जड़ी-बूटी की खेती का व्यवसाय कैसे करें?

Jadi buti ki kheti kaise kare : पहले के समय में जब एलोपैथिक दवाइयां नहीं थी तब लोग आयुर्वेदिक दवाइयों का ही इस्तेमाल करते थे, जिससे वे बड़े से बड़े बीमारियों को भी काबू कर लेते थे। आधुनिक समय में जहां लोग एलोपैथिक दवाइयों का ज्यादातर उपयोग करते थे वहीं आज कोरोना के बाद माहौल खराब होने से अब ज्यादातर लोग आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

अब लोग आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बने दवाइयां और प्रोडक्ट का उपयोग करना पसंद कर रहे हैं। जड़ी बूटियों से बने प्रोडक्ट में कई सारे आयुर्वेदिक गुण होते हैं ,जो शरीर को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते। ऐसे में यकीन मानिए यदि आप जड़ी-बूटी की खेती का व्यवसाय शुरू करते हैं तो आप एक बार की फसल में लाखों की कमाई कर सकते हैं।

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Image : Jadi buti ki kheti kaise kare

जड़ी-बूटी की दिन-प्रतिदिन मांग बढ़ती जा रही है ऐसे में भविष्य में भी जड़ी-बूटी की खेती का व्यवसाय फायदेमंद ही रहेगा। यदि आप जड़ी-बूटी की खेती शुरू करना चाहते हैं तो लेख को अंत तक पढ़े क्योंकि इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किस तरीके से आप जड़ी-बूटी की खेती शुरू कर सकते हैं ,उसके लिए आपको कितने निवेश की आवश्यकता होगी ,कितने जगह की आवश्यकता पड़ेगी और आप इससे कितना कमा सकते हैं।

जड़ी-बूटी की खेती का व्यवसाय कैसे करें? | Jadi buti ki kheti kaise kare

जड़ी-बूटी की खेती का व्यवसाय क्या है?

जड़ी-बूटी की खेती का मतलब होता है औषधि। दवाइयों को बनाने के लिए और जितने भी हर्बल प्रोडक्ट है, उन्हें बनाने के लिए जितने प्रकार के पौधों की आवश्यकता होती है उनकी खेती करना जिसमें तुलसी,गिलोय, एलोवेरा, अश्वगंधा आर्टमिशिया पिपरमेंट, मुलेठी इत्यादि शामिल है।

औषधीय पौधों की खेती करके काफी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है क्योंकि जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से कई प्रकार के औषधीय दवाई बनाई जाती है। इसके अतिरिक्त बाजार में कई प्रकार के हर्बल प्रोडक्ट बेचे जाते हैं, जिन्हें बनाने के  लिए जड़ी-बूटी की आवश्यकता पड़ती है।

जड़ी-बूटी की खेती का व्यवसाय क्यों करें?

जड़ी बूटियों का उपयोग सदियों से विभिन्न प्रकार की दवाइयों बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके कारण जड़ी बूटियों की खेती लंबे वर्षों से होते आ रहा है। हालांकि आज के आधुनिक समय में केमिकल से बने दवाओ का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है लेकिन आज भी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के जितने फायदे हैं उतने एलोपैथिक दवाइयों में नहीं है।

रसायनों से बनी दवाइयों में कई प्रकार के साइड इफेक्ट भी हो सकते है लेकिन औषधियों से बने दवाइयों में किसी भी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता। यहां तक कि कई प्रकार के घरेलू इलाज में भी जड़ी-बूटी का इस्तेमाल किया जाता है जिसके कारण जड़ी-बूटी की बाजार में काफी डिमांड है।

खासकर कोरोना के बाद तो जड़ी-बूटी की डिमांड देश-विदेश में काफी बढी है। ऐसे में हर व्यक्ति के पास एक सुनहरा मौका है कि वह जड़ी-बूटी की खेती करके बाजार में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी की आपूर्ति में अपनी सहभागिता शामिल करे। इसके अतिरिक्त स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत जड़ी-बूटी की खेती के लिए सरकारी बैंक से बहुत आसानी से लोन भी ले सकते हैं और बड़े स्तर पर भी जड़ी-बूटी की खेती कर सकते हैं।

