राजस्थानी शायरी

Rajasthani Shayari

राजस्थानी शायरी | Rajasthani Shayari

Rajasthani Shayari
Image: Rajasthani Shayari

दिल में प्यार है
आंख्या में काजल है,
ओ मारो राजस्थान है
जगह-जगह मीठा फल है।

रेगिस्तान में भी सुखी झाडीया भी हरी हो जाती है
जब राजस्थान वाले किसी के साथ खड़े हो जाते है

अंगरेजी म्हानै आवै कोनी,
न हिंदी रौ घणौ ज्ञान,
राजस्थान रा बाशिन्दा हां,
राजस्थानी म्हारी पिछाण।।

मेहनत करके एक दिने इतो ऊंचो पहुचणो है
कि नीचू देखू तो धूझणी छूटने लागजे

राजस्थान पर शायरी
रामजी थाने सगळा ने निरोगा राखै
कमाई दुनी चोगुणी बढ़ावे,
टाबरिया आपस्यूं भी ऊँचा चढ़े
घर आळी या घर आळा री मोकळी मेहरबानी रेवे।

राजस्थान में अलग-अलग शहर वाले लोग की अलग ही
पहचान है आधी राजस्थानी और आधी हरयाणवी
कहने का मतलब सारी ही भाषा बोलते है

बरसात आऊं आऊं करे,
सरकार जाऊं जाऊं करे,
कोरोना खाऊं खाऊं करे,
सचिन कुछ पाऊं पाऊं करे,
दूर बैठी मौसी म्याऊं म्याऊं करे।

बातां प्यार सूं करां म्हे
जरूरत पड़े तो लट्ठ गाड़ दा,
शांति गा प्रतीक हों पण
दुश्मनों के सिर फाड़ दा।

ना हमे है टेंसन ना फिकर,
जहाँ जयपुर जिलावाले खड़े होते है
वहाँ matter हमेशा बड़े होते हैं
वहाँ राजस्थानी भी खड़े होते हैं

ओ पियाजी ,ओ ढोला म्हारा..
थानी याद घणी तड़पावे है,
में तो सारी सारी रात जागु सूं राता में..

चेतक पर चढ़ जिसने
भाला से दुश्मन संघारे थे…
मातृ भूमि के खातिर
जंगल में कई साल गुजारे थे…

रंगीलो राजस्थान शायरी
जीमो बाजरे री रोटी
और सांगरी रो साग,
रंगीलो म्हारो राजस्थान
बरसों सूं है हिवड़े हुं लाग।

म्हारे राजस्थान आळा भी दिल का बादशाह हो या करे
सुणा भी दिल की और करा खुद दिल की..

मन्ने नींद कट्ठे आवे है!!”
प्रीत पुरानी थारी म्हारी,
जीयू पानी संग मीन, दिन कटते हैं सुरत पे तेरी,
रैन कटे रोये , हिवड़े बीच हैज घणो।

Rajasthan में दो ही चीज प्रसिद्ध है –
आवण में :- आंधी
और
जावण में :- लाइट

Rajasthani Shayari

रेगिस्तान शायरी
धोरा धरती म्हारी
45° तावड़े में पग जले,
पण मिनख मजबूत लोंठा
हजारों सालो सूं अठे ही पले।

आज एक गाड़ी आळो मिल्यो बोल्यो भाया जयपुर जाणो है
म कहयो हा जाओ ईया बताता जास्यो जद कद पहुँचस्यो

मिले जो पिया भर नयन सिमट गया मेरा प्यार भी कुछ चंद,
अल्फाजो मे जब उसने कहा…
“आखातीज पर मारो ब्याह है थे आवोला नी….”

