मध्य प्रदेश में कितने जिले है?

Madhya Pradesh Me Kitne Jile Hai: मध्य प्रदेश भारत के मध्य में बसा एक राज्य है जो क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान के बाद दूसरा भारत का सबसे बड़ा राज्य है। हालांकि मध्य प्रदेश 1 नवंबर 2000 तक क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य था। लेकिन उस दिन वर्तमान के छत्तीसगढ़ राज्य को मध्य प्रदेश से अलग कर दिया गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है साल 1956 में मध्य प्रदेश के स्थापना के साथ ही भोपाल को इसकी राजधानी बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया।

मध्यप्रदेश राज्य भारत के अन्य पांच राज्यों के साथ सीमा बनाता है। पूर्व में छत्तीसगढ़, पश्चिम में गुजरात ,उत्तर में उत्तर प्रदेश, दक्षिण में महाराष्ट्र और उत्तर पश्चिमी में राजस्थान के साथ सीमा बनाता है। मध्यप्रदेश राज्य खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यहां पर हीरे और तांबे का सबसे बड़ा भंडार है।

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Image: madhya pradesh me kitne jile hai

यह राज्य पर्यटन के लिए भी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। यहां का खजुराहो मंदिर भारत की वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। सांची का स्तूप, ग्वालियर का किला, भीमबेटका और उज्जैन मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल है। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में प्रत्येक 12 वर्ष में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है, जो विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है।

यदि आप मध्य प्रदेश राज्य के निवासी हैं या किसी सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको मध्य प्रदेश राज्य में कुल कितने जिले हैं? उनके बारे में जानकारी होनी चाहिए। आपको इसके बारे में नहीं पता तो आज का यह लेख आपके लिए जानकारी पूर्ण साबित होगा क्योंकि आगे हमने इस लेख में मध्य प्रदेश के कुल जिलों के बारे में बताया है। तो चलिए लेख में आगे बढ़ते हैं।

मध्य प्रदेश में कितने जिले है? | Madhya Pradesh Me Kitne Jile Hai

मध्य प्रदेश के जिलों के नाम की सूची

मध्य प्रदेश में वर्तमान में कुल 55 जिले और 10 संभाग है मध्य प्रदेश के 55 जिलों के नाम निम्नलिखित हैं।

मंडला                 Mandla
मंदसौर  Mandsaur
मुरैना Morena
आगर मालवाAgar malwa
अनूपपुरAnuppur
बालाघाट          Balagat
देवास  Dewas
धारDhar
डिंडोरीDindori
ईस्ट निमारEast nimar
गुना Guna
ग्वालियर Gwalior
हरदाHarda
बुरहानपुर        Burhanpur
छतरपुरChhatarpur
छिंदवाड़ा Chhindwara
दमोह Damoh
दतियाDatia
होशंगाबाद  Hoshangabad
इन्दौरIndore
जबलपुर  Jabalpur
झाबुआ                     Jhabua
शाजापुर   Shajapur
शहडोलShahdol
सिवनीSeoni
सीहोरSehore
सतना  Satna
सागर Sagar
खरगोनKhargone
कटनीKatni
नरसिंहपुर   Narsinghpur
चाचौड़ा  Chachoda
उमरिया Umaria
उज्जैन Ujjain
रीवा Rewa
रतलाम   Ratlam
पन्नाPanna
निवाड़ीNiwari
नीमच Neemuch
भिण्ड              Bhind
शिवपुरी  Shivpuri
राजगढ़Rajgarh
रायसेन  Raisen
विदिशाVidisha
बैतूलBetul
बड़वानीBarwani
अलीराजपुरAlirajpur
अशोक नगरAshoknagar
मैहर Maihar
नागदा Naagda
भोपालBhopal
श्योपुरSheopur
सीधीSidhi
सिंगरौलीSingrauli
टीकमगढ़ Tikamgarh

मध्य प्रदेश के जिलों के गठन का इतिहास

मध्य प्रदेश का जब गठन किया गया था तब 1956 में मध्य प्रदेश में कुल 43 जिले थे। उस समय वर्तमान का छत्तीसगढ़ राज्य मध्यप्रदेश में ही जुड़ा हुआ था।

मध्य प्रदेश के गठन के साथ ही इसकी राजधानी बनाने का विचार विमर्श किया जाने लगा। उस वक्त भोपाल,ग्वालियर ,इंदौर और जबलपुर का नाम मध्य प्रदेश की राजधानी बनाने की सूची में थी और शायद मध्यप्रदेश ही एक ऐसा राज्य था जिसकी राजधानी बनाने से संबंधित सलाह तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेनी पड़ी थी।

लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने यह जिम्मेदारी उस समय के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री रविशंकर शुक्ल पर रोक दिया था। जिसके बाद रवी शंकर शुक्ल ने भोपाल को मध्य प्रदेश की राजधानी बनाने का निर्णय लिया। उस समय भोपाल सीहोर जिले की तहसील हुआ करती थी।

उसके बाद साल 1972 में भोपाल को सीहोर से अलग करके उसे तहसील न रखकर जिला बनाया गया। इसके साथ ही उस वक्त राजनंदगांव को भी जिले के रूप में घोषित किया गया । हालांकि यह जिला वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है। इस तरह साल 1972 में मध्य प्रदेश में 2 नए जिले का गठन किया गया राजनंदगांव और भोपाल। इस तरीके से उस समय जिलों की संख्या 43 से बढ़कर 45 हो गई।

