राजकुमारी की प्रेम कहानी

Rajkumari Ki Prem Kahani: प्राचीन समय में एक राज्य में एक बहुत ही बहादुर और प्रतापी राजा रहा करता था। राजा बहुत ही शक्तिशाली था। राजा के दुश्मन भी राजा के राज्य पर आक्रमण करने से डरते थे। कोई दूसरे राज्य का राजा आक्रमण करने से पहले डरता था कि कहीं राजा से वह पराजित ना हो जाए। राजा के राज्य में प्रजा बहुत ही खुश थी।

प्रजा अपने राजा से बहुत प्रेम करती थी और राजा के राज करने के तरीके से बहुत प्रसन्न थी। राजा के राज्य में सभी लोग मिल जुल कर रहा करते थे और राजा की सभी बातों का पालन किया करते थे। राजा बहुत दानी था, वह अपनी प्रजा में कुछ ना कुछ दान के रुप में बटवाया करता रहता था।

Rajkumari Ki Prem Kahani
Image: Rajkumari Ki Prem Kahani

राजा का विवाह एक सुंदर श्रीकन्या से हुआ था, जिससे उनको एक पुत्री प्राप्ति हुई थी, जो देखने में बहुत ही सुंदर और बहुत ही आकर्षक थी। राजा की पुत्री की आंखें बहुत बड़ी-बड़ी और बहुत ही सुंदर थी, जो किसी को भी अपने वश में कर ले। राजा की पुत्री बहुत ही नटखट और भोली थी।

राजा और रानी अपनी पुत्री से बहुत प्रेम किया करते थे और राजा और रानी अपनी पुत्री को राजकुमारी बुलाया करते थे। राजा ने अपनी राजकुमारी को किसी भी चीज की कमी महसूस होने नहीं दी थी। राजा ने अपनी राजकुमारी का पालन पोषण बहुत अच्छे ढंग से से किया था और राजा ने अपनी राजकुमारी की शिक्षा दीक्षा बहुत अच्छे ढंग से की थी।

राजकुमारी बहुत भोली और विद्वान थी। राजा ने अपनी पुत्री को हर मामले में निपुण बना दिया था। राजा ने अपनी पुत्री को शिक्षा दीक्षा के साथ-साथ अस्त्र-शस्त्र का भी ज्ञान प्राप्त करवाया था और जैसे-जैसे समय बीतता गया और राजकुमारी बड़ी हो गई।

राजकुमारी एक दिन अपनी सहेलियों के साथ बगीचे में टहल रही थी तभी वहां पर एक दूसरे देश का राजकुमार किसी काम के चलते हुए वहां पर आ गया। जैसे ही उस राजकुमार ने राजकुमारी को देखा तो वह राजकुमारी की सुंदरता को देखकर मंत्रमुग्ध रह गया। वह मन ही मन राजकुमारी से प्रेम करने लगा।

उस राजकुमार ने राजकुमारी से विवाह करने का सोच लिया। जिसके बाद वह राजकुमार अपने शहर वापस चला गया और वहां जाकर उसने अपने पिता और माता को राजकुमारी के बारे में बताया। माता-पिता को बताया कि मैं उस सुंदर सी कन्या से विवाह करना चाहता हूं, जिसके बाद राजकुमार के पिता और माता ने अपना एक सेवक भेज कर विवाह का प्रस्ताव राजकुमारी के पास भेज दिया।

जैसे ही यह बात राजकुमारी को पता लगी कि किसी राजकुमार ने उनके लिए विवाह का प्रस्ताव भेजा है, राजकुमारी बहुत ही विद्वान थी और राजकुमारी ने राजकुमार से विवाह करने के लिए एक शर्त रख दी और राजकुमारी ने कहा कि मैं राजकुमार से कुछ प्रश्नों के उत्तर चाहती हूं, जिसको जानने के बाद मैं राजकुमार से विवाह करने के लिए तैयार हूं।