मेरे जीवन गी हर शाम
रेवे है थारे नाम,
हिवड़े में भरी है खुशियां
बस हर पल जपता रहता हूँ तेरा नाम।

आगे कुआं पीछे खाई,
बाहर कोरोना अन्दर लुगाई।

अरे सुन लो प्यारी
मानो बात म्हारी,
थोड़ा तन खिलखिला लो
आ मिलन गी रुत है प्यारी।

मन तो पेली ही ध्यान छो, थाराम
सारी आदत ही गंडकड़ी आळी है

साँची साँची कहु एक बात,
थारे बिना किंया बीते म्हारी रात,
म्हारी नजरो से जद भी तू दूर जावे,
मन्नै थारी ओळू आवे।

लोग अपन राजस्थान के
जीते है दारू के ठेको पर,
सुंदर घणो राजस्थान
मिनख घूमे उदयपुर लेको पर।

अपने बाप के सामने अय्याशी और राजस्थान आळा क
सामन अ बदमाशी,बेटा, भूल कर भी मत करियो..

अगर थे हर कार्य ख़ुशी सु करो तो
किश्यो भी कार्य मुश्किल कोणी लागसी..

राजस्थान की प्यार शायरी
म्हारे सांगे सांगे
कद समझीया सगळा रिवाज,
जब देखोला म्हारो प्रदेश
आप करोला मरुभूमि माथे नाज।

राजस्थानी का कुँवारा लन्डुर बहुत खुश होरया है
ईया बोल है अब तो अजमेरण ही परनाके ल्यासया

अकेलो ज्ञानी बनन सु चोखो हे कि,
सगळा रा सागे मुर्ख बनर रहवो..

यदि आपा भविष्य रा बारे म भयभीत होजवेला
तो वर्तमान म प्राप्त अवसर ने खो देवेला..

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Rajasthani Shayari

सुलग रही है रेत
लगी है प्यास,
कहीं मिल जाये ठंडी छाया
बस यही है म्हारी आस।

अगर राजस्थानी वाले कोई पत्थर मारे,
तो उसका जवाब Ak- 47 से देते है

कस्टमर केयर आळी छोरी,
म आपकी क्या सेवा कर सकती हूँ,
Me- यार एक काम कर मेरी माँ पीहर गएड़ी है,
दो दिन पोठा गेर द म्हारा

तपती धरती ढ़ळतो सूरज
हिवडे में है मरूगीत,
बाटां जोवे गोरी री नजरा
कद आवे म्हारे परदेसी प्रीत।

शेरो के घर से शेर ही पैदा होते है करोड़ो के
बीच राजस्थानी की अलग ही पहचाने जाते है।

मरुस्थल मन में उठे
शीतल जल की धार,
जिंदगी ऐसे जियो कि
जीवन में रहे प्रेम का विस्तार।

राजस्थानी छोरे ATTITUDE बहुत दिखाते है देख बेटा
इश्वेर कि देन है ऊपर से राजस्थानी है छिपायेगे थोड़ी..

इंसान सिर्फ आग से नहीं जलता,
कुछ लोग तो RJ – 18 के नाम से भी जल जाते हैं

टाबर डोकरा शायरी
आयो दिन खुशियों गो
छोड़ो भेदभाव और अभिमान,
सगला कूदो, नाचो गाओ
चाहे हो बच्चा, बूढा या जवान।

लोग सिर्फ आग से नहीं जलते..कुछ लोग तो
राजस्थानी वालो के नाम से भी जल जाते हैं

पार्क मै बैठ कै कुरकुरा खानियां न के बेरो,
खेत मै बैठ कै चूरमो खाण को स्वाद….

दिल तो आशिको के पास होता है,
राजस्थान आळा कन तो लठ होव ह…

राजस्थानी वाले छोरे तू धरती पे चाहे जहाँ भी रहेगी,
में तुझे तेरी खुशबू से पहचान लूँगा मेरी जान..