उसके बाद साल 1998 में 25 मई को बी पी दुबे की एक समिति गठित की गई जिसमें मध्य प्रदेश में 10 नए जिले का निर्माण किया गया। उस समय बड़वानी से खरगोन को अलग करके अलग जिले का निर्माण हुआ, मंडला से डिंडोरी को अलग करके एक नया जिला बनाया गया और मुरैना और जबलपुर से श्योपुर, और कटनी को अलग करके बनाया गया। इस तरह उस समय कुल जिलों की संख्या 55 हो गई। उस समय गठित 10 नए जिलों में से 6 जिले वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है।

उसी साल फिर से सिंह देव की एक समिति बनी जिसमें 6 नए जिले और बनाए गए जिनमें से वर्तमान में 3 जिले छत्तीसगढ़ राज्य में मौजूद है। हरदा को होशंगाबाद से अलग किया गया। नीमच को मंदसौर से अलग किया गया। इसके अलावा उमरिया को शहडोल से अलग कर के नया जिला बनाया गया था। इस तरीके से तत्कालीन समय में कुल 61 जिलों की संख्या हो गई थी।

फिर साल 2000 में 1 नवंबर को मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ को अलग करके एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में लाया गया। जिसके बाद तत्कालीन समय में मध्य प्रदेश में स्थित 61 जिले में से 16 जिले छत्तीसगढ़ में चले गए। इस प्रकार राज्य के विभाजन के बाद मध्य प्रदेश में 45 जिले बचें।

उसके बाद वर्ष 2003 में खंडवा से बुरहानपुर, गुना से अशोकनगर और शहडोल से अनूपपुर को अलग करके तीन और नए जिले बनाए गए । इस तरीके से साल 2003 में कुल 48 जिले मध्य प्रदेश में हो गए।

उसके बाद साल 2008 में फिर से झाबुआ से अलीराजपुर और सीधी से सिंगरौली को अलग करके दो और नए जिले बनाए गए और इस तरीके से जिलों की संख्या साल 2008 में 50 तक पहुंच गई।

साल 2018 तक मध्य प्रदेश में 52 जिले हो गए क्योंकि साल 2013 से 2018 में शाजापुर से आगर मालवा और टीकमगढ़ से निवाड़ी को अलग करके दो और जिले अस्तित्व में लाये गए।

साल 2020 में 18 मार्च को तीन और नए जिले का गठन किया गया जिनमें चाचौड़ा, नगदा और मैहर जिले थे जो क्रमशः गुना, उज्जैन ,तथा सतना से अलग होकर बनाए गए। इस तरीके से वर्तमान में मध्य प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 55 है।

FAQ

मध्यप्रदेश में कौन सी भाषा बोली जाती है?

वैसे तो मध्य प्रदेश की आधिकारिक भाषा हिंदी है जो व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है। लेकिन इसके अतिरिक्त बघेली, मालवीय,बुंदेली और निमरी जैसी आमतौर पर बोली जाने वाली क्षेत्रीय बोलियां हैं।

मध्य प्रदेश का 53 वां जिला कौन सा है?

मध्य प्रदेश का 53 वां जिला नागदा है जिसे साल 2018 में बनाया गया था।

मध्य प्रदेश का कौन सा जिला सबसे बड़ा है?

वर्तमान में मध्य प्रदेश में कुल 55 जिले हैं और क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा जिला छिंदवाड़ा ज़िला है, जिसका कुल क्षेत्रफल 11815 वर्ग किलोमीटर है।

मध्य प्रदेश का कौन सा गांव सबसे बड़ा है?

साल 2011 के जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा गांव लालारिया को माना जाता है। उस दौरान इस गांव में सभी घरों के कुल सदस्यों को मिलाकर कुल आबादी 6350 थी।

खजुराहो में क्या है?

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो प्राचीन एवं मध्यकालीन मंदिरों के लिए देश-विदेश में जाना जाता है। यहां पर स्थित खजुराहो का मंदिर भारतीय स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना पेश करता है। खजुराहो का इतिहास भी लगभग 1000 साल पुराना है। यहां पर बहुत बड़ी संख्या में प्राचीन हिंदू और जैन मंदिर स्थित है।

साल 2020 में मध्य प्रदेश में कितने नए जिले बनाए गए?

साल 2020 में 18 मार्च को मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के द्वारा तीन नए जिलों को बनाने का मंजूरी प्रदान की गई, जिसमें सतना से मैहर जिले को अलग करके बनाया गया। उज्जैन से नागदा को अलग करके नया जिला बनाया गया। वही गुना से चाचौड़ा को अलग करके नया जिला बनाया गया।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश राजस्थान के बाद क्षेत्रफल की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। यहां पर उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा जिले हैं। आज के इस लेख में उपरोक्त हमने आपको मध्य प्रदेश के 55 जिलों की सूची बताई। इसके साथ ही हमने आपको मध्य प्रदेश के सभी जिलों के गठन से संबंधित जानकारी भी हमने आपको दी।

हमें उम्मीद है कि आज का यह लेख मध्य प्रदेश में कितने जिले है? ( Madhya Pradesh Me Kitne Jile Hai)आपके लिए जानकारी पूर्ण रहा होगा। यदि यह लेख आपको पसंद आया हो तो इसे आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम इत्यादि के जरिए अन्य लोगों के साथ जरुर शेयर करें। लेख से संबंधित कोई भी प्रश्न या सुझाव हो तो हमें कमेंट में लिखकर जरूर बताएं।

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