जड़ी-बूटी की खेती के लिए ट्रेनिंग

किसी भी तरह के पौधों को उगाने के लिए आपको उस पौधों के बारे में अच्छे से ज्ञान होना चाहिए कि उस पौधे में कौन-कौन से प्रकार की बीमारी हो सकती है और उनके लिए कौन-कौन से तरह के दवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। जड़ी-बूटी की खेती करने में बहुत से लोगों को परेशानी आती है, ऐसे में वे ट्रेनिंग भी ले सकते हैं।

भारत में कई सारी ऐसी संस्था है जो जड़ी-बूटी की खेती के लिए ट्रेनिंग देते हैं और उन्हें सिखाती हैं कि किस तरीके से जड़ी-बूटी की सही तरीके से खेती कर सकते हैं उदाहरण के रूप में लखनऊ ,कानपुर, बिहार गोरखपुर, झारखंड इत्यादि कई सारे राज्य है, जहां पर इसकी ट्रेनिंग दी जाती है। आप चाहे तो ऑनलाइन भी जड़ी-बूटी की खेती के लिए ट्रेनिंग ले सकते हैं। आज सोशल मीडिया पर ऐसे कई सारी वीडियो विशेषज्ञों के द्वारा अपलोड की जाती है जिसमें जड़ी-बूटी की खेती से संबंधित सभी महत्वपूर्ण चीजों को बताया जाता है।

जड़ी-बूटी की खेती के लिए जगह का चयन

जड़ी-बूटी की खेती के लिए आपको कितनी जगह चाहिए वह आपके व्यवसाय के आकार पर निर्भर करता है। आप जितने बड़े जमीन में जड़ी-बूटी की खेती करना चाहते हैं आपको उतने जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अतिरिक्त आप अपने जड़ी-बूटी की खेती के लिए जगह का चयन ग्रामीण इलाके के साथ साथ शहरी इलाके में जड़ी-बूटी की खेती कर सकते हैं।

हालांकि जड़ी-बूटी की खेती के लिए आपको खुली जगह चाहिए जहां पर आप की फसलों को सूरज की सही रोशनी मिल सके। इसके अतिरिक्त आप की जमीन जहां भी है वहां यातायात की अच्छी सुविधा होनी चाहिए ताकि आपके द्वारा उगाए जड़ी-बूटी को बाजार में बेचने के लिए आप उसे आसानी से ट्रांसपोर्ट कर सके।

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जड़ी-बूटी की खेती के संबंधित आवश्यक लाइसेंस

जड़ी-बूटी की खेती करने के लिए आप जिस भी जगह पर खेती कर रहे हैं। वहां पर राजस्व विभाग से संपर्क करके अपने व्यवसाय से संबंधित आवश्यक लाइसेंस के बारे में जान सकते हैं। आपको जीएसटी पंजीकरण करवाना होगा।इसके अतिरिक्त आपको एफडीए लेबलिंग से जुड़ी आवश्यकताओं का भी पालन करना होगा।

एफडीए लेवलिंग जड़ी-बूटी की खेती और जड़ी-बूटी से संबंधित उत्पादकों के निर्माण करने के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यह आप जो भी जड़ी-बूटी की खेती करते हैं उसके बारे में अनुसंधान करके आपके व्यवसाय को सुरक्षित बनाता है। इसीलिए अपने व्यवसाय से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त करके लाइसेंस और पंजीकरण करवा ले ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो।

जड़ी-बूटी खेती व्यापार से बने सामानों का एक ब्रांड

आप जड़ी-बूटी की खेती में खुद का ब्रांड भी स्थापित कर सकते हैं। आप चाहे तो खुद के खेत में उगाए जड़ी-बूटी से खुद के प्रोडक्ट बना सकते हैं। बिल्कुल पतंजलि उत्पादन की तरह उत्पाद को बनाकर खुद का ब्रांड दे सकते हैं जिसके लिए आपको पंजीकरण करवाना होगा।