सेवक तुरंत राजकुमारी का संदेशा लेकर राजकुमार के पास पहुंच गया और उसने राजकुमारी के दिए हुए संदेश को राजकुमार को बताया। राजकुमार ने राजकुमारी का संदेश सुनकर राजकुमारी के सारे प्रश्नों के उत्तर देने का निर्णय लिया, जिसके लिए वह अपने माता पिता के साथ राजकुमारी के महल पर आ गया।

राजकुमारी के पिता ने महल में आए हुए उस नवयुवक और उसके माता-पिता का अच्छे से स्वागत किया और एक सभा का ऐलान किया, जिसमें राजकुमार राजकुमारी के प्रश्नों के उत्तर दे सके। अगले ही दिन जब राजा ने सभा के लिए सभी को बुलाया और राजकुमार और राजकुमारी को एक दूसरे के समीप बैठा कर अपनी पुत्री राजकुमारी से कहा कि तुम अपने प्रश्नों के उत्तर राजकुमार से पूछ सकती हो।

जिसके बाद राजकुमारी ने राजकुमार से अपने प्रश्नों के उत्तर पूछना शुरू किया। राजकुमारी ने कहा कि तुम मुझे क्यों पसंद करते हो, तुम मेरे रूप को देखकर मुझे पसंद करते हो या मेरे गुणों को देखकर मुझे पसंद करते हो या मेरे राजवंश को देखकर मुझसे शादी करना चाहते हो, बताओ मुझे मेरे प्रश्नों का उत्तर दो।

राजकुमार ने राजकुमारी के प्रश्न को सुना और राजकुमार ने राजकुमारी के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे कोई देवी बोल रही हो और यह तो एक भौतिक संसार है, यहां पर कोई भी एक दूसरे से भिन्न नहीं है और तुम तो सुंदरता की देवी हो, तुम्हारे अंदर जितने गुण हैं, वह तो तुम्हारी सुंदरता की आगे कम ही है। धन्य है तुम्हारे माता-पिता जिन्होंने तुम्हें जन्म दिया है और तुम्हें बहुत सारे संस्कार दिए हैं। तुम्हारे यह संस्कार तुम्हारे लक्षण तुम्हारी बुद्धि और तुम्हारी शिक्षा को दर्शाती हैं।

हमारे शरीर पर आत्मा का वास होता है, बिना आत्मा के शरीर कुछ भी नहीं है। तुमने अपने पिछले जन्म में बहुत सारे कर्म किए होंगे, जिसकी वजह से तुम्हें भगवान ने इतना सुंदर और सुशील बनाया है और तुम्हें धरती पर भी स्वर्ग जैसे माहौल पर रखा है। राजकुमारी उस नवयुवक की बात सुनकर बहुत प्रसन्न हो गई और राजकुमार पर मंत्रमुग्ध हो गई। तभी राजकुमारी ने अपने पिताजी से उसने युवक के साथ विवाह करने के लिए अनुमति प्रदान कर दी।

राजकुमारी ने अपने पिताजी से कहा कि विवाह कुछ दिन बाद किया जाए, जिससे मैं इस नवयुवक को और अच्छी तरीके से जान सकूं। राजकुमारी के पिताजी ने राजकुमारी किया का का पालन किया और कुछ ही दिनों का वक्त राजकुमार जी को दे दिया। जिसके बाद राजकुमारी और राजकुमार एक दूसरे के साथ अपना समय व्यतीत करने लगे। धीरे-धीरे दोनों में बहुत प्रेम हो गया ।

राजकुमारी और राजकुमार एक दूसरे को बहुत अच्छी तरीके से जान गए और पिताजी के द्वारा दिए हुए समय के बाद राजकुमारी के पिताजी ने उस नवयुवक के साथ अपनी पुत्री का विवाह बहुत ही धूमधाम से करवाया। पूरे राज्य में अपनी पुत्री के विवाह के शुभ अवसर पर बहुत सारा धन भी बटवाया और खुशी खुशी राजकुमारी की का विवाह संपन्न करवाया। जिसके बाद राजकुमार राजकुमारी से विवाह कर कर उनको अपने साथ ले गया और खुशी खुशी अपना जीवन व्यतीत करने लगा।

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