सर्व मंगल मांगल्ये मंत्र हिंदी अर्थ सहित

सर्व मंगल मांगल्ये मंत्र हिंदी अर्थ सहित (Sarva Mangala Mangalye in Hindi)

Sarva Mangala Mangalye in Hindi
Image: Sarva Mangala Mangalye in Hindi

सर्व मंगल मांगल्ये मंत्र

ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

मंत्रों के शब्दों का अर्थ

ॐ सर्व मंगल मांगल्ये

 सभी मंगलों में मंगल

शिवे

 कल्याणकारी

सर्व अर्थ साधिके

 सभी मनोरथों को सिद्ध करने वाली

शरण्ये

 शरणागत वत्सला , शरण ग्रहण करने योग्य

त्रयम्बके

 तीन नेत्रों वाली

गौरी

 शिव पत्नी

नारायणी

 विष्णु की पत्नी

नमः अस्तु ते

 तुम्हे नमस्कार हैं

मंत्र का अर्थ

सब प्रकार के शुभ करने वाली मंगलमयी माता आप कल्याणकारी एवं सब मनोरथों को पूरा करने वाली हो (अर्थात सदबुद्धि देने वाली हो)।

हे माँ गौरी (जिनका गौर वर्ण है), आप शरण ग्रहण करने योग्य एवम त्रिकालदर्शी अर्थात वर्तमान भूत एवम भविष्य को प्रत्यक्ष देखने वाली हो। हे नारायणी (जो सब में व्याप्त हैं) आपको नमस्कार है।।

हर प्रकार की शुभ करने वाली और सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली (अर्थात अच्छी बुद्धि देने वाली) आप एक दयालु माता भव। हे माँ गौरी (जिनकी गोरी त्वचा है), आप शरण ले सकती हैं और त्रिकालदर्शी हैं, अर्थात् जो वर्तमान, भूत और भविष्य को प्रत्यक्ष रूप से देखती हैं, हे नारायणी (जो सब कुछ समेटे हुए हैं) आपको नमस्कार।

Sarva Mangala Mangalye Mantra:

मां दुर्गा के प्रसिद्ध मंत्रों में से एक है सर्व मंगल मंगलये मंत्र। यह मंत्र इतना अच्छा और शुभ है कि इसे किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले किया जाता है।

शादी हो या मां दुर्गा की रस्में, यह मंत्र हर जगह सुनाई देगा। नवरात्रि की आठवीं शक्ति महागौरी को समर्पित यह मंत्र अत्यंत शुभ, सौभाग्य और समृद्धि प्रदान करने वाला है।

आप भी इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करके इसका लाभ उठा सकते हैं। इस मंत्र का शुद्ध जप दिन में कम से कम 108 बार (नवरात्रि के 9 दिनों तक) करना चाहिए। नवरात्रि के बाद भी अगर आप इसे जारी रखना चाहते हैं तो इसे सेव कर सकते हैं।

Sarva Mangala Mangalye Mantra in English

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते।।

Sarva Mangala Mangalye Shive Sarvartha Saadhike
Sharanye Trayambake Gauri Narayani Namostute

सब प्रकार के सुख देने वाले, सबकी मनोकामना पूर्ण करने वाले, शरण लेने वाले, त्रिनेत्र अर्थात् भूत, वर्तमान, वर्तमान को देखने वाले तुम ही शिव की पत्नी हो, तुम नारायण की पत्नी हो। आप सभी रूपों से जुड़े हैं, आपको नमस्कार!

इस मंत्र का प्रतिदिन जाप करने से माता प्रसन्न होती है और उन्हें हर प्रकार से आशीर्वाद देती है। इस मंत्र में कहा गया है कि मैं माता के संरक्षण में हूं इसलिए यदि कोई भय आपको सता रहा है तो उस भय और बुरी शक्तियों का नाश करके देवी दुर्गा सभी बाधाओं को दूर करती हैं और सभी चीजों में समृद्धि लाती हैं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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