हालांकि यदि आप जड़ी-बूटी की खेती करके उससे प्रोडक्ट बनाकर बेचना चाहते हैं तो उसमें आपको ज्यादा खर्चे लग सकते हैं और कई सारे सरकारी कानूनों को भी फॉलो करना पड़ेगा।

जड़ी बूटी खेती के व्यवसाय से होने वाली कमाई 

जड़ी-बूटी की खेती में आपको 3 महीने का समय लगता है पौधों को उगाने में। ऐसे में बात करें कि जड़ी-बूटी की खेती से आप कितना कमा सकते हैं तो यदि एक हेक्टर में केवल आप तुलसी की खेती करते हैं तो 3 महीने के बाद तुलसी की उपज को एक साथ कंपनी में बेचकर आप ढाई से तीन लाख तक का मुनाफा कमा सकते हैं।

कोरोना के बाद जड़ी-बूटी की मांग काफी बढ़ गई है क्योंकि इस दौरान अब ज्यादातर लोग हर्बल चीजों का सेवन करना पसंद करते हैं क्योंकि वह सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। ऐसे में अब जड़ी बूटियों को काफी अच्छे दामों पर बेचा जा रहा है जिसके कारण जड़ी-बूटी की खेती में काफी ज्यादा लाभ हो रहा है।

जड़ी-बूटी की खेती के लिए लागत

जड़ी-बूटी की खेती को आप बहुत कम निवेश के साथ भी शुरू कर सकते हैं तो वहीं आप ज्यादा निवेश के साथ भी से इसे शुरू कर सकते हैं। यह आपके व्यवसाय के आकार पर निर्भर करता है और आपके जमीन पर निर्भर करता है। यदि आप ग्रामीण इलाके में खुद के जमीन में जड़ी-बूटी की खेती करते हैं तो 10 से 15 हजार के लागत में आप ज्यादा जमीन में इस जड़ी-बूटी खेती कर सकते हैं।

वहीं यदि आप किसी शहरी इलाके में जमीन खरीद कर जड़ी-बूटी की खेती करते हैं तो जमीन खरीदने के लिए आपको 5 से 10 लाख रुपए लग सकते हैं हालांकि यह आपके जमीन के आकार पर निर्भर करता है। आप जितनी बड़ी जमीन में खेती करेंगे आपका निवेश उतना ज्यादा लगेगा।

आप चाहे तो शहरी इलाके में जमीन सरकार से लीज पर लेकर खेती कर सकते हैं। उसके बाद आपको कुछ औजार में निवेश करने पड़ेंगे। इस तरीके से जमीन यदि आप खरीदते हैं तो 10 से 12 लाख की लागत आपको लग सकती है वहीं यदि आप खुद के जमीन में ग्रामीण इलाके में जड़ी-बूटी की खेती करते हैं तो 10 से 15 हजार के लागत में आप इस व्यवसाय को आराम से शुरू कर सकते हैं।

जड़ी-बूटी खेती से होने वाले फायदे

आज हर कोई अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहता है जिसके कारण वह किसी भी प्रकार के प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी क्वालिटी को देखते हैं और ज्यादातर लोग हर्बल प्रोडक्ट को ही लेना पसंद करते हैं। हर्बल प्रोडक्ट में कई प्रकार के औषधि गुण होते हैं जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है और शरीर को किसी भी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं करता।

जिसके कारण जड़ी बूटियों की बाजार में काफी मांग है, ऐसे में जब आप इस व्यवसाय को शुरू करते हैं तो कई सारे फायदे हैं जो निम्नलिखित हैं।

