चतुर्वेद में कौन सा समास है?

चतुर्वेद शब्द में समास (Chturved Mein Kaun sa Samas Hai)

चतुर्वेद में प्रयुक्त समास का नाम क्या है?
चतुर्वेद
में द्विगु समास है।

Chturved Mein Kaun sa Samas Hai?
Chturved
Shabd mein Dvigu Samas Hai.

चतुर्वेद का समास विग्रह क्या है?
चतुर्वेद का समास विग्रह चार वेदों का समूह है।

Chturved ka Samas Vigrah kya hai?
Char vedon ka samuh

चार वेदों का समूह का समस्त पद है?
चतुर्वेद

द्विगु समास की परिभाषा

वह समास जिसका पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है तथा समस्तपद किसी समूह या फिर किसी समाहार का बोध करता है तो वह द्विगु समास कहलाता है। जैसे- चौराहा, छमाही, त्रिवेणी,चतुर्वेद ।

“चौराहा का पहला वर्ण है चौ जिसका मतलब होता है चार। चार एक संख्यावाचक विशेषण है। चौराहा बने पर समस्तपद चार राहों के समूह का बोध करा रहा है।”

हम देख सकते कि “तिरंगा में पहला वर्ण है ति जिसका मतलब तीन होता है। यह शब्द एक संख्यावाची विशेषण शब्द है। अतः यह उदाहरण द्विगु समास के अंतर्गत आयेंगे।”

द्विगु समास की परिभाषा: वह समास जिसमें पहला पद संख्यावाचक विशेषण हो और अन्य सभी पद किसी समूह या किसी समाहार का बोध करवाते हो, उन वाक्यों को द्विगु समास कहा जाता है।

द्विगु समास के उदाहरण

  • दशक: दस सालों का समूह
  • शताब्दी: सौ सालों का समूह
  • सप्ताह: सात दिनों का समूह
  • महीना: तीस दिनों का समूह
  • सप्ततंत्र: सात तंत्रों का समाहार
  • दोपहर : दो पहरों का समाहार

ऊपर जो उदाहरण दिए गए हैं इनमें पूर्व पद संख्यावाचक विशेषण है। यह स्पष्ट रुप से दिखाई दे रहा है और बाकी अन्य समस्त पद किसी ने किसी समूह या समाहार का बोध करवा रहे हैं। जिस प्रकार देख सकते हैं कि दोपहर में पहला पद जो संख्यावाचक विशेषण है और बाद में समाहार का बोध हो रहा है।

इसके अलावा सप्ताह में आप देख सकते हैं कि सात शब्द का प्रयोग संख्यावाचक विशेषण के रूप में हुआ है और उसके पश्चात समूह शब्द का प्रयोग भी किया गया है। अतः यह उदाहरण द्विगु समास के अंतर्गत आएगा।

  • चौराहा: चार राहों का समूह
  • तिरंगा: तीन रंगों का समूह
  • पचरंगा: पाचं रंगों का समूह
  • चतुर्थकौण: चार कोणों का समूह
  • चौराहा : चार राहों का समूह

उदाहरण के रूप में ऊपर जो वाक्य दिए गए हैं, इन वाक्य में पूर्व पद संख्यावाचक विशेषण है और बाकी समस्त पद किसी समूह या समाहार का बोध करवा रहे हैं। जैसे: तिरंगा शब्द में पहले अक्षर ती का मतलब तीन होता है और यह एक संख्यावाचक विशेषण है और समस्त पद में रंगों के समूह का बोध हो रहा है। अतः यह उदाहरण द्विगु समास के अंतर्गत रखा जाएगा।

  • त्रिपाई: तीन पैरों का समूह
  • चतुमुर्ख: चार मूर्खों का समाहार
  • चतुर्थभवन: चार भवनों का समाहार
  • त्रिराहा: तीन रास्तों का समाहार
  • नवरत्न: नौ रत्नों का समूह

द्विगु समास के बारे में विस्तार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें द्विगु समास (परिभाषा और उदाहरण)

परीक्षा में यह भी पूछे जा सकते हैं

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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