें घुमाये
लेकिन कभी न थकती है।
गाँव नदी गिर शहर दिखाए
जंगल में न डरती है।।

जहाँ हो चढ़ना हमें उतरना
आकर वहाँ ये रूकती है।
जब-जब बोले तेजी से
डर हमको तब लगती है।।

जो भी जाये उसे घुमाये
सबकी सेवा करती है।
मेरे जैसे सेवा सीखो
हम सबसे भी कहती है।।

देखो! देखो! वह देखो!
प्यारी ट्रेन गुजरती है।
एक खराबी इसमें केवल
काला धुआँ उगलती है।।

Short Hasya Kavita in Hindi for Class 4

टीचर जी!
मत पकड़ो कान।
सरदी से हो रहा जुकाम।।
लिखने की नही मर्जी है।
सेवा में यह अर्जी है।।
ठण्डक से ठिठुरे हैं हाथ।
नहीं दे रहे कुछ भी साथ।।
आसमान में छाए बादल।
भरा हुआ उनमें शीतल जल।।
दया करो हो आप महान।
हमको दो छुट्टी का दान।।
जल्दी है घर जाने की।
गर्म पकोड़ी खाने की।।
जब सूरज उग जाएगा।
समय सुहाना आयेगा।।
तब हम आयेंगे स्कूल।
नहीं करेंगे कुछ भी भूल।।

Short Hasya Kavita in Hindi

है क्या एक दोस्त आज मैं आपको समझाती हूँ,
दोस्ती के वास्तविक अर्थ से मैं, आपको परिचित कराती हूँ,
पड़ी हो भारी भीड़ या कोई विकट आपत्ति,
साथ न हो जब जीवन में, कोई भी साथी संगी।

ऐसी अवस्था में दोस्त आगे बढ़कर आता है,
भरी विपत्ति से भी, अपने दोस्त को आजाद कराता है,
किसी जाति, धर्म या वंश से उसकी पहचान ना होती है,
उस दोस्त की सच्ची दोस्ती ही एक मिशाल होती है।

हर खूनी रिश्ते से ऊपर होता है औहदा जिसका,
गंगा जल के जैसा पवित्र होता है सच्चे दोस्त का रिश्ता,
बहती रहती है सदा जिसकी निर्मल पवित्र धारा,
होता है वो दोस्त जग में सबसे निराला,
पग-पग पर दोस्ती निभाने के लिए मचलता हो दिल जिसका,
होता है वो दोस्त वास्तव में मन का सच्चा,
ऐसा दोस्त मिलना जग में एक मुकाम पाने के समान है,
थाम लो ऐसे दोस्त का हाथ अगर वो आपके साथ है।।

Hasya Kavita in Hindi for Class 8

शिक्षक है शिक्षा का सागर,
शिक्षक बांटें ज्ञान बराबर,
शिक्षक मंदिर जैसी पूजा,
माता-पिता का नाम है दूजा,
प्यासे को जैसे मिलता पानी,
शिक्षक है वो ही जिंदगानी,
शिक्षक न देखे जात-पात,
शिक्षक न करता पक्ष-पात,
निर्धन हो या हो धनवान,
शिक्षक को सब एक सामान।
शिक्षक माझी नाव किनारा,
शिक्षक डूबते को सहारा,
शिक्षक का सदा ही कहना,
श्रम लगन है सच्चा गहना।

बच के कहाँ जाओगी रानी (Funny Hindi Poems)

बच के कहाँ जाओगी रानी!
हमसा कहाँ पाओगी रानी!
इतने दिनों से नज़र है तुझपे,
रोच गच्चा दे जाती है!
आज तो मौका हाथ आया है!
बस तुम हो और,
बस मैं हूँ, बस!
बंद अकेला और कमरा है!
इतने दिनों से सोच रहा हूँ,
अपने अरमां उड़ेल दूँ,
सारे तुझ पर,
आज तू अच्छी हाथ आई है!
करूँगा सारे मंसूबे पूरे!
आज तो चाहे जो हो जाए,
छोड़ूगा नहीं,
ऐ सोच!
तुझे,
कविता बनाए बिना!!!