  • जड़ी-बूटी की खेती करने के लिए आपको जमीन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आप इस व्यवसाय को अपने गांव से भी शुरू कर सकते हैं क्योंकि गांव में खुद की जमीन होती है जिसके कारण आपको ज्यादा निवेश नहीं लगाने पड़ते हैं।
  • जड़ी-बूटी की खेती करने के लिए आवश्यक औजार बाजार में बहुत आसानी से मिल जाते हैं।
  • जड़ी-बूटी की खेती के व्यापार को आप बहुत आसानी से संभाल सकते हैं इसमें आपको ज्यादा लोगों की मदद की भी आवश्यकता नहीं पड़ती।
  • खेती की गई जड़ी-बूटी को बहुत आसानी से बेचा जा सकता है क्योंकि इसके बहुत सारे फायदे होते हैं जिसके कारण आंख बंद करके लोग इसको खरीद लेते हैं।
  • जड़ी-बूटी के खेती के व्यवसाय में आपको ज्यादा मार्केटिंग नहीं करनी पड़ती।
  • जड़ी-बूटी की खेती करके बहुत ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है।

जड़ी-बूटी की खेती व्यापार के लिए मार्केटिंग

जड़ी-बूटी की खेती के लिए आपको ज्यादा मार्केटिंग करने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि इस खेती से आप जो भी जड़ी-बूटी, औषधि और उसके फल उपजाते हैं उसे आप बहुत आसानी से बेंच सकते हैं। आप अपने जड़ी-बूटी के ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से मार्केटिंग कर सकते हैं।

आप ऑफलाइन भी अपने क्षेत्र के बड़े-बड़े कंपनी जो जड़ी-बूटी के प्रोडक्ट बनाते हैं उनसे संपर्क करके अपने जड़ी-बूटी को बेच सकते हैं, वही आप ऑनलाइन भी अन्य कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। आप चाहे तो खुद की वेबसाइट बना सकते हैं जिसमें आप अपना संपर्क नंबर भी डाल सकते हैं ताकि अन्य कंपनी को आपके व्यवसाय के बारे में पता चले और वह भी आपसे संपर्क करके जड़ी-बूटी खरीद सके।

यहां तक कि आप ऑनलाइन इकॉमर्स वेबसाइट पर अपने जड़ी-बूटी को बेच सकते हैं क्योंकि बहुत सी कंपनी अपने हर्बल प्रोडक्ट को बनाने के लिए ऑनलाइन जड़ी बूटि मंगवाती है।

FAQ

जड़ी-बूटी का इस्तेमाल किस में होता है?

जड़ी-बूटी का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयों को बनाने में होता है इसके अतिरिक्त आयुर्वेदिक प्रोडक्ट को बनाने में भी होता है।

जड़ी-बूटी के खेती के लिए कितनी जमीन की आवश्यकता होती हैं?

जड़ी-बूटी की खेती के लिए आप अपने आवश्यकता अनुसार जमीन का चयन कर सकते हैं हालांकि यदि आप दो से ढाई लाख की कमाई करना चाहते हैं तो आपको एक हेक्टर में जड़ी-बूटी की खेती करनी पड़ेगी।

जड़ी-बूटी की खेती के लिए कितने निवेश की जरूरत पड़ती हैं?

जड़ी-बूटी की खेती का व्यवसाय 10 से 15 हजार के निवेश में शुरू कर सकते हैं।

निष्कर्ष

कोरोना महामारी के बाद लोगों को जड़ी-बूटी से बने प्रोडक्ट के महत्व का ज्यादा पता चला है। आज हर कोई अपने स्वास्थ्य को लेकर बहुत सजग है जिसके कारण लोग जड़ी-बूटी से बने प्रोडक्ट पसंद करते हैं ऐसे में यह व्यवसाय कम निवेश के साथ लाखों की कमाई देने वाला व्यवसाय है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख से आपको समझ में आ गया होगा कि किस तरीके से आप जड़ी-बूटी की खेती घर के पैसे कमा सकते हैं। यदि लेख से संबंधित कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट सेक्शन में लिख सकते हैं और लेख अच्छा लगा हो तो इसे जरूर शेयर करें।

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