झगड़ालू चमेली (तेनालीराम की कहानी)

झगड़ालू चमेली (तेनालीराम की कहानी) | Jhagdalu Chameli Tenali Rama ki Kahani

दक्षिण भारत का एक गांव जिसका नाम चाननपुर था। उसका मैं एक झगड़ालू किशन की महिला जिसका नाम चमेली था और उसके पति का नाम माधव था। चमेली प्रत्येक दिन किसी ना किसी बात पर अपने पति से झगड़ा करती और उस पर रौब जमाती थी। इन दोनों की एक पुत्री थी, जिसका नाम चांद कुमारी था। चांद कुमारी बहुत ही रूपवती और गुणवान कन्या थी किंतु उसके मां के स्वभाव के कारण उसका विवाह नहीं हो पा रहा था क्योंकि गांव वाले चमेली के स्वभाव को जानते थे।

इधर विजयनगर में तेनाली अपनी बुद्धिमता से महाराज और विजय नगर की प्रजा में बहुत प्रसिद्ध था। प्रसिद्धता के कारण कई व्यक्ति तेनाली रामा से जलते थे। उनमें से एक व्यक्ति तेनाली रामा के घर गया की यदि चांद कुमारी का विवाह तेनालीरामा के भाई से हो जाए तो चांद कुमारी भी अपनी मां की तरह तेनालीरामा और उसके भाई पर रौब और उन्हें अपने वश में रखेगी, यह सोच कर वह चांद कुमारी के रिश्ते की बात लेकर आया।

Jhagdalu Chameli Tenali Rama ki Kahani
Images : Jhagdalu Chameli Tenali Rama ki Kahani

भाई इस बात से अनजान था कि तेनाली रामा का कोई भाई नही है। तेनाली रामा चमेली के स्वभाव से परिचित था किंतु तेनाली ने उस व्यक्ति से चांद कुमारी के बारे में और जानकारी ली। उस व्यक्ति और चमेली को सबक सिखाने के लिए तेनाली ने इस रिश्ते के लिए हां कर दी।

अब तेनाली रामा के सामने यह समस्या थी कि उसे एक युवक की तलाश थी जो उसके कहने पर चांद कुमारी से विवाह कर ले। युवक की तलाश करते हुए तेनाली एक दूसरे गांव में पहुंच गया जहां पर उसे एक परेशान युवक मिला। तेनाली ने उस युवक से परेशानी की वजह पूछी तो युवक ने कहा “उसके पास स्वयं एवं परिवार का पालन पोषण करने के लिए कोई काम धंधा नहीं है इस कारण वह परेशान है। यदि महाशय आपके पास कोई काम हो तो मुझे कहिए मैं किसी भी प्रकार का कार्य करने के लिए तैयार हूं।”

तेनाली रामा ने कहा “तुम परेशान मत रहो मेरे पास तुम्हारे लायक एक काम है किंतु उसके लिए एक शर्त है यदि तुम मेरे पसंद की लड़की से विवाह करोगे तो मैं तुम्हें आजीवन के लिए काम दूंगा।” युवक सोच विचार में पड़ गया। तभी तेनाली ने कहा “तुम चिंता मत करो मैं जिस लड़की से तुम्हारा विवाह करवाने वाला हूं वह बहुत ही रूपवती कन्या है।” यह सुनकर युवक ने तुरंत तेनाली रामा की शर्त मान ली।

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थोड़े ही दिनों के बाद चांद कुमारी और उस युवक की विवाह हो गया। विदाई के समय चमेली ने चांद कुमारी के कान में कहा “जिस प्रकार में तुम्हारे पिताजी के ऊपर रोब जमाती हूं उसी प्रकार तुम भी अपने पति पर झूठ मूठ का गुस्सा करके रौब जमाना ताकि वह तुम्हारे वस में रहे।” चांद कुमारी ने अपनी मां की बात मान ली। चमेली ने कुछ समय के लिए अपने पति को चांद कुमारी के साथ भेज दिया।

माधव अब तेनाली रामा के साथ रहने लगा। तेनाली रामा ने उसे घी दूध बदाम खिलाकर एक दो महीने में बहुत ही हष्ट पुष्ट बना दिया। चांद कुमारी भी अपनी मां की बात मान कर अपने पति पर गुस्सा करके रौब जमाने की कोशिश करती किंतु उसका पति और तेनाली रामा बहुत ही अड़ियल स्वभाव के व्यक्ति थे। तीन-चार माह बीत जाने के बाद जब माधव अपने घर पुनः लौट रहा था तो तेनालीरामा ने उसे अपने पास बुलाया और कहा “मैं जानता हूं कि तुमने बहुत साल तक अपनी पत्नी का गुस्सा सहन किया है अब इस गलती को तुम्हें खुद को ही सुधारना होगा।

यदि तुम शुरू से ही अपनी पत्नी से डरने के बजाय उसके गुस्से और झगड़ालू स्वभाव का विरोध करते तो आज यह नौबत नहीं आती अब तुम्हें हिम्मत रख कर अपने पत्नी के इस स्वभाव को बदलना होगा। अब तुम समझ ही गए होंगे कि तुम क्या करना है।” माधव अपने घर आ गया। माधव को काफी समय बात देखने के कारण चमेली ने उसका खूब आदर सत्कार किया।

किंतु आदत से लाचार हो जाने के कारण कुछ समय पश्चात वह माधव पर जैसे ही गुस्सा करने के लिए आगे बढ़ी तो माधव ने सामने से चमेली कोई खरी खोटी सुनाना शुरू कर दी। माधव की जोर जोर की आवाज सुनकर आस पास के सभी पड़ोसी इकट्ठे हो गए। वे सभी माधव के इस रूप को देखकर आश्चर्यचकित हो गए। उन सभी ने माधव को शांत कराने की खूब कोशिश की लेकिन माधव का गुस्सा सातवें आसमान पर था। चमेली इतनी खरी-खोटी बातें सुनकर उसे बहुत दुख पहुंचा और उसकी आंखें भर आई।

कुछ समय बाद जब माधव का गुस्सा शांत हुआ तो माधव ने चमेली से इस स्वभाव के कारण क्षमा मांगी। चमेली समझ गई थी कि माधव ने यह स्वरूप उसे अपनी गलती का एहसास दिलाने के लिए किया है। चमेली ने अपने गुस्सैल स्वभाव दिखाने और झूठा रौब जमाने के लिए माफी मांगी। उसे एहसास हो गया था की उसने क्या गलती की है। उसके पश्चात उसने अपनी पुत्री को भी समझाया कि अपने पति के साथ प्रेम भाव से रहेगी तो ही उसका ये रिश्ता निरंतर चलता रहेगा।

शिक्षा: हमें अपने परिवार जनों मित्रों और अन्य व्यक्तियों के साथ प्रेम भाव से रहना चाहिए।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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