तुम मेरे दिल में रहो इतना ही बहुत हैं,..
क्योकि म्हार घर म तो मेरी मां तन बड़न कोनी दे…

धोरे माथे झूंपड़ी शायरी
धोरे माथे झोपड़ी
रमे बैठा टाबर नैना,
मिट्टी का बनावे घर
मिट्टी ही उनका खिलौना।

Rajasthani Shayari

काल मेरली सैटिंग पिळो सूट पहर राख्यो मन
वीडियो कॉल करके कह How I am Looking..
म कहयो You Looking जम्मा टांटिया ब्रांड

कौन कहता हैं की औरत केवल रसोई में शोभा देती हैं,
पधारो हमारे राजस्थान में,
बाईसा तलवार से धड़ अलग करना भी बखुबी जानती है।

राजस्थानी भाषा की भील शायरी
मन मेरा हिंदुस्तानी है
बोली मेरी राजस्थानी है,
जो की किसी ने गड़बड़
याद उसको दिलानी नानी है।

आज म सब्जी की दुकान प जाके बोल्यो,
भाईजी 5 किलो प्याज तोल दयो,
कन खड़ी एक लुगाई मेर कानी देख के
आप क पत्ती न बोली है ओ
आपरली छोरी खातर ओ
टाबर ठीक लाग्यो मन तो..||

एक तो तू साँवळी,
अर ऊपर हूं ईयां बावळी

पधारो सा म्हारे देश
हिवड़ो रंगियो प्रीत सूं
सज सौले सिणगार,
पधारो म्हारे देश
करो खुशियां रो इजहार।

यदि कोई मनुष्य आपसे इर्ष्या या घृणा करता है तो,
हाथ पग तोड़ के माचलिए म गेर दयो,
इसा को कोई ठा कोनी क़द के कर दे,

बा पेली तो मन देख के शरमाई फेर मेर कानी देखण लागी
और फेर मेर कन आ के
कान म बोली ओये
म्हार आज तूड़ी की गाडी आएडी है
खाली करवा द र

आज राजस्थान का कुँवारा लन्डुर बहूत खुश होरया है,
ईया कह है अब तो कश्मीरन ही परनाके ल्यासया…

जे छोरा छोरी एक समान है तो
छोरया का बाळ 1000रिपिया किलो और
छोरा का बाळ रदी क भाव किया बिक

राजस्थानी छोरी का जीने का तरीका अलग है
हम उम्मीद पर नहीं अपनी ख्वाइश पर जीती है

आज एक छोरी दोफारी म रोड प चक्र खाके पड़गी,
म भाजके गयो अर बिंक मुँह प पाणी गेरयो,
जोरको थपड़ मारके बोली,
नालायक मेरी पूरी टिक टोक Video खराब करदी

धापली भी कमाल करे यारो मै बिन रेस्टोरेंन्ट म लेग्यो हर पुच्छयो के खा सी
बेटी राफां तिड़काके केव~~
पेमली बोरिया

धोरिया की रेत को सो स्वभाव छे, राजस्थानी छोरिया
को तो एक मिनट गर्म तो दूसरी मिनट म बिल्कुल ठंडी ..

काल एक फ़ोन आयो, म पूछ्यो हा कुण,
जद बोली बीजळी बोलू, थे कुण मखो म ट्रांसफार्म

Rajasthani Shayari

सुण रै म्हारी सखी सहेली,
किती सुखी है आ छोटी सी चिड़कली |

कल एक छोरी को Message आयो बोली ओए मन रात न नींद
कोनी आव मखो म कुणसो खाट किराए प देउ हूँ तो..

बा राजी रहणी चाहिए बस, मेरो के है म तो,
दूसरी पटा लेस्यु

पेली तो बा शरमाई फेर हाँस के कान म बोली…
मिराज खुवा न

धापुड़ी – मन hot छोरा पसँद है
भू रियो – हा मेरी माँ मेरपही
टोपियों धर के चाय बनाया कर..

