ड्राइविंग लाइसेंस क्या होता है? (प्रकार और फीस)

Driving Licence ke Prakar Aur Fees: जब से पहिए की खोज हुई मानव नए-नए प्रकार के वाहन बनाने लगा। आज मोटरसाइकिल, स्कूटी से लेकर कई प्रकार के फोर व्हीलर गाड़ी बाजार में आ गए हैं। आज किसी ना किसी काम के लिए हमें वाहन की जरूरत पड़ती है। बिना वाहन के मानो दुनिया धीमी हो जाएगी।

आज लगभग ज्यादातर लोगों के पास वाहन है, लेकिन जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति वाहन चलाने में योग्य हो। जो व्यक्ति नए-नए वाहन चलाना सीखे होते हैं, वे सड़कों पर वाहन चलाएंगे तो हो सकता है, वह किसी का एक्सीडेंट कर दे और बड़ी बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।

इस दुर्घटना को रोकने के लिए सरकार ने वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया। जिसके बाद हर एक लोगों के पास जो वाहन चलाता है, उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। फिर चाहे वह टू व्हीलर वाहन चलाए या फिर फोर व्हीलर वाहन चलाएं। जिस व्यक्ति के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता है और वह यदि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के सड़कों पर पकड़ा गया तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है और उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस रखने की वार्निंग भी दी जाती है और यह जरूरी भी है।

Driving Licence ke Prakar Aur Fees
Image: Driving Licence ke Prakar Aur Fees

एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज होता है कि वह ड्राइविंग करते वक्त ड्राइविंग लाइसेंस अपने साथ रखें। अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं, जो बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते हैं। ऐसे लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं लेकिन लोगों के मन में प्रश्न हमेशा रहता है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की कितनी फीस लगती है?

क्योंकि हर साल इस फीस में कुछ ना कुछ बढ़ोतरी हो जाती है तो आज के इस लेख में हम ड्राइविंग लाइसेंस की कितनी फीस है, ड्राइविंग लाइसेंस क्या होता है और इसे बनवाने के लिए कौनसी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है? इसके बारे में जानेंगे।

ड्राइविंग लाइसेंस क्या होता है? इसकी प्रकार और फीस | Driving Licence ke Prakar Aur Fees

ड्राइविंग लाइसेंस क्या होता है?

ड्राइविंग लाइसेंस एक तौर पर सरकार के द्वारा दी गई परमिट होती है और यह वाहन चालकों के लिए जारी की जाती है। जो भी वाहन चालक सड़कों पर गाड़ी चला रहे होते हैं, उन्हें सरकार से सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए परमिशन लेना होता है और परमिशन मिल जाने पर उन्हें एक लाइसेंस दिया जाता है, जिसे ड्राइविंग लाइसेंस कहते हैं।

यह लाइसेंस व्यक्ति जिस राज्य का है, उसी राज्य के रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के ऑफिस में जाकर आवेदन कर सकता है। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का नियम सन 1988 में जारी किए गए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शुरू हुआ है।

इसके तहत बिना ड्राइविंग लाइसेंस के पब्लिक रोड पर गाड़ी चलाना गुनाह है और यदि कोई व्यक्ति बिना ड्राइविंग लाइसेंस के पब्लिक रोड पर गाड़ी चलाते पकड़ा गया तो उसे जुर्माना देना पड़ेगा। इस तरह ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए पता चलता है कि वह व्यक्ति गाड़ी चलाने के योग्य है या नहीं और बता दे ड्राइविंग लाइसेंस अलग-अलग प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग जारी की जाती है। सभी प्रकार के वाहनों के लिए एक लाइसेंस नहीं होता है।

ड्राइविंग लाइसेंस के प्रकार

ड्राइविंग लाइसेंस तीन प्रकार के होते हैं:

  1. लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस
  2. परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस
  3. कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस

लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस

यदि कोई व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस बनाता है तो उसे सबसे पहले लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस बनाना पड़ता है। यह लाइसेंस उन लोगों को दिया जाता है, जो नए-नए वाहन चलाना सीखे हैं। इस लाइसेंस की वैलिडिटी भी बहुत कम समय के लिए होती है यह मात्र 6 महीने के लिए ही वैद्य होता है। इसके बाद वाहन चालक को परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना पड़ता है।

परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस

परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस की वैलिडिटी लंबे समय के लिए रहती है और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन वही व्यक्ति कर सकता है, जिसके पास लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस है।

लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस की वैलिडिटी एक्सपायर होने के बाद वह इस लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है, जिसके लिए इसे अपने जिले के आरटीओ में जाकर वहां पर ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ेगा और फिर टेस्ट में पास होने के बाद उसका परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।

कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस

कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस उन वाहन चालकों के लिए जारी किया जाता है, जो व्यवसायिक उद्देश्य से वाहन चलाते हैं। कमर्शियल वाहन चालक वाहन का मुख्य रूप से माल परिवहन के लिए या फिर यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के लिए वाहन चलाते है जैसे कि बस।

कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस तीन कैटेगरी के होती है, जिसमें लाइट गुड्स ट्रांसपोर्ट मोटर व्हीकल, मीडियम मोटर व्हीकल और हेवी मोटर व्हीकल आता है। कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए व्यक्ति के पास एक कुशल ड्राइविंग कौशल होना जरूरी है और उसके साथ ही वाहनों के नियम और वाहनों से अच्छी तरह वाकिफ होना चाहिए।

इस तरह कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन करने वाले लोगों के लिए योग्यता लर्नर और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस की तुलना में थोड़ी अलग निश्चित की गई है। हालांकि परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस की तरह ही कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनने की भी प्रक्रिया होती है।

ड्राइविंग लाइसेंस की फीस कितनी है?

ड्राइविंग लाइसेंस अलग-अलग राज्यों के रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के द्वारा जारी किया जाता है, जिस कारण अलग-अलग राज्यों के ड्राइविंग लाइसेंस की फीस थोड़ी बहुत कम ज्यादा हो सकती है। हालांकि बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता है।

शुरुआत में वाहन चालकों ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना पड़ता है, जिसके लिए उसे ट्रैफिक से जुड़े नियमों को लेकर क्लास दी जाती है। उसके बाद उसके ऑनलाइन परीक्षा भी होती है। इसमें पास होने के बाद उसे लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदक को ₹150 शुल्क लगते हैं, लाइसेंस परीक्षण शुल्क ₹50 है।

परमानेंट लाइसेंस जारी करने के लिए ₹200 के शुल्क लगती है। वहीँ कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस जारी की जाती है तो उसके लिए ₹200 की फीस लगती है। अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट लेना चाहता है तो उसके लिए उसे ₹1000 की फीस लगती है।

इनमें से किसी भी ड्राइविंग लाइसेंस को रिन्यू करने की फीस ₹200 है। यदि किसी व्यक्ति का असली लाइसेंस खो गया है और वह डुप्लीकेट लाइसेंस बनवाना चाहता है तो उसे ₹200 का शुल्क लगेगा।

बता दें साल 2018 से पहले ड्राइविंग लाइसेंस को बनवाने की फीस कम थी। लेकिन इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस की फीस लगभग 6 गुना बढ़ गया है। यहां नीचे हमने ड्राइविंग लाइसेंस में विभिन्न चीजों के लिए लगने वाले औसतन शुल्क के बारे में बताया है। भले ही यह शुल्क अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो लेकिन औसतन सिल्क लगभग समान ही होता है।

लर्निंग लाइसेंस₹200
ड्राइविंग लाइसेंस₹200
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस₹600
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस₹1000
रिनुअल फीस लाइसेंस₹200
लर्निंग रिनुअल₹200

FAQ

ड्राइविंग लाइसेंस की फीस में कितनी बढ़ोतरी हुई है?

साल 2018 के बाद ₹200 हो गए। वही ड्राइविंग लाइसेंस की फीस ₹40 से ₹200 बढ़ गई कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की फीस 2018 से पहले ढाई ₹100 थी, जो 2018 के बाद ₹600 हो गई। वहीँ इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की फीस ₹500 से बढ़कर ₹1000 हो गई।

ड्राइविंग लाइसेंस कहां बनता है?

ड्राइविंग लाइसेंस हर राज्य के रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के ऑफिस द्वारा जारी होता है।

ड्राइविंग लाइसेंस कितने प्रकार के होते हैं?

ड्राइविंग लाइसेंस तीन प्रकार के होते हैं: लर्नर, परमानेंट और कमर्शियल लाइसेंस।

निष्कर्ष

आज के लेख में हमने आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में कितनी फीस लगती है इसके बारे में बताया। ड्राइविंग लाइसेंस हर एक वाहन चालकों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है और हर एक वाहन चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस होनी जरूरी है। जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, वे जल्द ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करें।

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