हिंदी हास्य कविता (Funny Kavita in Hindi)

कोई फर्क नहीं पड़ता
कोई फर्क नहीं पड़ता
इस देश में राजा रावण हो या राम,
जनता तो बेचारी सीता है
रावण राजा हुआ
तो वनवास से चोरी चली जाएगी
और राम राजा हुआ
तो अग्नि परीक्षा के बाद
फिर वनवास में भेज दी जाएगी।
कोई फर्क नहीं पड़ता
इस देश में राजा कौरव हो या पांडव,
जनता तो बेचारी द्रौपदी है
कौरव राजा हुए
तो चीर हरण के काम आएगी
और पांडव राजा हुए
तो जुए में हार दी जाएगी।
कोई फर्क नहीं पड़ता
इस देश में राजा हिन्दू हो या मुसमान,
जनता तो बेचारी लाश है,
हिन्दू राजा हुआ
तो जला दी जाएगी
और मुसलमान राजा हुआ
तो दफना दी जाएगी।

Hindi Comedy Poems

हम स्कूल रोज हैं जाते,
शिक्षक हमको पाठ पढ़ाते।
दिल बच्चों का कोरा कागज,
उस पर ज्ञान अमिट लिखवाते।
जाति-धर्म पर लड़े न कोई,
करना सबसे प्रेम सिखाते।
हमें सफलता कैसे पानी,
कैसे चढ़ना शिखर बताते।
सच तो ये है स्कूलों में,
अच्छा इक इंसान बनाते।

बड़े आलसी भालूराम (Hindi Funny Poetry)

बड़े आलसी भालूराम,
सारे दिन करते आराम।

बेच खा गए नई किताबें
जूते, चप्पल और जुराबें,
मास्टर जी का डंडा खाकर,
क्यों रोते अब चालूराम?

हाथ हाथ पर रखकर बैठे,
रहते हैं ये दिन भर ऐंठे,
इसीलिए तो लोग इन्हें सब
कहते हैं अब टालूराम!

सबसे लड़ते और झगड़ते
दिन-दिन भर ये मन में कुढ़ते,
झल्लाते हैं, झुँझलाते हैं
बिना बात झगड़ालूराम!

तुमने आशा से उम्मीद लगाईं (Famous Hasya Kavita in Hindi)

तुमने आशा से उम्मीद लगाईं,
उसने दिया ठेंगा दिखाई,
लड़कपन में चलता है ये सब,
दिल पर नहीं लेने का भाई,
आशा मुई होती हरजाई,
कभी आए, तो कभी जाए,
पर जाते जाते सहेली किरण को,
भी पास तुम्हारे छोड़ते जाए,
किरण दिखे छोटी बच्ची सी,
मगर है यह बड़ी अच्छी सी,
आशा नहीं तो न सही,
किरण से ही दिल बहलाओ!
सुबह होने को दीपक बाबू!
कुछ देर और निभाओ!
बहुत मिलता है जीवन में,
और बहुत कुछ खोता है,
चलता रहता खोना पाना,
होना होता, सो होता है।

निराशा के पल भी प्यारे,
बहुत कुछ सिखला जातें है,
रुकता नहीं कभी भी, कुछ भी,
ये पल भी बढ़ जातें है।

ख्वाब मिले, उम्मीद मिले,
अवसाद , या धड़कन दीर्घा,
सपना मिले, किरण मिले,
मिले आशा, या प्रतीक्षा,
जो भी मिले बिठालो उसको,
गाडी आगे बढाओ …!
सुबह होने को दीपक बाबू!
कुछ देर और निभाओ!
मिले प्रेम या मिले ईर्षा,
मन न कड़वा रखना।

सारी चीज़े है मुसाफिर,
राह में क्या है अपना?
सीखते जाओ जीवन से,
अनुभवों को अपने बढ़ाओ,
आशा के जाने से पहले,
एक सपना और पटाओ!
नसीब हुआ जो भी तुमको,
उसी में जश्न मनाओ।
सुबह होने को दीपक बाबू!
कुछ देर और निभाओ!

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