बेरो कोनी किता करोड़ लोग है ई दुनिया म,
पर म तो आ ही चाहू मेरी कड़या को मेल तू ही उतार kittu

जद मन करै रुंख पै आवै,
जद मन करै आकास में फुर सूं उड़ जावै |

कोई ना हमे पीसा चाहिये कोई न प्यार,
आपान तो बरसात
म चा क साथ पकोड़ा बणाण
आळी मिल ज्या बस आपा तो राजी हां..

धापली: भूरिया तू मेर प्यार की गहराई म डुब ज्या।
भरियो: परन बळ मन तिरनो कोनी आव

अच्छी की लड़की तो नखरा करती लाग भी चौखी पर टेमदेखो,
कितोमाड़ो आयो है ऐ छाबड़ीऐ स मुह आळी छोरया भी सुजेड़ी फिर

के जस मिळगो तने करिया गलत काज,
जो जस लेके घूमे है तू जाणे , के है बीरो राज
कब तक लेर घुमेला तू , लेर सर झूठो ताज
इया दुसरो ने धोखो देर कब तक करलेगो नाज!

छोरी को काका –
मारी छोरी घूंघटो कोनी काढ़ैली”
लड़के का काका –
कोई बात कोनी घूंघटो म्हें काढ़ लेस्यां, थै ब्याव तो करो

भुरियो एक्स-रे करवाण गयो डॉक्टर.
आपके एक्स-रे मे आपकी हड्डी टूटी हुई है
भुरियो.भगवान को भलो है ठीक रहयो एक्स-रे म ही टूटी
जेसाँची म हीटूट ज्याची तोबोळा रिपिया लागण न जग्याहो ज्याती..

मार्क जकरबर्ग और मुकेश अंबानी उ ज्यादा तो
ए ट्रेक्टर ट्रॉली आळा Busy होरया है
सार दिन तूड़ी ढोव

आज म माँ न कहो, माँ आपान कुत्तों पाळल्या के माँ बोली क्यूँ ?
तू घर छोड़ के जा है के यार हर बात प बेइज्जती

Rajasthani Shayari

घर म लुगाई को घूंघट
और दादोसा को
साफों राजस्थान की शान मानी ज है

रावणकितो भी पापी और बुरो हो पर बोकदे मंदोदरी न
ईयाकोनी कहो, मेले बाबू ने खाना खाया क्या ?

पुठरी लुगाई Is Like A Trophy
और कोई लेज्या तो रिस बेज्या आव

जो भाई राजस्थानी जाट के Status को Like
नहीं कर सकता कृपया मिञसूची निकल जाए

शौक से कौन शेर बनता हैं भाई कौम
ही ऐसी है राजस्थानी जाटों वाली है

उस की वफा मेरी ओकात से बाहर की बात थी
इसी लिए उसकी बेवफाई ही मेरी वफा खरीद पाई

हार जाओ कोई बात नही..लेकिन
राजस्थानी मीणा कभी बिकता नही..

वोई चीजां आपनी पिछाण बनने हे
जिका प्रति आपना लोग वफादार रवां हं ।

राजस्थानी मीणा कभी किसी का दिल नही दुखाते..
क्योंकि अगर
उसने सब्र करके रब पर छोड़ दिया तो
तुम्हारे लिए जहर बन जायेगा

होरे हाल तो हाथ आउ नी
कटे जाऊ रियो हु आ वात भी वताउ नी
रोवती म्हारे लारे फर्जे मति
ऊंडी देखे ने कटी मरजे मति

राजस्थानी मीणा परमात्मा के प्रेम में आंखों से जो
आंसू गिरते हैं उसे बिन बादल की बारिश भी कहते है।

नीयत से ईश्वर खुश होते हैं और दिखावे से इंसान,
ये आप पर निर्भर करता है की आप किसे खुश रखना चाहते हैं

धोरिया की रेत को सो स्वभाव है
राजस्थानी को तो
एक मिंट म गर्म
तो दूसरी मिंट म ठंडा

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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